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चाहिए, ख़राब हवा पर सही सोच और आपके कदम

2021 तक लगभग 349 बिलियन अमरीकी डॉलर का हो जायेगा बोतलबंद पानी का कारोबार

वर्षों पहले जब पीने के लिए साफ़ पानी नहीं मिला तो हमने पानी की बोतल खरीद कर अपना काम चलाना शुरू कर दिया। अनुमान है कि दुनिया भर में बोतल में भरा पानी बेचने का कारोबार 2021 तक लगभग 349 बिलियन अमरीकी डॉलर तक का हो जायेगा। अब यदि आपको साफ़ हवा भी खरीदनी पड़ जाये तो कितनी कीमत अदा करने को आप तैयार होंगे?

क्या आप जानते हैं 24 घंटों में आपको कितना ऑक्सीजन चाहिए

आपको 24 घंटों में दस हजार लीटर ऑक्सीजन चाहिए ताकि आप लगभग 25000 बार सांस ले सकें। कुदरत जो आपको मुफ्त में देती है उसे आप कीमत दे कर क्यों खरीदेंगे? क्या आप चाहेंगे कि आप और आपके बच्चे ऑक्सीजन का सिलिंडर ले कर हर समय घूमें?

दुनिया भर में हर साल लगभग 70 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरते हैं

आंकड़े भयानक हैं – हर साल लगभग 70 लाख लोग दुनिया भर में वायु प्रदुषण से मरते हैं। भारत में यह संख्या लगभग 16 लाख है। इसके साथ साथ करोड़ों की संख्या में भारतीय अस्थमा, COPD, TB इत्यादि से ग्रसित हैं। वायु प्रदूषण शरीर के हर अंग को बुरी तरह से प्रभावित करती है। COVID महामारी ने इस समस्या को और भी अधिक विकराल रूप दे दिया है।

सरकार को कुछ करना चाहिए। बिलकुल सही सोचते हैं आप। आपको भी तो कुछ करना चाहिए। कब से शुरू करेंगे? कुछ बातों की शुरुआत तो आप अभी से कर सकते हैं :

सबसे पहले तो अपने ज्ञान में वृद्धि कीजिए। कुछ महीने पहले हमने एक रिसर्च की। हमने पाया कि एक आम नागरिक को ना तो AQI (Air Quality Index) के बारे में कोई जानकारी थी और ना ही अक्सर बोले जाने वाले PM 2.5 या PM 10 के बारे में। वायु प्रदूषण के इन मापदंडों के बारे में आप जितना जानेंगे और जितना इसके बारे में बात करेंगे उतना ही आप स्थिति को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करेंगे। हर रोज़ अखबारों में इनके बारे में पढ़िए। आपको परिस्थितियों की गंभीरता का एहसास होना शुरू हो जाएगा।

आज भी 49% घरों में भोजन चूल्हे पर बनता है जिसमें कोयला एवं लकड़ी का इस्तेमाल अधिकतर होता है। यह समय है पुरानी सोच को बदलने का। दिन भर चूल्हे पर खाना बनाने की वजह से आपके परिवार की स्त्री लगभग 100 सिगरेट के बराबर धुएं को अपनी सांस द्वारा अपने भीतर लेती है। परिवार के अन्य सदस्य और खासतौर पर बच्चों पर इसका बड़ा खराब असर पड़ता है। नवजात बच्चों के लिए तो यह जानलेवा हो सकता है। मत झुलसने दीजिए अपने परिवार के लोगों के फेफड़ों को इस धूंए से। उनकी सुरक्षा जिम्मेदारी है आपकी।

पराली तो साल में कुछ महीने ही जलती है परंतु अनजाने में हम अपने घर के आस-पास का कचरा अक्सर जलाते रहते हैं। दोनों ही आपके और आपके परिवार के लिए खतरनाक हैं। खुद भी बचिए और औरों को भी बचाइए।

हर रोज दरवाजे एवं खिड़कियां खोलकर भीतर की बासी हवा को बाहर कीजिए। जब आप बासा भोजन करना पसंद नहीं करते तो बासी हवा का सेवन क्यों करना चाहेंगे?

धुएं के साथ-साथ धूल भी आपकी सेहत के लिए बहुत नुकसान पहुंचा सकती है। हर कोई अगर अपने घर के आस-पास की धूल को ना उड़ने देगा तो जरा सोचिए आपके मोहल्ले में रहने वाले सभी लोगों को कितना फायदा मिल सकता है।

पैदल चलना और साइकिल का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद है। हां, अगर वायु प्रदूषण बहुत अधिक हो तो उस समय घूमने ना निकले और बड़े बूढ़ों को भी घर पर आराम करने की सलाह दें।

कोविड-19 की महामारी (Pandemic of COVID-19) के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम ना लें। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, छोटे बच्चों एवं बड़े बूढ़ों का खास तौर से ध्यान रखें।

हो सके तो कुछ पेड़ पौधे लगाएं या फिर आसपास के पेड़ पौधों का ध्यान रखें। उन्हें अच्छी तरह से अपनाएं। आप अगर प्रकृति का ध्यान रखेंगे तो प्रकृति भी आपका ही ध्यान रखेगी।

अगर आप किसी भी प्रकार का वाहन चलाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि उसका इंजन पूरी तरह से ट्यून्ड अप रहे और जब भी थोड़े समय के लिए आपको उसे रोकना हो तो इंजिन को बंद रखें।

कहते हैं बूंद बूंद से सागर भरता है। हम जैसे हर व्यक्ति के छोटे-छोटे कार्य से समाज में एक बड़ा सुधार आ सकता है। हमें सिर्फ अपनी जिम्मेदारी का एहसास करना होगा और अपने आचरण के द्वारा दूसरों को भी वैसा ही करने के लिए प्रेरित करना होगा। यह सिर्फ सोचने का समय नहीं है। यह करने का समय है। वायु प्रदूषण का शत्रु आपके सामने खड़ा है। सामना कीजिए। जीतिए।

– डॉक्टर (प्रोफेसर) अरविन्द कुमार और राजीव खुराना, फॉउंडर ट्रस्टी, लंग केयर फाउंडेशन

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