यूपी के 16 लाख शिक्षकों कर्मचारियों के डीए रोकने के योगी सरकार के फैसले का 1 जुलाई को होगा राज्यव्यापी विरोध

Ajit Yadav, अजीत सिंह यादव

मंहगाई भत्ता रोक कर नहीं, पूंजीघरानों पर टैक्स लगाकर संसाधन जुटाए सरकार –अजीत यादव बदायूँ, 30 जून, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के महंगाई भत्ते व मंहगाई राहत को फ्रीज करने के योगी सरकार के शासनादेश का 1 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध होगा। योगी सरकार से 24 अप्रैल के कर्मचारी शिक्षक विरोधी शासनादेश

चायनीज ऐप्स पर प्रतिबंध : चीन को माकूल जबाब न दे पाने की लाचारगी और छटपटाहट तो नहीं ?

Modi Xi Jhoola

Ban on Chinese apps: the helplessness and flattery of not being able to give proper answers to China? गलवान घाटी में बीते दिनों 20 भारतीय जवान के शहीद होने और सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार गलवान घाटी के झड़प वाले स्थान, पैंगोंग झील के निकटवर्ती स्थानों पर चीनी सैनिकों के बड़ी संख्या में जमावड़े के बीच

59 चीनी कंपनियों के एप्स : मुर्दे की हजामत कर उसका वजन कम करने और लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश

China cash that BJP cannot see

सिर्फ एप्स हटाने के इस दिखावे से क्या होगा? केंद्र सरकार ने नागरिकों की निजता की सुरक्षा के बहाने 59 चीनी कंपनियों के एप्स हटाने का निर्णय (Government of India decision to remove apps from 59 Chinese companies) लिया है और गूगल को आदेश दिया है कि वे अपने स्टोर से इन ऐप्स को हटा

कोरोना : मोदी सरकार सचमुच आज अपराधी के कठघरे में खड़ी है, इसे कभी भी क्षमा नहीं किया जा सकता

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कोरोना और मोदी की अपराधपूर्ण नीतियाँ | Criminal policies of Corona and Modi किसी भी महामारी को रोकने के लिये जिन सात बातों को प्रमुख माना गया है, जिन्हें ‘पावर आफ सेवन’ कहा जाता है, वे हैं — सभी स्तरों पर एक दृढ़ निश्चय वाले नेतृत्व को सुनिश्चित करना। एक मज़बूत स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण

शाहनवाज आलम की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं, अपनी चौतरफा विफलताओं से योगी सरकार बेहद डरी हुई है – दारापुरी

Shahnawaz Alam Yogi Adityanath

Shahnawaz Alam’s arrest is not auspicious for democracy. Yogi government is very scared of its all-round failures – Darapuri लखनऊ, 30 जून 2020:  आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी ने

पुलिस जुल्म का शिकार रहे पूर्व आईजी ने पूछा भारत में हर रोज पुलिस अभिरक्षा में क्यों होती हैं मौतें?

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

Former IG, who was a victim of police harassment, asked why deaths occur in police custody everyday in India? वैसे तो अंग्रेजों के द्वारा बनाई और उसी समय के पुलिस एक्ट से चल रही भारतीय पुलिस हर रोज अपनी क्रूरता, निरंकुशता एवं कानून विरोधी गतिविधियों के लिए खबरों एवं चर्चा में बनी रहती है. परन्तु

तूतीकोरिन की घटना पर जस्टिस काटजू ने जस्टिस मुल्ला की टिप्पणी पुलिस अपराधियों का संगठित गिरोह है, को याद किया

Justice Markandey Katju

नई दिल्ली, 30 जून 2020. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired Supreme Court judge) ने तूतीकोरन की घटना पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तत्कालीन जज जस्टिस एएन मुल्ला की टिप्पणी पुलिस अपराधियों का संगठित गिरोह है, को याद किया है। जस्टिस काटजू ने कहा है कि – तूतीकोरिन

यूपी में डरे सपा-बसपा को कांग्रेस ने दिखाया रास्ता, शाहनवाज की गिरफ्तारी के विरोध में पूरी कांग्रेस सड़क पर, लल्लू समेत कई गिरफ्तार

Lallu Arrested

लखनऊ, 30 जून 2020. ऐसे दोर में जब प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी अपने महासचिव आजम खां के साथ खड़ी न हो सकी हो, बसपा सुप्रीमो खुले आम भाजपा के साथ खड़े होने का ऐलान कर रही हों, प्रदेश में चौथे नंबर की पार्टी कांग्रेस न केवल दम दिखाया है, बल्कि अपने कार्यकर्ता के साथ

नफरत से नहीं मुहब्बत से कोरोना हारेगा, ध्रुवीकरण करने वालों के झांसे में न आएं

Pulin Kumar Vishwas aka Pulin Babu

जो लोग कोरोना और धारा 188 का इस्तेमाल चुनावी ध्रुवीकरण और कोरोना का इस्तेमाल आपदा को अवसर बनाकर जनसंहार के हथियार के रूप में कर रहे हैं, उनके झांसे में न आएं। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए सतर्क और सचेत रहें। संक्रमण से बचने के लिए शारीरिक दूरी भी जरूरी है। लेकिन सामाजिक

मज़दूरों ने मोदी सरकार के झूठतंत्र को उखाड़ फेंका है. गोदी मीडिया की औकात बता दी है.

Lockdown, migration and environment

The workers have overthrown the lies of the Modi government. भारत का बुद्धिजीवी वर्ग 12 करोड़ मज़दूरों के सत्याग्रह को राजनैतिक बदलाव की ठोस पहल नहीं मानते वो इसे मज़दूरों की लाचारी भर मानते हैं भारत का बुद्धिजीवी मूर्छित अवस्था में है. वो अपनी चिर निद्रा में सोते सोते सत्ता की आलोचना को ही अपना