बुरी तरह विफल साबित हुए गृह मंत्री शाह, धरी रह गईं व्यवस्था, विरोध प्रदर्शनों से जाम हुई दिल्ली

Home Minister Shah proved to be a miserable failure, the system remained closed, Delhi jammed with protests

भाजपा सरकार ने अपना असली निरंकुश रंग दिखाया है – माकपा

नई दिल्ली, 19 दिसंबर 2019 । महाराष्ट्र में शिवसेना-यूपीए गठबंधन की सरकार बनने से पहले तक भाजपा के चाणक्य समझे जाने वाले मंत्री अमित शाह अपना विभाग संभालने में बुरी तरह विफल साबित हुए हैं। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे देशव्यापी आंदोलन से निपटने के लिए दिल्ली में जो पुलिस व्यवस्था की गई थी, वह आज चरमरा गई और प्रदर्शनों के चलते दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी के आसपास स्थित सीमा क्षेत्र के प्रवेश मार्गों पर यातायात बंदोबस्त चरमरा गए। सबसे ज्यादा प्रभावित नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी, उत्तरी दिल्ली जिले रहे। जबकि बार्डर पर सबसे ज्यादा जाम का झंझट नोएडा-डीएनडी मार्ग, महरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड) तथा दिल्ली गुरुग्राम नेशनल हाईवे-8 पर देखने को मिला।

दिल्ली पुलिस और आमजन का सबसे पहले और सबसे ज्यादा परेशानी से सामना सुबह करीब 11 बजे से उत्तरी दिल्ली के कोतवाली थाना इलाके में स्थित लाल किले के चारों ओर स्थित मार्गों पर हुआ। दिल्ली पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद भी यहां जमा हुई भीड़ के कारण लाल किला, चांदनी चौक, सदर बाजार जाने वाला रास्ता (बाया लाहोरी गेट), राजघाट के आसपास के रास्ते बुरी तरह जाम हो गए।

उत्तरी दिल्ली में लाल किले के चारों ओर के रास्तों पर अचानक आई भीड़ के सैलाब से मध्य दिल्ली जिले के दरियागंज, जामा मस्जिद, तुर्कमान गेट, एलएनजेपी, कमला मार्केट, बहादुर शाह जफर मार्ग (प्रेस एरिया के सामने), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के आसपास की सड़कों पर वाहनों की भीड़ लग गई।

दावा किया जा रहा था कि जाम से आमजन को बचाने के लिए हालांकि दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात ही खास रणनीति बना ली थी। सिविल पुलिस के अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस को भी अधिक संख्या में इलाके की सड़कों पर यातायात इंतजाम के लिए उतारा गया। इसके बावजूद भीड़ के सामने पुलिस के तमाम इंतजाम धरे रह गए।

दोपहर बाद करीब साढ़े बारह बजे उत्तरी दिल्ली और मध्य दिल्ली की सड़कों पर बढ़ी वाहनों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिस के तमाम इंतजाम चौपट कर दिए। परेशान हाल और भीड़ में फंसे तमाम वाहन चालक जल्दी मंजिल तक पहुंचने के चक्कर में माता सुंदरी रोड, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के भीतर की सड़कों पर, दीनदयाल उपाध्याय रोड (हिंदी भवन के आसपास) को कनेक्ट करती संकरी गलियों में जाकर फंस गए। जाम के चलते कई वाहन चालकों को आपस में तू-तू मैं-मैं करते भी सुना देखा गया। इन गलियों में पुलिस का कोई इंतजाम न होने से जाम और भी बुरे हाल में पहुंच गया।

मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली जिले का जाम नई दिल्ली स्थित मंडी हाउस, प्रगति मैदान और सुप्रीम कोर्ट के बीच वाली सड़क, तिलक मार्ग (इंडिया को जोड़ने वाला रास्ता) पर घंटों वाहनों को रेंगते देखा गया। सड़कों पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस किसी तरह से वाहनों को आगे बढ़ाने में जुटी देखी गई। तमाम मुख्य मार्गों पर जाम के चलते लाल-बत्तियां भी बेईमानी सी लगने लगीं। रेड-लाइट्स अपना काम निरंतर करती रहीं, मगर रेड-लाइट्स से बेखबर वाहन धीरे-धीरे आगे की ओर रेंगते देखे गए।

नई दिल्ली में सबसे ज्यादा मुसीबत तब रोड पर शुरू हुई, जब प्रदर्शनकारी मंडी हाउस पहुंच गए। अपराह्न् करीब एक बजे के आसपास यहां ट्रैफिक बंदोबस्त पूरी तरह चौपट हो गए। जाम को बढ़ाने में दिल्ली पुलिस द्वारा सड़कों पर खड़ी की गई वे सैकड़ों बसें, जिनमें प्रदर्शनकारियों को भरकर ले जाना था, की भी काफी हद तक भूमिका रही।

मध्य दिल्ली में आईटीओ के पास लगे जाम के चलते पूर्वी जिले के लक्ष्मी नगर, शकरपुर से आईटीओ की ओर यमुना ब्रिज के रास्ते आने वाले वाहनों का जाम लग गया। जिससे यमुना ब्रिज पर पांव रखने की जगह नहीं बची। इस भीड़ के चलते आईटीओ की दोनो मुख्य रेड-लाइट्स जलती बुझती देखी गई। मगर रेड लाइट्स से बेखबर वाहन चालक वाहनों को धीरे-धीरे आगे की ओर रेगाते हुए देखे गए।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने अपना असली निरंकुश रंग दिखाया है।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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