Home » उपाध्याय अमलेन्दु (page 10)

उपाध्याय अमलेन्दु

महंगाई डायन से सुरसा हुई, सरकार कुंभकर्ण!

debate

Inflation rose, government Kumbhakarna! दुहरा व्यंग्य है सुरसा में सोशल मीडिया में इधर एक व्यंग्यात्मक प्रश्न बार-बार सुनने को मिल रहा है। महंगाई डायन तो पहले हुआ करती थी, अब क्या सुरसा नहीं हो गयी है! सुरसा में दुहरा व्यंग्य है। एक तो सुरसा की पहचान, अपना मुंह अनंत तक फैलाकर, कुछ भी निगल सकने वाली राक्षसी की है। दूसरे, …

Read More »

कांग्रेस के लिए महिला वोटबैंक कितना कारगर ?

How effective is the women's vote bank for the Congress

कांग्रेस के लिए महिला वोटबैंक कितना कारगर ?| प्रियंका गांधी | प्रतिज्ञा यात्रा How effective is the women’s vote bank for the Congress? | Priyanka Gandhi | Pratigya Yatra Hastakshep देश विदेश की खबरों के विश्लेषण लिए सबसे विश्वसनीय, भरोसेमंद और लोकप्रिय चैनल है। यहाँ पर यूपी-उत्तराखंड की हर छोटी बड़ी खबरों का सबसे सटीक विश्लेषण मिलता रहेगा. राजनीति, मनोरंजन, …

Read More »

क्या राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने सावरकर से दया याचिका प्रस्तुत करने के लिए कहा था?

savarkar

हिन्दी में डॉ. राम पुनियानी का लेख : Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi: Did Gandhi ask Savarkar to submit a mercy petition? हिन्दू राष्ट्रवाद अपने नये नायकों को गढ़ने और पुरानों की छवि चमकाने का हर संभव प्रयास कर रहा है. इसके लिए कई स्तरों पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. हाल में 2 अक्टूबर (गाँधी जयंती) को महात्मा …

Read More »

सांप्रदायिक हिंसा कैसे फैलाई जा रही है? प्रो राम पुनियानी से बातचीत

Talking with Prof Ram Puniyani on his new book

साहित्य चर्चा : राजनीति की बिसात पर धर्म और समाज | प्रो राम पुनियानी से बातचीत | सांप्रदायिक हिंसा कैसे फैलाई जा रही है प्रो राम पुनियानी की नई किताब पर उनसे बातचीत Religious Nationalism: Social perceptions & violence. Talking with Prof Ram Puniyani on his new book Prof Ram Puniyani new book Ram Puniyani Books. Hastakshep देश विदेश की …

Read More »

रामचरित मानस की प्रासंगिकता कभी कम नहीं होगी

ramayana conclave in bareil

Ramayana Conclave in Bareilly : पर्यटन और संस्कृति विभाग ने आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का किया आयोजन (Department of Tourism and Culture organized Ramayana Conclave at IMA Hall Bareilly) बरेली 24 अक्तूबर 2021. रामायण के प्रसंगों का भावविभोर करने वाला मंचन और वातावरण को राममय बनाने वाला संगीत और कथक के रंग… मौका था बरेली की धरती पर पहले …

Read More »

प्रियंका-अखिलेश की हुई मुलाकात, क्या बन गई बात?

प्रियंका-अखिलेश की हुई मुलाकात, क्या बन गई बात?

इस चर्चा में जानिए कि प्रियंका गांधी के अति सक्रिय होने से अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है? हवाई दौरों के बीच बीते शुक्रवार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच मुलाकात (Meeting between Samajwadi Party President Akhilesh Yadav and Congress General Secretary Priyanka Gandhi) हो …

Read More »

उन्नत प्रौद्योगिकी पर मिलकर काम करेंगे एएमयू और गूगल

AMU and Google will work together on advanced technology एएमयू और गूगल एशिया पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड के बीच साझेदारी | Partnership between AMU and Google Asia Pacific Pvt Ltd नई दिल्ली, 23 अक्तूबर : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University- एएमयू) और विश्व की प्रमुख तकनीकी कंपनी गूगल (world’s leading tech company google) अब साथ मिलकर काम करेंगे। इस संबंध …

Read More »

मील का पत्थर एक अरब टीका नहीं बल्कि सभी पात्र लोगों का पूरा टीकाकरण है

covid 19

Milestone is not one billion vaccines but full immunization of all eligible people जब तक नहीं हो जाता दुनिया की पूरी आबादी का टीकाकरणतब तक हर्ड इम्यूनिटी के ज़रिए कोविड पर रोक लगना मुश्किल है असली मील का पत्थर एक अरब टीका खुराक देना नहीं है बल्कि 12 साल से ऊपर सभी पात्र जनता को निश्चित समय-अवधि के भीतर पूरी …

Read More »

आरएसएस आदिवासियों को वनवासी क्यों कहता है?

