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देशबन्धु

Deshbandhu is a newspaper with a 60 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining Deshbandhu as ‘Patr Nahin Mitr’ meaning ‘Not only a journal but a friend too’. Deshbandhu was launched in April 1959 from Raipur, now capital of Chhattisgarh, by veteran journalist the late Mayaram Surjan. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, Deshbandhu started its National Edition from New Delhi, thus, becoming the first newspaper in central India to achieve this feet. Today Deshbandhu is published from 8 Centres namely Raipur, Bilaspur, Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna and New Delhi.

जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार ने चेताया, ओमिक्रॉन बढ़ रहा, अस्पतालों पर पड़ेगा दबाव

omicron in hindi

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों से अमेरिकी अस्पतालों पर पड़ सकता है दबाव : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार एंथनी फौसी नई दिल्ली, 20 दिसम्बर 2021. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फौसी (Dr. Anthony Fauci, Chief Medical Adviser to US President Joe Biden) ने चेतावनी दी है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron …

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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर : मोदी के हिंदुत्व पर अखिलेश के ‘हिन्दू’ की बढ़त

akhilesh yadav narendra modi

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को अखिलेश यादव ने बनाया ‘हिंदुत्व बनाम हिन्दू’ इस लेख में वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र प्रसाद चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए हर दिन और मुश्किल होता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां, एक्सप्रेसवे, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन और गंगा में पीएम की डुबकी …

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पंचायती राज में गांधी की प्रासंगिकता

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

सामाजिक चुनौतियां बनाम गांधी जीवन दर्शन | Relevance of Gandhi in Panchayati Raj वास्तव में आज कैसे गांधी की ज़रूरत है (How Gandhi is needed today)? अहिंसा की प्रासंगिकता क्या है? गांधी जी की कार्य पद्धति का रूप क्या था ? वैश्वीकरण के युग में गांधीवादी आर्थिक विचारों की प्रासंगिकता क्या है? गांधीजी के शिक्षा दर्शन की प्रासंगिकता वर्तमान परिप्रेक्ष्य …

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हमारे नेता-नौकरशाह सरकारी बसों से क्यों नहीं चलते?

pushpranjan

दिल्ली दुनिया की सबसे घनी आबादी वाला तीसरा शहर है। डीटीसी की सेवाएं (Services of DTC) आज भी दिल्ली मैट्रो जैसी व्यवस्थित क्यों नहीं हो पाई हैं? अरविंद केजरीवाल की घोषणाएं (Arvind Kejriwal’s announcements) हवा हवाई साबित हुई हैं। क्या जनसुविधाएं सही चल रही हैं, सरकार के स्तर पर किसी ने कभी चेक भी किया है? सड़क परिवहन सुविधाओं की …

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किसान आंदोलन : सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी किसानों की जीत

deshbandhu editorial

स्थगित हुआ किसान आंदोलन तीन कृषि कानूनों के विरुद्ध एक वर्ष से भी अधिक समय तक चल रहे किसान आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है (Farmer’s movement suspended)। केंद्र में काबिज भाजपा सरकार ने किसानों को लिखित में कई आश्वासन दिए हैं। इसे किसानों और लोकतंत्र की बड़ी जीत (Big victory for farmers and democracy) के रूप में जा …

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प्रारंभिक शिक्षा की चुनौतियां

opinion debate

Challenges of early education in Hindi सभी असंतुष्ट हैं स्कूली शिक्षा से (all are dissatisfied with school education). अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का कष्ट क्या है? सरकारी स्कूलों में शिक्षक पाठ्यक्रम के साथ न्याय कैसे कर पायेगा? प्रारंभिक शिक्षा की प्रमुख आवश्यकता क्या है? प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की चुनौतियां क्या है? इन विषयों पर चर्चा करते …

