15 लाख लोग लौटे हैं विदेश से, पर सबकी न तो हुई जांच, न निगरानी’, सोती रही सरकार, कैबिनेट सेक्रेटरी की चिट्ठी ने ही खोली पोल

15 lakh people have returned from abroad, but not everyone has been investigated, nor monitored ‘, the government kept sleeping : Cabinet Secretary’s letter

पूरा देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री के शब्दों में देश 21 दिन के युद्ध में है। पूरे भारत को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। लेकिन असली चुनौतियां आगे है। अब ताजा खबर यह है कि लाखों लोग विदेश से आए हैं जिनकी जांच ही नहीं की गई है। और यह किसी विपक्षी दल या टुकड़े-टुकड़े गैंग के आरोप नहीं हैं बल्कि खुद कैबिनेट सेक्रेटरी ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर यह अलार्म बजाया है। कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाबा ने राज्यों को चिट्ठी लिख बताया है कि 15 लाख लोग विदेश से लौटे हैं और सबकी ना ही जांच हुई है ना ही उनकी निगरानी की गई है।

जनसत्ता की खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय के अप्रवासीय ब्यूरो ने विदेश से लौटे 15 लाख से अधिक लोगों की सूचना साझा की है और बताया कि यात्रियों की वास्तविक संख्या में और जिनकी निगरानी की जानी चाहिए थी, उनकी संख्या में अंतर है। राज्यों से विदेश से लौटे लोगों पर निगरानी करने और उन्हें चिन्हित करने के निर्दश भी दिए गए हैं।

कैबिनेट सचिव ने एक पत्र में कहा, “यह गंभीरता से कोविड -19 के प्रसार को रोकने के हमारे प्रयासों को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि भारत में अब तक Covid -19 के अधिकांश पॉजिटिव मामले (Covid-19 positive cases in India so far,) वाले लोग विदेश यात्रा से लौटे हैं।

बता दें कि पिछले दो महीने में विदेश से 15 लाख यात्री भारत लौटे हैं। लेकिन इन सभी की जांच नहीं हो पाई है और न ही इनकी निगरानी की जा रही है। कई लोगों का पता नहीं चल पाया है। बिहार के मुजफ्फरपुर और सारण जिलों में अधिकारी केंद्र की सूची में जिन 500 लोगों का जिक्र है उनमें से केवल 385 का ही पता लगाया जा सका है।

बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भारत में तेजी से पांव पसार रहा है (The global pandemic corona virus is spreading rapidly in India.)। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वायरस से देश में 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 724 लोग संक्रमित हैं और 66 लोग ठीक हो चुके हैं।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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