रोज महाभारत कथा रोज मृत्यु संगीत/ काल भैरवी नाचती समय सुनाता गीत : डॉ. भारतेंदु मिश्र

Bhartendu Mishra साहित्यिक कलरव

“रोटियों सी गोल है दुनिया/और हम मजदूर होते हैं।”

नई दिल्ली 16 जुलाई 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग साहित्यिक कलरव में इस रविवार सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् व कवि भारतेन्दु मिश्र अपना काव्य पाठ करेंगे।

यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि इस रविवार 19 जुलाई 2020 को सायं 4 बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में 25 से अधिक प्रकाशित पुस्तकों के लेखक भारतेन्दु मिश्र काव्य पाठ करेंगे।

श्री मिश्र अनेक राष्ट्रीय साहित्यिक/सांस्कृतिक मंचों (साहित्य अकादमी नई दिल्ली, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र –नई दिली,उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, भारत भवन भोपाल, हिन्दी भवन, भोपाल, म. प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन, दूरदर्शन, आकाशवाणी आदि) मंचों से रचनाओं/प्रपत्रों का पाठ एवं प्रकाशन कर चुके हैं| उनका नाटक शास्त्रार्थ –अनेक भारतीय भाषाओं में आकाशवाणी द्वारा अभिनीत है| डी.डी.भारती द्वारा ‘शास्त्रार्थ’ पर केन्द्रित ‘सृजन’ कार्यक्रम का प्रसारण – व खिड़की वाली सीट (कहानी संग्रह ) पर धारवाड़ वि.वि. द्वारा एम्.फिल.संपन्न हुआ है|

लखनऊ में जन्मे भारतेंदु मिश्र ने लखनऊ विवविद्यालय से सौंदर्यशास्त्र में एम.ए. व दिल्ली.वि.वि. से पीएच.डी. किया है। वह हिंदी, अवधी व संस्कृत भाषाओं में लेखन करते हैं।

दिल्ली के शिक्षा विभाग से सेवा निवृत्त डॉ. भारतेंदु मिश्र ने हिंदी की कविता, कथा, उपन्यास, निबंध, समीक्षा, नाटक, बाल साहित्य व जीवनी विधाओं में अपनी कलम चलाई है।

डॉ. भारतेंदु मिश्र की प्रकाशित कृतियाँ

डॉ. भारतेंदु मिश्र के अब तक पांच कविता संग्रह 1.पारो (गीत-नवगीत), 2.कालाय तस्मै नमः (सतसई), 3.अभिनवगुप्तपादाचार्य (खंडकाव्य), 3.अनुभव की सीढ़ी (समग्र गीत/नवगीत संग्रह), 4.कस परजवटि बिसारी (अवधी कविताएँ तथा ललित निबंध), 5.नवगीत एकादश-संपादित (ग्यारह नवगीतकारों का संकलन) प्रकाशित हो चुके हैं।

उनकी तीन आलोचनात्मक पुस्तकें 1 .अमरुशतक का साहित्यशास्त्रीय अध्ययन (शोध-समीक्षा/पाठालोचन),   2 .भरतकालीन कलाएँ (शोध-सन्दर्भ ), 3 .समकालीन छंद प्रसंग (आलोचना ) तथा पांच कथा/उपन्यास – 1.कुलांगना (उपन्यास), 2.बालयोगीअष्टावक्र (उपन्यास), 3.नई रोसनी,4 .चन्दावती (अवधी उपन्यास),5.खिड़की वाली सीट (कहानी संग्रह ) प्रकाशित हो चुके हैं।

श्री मिश्र के चार नाटक– 1.शास्त्रार्थ, 2 .मरे हुए लोग, 3. लड़की की जात, 4. दिल्ली चलो (नाटक) चर्चित रहे हैं।

उनकी दो जीवनी/परिचयात्मक पुस्तकें – 1.भारतीय साहित्य के निर्माता “बलभद्र प्रसाद दीक्षित पढीस ”(साहित्य अकादमी के लिए मोनोग्राफ)2.त्रिलोचन शास्त्री (उ.प्र.हिन्दी संस्थान द्वारा जन्मजयन्ती के अवसर पर प्रकाशित ) काफी चर्चा में रही हैं।

शताधिक राष्ट्रीय संगोष्ठियों में मुख्य वक्ता के रूप में भागीदारी कर चुके व एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति में भागीदारी व एस.सी.ई.आर.टी. दिल्ली में 2003 से लगातार अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सन्दर्भ व्यक्ति के रूप में भागीदारी कर चुके डॉ. भारतेंदु मिश्र की शिक्षा के क्षेत्र में पुस्तकें -1.बढ़ती जनसंख्या और शिक्षा 2.समावेशी शिक्षा अनुभव और प्रयोग चर्चित रही हैं।

उनके संपादन में – 1. दस दिशाएं, 2. नूतन हस्ताक्षर 3. नवगीत एकादश, 4. बतकही 5.कथा कहानी : समकालीन अवधी कहानियां, पुस्तकें  भी प्रकाशित हो चुकी हैं –

तो इस रविवार 19 जुलाई 2020 सायं 4 बजे हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव में सुनना न भूलें डॉ. भारतेंदु मिश्र को। नीचे दिए लिंक पर रिमाइंडर सेट करें

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