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हिन्दी भाषा एवं साहित्य अध्ययन की समस्याएं

literature and culture

शिथिल हुए हैं हिंदी भाषा में शुद्ध-अशुद्ध के मानदंड बीसवीं सदी की दहलीज लांघ कर आज हम इक्कीसवीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं। यह मात्र कैलेंडर के पन्ने पलटने की क्रिया नहीं, अपितु हमारी समूची मानसिकता, हमारे भाव विश्व, बुद्धि-जगत एवं हमारे नजरिये में चल रही मंथन प्रक्रिया का आधुनिक युग के परिप्रेक्ष्य में बहुआयामी अवलोकन करने का समय …

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प्रकृति की सुंदरता को कविताओं में उतारने वाले कवि सुमित्रानंदन पंत

sumitranandan pant biography in hindi

सुमित्रानंदन पंत : व्यक्तित्व और कृतित्व (Sumitranandan Pant: Personality and Creativity) भारत माता ग्रामवासिनी खेतों में फैला है श्यामल धूल भरा मैला सा आँचल गंगा यमुना में आँसू जल, मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी भारत माता ग्राम वासिनी और धरती का आँगन इठलाता शस्य श्यामला भू का यौवन अंतरिक्ष का हृदय लुभाता जौ गेहूँ की स्वर्णिम बाली भू का अंचल वैभवशाली …

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कोरोना की दूसरी लहर से बेहाल देश को अब ओमिक्रॉन का डर, पर पीएम का फोकस अब भी अपनी सरकार का प्रचार पर

pm narendra modi

अब ओमिक्रॉन का डर (Omicron fears now) देशबन्धु का संपादकीय कोरोना की दूसरी लहर से बेहाल, निढाल हो चुके देश को पिछले कुछ महीनों से राहत मिलती दिख रही है। कोरोना से संक्रमितों और मृतकों की गिनती (Counting of corona infected and dead) में कमी आ रही है, अस्पताल के बाहर लंबी कतारें नहीं हैं, न ही रोजाना ऑक्सीजन सिलेंडर …

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ममता बनर्जी की सक्रियता : आखिर भाजपा की खुशी का राज क्या है ?

mamata banerjee

Mamata Banerjee’s Activism: What is the secret of BJP’s happiness? बमुश्किल छह माह पहले बंगाल के विधानसभा के चुनाव में भाजपा को बुरी तरह शिकस्त देने वाली तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress, which badly defeated BJP in Bengal assembly elections), जिसने समूचे विपक्ष को भी नई ऊर्जा से भर दिया था और भाजपा के खिलाफ शेष मुल्क में ‘बंगाल अनुभव’ दोहराने …

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जानिए स्वाधीनता संघर्ष में पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका क्या है

press freedom

आजादी की लड़ाई में मीडिया की भूमिका | आजादी की लड़ाई में पत्रकारिता का योगदान (Role of media in freedom struggle | Contribution of journalism in freedom struggle) स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी पत्रकारिता का योगदान pdf स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका | स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता (Role of Hindi Journalism in Freedom Struggle. Freedom Struggle and Journalism) हमारे …

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क्या ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर असदुद्दीन ओवैसी होने जा रही हैं?

कांग्रेस को कमजोर कर भाजपा से कैसे लड़ेंगी ममता बनर्जी? How will Mamata Banerjee fight the BJP by weakening the Congress? कांग्रेस को कमजोर कर क्या देश में वैकल्पिक सियासत खड़ी हो सकती है?- यह सवाल अचानक महत्वपूर्ण हो गया है। अगर इसका जवाब ‘हां’ है तो ममता बनर्जी सही दिशा में कदम उठा रही हैं। और, अगर इसका जवाब …

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जानिए क्या होती हैं कॉस्मिक किरणें?

