संगीत जगत से जुड़े कलाकारों ने उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

संगीत जगत से जुड़े कलाकारों ने उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

Artists associated with the music world paid tearful tributes to Ustad Ghulam Mustafa Khan

मुंबई (न्यूज हेल्पलाइन) – 18 जनवरी 2021 : दुनियाभर में मशहूर शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब का 89 साल की उम्र में मुम्बई के बांद्रा स्थित घर में निधन हो गया। तकरीबन 15 साल पहले वो ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए थे और उन्हें लकवा मार गया था। तभी से वे बीमार चल रहे थे, चलने फिरने‌ की हालत में नहीं थे और घर में ही उनका इलाज चल रहा था। उनके बेटे रब्बानी मुस्तफा खान के अनुसार उनका निधन कल दोपहर तकरीबन 12 से 12.15 बजे के बीच हुआ। वहीं संगीत जगत से जुड़े कई कलाकारों ने उन्हें याद कर सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धाजंलि दी।

सलीम मर्चेंट ने इंस्टाग्राम पर उनके साथ अपनी तस्वीर शेयर कर लिखा,

‘उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान जी की पहचान सदियों तक बरकरार रहेगी..अब वह हमारे बीच नहीं रहे.. मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे गुलाम जी से कई बार मिलने का मौका मिला और सबसे बेहतरीन बात यह कि मैं अपना जन्मदिन गुलाम जी के साथ ही शेयर करता हूं..।’

इसी के साथ सलीम मर्चेंट ने गुलाम मुस्तफा खान के पुराने म्यूजिक विडियो को शेयर किया और इसे कीमती बताया।

वहीं अरमान मलिक ने भी सलीम के इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा,’यह संगीत जगत के लिए बहुत बड़ा नुक़सान है…’

सिंगर शिल्पा राव ने उस्ताद मुस्तफा खान के साथ अपनी बचपन की तस्वीर को शेयर किया और कैप्शन के जरिए उन्हें याद करते हुए लिखा,

‘आज मेरा दिल टूट सा गया है.. आपने अपने हर शिष्य को संवारा है.. मैं सौभाग्यशाली रही कि उनमें से एक मैं भी हूं.. आपने जो कुछ सिखाया वह सब आज मुझे काबिल बनाता है।.. आपने म्यूजिक जगत को बेहतरीन बनाया..आपकी आत्मा को शांति मिले।’

शंकर महादेवन ने भी उस्ताद जी को गुरु बताते हुए उनकी तस्वीर शेयर की और लिखा,

‘एक गुरू जिन्होंने कई उभरते कलाकारों को बनाया.. जिन्होंने हमें कभी ना भुला पाने वाला संगीत दिया..आपकी आत्मा को शांति मिले ..परिवार के साथ सद्भावना..’।

बता दें कि, उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को 1991 में पद्मश्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म भूषण पुरस्कारों से नवाजा गया था। संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें कल शाम 7.30 बजे सांताक्रूज कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मिट्टी में विलीन किया गया।

उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान की जीवनी | Biography of Ustad Ghulam Mustafa Khan in Hindi

1931 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में जन्मे और रामपुर-सहसवान घराने से ताल्लुक रखने वाले गायक गुलाम मुस्तफा खान ने मृणाल सेन की चर्चित फिल्म ‘भुवन शोम’ से अपने गायकी के करियर की शुरुआत की थी।

हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले गुलाम मुस्तफा खान ने ‘उमराव जान’, ‘आगमन’, ‘बस्ती’, ‘श्रीमान आशिक’ जैसी फिल्मों में भी अपनी गायकी का नायाब अंदाज पेश किया था।

उन्हें संगीत के क्षेत्र में ‘जूनियर तानसेन’ के नाम से भी बुलाया जाता था।

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