Home » Latest » बली रिव्यू : विशाल फुरिया की एक और खतरनाक कहानी
film review

बली रिव्यू : विशाल फुरिया की एक और खतरनाक कहानी

इस ‘बली’ से दूरी भली

बली फिल्म समीक्षा : ‘Bali’ movie review

Bali Review: Vishal Furia’s Another Alarming Tale

अमेज़न प्राइम पर हाल ही में रिलीज हुई ‘छोरी’ फ़िल्म के निर्देशक ‘विशाल फुरिया’ की ही एक और फ़िल्म ‘बली’ आज रिलीज हुई है। वही निर्देशक, वही ओटीटी, वही फ़िल्म का जॉनर। अब ‘छोरी’ को देख चुके दर्शक ‘बली’ नाम की इस मराठी फिल्म को देखें या नहीं ये हम आपको बताने जा रहे हैं।

Bali Marathi Movie Review in Hindi

तो चलिए शुरू करते हैं बॉलीवुड लोचा के साथ।

एक मराठी पिता क्रिक्रेट मैच खेल रहे अपने बेटे को कुछ तकलीफ होने पर अस्पताल लाया। यहां लाया तो थोड़े ही समय बाद उसके बेटे की एक दूसरे बच्चे से पटने लगी। अब जो बच्चा आया था बाद में उसे भी उस पहले से भर्ती बच्चे की तरह एक नर्स दिखने लगी। अब कहानी उस नर्स की। उसके बेटे के कैंसर हुआ तो उसी अस्पताल वालों की लापरवाही की वजह से वह नर्स भूतनी बन गई। वाह… वाह…

अब वह भूतनी बनी नर्स किसकिसको दिखती है? किसके साथ क्या करती है? अस्पताल वालों ने उसके बेटे के साथ क्या किया? भूतनी के साथ-साथ और भी कई बातें ऐसी हैं जिनमें से एक-आध सवाल आपके अनुत्तर दिए ही निर्देशक कहानी का पटाक्षेप कर देते हैं।

निर्देशक विशाल फुरिया की हाल ही में अमेजन प्राइम पर आई फ़िल्म छोरी ने खूब दाद पाई दर्शकों, समीक्षकों की। लेकिन ‘बली’ में वे कहानी की भी बली देते नजर आते हैं तो साथ ही स्क्रिप्ट डिपार्टमेंट भी इसमें उनका साथ देता है।

फ़िल्म का बैकग्राउण्ड स्कोर एक-आध जगह छोड़ दें तो प्रभाव नहीं जमाता। गीत-संगीत की बात मत करें तो बेहतर। एक्टिंग बस बढ़िया है लगभग सभी की। लेकिन निर्देशक विशाल को यह ध्यान रखना होगा कि वे अब ‘छोरी’ से एक कदम आगे की कहानी ही लेकर आएं। अन्यथा जरूरी नहीं कि सिर्फ हॉरर जॉनर को पकड़े रहें।

सिनेमैटोग्राफर, कैमरामैन, एडिटर अपना मिलाजुला काम करते हैं।

एक्टर स्वप्निल जोशी सबसे उम्दा काम करते नजर आए। पूजा सांवत, अभिषेक बच्चनकर, प्रीतम कागने, शारदा कौल, रोहित कोकाटे, संजय रणदिवे आदि अपना स्वाभाविक अभिनय करते हैं।

मेकअप फ़िल्म की कहानी के अनुरूप कई जगह मिसमैच लगता है।

ऐसी फिल्मों के लिए कहानी जितनी उम्दा होनी चाहिए उसके साथ-साथ बैकग्राउण्ड स्कोर, म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी, कैमरा आदि भी उतने ही उम्दा हों तभी ऐसे जॉनर की फिल्मों के साथ न्याय किया जा सकता है।

अपनी रेटिंग – 2 स्टार

तेजस पूनियां

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में तेजस पूनियां

तेजस पूनियां लेखक फ़िल्म समीक्षक, आलोचक एवं कहानीकार हैं। तथा श्री गंगानगर राजस्थान में जन्में हैं। इनके अब तक 200 से अधिक लेख विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। तथा एक कहानी संग्रह 'रोशनाई' भी छपा है। प्रकाशन- मधुमती पत्रिका, कथाक्रम पत्रिका ,विश्वगाथा पत्रिका, परिकथा पत्रिका, पतहर पत्रिका, जनकृति अंतरराष्ट्रीय बहुभाषी ई पत्रिका, अक्षरवार्ता अंतरराष्ट्रीय मासिक रिफर्ड प्रिंट पत्रिका, हस्ताक्षर मासिक ई पत्रिका (नियमित लेखक), सबलोग पत्रिका (क्रिएटिव राइटर), परिवर्तन: साहित्य एवं समाज की त्रैमासिक ई-पत्रिका, सहचर त्रैमासिक पीयर रिव्यूड ई-पत्रिका, कनाडा में प्रकाशित होने वाली "प्रयास" ई-पत्रिका, पुरवाई पत्रिका इंग्लैंड से प्रकाशित होने वाली पत्रिका, हस्तक्षेप- सामाजिक, राजनीतिक, सूचना, चेतना व संवाद की मासिक पत्रिका, आखर हिंदी डॉट कॉम, लोक मंच, बॉलीवुड लोचा सिने-वेबसाइट, साहित्य सिनेमा सेतु, पिक्चर प्लस, सर्वहारा ब्लॉग, ट्रू मीडिया न्यूज डॉट कॉम, प्रतिलिपि डॉट कॉम, स्टोरी मिरर डॉट कॉम, सृजन समय- दृश्यकला एवं प्रदर्शनकारी कलाओं पर केन्द्रित बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय द्वैमासिक ई- पत्रिका तथा कई अन्य प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं, ब्लॉग्स, वेबसाइट्स, पुस्तकों आदि में 300 से अधिक लेख-शोधालेख, समीक्षाएँ, फ़िल्म एवं पुस्तक समीक्षाएं, कविताएँ, कहानियाँ तथा लेख-आलेख प्रकाशित एवं कुछ अन्य प्रकाशनाधीन। कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में पत्र वाचन एवं उनका ISBN नम्बर सहित प्रकाशन। कहानी संग्रह - "रोशनाई" अकेडमिक बुक्स ऑफ़ इंडिया दिल्ली से प्रकाशित। सिनेमा आधारित संपादित पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य -अमन प्रकाशन (कानपुर) अतिथि संपादक - सहचर त्रैमासिक पीयर रिव्यूड पत्रिका

Check Also

top 10 headlines

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 06 जुलाई 2022 की खास खबर

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस Top headlines of India today. Today’s big news …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.