Home » देशबन्धु

देशबन्धु

Deshbandhu is a newspaper with a 60 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining Deshbandhu as ‘Patr Nahin Mitr’ meaning ‘Not only a journal but a friend too’. Deshbandhu was launched in April 1959 from Raipur, now capital of Chhattisgarh, by veteran journalist the late Mayaram Surjan. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, Deshbandhu started its National Edition from New Delhi, thus, becoming the first newspaper in central India to achieve this feet. Today Deshbandhu is published from 8 Centres namely Raipur, Bilaspur, Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna and New Delhi.

जानिए स्वाधीनता संघर्ष में पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका क्या है

press freedom

आजादी की लड़ाई में मीडिया की भूमिका | आजादी की लड़ाई में पत्रकारिता का योगदान (Role of media in freedom struggle | Contribution of journalism in freedom struggle) स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी पत्रकारिता का योगदान pdf स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका | स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता (Role of Hindi Journalism in Freedom Struggle. Freedom Struggle and Journalism) हमारे …

Read More »

क्या ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर असदुद्दीन ओवैसी होने जा रही हैं?

कांग्रेस को कमजोर कर भाजपा से कैसे लड़ेंगी ममता बनर्जी? How will Mamata Banerjee fight the BJP by weakening the Congress? कांग्रेस को कमजोर कर क्या देश में वैकल्पिक सियासत खड़ी हो सकती है?- यह सवाल अचानक महत्वपूर्ण हो गया है। अगर इसका जवाब ‘हां’ है तो ममता बनर्जी सही दिशा में कदम उठा रही हैं। और, अगर इसका जवाब …

Read More »

जानिए क्या होती हैं कॉस्मिक किरणें?

Science news

कॉस्मिक किरणें क्या होती है? | कॉस्मिक किरणें किसे कहते हैं? | What are cosmic rays? कॉस्मिक रेज (cosmic rays in Hindi) या ब्रह्मांडीय किरणें सभी दिशाओं से लगभग प्रकाश के वेग से पृथ्वी पर आने वाले उच्च ऊर्जा आवेशित कणों के प्रवाह हैं, जिनमें अधिकांशत: (89 प्रतिशत) तो प्रोटॉन हैं, परंतु कुछ (10 प्रतिशत) अल्फा कण तथा आवर्त सारणी …

Read More »

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : मोदीजी की माफीवीरता किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि

deshbandhu editorial

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि Repeal of cruel agricultural laws: the first achievement of the struggle and sacrifices of the farmers देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today 16 जून 2019 को भारत-पाक के बीच वर्ल्ड कप मैच (world cup match between india pakistan) के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमी …

Read More »

भारतीय साहित्य में जातीय सांस्कृतिक चेतना

literature and culture

भारतीयता की अवधारणा पर विचार करना जरूरी है… INDIAN LITERARY TRADITION AND INDIAN ETHOS भारतीयता के मूल स्वर को अभिव्यक्त करने वाला साहित्य ही भारतीय साहित्य (Indian Literature) हो सकता है चाहे उसकी रचना देश की चौहद्दी के भीतर हुई हो चाहे बाहर, और चाहे वह किसी भी देश-विदेशी भाषा में लिपिबद्ध हुई हो। भारतीय साहित्य किसे कहा जा सकता …

Read More »

हिन्दी भाषा और अमीर खुसरो

hindi language and amir khusro

Hindi language and Amir Khusro अमीर खुसरो फारसी के बहुत बड़े कवि तथा विद्वान थे। फारसी के अतिरिक्त उन्हें हिन्दी भाषा से भी गहरा लगाव था। इसी वजह से हिन्दी भाषा को फारसी भाषा से हीन नहीं समझते थे। वे अपनी फारसी रचना ‘गुर्रतुल कमाल’ की भूमिका में लिखते हैं- चूं गन तूती ए हिन्दम अजरासत पुर्सी। जगन हिन्दवी पुर्स …

