हमारा बचपन ढिबरी और लालटेन की रोशनी में बीता है और आपका?

विश्व साहित्य, बांग्ला, हिंदी और अंग्रेजी की पत्र पत्रिकाओं, रवींद्र, शारत, बंकिम, माइकल के साहित्य, गोर्की की मां, पर्ल बक की गुड अर्थ, हेमिंग्वे की

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जानिए मैं पितृसत्ता के खिलाफ क्यों हूं?

Why am I against patriarchy? मैं पितृसत्ता के खिलाफ हूं – एक हजारों सालों की स्मृतियां, लोक छवियां – दासता, वंचना, अस्पृश्यता, विद्रोह, पराजय, दमन,

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बोलियों का साहित्य कहाँ गायब हो गया?

Where did the literature of dialects disappear? बांग्ला में दो तरह की भाषा प्रचलित रही है। बंकिम चंद्र की तत्सम संस्कृतमुखी बांग्ला (Bankim Chandra’s Tatsam

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