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राजेंद्र शर्मा

राजेंद्र शर्मा, लेखक वरिष्ठ पत्रकार व हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं। वह लोकलहर के संपादक हैं।

यूपी चुनाव 2022 : हो चुकी है मोदी राज के अंत की शुरूआत!

driven in bjp for the first time in 70 years under modi's rule

UP Elections 2022: The end of Modi Raj has begun! | 70 सालों में मोदी राज में पहली बार भाजपा में खदेड़ा ओमिक्रॉन से संचालित कोरोना की तीसरी लहर (Omicron-powered third wave of corona) के ज्वार को देखते हुए, चुनाव आयोग को विधानसभाई चुनावों के अगले चक्र की तारीखों की घोषणा के साथ ही, चुनाव सभाओं, जुलूसों, आदि पर फिलहाल …

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धर्मनिरपेक्षता ही नहीं, हिंदू धर्म और धार्मिक परंपराओं के भी खिलाफ है ‘हिंदुत्व’

rajendra sharma

Not only secularism, ‘Hindutva’ is also against Hindu religion and religious traditions हिंदू धर्म और हिंदुत्व का अंतर : एकदम सही निशाने पर लगा है राहुल गांधी का तीर राहुल गांधी के हिंदुत्व और हिंदू धर्म के अंतर और वास्तव में उनके एक-दूसरे के विरोधी होने को रेखांकित करने से भारत को बहुसंख्यकवादी निरंकुशता के रास्ते पर धकेले जाने का …

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2022 : चुनौतियां और संभावनाएं | भारतीय जनतंत्र का संकट गहरे रंगों में उभरकर सामने आया है

rajendra sharma

2022: Challenges and Prospects नये साल की दहलीज पर खड़ा भारत, अपने साथ क्या लेकर उस नये साल में जा रहा है, जो एक स्वतंत्र देश के रूप में उसके पचहत्तर वर्ष पूरे होने का वर्ष भी होगा। एक छोटी सी विडंबना, उस विरासत को बखूबी उजागर कर देती है, जो लेकर भारत, 2022 में जा रहा है। यह विडंबना …

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ओमिक्रॉन की दस्तक: अंदेशे और संदेशे!

omicron in hindi

कहीं भारत में कोरोना महामारी की तीसरी लहर (third wave of corona pandemic in india) का कारण न बन जाए ओमिक्रॉन इसकी आशंकाएं तेजी से बढ़ रही हैं कि कोविड-19 का नया वेरिएंट, ओमिक्रॉन (The new variant of COVID-19, Omicron) कहीं भारत में इस महामारी की डरावनी तीसरी लहर का कारण न बन जाए। दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचाने …

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उप्र में भाजपा की हंफनी छूट रही है, पर ओवैसी भाईजान हैं न

two way communal play in uttar pradesh

उप्र : दुतरफा सांप्रदायिक खेला उत्तर प्रदेश में भाजपा की हंफनी छूट रही लगती है। चुनाव अभी कम से दो महीने दूर है। फिर भी भाजपा ने न सिर्फ अपनी सांप्रदायिक दुहाई का ज्यादा से ज्यादा सहारा लेना शुरू कर दिया है बल्कि सांप्रदायिक दुहाई के अपने भड़काऊ से भड़काऊ नारों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ऐसी ही …

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‘संविधान दिवस’ कार्यक्रम : तिलमिला क्यों गए प्रधानमंत्री मोदी?

the prime minister, shri narendra modi addressing at the constitution day celebrations, at parliament house, in new delhi on november 26, 2021. (photo pib)

दिवस वहां, संविधान कहां! ‘संविधान दिवस’ के इस आयोजन से अनुपस्थित रहने का 14 विपक्षी दलों का फैसला : तिलमिला गए प्रधानमंत्री ‘Constitution Day’ program: Why did Prime Minister Modi go to tears? इस में हैरानी की कोई बात नहीं है कि सेंट्रल हाल में आयोजित सातवें ‘संविधान दिवस’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi at the 7th ‘Constitution Day’ …

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कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान : एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो!

pm narendra modi

किसानों के संघर्ष के आगे झुक गई मोदी सरकार Modi government bowed before the farmers’ struggle आखिरकार, किसानों के संघर्ष ने मोदी सरकार को झुकने को मजबूर कर दिया है। गुरु पर्व के मौके पर, राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन के जरिए, प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान किया …