Read More »

जानिए क्या आज भी प्रासंगिक है महात्मा गांधी का ट्रस्टीशिप सिद्धांत

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के ट्रस्टीशिप सिद्धांत की प्रासंगिकता | Relevance of Mahatma Gandhi’s doctrine of trusteeship in Hindi | relevance of mahatma gandhis trusteeship doctrine india गांधीवाद के चार प्रमुख आयाम माने जाते हैं: सत्य, अहिंसा, स्वालंबन और ट्रस्टीशिप। गांधीवाद महात्मा गांधी के उन राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों पर आधारित है जिनको उन्होंने सबसे पहले व्यवहार में प्रयोग किया तथा उनको …

Read More »

‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यों हो?’ योगी जी को सलमान खुर्शीद को थैंक्यू बोलना चाहिए!

yogi ji should say thank you to salman khurshid

Yogi ji should say thank you to Salman Khurshid! ‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यूं हो’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) इस समय दिल से किन लोगों को धन्यवाद-धन्यवाद कह रहे होंगे? निश्चित ही रूप से प्रधानमंत्री मोदी या अमित शाह को नहीं। अपनी पार्टी के किसी और नेता को नहीं, …

Read More »

अब प्रदूषण के लिए भी किसान जिम्मेदार! बधाई हो मोदी सरकार में भारत केवल गलत चीजों में टॉप पर है

deshbandhu editorial

प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार? Who is responsible for pollution? देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today देश में दीपावली के बाद से वायु प्रदूषण बेहद बढ़ गया है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। साल दर साल ऐसा ही होता जा रहा है। पिछले कुछ बरसों में इसे लेकर कुछ जागरुकता फैलना की कोशिश भी जा …

Read More »

त्रिपुरा भी धार्मिक कट्टरता की चपेट में

deshbandhu editorial

Tripura also in the grip of religious bigotry देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में कुछ दिनों पहले तक सांप्रदायिक हिंसा और तनाव की खबरें (Reports of communal violence and tension in Tripura) फिक्र बढ़ा रही थीं। अब खबर आई है कि 25 नवंबर को नगरीय निकाय के लिए होने वाले चुनाव से पहले …

Read More »

क्रूर नोटबंदी के पांच साल

deshbandhu editorial

Five years of brutal demonetisation नोटबंदी पर देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today आज से ठीक पांच साल पहले 8 नवंबर 2016 को नरेन्द्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक लेकिन क्रूर फैसला (A historic but cruel decision related to India’s economy) लिया था। पांच सौ और हजार रुपए के नोट एक झटके में …

Read More »

उपचुनाव : भाजपा का दरकता किला

deshbandhu editorial

उपचुनाव में भाजपा का अपराजेय होने का भरम टूट गया देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today भाजपा को अब तक ये गुमान है कि वो अपराजेय है। भाजपा के लिए किसी भी चुनाव में जीत दर्ज करना बाएं हाथ का खेल है। लेकिन मंगलवार को भाजपा का ये भरम टूट गया। 30 अक्टूबर को देश की तीन …

Read More »

शाहरुख खान की 24 बरस तक दबी ख्वाहिश पूरी हो गई ?

pushpranjan

आर्यन खान से आगे भी है दुनिया (The world is even ahead of Aryan Khan) आज से 24 साल पहले 1997 में सिमी ग्रेवाल शो होस्ट (Simi Grewal show host) कर रही थीं, जिसमें शाहरूख़ ख़ान और गौरी छिब्बर ख़ान स्क्रीन पर नमूदार थे। इस इंटरव्यू के तीन हफ्ते पहले आर्यन का जन्म हो चुका था। जैसा कि सिमी ग्रेवाल …

Read More »

भाजपा के राज में हिंदुत्व खतरे में क्यों है?