Science news

कॉस्मिक किरणें क्या होती है? | कॉस्मिक किरणें किसे कहते हैं? | What are cosmic rays? कॉस्मिक रेज (cosmic rays in Hindi) या ब्रह्मांडीय किरणें सभी दिशाओं से लगभग प्रकाश के वेग से पृथ्वी पर आने वाले उच्च ऊर्जा आवेशित कणों के प्रवाह हैं, जिनमें अधिकांशत: (89 प्रतिशत) तो प्रोटॉन हैं, परंतु कुछ (10 प्रतिशत) अल्फा कण तथा आवर्त सारणी …

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कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : मोदीजी की माफीवीरता किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि

deshbandhu editorial

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि Repeal of cruel agricultural laws: the first achievement of the struggle and sacrifices of the farmers देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today 16 जून 2019 को भारत-पाक के बीच वर्ल्ड कप मैच (world cup match between india pakistan) के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमी …

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भारतीय साहित्य में जातीय सांस्कृतिक चेतना

literature and culture

भारतीयता की अवधारणा पर विचार करना जरूरी है… INDIAN LITERARY TRADITION AND INDIAN ETHOS भारतीयता के मूल स्वर को अभिव्यक्त करने वाला साहित्य ही भारतीय साहित्य (Indian Literature) हो सकता है चाहे उसकी रचना देश की चौहद्दी के भीतर हुई हो चाहे बाहर, और चाहे वह किसी भी देश-विदेशी भाषा में लिपिबद्ध हुई हो। भारतीय साहित्य किसे कहा जा सकता …

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हिन्दी भाषा और अमीर खुसरो

hindi language and amir khusro

Hindi language and Amir Khusro अमीर खुसरो फारसी के बहुत बड़े कवि तथा विद्वान थे। फारसी के अतिरिक्त उन्हें हिन्दी भाषा से भी गहरा लगाव था। इसी वजह से हिन्दी भाषा को फारसी भाषा से हीन नहीं समझते थे। वे अपनी फारसी रचना ‘गुर्रतुल कमाल’ की भूमिका में लिखते हैं- चूं गन तूती ए हिन्दम अजरासत पुर्सी। जगन हिन्दवी पुर्स …

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जानिए क्या आज भी प्रासंगिक है महात्मा गांधी का ट्रस्टीशिप सिद्धांत

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के ट्रस्टीशिप सिद्धांत की प्रासंगिकता | Relevance of Mahatma Gandhi’s doctrine of trusteeship in Hindi | relevance of mahatma gandhis trusteeship doctrine india गांधीवाद के चार प्रमुख आयाम माने जाते हैं: सत्य, अहिंसा, स्वालंबन और ट्रस्टीशिप। गांधीवाद महात्मा गांधी के उन राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों पर आधारित है जिनको उन्होंने सबसे पहले व्यवहार में प्रयोग किया तथा उनको …

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‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यों हो?’ योगी जी को सलमान खुर्शीद को थैंक्यू बोलना चाहिए!

yogi ji should say thank you to salman khurshid

Yogi ji should say thank you to Salman Khurshid! ‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यूं हो’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) इस समय दिल से किन लोगों को धन्यवाद-धन्यवाद कह रहे होंगे? निश्चित ही रूप से प्रधानमंत्री मोदी या अमित शाह को नहीं। अपनी पार्टी के किसी और नेता को नहीं, …

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अब प्रदूषण के लिए भी किसान जिम्मेदार! बधाई हो मोदी सरकार में भारत केवल गलत चीजों में टॉप पर है

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प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार? Who is responsible for pollution? देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today देश में दीपावली के बाद से वायु प्रदूषण बेहद बढ़ गया है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। साल दर साल ऐसा ही होता जा रहा है। पिछले कुछ बरसों में इसे लेकर कुछ जागरुकता फैलना की कोशिश भी जा …

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त्रिपुरा भी धार्मिक कट्टरता की चपेट में

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Tripura also in the grip of religious bigotry देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में कुछ दिनों पहले तक सांप्रदायिक हिंसा और तनाव की खबरें (Reports of communal violence and tension in Tripura) फिक्र बढ़ा रही थीं। अब खबर आई है कि 25 नवंबर को नगरीय निकाय के लिए होने वाले चुनाव से पहले …

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क्रूर नोटबंदी के पांच साल

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Five years of brutal demonetisation नोटबंदी पर देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today आज से ठीक पांच साल पहले 8 नवंबर 2016 को नरेन्द्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक लेकिन क्रूर फैसला (A historic but cruel decision related to India’s economy) लिया था। पांच सौ और हजार रुपए के नोट एक झटके में …

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