मल्टीनेशनल कम्पनी कैसे महंगी दवाओं के नाम पर जनता को लूट रही हैं

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अमितावा गुह जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित

छठवीं डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन

Organizing the sixth Dr. Ajay Khare Memorial Lecture

Amitava Guh was awarded the Public Health Award for his remarkable contribution in the field of health services

भोपाल। दिनांक 6 मार्च 2020 छठवीं डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन जन स्वास्थ्य अभियान मध्य प्रदेश और मध्यप्रदेश ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आंचलिक विज्ञान केंद्र, श्यामला हिल्स, भोपाल आयोजित किया गया। आज के व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में केरल राज्य योजना बोर्ड के सदस्य और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. बी. इकबाल ने बताया कि किस तरह स्वास्थ्य सेवाएं स्वास्थ्य उद्योग बन गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा सभी के लिए बिना भेदभाव के सभी के सम्मान के साथ उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की जगह पब्लिक प्राइवेट कोआपरेशन होना चाहिए और सार्वजनिक फायदे के उद्देश्य से होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिमा आधारित स्वास्थ्य के मॉडल (आयुष्मान भारत योजना ) जैसी योजना से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधर नहीं हो सकता है इसके लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल देना होगा तथा स्वास्थ्य को अधिकार के रूप में स्थापित करना होगा।

How multinational companies are robbing the public in the name of expensive drugs

इस व्याख्यानमाला में विशेष अतिथि श्री अमिताभ गुह जो कि  फेडरेशन ऑफ़ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) की स्थापना के समय से नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहे हैं ने दवाओं व मेडिकल उपकरण के कीमतों पर नियंत्रण की बात कही तथा इसकी राजनीति पर लम्बे संघर्ष से कुछ जीत हासिल हुआ वह बताया।

मल्टीनेशनल कम्पनी कैसे महंगी दवाओं के नाम पर जनता को लूट रही हैं यह बात कही, उन्होंने बताया कि सबूत आधारित आंकड़े देश में उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने चेताया कि संगठनों के संघर्ष से 380दवाओं को प्रतिबंधित किया गया था जिसकी जरुरत नही थी, आज उस प्रतिबन्ध को खत्म कर पुन: बाजार में लेन की तैयारी चल रही है। उन्होंने ने कहा की बहुराष्ट्रीय फार्मा कम्पनीकैसे पेटेंट कानून का उपयोग कर महंगी दवाएं लोगों को दे रही है। कम्पनी कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट युनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) वी. विजय कुमार द्वारा की गयी। उन्होंने ने कहा कि वर्तमान सदी में डॉक्टर, वकील और शिक्षको में मूल्य आधारित शिक्षा की जरुरत बढ़ गयी है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की कैसे प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध करवाई जाये।

इस आयोजन में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के श्री अमितावा गुह को जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित किया गया।

मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (Madhya Pradesh Medical Officers Association) के डॉ अरुण सक्सेना ने डॉ. अजय खरे की संदेहास्पद दुर्घटना में मृत्यु (Dr. Ajay Khare dies in a suspicious accident) की जाँच सीबीआई से करवाने की मांग की।

इससे पूर्व मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ करने के मुद्दे पर एक दिवसीय चर्चा का आयोजन गाँधी भवन में किया गया जिसमें प्रदेश में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं, संगठनो के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। प्रदेश में स्वास्थ्य अधिकार कानून के सन्दर्भ में चल रही प्रक्रियाओं और प्रदेश में स्वास्थ्य की स्थिति के बारे जन स्वास्थ्य अभियान के श्री अमूल्य निधि ने बात रखी। चिकित्सा शिक्षा और प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के चुनोतियों पर एम्स भोपाल के डॉ संजीव कुमार ने कहा की चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नये प्रयास किया जाना चाहिए और पाठ्यक्रम के विषयों को चिकित्सा शिक्षा के साथ ही और छात्रों को देश प्रदेश के सभी क्षेत्रों में कार्य को प्रेरित करने वाला होना चाहिए। आज की इस चर्चा में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर श्री तपन मोहंती ने अपनी बात रखी। इसके साथी स्वास्थ्य के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा की गयी है। जन स्वास्थ्य अभियान मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के इन सभी मुद्दों पर एक ज्ञापन मध्यप्रदेश सरकार को प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम का संचालन श्री एस.आर. आज़ाद ने किया। मध्यप्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ माधव हसानी वक्ताओं व अन्य प्रतिभागियों का आभार प्रदर्शन किया।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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