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Rihai Manch

लॉक डाउन पर कोई निर्णय लेने से पहले सरकार सुनिश्चित करे कि उसने इस महामारी पर नियंत्रण कर लिया है- रिहाई मंच

Before taking any decision on lock down, the government should ensure that it has controlled the epidemic – Rihai Manch

लखनऊ 4 अप्रैल 2020. इस तरह के संकेत आ रहे हैं कि 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन में कुछ समय के लिए छूट दी जा सकती है। कोरोना वायरस सक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी और उसकी भयावहता को देखते रिहाई मंच ने ऐसे किसी संभावित कदम से असहमति जताते हुए सरकार से इससे बचने की अपील की है।

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि देश इस समय कोरोना वायरस की महामारी के संकट से गुज़र रहा है। जब तक इस पर काबू नहीं पा लिया जाता लॉक डाउन में किसी तरह की ढील देना जोखिम भरा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि रिहाई मंच ने लॉक डाउन को कामयाब बनाने के लिए अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं। लॉक डाउन के बाद देश के कई भागों में फंस गए प्रवासी मज़दूरों तक विभिन्न संगठनों और समूहों के सहयोग से रिहाई मंच के साथियों और समर्थकों ने राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का काम किया है ताकि कोई भूखा न रह जाए।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूरों को घर वापस जाते हुए रास्ते में फंस जाने के कारण बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ा है। ऐसे लोग जहां फंसे हुए हैं सरकार आसपास में उनके लिए अस्थाई निवास और भोजन की व्यवस्था कर लॉक डाउन को जारी रख सकती है या फंस गए लोगों की प्राथमिक जांच कर विशेष ट्रेनों और बसों से उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का काम करते हुए भी लॉक डाउन जारी रख सकती है। उन्होंने यकीन जाहिर करते हुए कहा कि अगर सरकार नागरिक⁄सामाजिक संगठनों का सहयोग लेना चाहेगी तो वे निश्चित तौर पर सरकार को सहयोग करेंगे। वैचारिक मतभेदों के बावजूद संकट की इस घड़ी में हमें एक इकाई के रूप में काम करने की ज़रूरत है।

राजीव यादव ने कहा कि कोरोना महामारी एक प्राकृतिक आपदा है। सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि इससे जूझने के लिए जनता में एकजुटता को बढ़वा देने का काम करे। साम्प्रदायिक या किसी अन्य प्रकार का दुष्प्रचार इस लड़ाई को कमज़ोर करेगा।

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