नास्तिक जस्टिस काटजू ने बताया रामायण और महाभारत क्यों हैं उन्हें प्रिय

बोले जस्टिस काटजू - मैं नास्तिक अवश्य हूँ परन्तु मुझे अपनी संस्कृति अत्यंत प्रिय है। रामायण महाभारत आदि हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और बचपन से ही मैं इनको पढ़ता आया हूँ। इससे मैं बीजेपी या आरएसएस का सदस्य नहीं बन जाता।

Atheist Justice Katju told why he loves Ramayana and Mahabharata

मुझसे कई लोगों ने पूछा कि मैं एक तरफ तो अपने को नास्तिक बताता हूँ और दूसरी तरफ मैं राम, कृष्ण, हनुमान आदि की बात करता हूँ और रामायण, महाभारत आदि का वर्णन करता हूँ।

इसलिए मैं अपना स्पष्टीकरण देना चाहता हूँ।

मैं नास्तिक अवश्य हूँ परन्तु मुझे अपनी संस्कृति अत्यंत प्रिय है। रामायण-महाभारत आदि हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और बचपन से ही मैं इनको पढ़ता आया हूँ। इससे मैं बीजेपी या आरएसएस का सदस्य नहीं बन जाता।

लोगों को रामायण महाभारत आदि की कथाएं सुनाने से मैं अपनी बात को अधिक उजागर और रोचक बना सकता हूँ। इससे मैं मज़हबी नहीं बन जाता। मूर्ख लोग ही यह बात नहीं समझ पाते।

जस्टिस मार्कंडेय काटजू

पूर्व न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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