क्रांति वीर शाहजहानपुर का पठान वो, सिंह और शायर सपूत अशफाक था

Ashfaqulla Khan

उन्नत सपाट, गौर वर्ण, शाही ठाठ-बाट।

भारतीय पौरूष की बेमिसाल धाक था।।

अंग्रेजी शासन उखाड़ फेंकने के लिए,

जिसका इरादा फौलादी नेक पाक था।

फांसी चढ़ने के बाद कफन पे रखवाना,

चाहता जो बस मादरे वतन की खाक था।

क्रांति वीर शाहजहानपुर का पठान वो,

सिंह और शायर सपूत अशफाक था।।

-0-0-0-0-0

 

कोई बीज ऐसा हो देना वतन की अपनी मिट्टी में,

कि जिसमें कोई गांधी, कोई गौतम या कोई नानक निकल आये!

@दिनेश रस्तोगी

दिनेश रस्तोगी (DINESH RASTOGI)
8-बी, अभिरूप,
साउथ सिटी
शाहजहाँपुर-२४२२२६

पाठकों सेअपील - “हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें
 

Leave a Reply