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सात साल : जीना मुहाल

narendra modi violin

Digital India ‘नीति बनाने वालों को हकीकत का पता होना चाहिए। आप डिजिटल इंडिया का नाम लेते हैं, पर ग्रामीण इलाकों में हालात अलग हैं। यह देखना चाहिए कि देश भर में क्या हो रहा है? झारखंड का श्रमिक, राजस्थान में कैसे रजिस्ट्रेशन कराएगा।’ ये शब्द देश के सर्वोच्च न्यायालय के हैं। सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय खंड पीठ ने, …

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आत्मनिर्भर भारत : जनता राम भरोसे | जनता को किस्मत भरोसे छोड़ने का अपराध, मोदी सरकार ने सोच-समझकर किया है

narendra modi

Self-reliant India: Janta Ram Bharose | Modi government has deliberately committed the crime of leaving the public to luck कोविड-19 महामारी की दूसरी घातक लहर के बीच, शासन द्वारा भारतीयों को पूरी तरह से अपनी किस्मत के भरोसे छोड़ दिए जाने के साक्ष्य अनगिनत हैं। इस भयावह लहर के जोर पकड़ने के साथ, विशेष रूप से अप्रैल के मध्य से, …

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…पर अबकी बार कहां है सरकार ?

where is government

…पर सरकार कहां है? मोदी सरकार सिर्फ देश को कोविड-19 की दूसरी लहर (Second wave of corona) के लिए पूरी तरह से बिना-तैयारी के रखने की ही दोषी नहीं है, बल्कि वह, खुद अपने बढ़ाए इस संकट के बीच, देश को बेसहारा छोड़ देने की भी अपराधी है। उसके देश को बेसहारा छोड़ने में ऑक्सीजन और अस्पताल बैडों के एक …

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ऑक्सीजन के अभाव में मौतें, यह खून किसके हाथों पर है ?

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Colorized scanning electron micrograph of a cell showing morphological signs of apoptosis, infected with SARS-COV-2 virus particles (green), isolated from a patient sample. Image captured at the NIAID Integrated Research Facility (IRF) in Fort Detrick, Maryland.

Deaths due to lack of oxygen, on whose hands is this blood? अगर कोविड-19 महामारी (COVID-19 Epidemic) के बेकाबू होने में अब भी किसी को संदेह हो, तो राजधानी दिल्ली में, 25 अप्रैल को लगातार पांचवें दिन, अस्पतालों में ऑक्सीजन का प्राणघातक संकट बने रहने से दूर हो जाना चाहिए। और तो और, कोविड-19 पर ही प्रधानमंत्री के द्वारा बुलाई …

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कोविड-19 : मोदी सरकार की विफलताओं की दूसरी लहर

Narendra Modi flute

COVID-19: Modi government’s second wave of failures अब जबकि कोविड-19 महामारी की कथित दूसरी लहर के रूप में जबर्दस्त वापसी हो चुकी है, मोदी सरकार उसी घोर अक्षमता, निर्ममता और एकाधिकारवृत्ति को दोहराने पर आमादा है, जिनका बहुत ही नुकसानदेह प्रदर्शन उसने महामारी की पहली लहर (Corona virus In India) के दौरान पिछले साल के बड़े हिस्से में किया था। …

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बुरा न मानो ड्योढ़ी डैमोक्रेसी है

Holi

Holi with Democracy कैबिनेट मीटिंग में गहन चर्चा के बाद तय हुआ कि प्रगति बेशक हो रही है, पर रफ्तार काफी धीमी है। सरकार का दूसरा कार्यकाल लग गया, दूसरे कार्यकाल में से भी दो साल निकल गए, पर प्रगति के नाम पर सिर्फ दो सूबों की विधानसभाओं को नाथा जा सका है। उसमें भी एक की विधानसभा फिलहाल तो …

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नये गोडसे की करतूत : गांधी हैं नहीं और सरदार की कुर्सी पर गोडसाओं के हिमायती बैठे हैं

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नये गोडसे और नये गांधी New godse and new gandhi इसे अगर संयोग भी मानें तब भी बहुत इसे बहुत अर्थपूर्ण संयोग कहना होगा। महात्मा गांधी की शहादत (Martyrdom of mahatma gandhi) की 72वीं बरसी पर, खुद को ‘रामभक्त’ गोपाल बताने वाले एक नौजवान ने, 2020 की 30 जनवरी को, 1948 की 30 जनवरी की नाथूराम गोडसे की करतूत दोहराई। …

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