Home » Latest » रामगोपाल और मुलायम के परिवार को बचाने के लिए आज़म खान को बलि का बकरा बनाया अखिलेश ने: शाहनवाज़ आलम
azam khan poster

रामगोपाल और मुलायम के परिवार को बचाने के लिए आज़म खान को बलि का बकरा बनाया अखिलेश ने: शाहनवाज़ आलम

Akhilesh made Azam Khan a scapegoat to save Ram Gopal and Mulayam’s family: Shahnawaz Alam

लखनऊ, 18 मार्च 2021. अल्पसंख्यक कांग्रेस के यूपी के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने आरोप लगाया है कि यादव सिंह मामले में रामगोपाल यादव और मुलायम के परिवार को बचाने के लिए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने आज़म खान को बलि का बकरा बनाया है।

शाहनवाज़ आलम ने सपा के कुछ पोस्टर मीडिया को जारी करते हुए कहा कि यह पोस्टर साबित करते हैं कि आजम खान अब अखिलेश यादव की प्लानिंग से बाहर हैं और, उनके दिमाग से डिलीट हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले विधान सभा चुनावों में आज़म खान का नाम स्टार प्रचारकों में था, जबकि वो जेल में थे, इससे साबित होता है कि आप के जहन में आज़म खान हैं ही नहीं। आप को यह भी नहीं पता कि वो जेल में हैं या जेल से बाहर आ गए हैं।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव आज़म खान सहित मुसलमानों को चिढ़ाना चाहते हैं, जबकि वो चाहते थे कि आप उनकी रिहाई के लिए संघर्ष करें आंदोलन करें। उन्होंने कहा कि चिढ़ाने के लिए ही अखिलेश यादव ने आज़म खान का नाम स्टार प्रचारकों में डाला।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज़म खान की रिहाई के लिए शुरू हुई यात्रा से पहले पत्रकारों द्वारा सवाल पूछने पर सपाईयों ने जिस तरह पत्रकारों को पीटा था उससे अखिलेश यादव की मंशा साफ होती है, और अब उनकी रिहाई के लिए पोस्टर से वो खुद गायब हैं।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों को गुमराह करने के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं। अगर यात्रा और समाजवादी पार्टी का आजम खान और उनके विश्वविद्यालय से कोई कंसर्न होता तो पोस्टर पर वह मौजूद रहते।

अल्पसंख्यक नेता ने कहा कि सपा अपने को कैडर वाली पार्टी बताती रही है तो वहां पर कोई भी निर्णय नीचे का कार्यकर्ता अपने आप नहीं बल्कि  नेतृत्व की मंशा के अनुरूप करता है। उन्होंने कहा कि पोस्टर्स से आज़म खान का गायब होना नीचे के कैडर की गलती नहीं है बल्कि यह पोस्टर्स नेतृत्व की मंशा के अनुरूप बने हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज़म खान अखिलेश यादव और संघ के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से जेल गए। सैफई कुनबे ने आज़म खान को बलि का बकरा बनाया है।

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

dr. bhimrao ambedkar

65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबा साहब

Babasaheb still alive and relevant even after 65 years क्या सिर्फ दलितों के नेता थे …

Leave a Reply