अच्छे दिन ! सब झूठे हैं, पैर के छाले सच्चे हैं

Migrants

सब झूठे हैं,
पैर के छाले सच्चे हैं,
जो दिन, तूने लाया भैया ,
वो दिन ,कितने अच्छे है ।
सब झूठे हैं………

तेरी तरक्की ने है ,
कितने जख्म दिये,
रोज़ी रोटी नींद सकूं ,
सब दफ़न किये।
झूठ फरेबी मुस्कानों के
क़दम क़दम पर गच्चे हैं।
सब झूठे……..

तपेंद्र प्रसाद, लेखक अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री व सम्यक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
तपेंद्र प्रसाद, लेखक अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री व सम्यक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

हम भी भारत जन हैं ,
लेकिन ,
सड़कों पर लावारिस हैं ।
भूख हताशा लाठी डंडे
औ गाली की बारिस है ।
क़दम क़दम पर मौत खड़ी है ,
व्याकुल बीबी बच्चे हैं।
सब झूठे………….

तपेन्द्र प्रसाद