आंगनबाड़ी प्रवेश धवन की मौत : आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की मांग सीएमओ पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा

आंगनबाड़ी प्रवेश धवन की मौत स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम- आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन Anganwadi Pravesh Dhawan's death results from the negligence of the Health Department - Anganwadi Employees Union प्रवेश धवन को मिले पचास लाख मुआवजा

आंगनबाड़ी प्रवेश धवन की मौत स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम- आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन

Anganwadi Pravesh Dhawan’s death results from the negligence of the Health Department – Anganwadi Employees Union

प्रवेश धवन को मिले पचास लाख मुआवजा

Pravesh Dhawan should get fifty lakh compensation

सहारनपुर, 31 अगस्त, 2020, आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रवेश धवन की कोरोना के कारण हुई मृत्यु (Anganwadi worker Pravesh Dhawan died due to corona) स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम है और इसके लिए सीएमओ सहारनपुर और पिलखनी के चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करनी चाहिए साथ ही उत्तर प्रदेश के सरकार के शासनादेशों के अनुरूप आंगनबाड़ी कार्यकत्री को पचास लाख रुपए का तत्काल मुआवजा जिला प्रशासन को देना चाहिए.

यह मांग आज सीटू से जुड़ी हुई आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन ने सहारनपुर को दिए पत्रक में उठाई.

यूनियन की अध्यक्ष खुर्रत और महासचिव रजनी राणा ने डीएम को पत्र देने के बाद जारी अपने प्रेस बयान में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रवेश वर्मा लगातार आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के तहत विशेष संचारी रोग कोविड-19 की ड्यूटी कर रही थी और इसी दौरान वह कोरोना से संक्रमित हुई. उन्हें संक्रमण के बाद पिलखनी के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. जहां जमीन पर बैठा कर उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई और एक अदद बेड तक अस्पताल ने मुहैया नहीं कराया गया. उनकी मृत्यु साफ तौर पर आपराधिक लापरवाही है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए.

उन्होंने डीएम को दिए पत्र के साथ प्रमुख अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के द्वारा जारी शासनादेश को संलग्न करते हुए यह मांग की कि शासनादेश के अनुसार प्रवेश धवन के परिवारजनों को पचास लाख का मुआवजा तत्काल प्रभाव से देना चाहिए, क्योंकि प्रवेश धवन कोरोना वॉरियर्स थी और वह कोरोना की महामारी की सेवा करने के दौरान ही कोरोना पॉजिटिव हुई है. उनके विभाग की सीडीपीओ तक ने इस संबंध में पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजा है. इसलिए यह मुआवजा देना उनके परिवार के जीवन की सुरक्षा और न्याय के हित के लिए जरूरी है.

उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन इन मांगों को पूरा नहीं करता तो पूरे सहारनपुर जिले में इसको लेकर एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा और जब तक मांगे नहीं पूरी होंगी तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा.

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