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

आरएसएस का आदिवासियों को वनवासी कहने का षड़यंत्र आरएसएस आदिवासियों को वनवासी क्यों कहती है? क्या आदिवासी हिंदू हैं? क्या आदिवासी हिन्दू या वनवासी नहीं हैं, बल्कि इस देश के मूलनिवासी है? क्यों अलग धर्म की मांग कर रहे हैं आदिवासी? इन सारे सवालों पर अपने इस लेख में आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस.आर.दारापुरी …

Read More »

ठहरिए! ब्रेक लगाइए, अगले मोड़ पर प्रलय इंतज़ार कर रही है

flood in bihar

पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय क्या सावधानी बरतें? कहते हैं पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय मोड़ों में हॉर्न का प्रयोग करें (Use the horn in turns while driving in the mountains) पर जिस तरह से इस साल पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड ने मनुष्य द्वारा पर्यावरण के साथ की गई छेड़-छाड़ का नतीज़ा भयंकर आपदाओं के रूप में देखा है उसके बाद …

Read More »

मध्यप्रदेश : मालवा में पतझड़ की बहार और उसके ध्वजाधारी

मालवा में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न | persecution of minorities in malwa इन दिनों मध्यप्रदेश में पतझड़ की बहार (Autumn in Madhya Pradesh) है और प्रदेश का वह अंचल जिसे मालवा कहा जाता है इसका सबसे बदतरीन शिकार है। सप्ताह भर में एक के बाद एक दर्जन भर से अधिक मामले सामने आये हैं जो अल्पसंख्यक आबादी को चिन्हांकित कर उनका …

Read More »

आखिर सरकार माओवादियों की मांगों को नजरअंदाज क्यों कर रही है?

Akkiraju Haragopal alias Ramakrishna

Why is the government ignoring the demands of the Maoists? अक्कीराजू हरगोपाल उर्फ रामकृष्ण की मौत | Death of Akkiraju Haragopal alias Ramakrishna माओवादी पार्टी के सेंट्रल कमेटी सदस्य रामकृष्ण (Maoist party central committee member Ramakrishna) की उनके भूमिगत जीवन के दौरान 63 साल की उम्र में मौत हो गई। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बंगाल बिहार समेत भारत के कई …

Read More »

जब जीवाश्म ईंधन उत्पादन दोगुना करने का है इरादा, कैसे पूरा होगा तब पेरिस समझौते का वादा?

Climate change Environment Nature

संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक प्रोडक्शन गैप रिपोर्ट 2021 बात अगर पेरिस समझौते के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस या 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित करने की हो, तब कायदे से तो दुनिया को अपना जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बंद कर देना चाहिए। लेकिन हो ये रहा है कि सरकारें पेरिस समझौते की तापमान सीमा से तालमेल बैठाने …

Read More »

मनुष्य और प्रकृति के बीच संबंध : उत्तर-मानववाद की आहट

artificial intelligence

The relationship between man and nature: the sound of post-humanism मानव-जीवन के हर क्षेत्र में कोविड महामारी के बाद आमूलचूल बदलाव होगा कोविड महामारी के बाद से दुनिया के काम-काज के तरीकों में बुनियादी बदलाव आ रहा है। ये परिवर्तन कुछ सेवाओं के ऑनलाइन हो जाने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह दौर मानव-जीवन के हर क्षेत्र में आमूलचूल …

Read More »

‘पिंक’ से ‘रश्मि रॉकेट’ की तुलना न करें तो देखने लायक है

Entertainment News In Hindi | Movie Reviews In Hindi | Rashmi Rocket Movie Review In Hindi.

