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कांग्रेस के दुश्मन हैं प्रियंका को राज्यसभा भेजने की मुहिम चलाने वाले

Priyanka Gandhi Vadra

Congress’s enemies are those who campaign to make Priyanka a Rajya Sabha member नई दिल्ली, 19 फरवरी 2020.  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) इस वक्त यूपी में तीस साल से बेहाल कांग्रेस में जान फूंकने के लिए दिन रात जुटी हुई हैं। दमन के ऐसे दौर में जब प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज …

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जानिए अमीबी पेचिश के बारे में

Health news

ऐम्बायसिस – एंटामोइबा हिस्टोलिटिका संक्रमण ऐम्बायसिस एक बीमारी है जो परजीवी एंटामोइबा हिस्टोलिटिका (parasite Entamoeba histolytica) के कारण होती है। यह किसी को भी प्रभावित कर सकता है, हालांकि यह उन लोगों में अधिक सामान्य है जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में खराब सैनिटरी स्थितियों के साथ रहते हैं। Diagnosis of Amebiasis “सीडीसी” के अनुसार ऐम्बायसिस का निदान मुश्किल हो सकता है …

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हल्के में न लें फेशियल पेन

Health news

फेशियल पेन से छुटकारा दिलाती है एडवांस साइबरनाइफ सर्जरी  ? Advanced Cyber Knife Surgery get rid of facial pain? हल्द्वानी : हममें से अधिकतर लोग चेहरे, जबड़े और नाक के आसपास की जगह पर हल्के से लेकर गंभीर दर्द का अनुभव करते हैं, लेकिन जानकारी में कमी के कारण हम इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह दर्द माथा, …

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परिभाषाओं के बदलते अर्थों में अब महिलाओं को चरित्रहीन ही होना चाहिये !

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

कल कल्लन के लिये गेट पर मजमा लगा.. पुलिस आई ज़ाहिल औरतों की इक टोली चिल्लाई इसने कल्लन का हाथ पकड़ा… थी तो बेहयाई पर मुझे ज़ोर से हँसी आई.. शक्ल से कबूतर उम्र पचपन से ऊपर.. कल्लन क्या खो चुका है दिमाग़ी आपा… अधेड़ उम्र पर जे सुतियापा… हट्टे कट्टे मुस्टंडे कल्लन ने हाथ क्यूँ नहीं छुड़ाया.. मजमई भेड़ों …

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मोदी जैसों का सच सात पर्दों के पीछे से भी बोलने लगता है — सुनिये तवलीन सिंह के मोहभंग की कहानी

Narendra Modi new look

तवलीन सिंह का यह साक्षात्कार (Interview of Tavleen Singh) सचमुच उल्लेखनीय है। पिछले छ: सालों में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के उनके स्तंभ (Tavleen Singh’s column in ‘Indian Express’) में कई बार मोदी की तारीफ़ में उनकी बातें इतनी छिछली और भक्तों के प्रकार की हुआ करती थी कि उन पर तीखी टिप्पणी करने से हम खुद को रोक नहीं पाते थे। …

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इस्लाम के आंतरिक ‘संकट’ की विवेचना : क्या वाकई मुसलमान, स्वयं इस्लाम के सबसे बड़े शत्रु हैं ?

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Explaining Islam’s internal ‘crisis’: Are Muslims themselves the biggest enemies of Islam? समकालीन वैश्विक संकट के पीछे धर्म है या राजनीति? Is religion or politics behind the contemporary global crisis? वैश्विक स्तर पर ‘इस्लामिक आतंकवाद’ (‘Islamic terrorism’ globally) शब्द बहुप्रचलित हो गया है और इस्लाम के आंतरिक ‘संकट’ की कई तरह से विवेचना की जा रही है। Islam is going through a big crisis ? …

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आजादी से पहले देश अनपढ़ जरूर था, लेकिन धर्मांध हरगिज़ नहीं

News and views on CAB

India is still a country of villages. Those who led the freedom struggle were understood by this very rule. बदलाव का सपना देखने वाले लोग न जाने क्यों भूल जाते हैं कि भारत अब भी गांवों का देश है। आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों ने इस बहुत कायदे से समझा था। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ ग्रामीण भारत में …

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देश पिछड़ गया तो क्या, मोदी तो संघ का एजेंडा पूरा करने में उम्मीद से आगे निकल गए हैं  

Narendra Modi in anger

अच्छे दिन लाने और प्रत्येक के खाते में सौ दिन के अन्दर 15 लाख जमा कराने तथा हर साल युवाओं को दो करोड़ नौकरियां देने के वादे (Promises to provide 20 million jobs to youth every year) के साथ सत्ता में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। अवश्य ही मोदी इस दरम्यान जहाँ …

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देश बड़ा या दोस्ती ? : मोदी जी ट्रंप से दोस्ती निभाएंगे या देशभक्ति ?

Trump Modi

Country big or friendship? : Will Modi be friends with Trump or patriotism? संप्रभुता, अंत्यकरण, समझौते व भविष्य। व्यापार व प्रगति की पृष्ठभूमि मानव समाज के उत्थान के समय से ही सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण रही है और व्यापारिक सम्बंध व समझौते भी। आधुनिक प्रगातिशील तकनीकी विकास के दौर में आत्मनिर्भरता व प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए महत्वपूर्ण …

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अंबेडकर की नजर में वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ है सभी किस्म के विशेषाधिकारों का खात्मा

Dr B.R. Ambedkar

We should see Baba Saheb Bhimrao Ambedkar as a modern mythologist. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को हमें आधुनिक मिथभंजक के रूप में देखना चाहिए। भारत और लोकतंत्र के बारे में परंपरावादियों, सनातनियों, डेमोक्रेट, ब्रिटिश बुद्धिजीवियों और शासकों आदि ने अनेक मिथों का प्रचार किया है। ये मिथ आज भी आम जनता में अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। बाबासाहेब ने भारतीय …

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