deshbandhu editorial

भाजपा के राज में भाजपा, आरएसएस और बाकी दक्षिणपंथी संगठन डरे हुए नजर क्यों आते हैं? धर्म के ठेकेदारों का डर | Fear of the contractors of religion देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today पिछले सात सालों से देश में भाजपा का राज है। और भाजपा ने सत्ता का ये सफर धर्म की सीढ़ी पर चढ़कर ही तय …

Read More »

शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की क्रूज पार्टी में ड्रग्स लेने पर गिरफ्तारी : एनसीबी पर गंभीर आरोप

deshbandhu editorial

Arrested for taking drugs at Shahrukh Khan’s son Aryan Khan’s cruise party: Serious allegations against NCB देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today मशहूर अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की क्रूज पार्टी में ड्रग्स लेने पर गिरफ्तारी की जब खबरें (News of arrest for taking drugs at the cruise party of Aryan Khan, son of famous …

Read More »

जनता को सताकर मालामाल होती मोदी सरकार

deshbandhu editorial

Modi government getting rich by persecuting the public  देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से देशवासी चाहे जितने परेशान हों लेकिन भारत सरकार को इससे भरपूर फायदा हो रहा है। शायद यही कारण हो कि सरकार इनकी कीमतें घटाने के लिये तैयार नहीं है और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर खूब धन बटोर लेना …

Read More »

कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस का खौफ

Today's Deshbandhu editorial

After corona, fear of black fungus now (देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today) कोरोना की दूसरी लहर (Second wave of corona) के असर से अभी भारत मुक्त हुआ नहीं है और इस बीच तीसरी लहर का अंदेशा जतलाया जाने लगा है। तीसरी लहर न जाने किस रूप में, किस तरह से सामने आएगी और सरकार उससे निपटने की क्या …

Read More »

जानिए कोरोनाकाल में मास्क लगाकर किस करना कितना खतरनाक

Face Masks and Surgical Masks for COVID-19

आंशिक टीकाकरण वाली दुनिया में मास्क लगाकर किस करना कितना सुरक्षित? How safe is it to do a KISS with a mask in a partially vaccinated world? नई दिल्ली, 19 मई। एक नई प्रवृत्ति बड़ी हस्तियों द्वारा लोकप्रिय बनाई जा रही है जिसमें वह मास्क लगाकर एक-दूसरे को किस कर कहे हैं। हाल ही में अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला …

Read More »

60 साल के बूढ़े या 60 साल के जवान : अब यादें ही शेष हैं

shesh narain singh

दादाजी यानी ललितजी (ललित सुरजन) कहा करते थे चाचा तीन प्रकार के होते हैं, चचा बुजुर्गवार, चचा यार और चचा बरखुरदार। यदि चाचा की उम्र आपके पिता की आयु के आसपास है, तो वे बुर्जुगवार हुए, यदि वे आपकी उम्र के आसपास हुए तो वे चचा यार हुए और अगर आपकी उम्र से छोटे हों तो चचा बरखुरदार हुए। गुजरे …

Read More »

17 मई तक के लिए बढ़ा उत्तर प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू

COVID-19 news & analysis

Corona curfew extended in Uttar Pradesh till May 17 लखनऊ, 09 cR 2021. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने की कवायद (Exercise to break the chain of corona infection in Uttar Pradesh) के तहत कोरोना कर्फ्यू की मियाद एक बार फिर बढ़ा कर 17 मई कर दी गयी है। नवनीत सहगल ने दी सूचना अपर मुख्य सचिव …

Read More »

कांग्रेस का कद चुनावी राजनीति से कहीं बड़ा है, यही कांग्रेस की असली पहचान भी है

Congress Logo

The stature of the Congress is much bigger than electoral politics, this is also the true identity of the Congress. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी की जनता ने अगले पांच साल के लिए अपना जनमत दे दिया है। हम इन चुनाव परिणामों को पूरी विनम्रता और ज्म्मिदारी से स्वीकार करते हैं।’ राजनीति में तीखे शब्दों और निजी प्रहारों …

Read More »