Entertainment News In Hindi | Movie Reviews In Hindi | Rashmi Rocket Movie Review In Hindi. ‘रश्मि रॉकेट’ क्यों देखी जाए? ‘सूर्यवंशम’ जैसी फ़िल्म की शुरुआत में एक महिला के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया वह अमर्यादित थे। संचार के साधनों में महिलाओं को उत्पाद की तरह पेश किया जाता रहा है और इस पर नियंत्रण …

Read More »

राजनाथ सिंह का गाँधी जी को अपमानित करने का एक शर्मनाक प्रयास

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

वरिष्ठ आरएसएस नेता/रक्षा-मंत्री राजनाथ सिंह का गाँधी जी को अपमानित करने का एक शर्मनाक प्रयास A shameful attempt by senior RSS leader/Defence-Minister Rajnath Singh to humiliate Gandhiji हिन्दुत्वादी विशेषकर आरएसएस से जुड़े लोग गाँधी जी को अपमानित और ज़लील करने के लिए कोई भी अवसर नहीं गंवाते हैं। आरएसएस का जितना क़द्दावर नेता होता है उतनी ही ज़्यादा बदतमीज़ी से …

Read More »

विश्व खाद्य दिवस : संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेताया लगातार बढ़ रही है भुखमरी

एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव, António Guterres Secretary-General of the United Nations

विश्व खाद्य दिवस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का संदेश Message from UN Secretary-General Antonio Guterres on World Food Day in Hindi 15 अक्टूबर 2021. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres) ने ‘विश्व खाद्य दिवस’ 16 अक्तूबर (World Food Day) पर जारी अपने सन्देश में, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, खाद्य प्रणालियों में परिवर्तनशील कार्रवाई की …

Read More »

चीन समाजवादी ही रहेगा या पूंजीवाद के लिए रास्ता छोड़ देगा? देंग श्याओ पिंग को परखने का वक्त आ गया है ?

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

पूंजीवादी बाजारवाद बनाम समाजवादी ‘प्रकृतिवाद’ चीन में कथित ‘विचारधारात्मक संघर्ष’ का तात्पर्य Arun Maheshwari on ideological struggle in China. चीन में वैचारिक संघर्ष पर अरुण माहेश्वरी का मत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने चीन में कुछ बड़ी टेक कंपनियों से शुरू करके इजारेदार पूंजी पर लगाम की दिशा में जो कार्रवाइयां शुरू की हैं, वे …

Read More »

नकली राष्ट्रवाद : क्या मिर्ज़ा ग़ालिब ने मोदी के लिए ही कहा था कि; “हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यूँ हो।”

badal saroj narendra modi

नकली राष्ट्रवाद, सरकारी आयुध निर्माणियों की सेल को राष्ट्र के नाम समर्पण बताने की धूर्तता और देश की कमर तोड़ने पर गर्व का गरबा करते मोदी मोदी और आरएसएस के लिए राष्ट्र का मतलब क्या है ? प्रचलन में यह है कि दशहरे के दिन अस्त्र-शस्त्रों की पूजा होती है। मगर जैसा कि विश्वामित्र कह गए हैं; “कलियुग में सब …

Read More »

लखीमपुर खीरी नरसंहार के निहितार्थ : आखिरकार, फासीवाद का यही रास्ता है

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा, लेखक वरिष्ठ पत्रकार व हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं। वह लोकलहर के संपादक हैं।

Implications of Lakhimpur Kheri Massacre: After all, this is the path of Fascism प्रधानमंत्री जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पिछले संबोधन में भारत के दुनिया भर में लोकतंत्र की ‘‘मां’’ होने की शेखी बघार रहे थे, शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं होगा कि उनकी सरकार का वास्तविक आचरण, मुश्किल से एक पखवाड़े में सारी दुनिया के सामने उनके राज …

Read More »

दवा प्रतिरोधकता : टीबी, एचआईवी की दवाएं कारगर न रहीं तो क्या होगा?

World Antimicrobial Awareness Week (WAAW)

दवा प्रतिरोधकता क्या है ? What is drug resistance in Hindi? लगभग 2 साल पहले जब चीन के वुहान से पहला कोरोना वाइरस रिपोर्ट हुआ था, तो दुनिया में अमीर देश तक अत्यंत चिंतित हुए क्योंकि इस रोग की कोई कारगर दवा नहीं थी। महामारी के दौरान हम सबने देखा कि यह चिन्ता वाजिब थी क्योंकि हृदय विदारक त्रासदी (heart …

Read More »