इराक़ और सीरिया में आतंकवादी संगठनों को घूल चटाने वाले जनरल सुलैमानी को अमरीका ने मार डाला

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America killed General Qasem Soleimani, who used to lash out terrorist organizations in Iraq and Syria

नई दिल्ली, 03 जनवरी 2020. ईरान के क्रांति संरक्षक बल की कुद्स फोर्स के कमांडर, जनरल क़ासिम सुलैमानी (Commander of Quds Force of Iran’s Revolutionary Guard Force, General Qasem Soleimani) को तीन जनवरी तड़के अमरीका ने बगदाद हवाई अड्डे के निकट एक हवाई हमले में मार दिया।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई (Ayatollah Uzma Syed Ali Khamenei) ने कहा है कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत का कड़ा बदला लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का एलान किया है।

इराक़ और सीरिया में आतंकवादी संगठनों को घूल चटाने वाले जनरल सुलैमानी की शहादत के बाद, इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर Islamic Revolutionary Guard Corps, आईआरजीसी ने एक बयान जारी करके कहा है कि अमरीकियों  की क्षणिक खुशी, जल्द ही शोक में बदल जाएगी।

आरआरजीसी के प्रवक्ता रमज़ान शरीफ ने कहा है कि आज से हम आईआरजीसी में नया अध्याय शुरु कर रहे हैं।

आईआरजीसी के डिप्टी कोआर्डिनेटर मुहम्मद रज़ा नक़दी ने जनरल सुलैमानी की शहादत (Iranian major general Qasem Soleimani) पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कहा कि अमरीका को इसी समय से इस्लामी जगत से अपनी छावनियां खाली करना शुरु कर देना चाहिए और या फिर अपने सैनिकों के लिए ताबूत तैयार कराना शुरु कर दे।

उधर जनरल सुलैमानी की शहादत पर ईरान के पड़ोसी, इराक़ में भी हंगामा होने की खबर है। इराक में अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने के लिए संसद की अपात बैठक बुलाने और अमरीका से संबंध खत्म करने की मांग उठी है।

Iraqi killed in US strike

इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री नूरी मालेकी की पार्टी “अद्दावा” ने इराक़ की सरकार से मांग की है कि वह अमरीकी सरकार से हर प्रकार का संबंध तोड़ ले क्योंकि उसने जनरल सुलमानी और अबू मेहदी अलमुहंदिस की हत्या को खुल कर स्वीकार किया है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में अपने एक बयान में “अद्दावतुल इस्लामिया” ने कहा है कि क़ासिम सुलैमानी और अबू मेहदी अलमुहन्दिस (Abu Mahdi al-Muhandis) की हत्या ने पूरे क्षेत्र पर क़ब्ज़ा जमाने की अमरीकी नीतियों को स्पष्ट कर दिया है।

बयान में कहा गया है कि हम इराक़ी सरकार से मांग करते हैं कि वह इस बड़ी घटना के अनुसार क़दम उठाए और अमरीका के साथ संबंधों पर पुनर्विचार करे क्योंकि उसने इस अपराध को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है।

पार्टी ने अपने बयान में बल दिया है कि इस अपराध से यह साबित हो गया कि अमरीकी, इराक़ की संप्रभुता का सम्मान नहीं करता और इराक़ियों और उनके मददगारों का खून बहाने में तनिक भी संकोच नहीं करता और अमरीकी सैनिकों का व्यवहार ऐसा है, मानो इराक़ अब भी उनके क़ब्ज़े में है।

इसी मध्य इराक के उप संसद सभापति हसन अलकाबी ने संसद की अपातकालीन बैठक की मांग की है ताकि इराक़ से अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने पर चर्चा हो सके।

उन्होंने कहा है कि इराक़ में अमरीकी साम्राज्य पर अंकुश लगाने का समय आ गया है।

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