Home » समाचार » कानून » एंटी सीएए आंदोलन : जस्टिस काटजू ने जताई आशंका खूनी रविवार आ रहा है
Justice Markandey Katju

एंटी सीएए आंदोलन : जस्टिस काटजू ने जताई आशंका खूनी रविवार आ रहा है

Anti CAA agitation: Justice Katju expressed apprehension, Bloody Sunday is coming

नई दिल्ली, 03 जनवरी 2019. केंद्र की मोदी सरकार के नागरिता संशोधन अधिनियम (Citizenship amendment act) और एनआरसी के विरोधी समझे जाने वाले और भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश के पुनर्एकीकरण (Re-integration of India-Pakistan-Bangladesh) के प्रबल समर्थक सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court) ने आशंका जताई है कि खूनी रविवार आ रहा है।

उन्होंने अपने सत्यापित एफबी पेज पर लिखा,

“खूनी रविवार आ रहा है

मुझे डर है कि भारत में काफी समय से चल रहा सीएए विरोधी आंदोलन 22 जनवरी, 1905 को सेंट पीटर्सबर्ग, रूस में खूनी रविवार की तरह खत्म हो जाएगा। उस दिन फादर गैपॉन (जो बाद में एक पुलिस जासूस के रूप में सामने आया था) के नेतृत्व में एक भीड़ आई थी, जो ज़ार को सानुरोध याचना पेश करने के लिए ज़ार के विंटर पैलेस में मार्च कर रही थी, पर इम्पीरियल प्रीब्रोज़ेंसियल गार्ड्स द्वारा फायर किया गया, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए।

मुझे डर है कि इस भोले भाले आन्दोलनकारियों में से कुछ का नेतृत्व हमारे अपने ही फादर गैपॉन (Father Gapon) द्वारा संहार के लिए किया जा रहा है।

हरि ओम”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा,

“जब फ्रेडरिक द ग्रेट, प्रशिया के राजा, ने अपनी बालकनी से सड़क पर लोगों को जुलूस के नारे लगाते हुए देखा, तो उन्होंने अपने प्रधान मंत्री से पूछा कि वे क्या कह रहे थे?

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! 10 वर्ष से सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 
 भारत से बाहर के साथी पे पल के माध्यम से मदद कर सकते हैं। (Friends from outside India can help through PayPal.) https://www.paypal.me/AmalenduUpadhyaya

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्वतंत्रता, समानता, लोकतंत्र, समाजवाद, आदि की मांग कर रहे थे

जिसके लिए फ्रेडरिक ने जवाब दिया ” जो उन्हें पसंद है, वे उसे तब तक कह सकते हैं, जब तक वे वह करते हैं, जो मुझे पसंद है”।

दिल्ली में शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन (Shaheen Bagh protests in Delhi) को देखकर मुझे यह याद आ गया

हरि ओम”

कौन हैं मार्कंडेय काटजू?

अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए उसके बाद वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे। आजकल वह अमेरिका प्रवास पर कैलीफोर्निया में समय व्यतीत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हैं और भारत की समस्याओं पर खुलकर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

 

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

Modi in Gamchha

गहरे संकट में अर्थव्यवस्था : जीडीपी का 34% पहुंच चुका है भारत सरकार का वित्तीय घाटा !

नई दिल्ली, 03 जुलाई 2020. भारत की विकास दर (India’s growth rate) रसातल में पहुंच …

Leave a Reply