अपने पोल पर ही ट्रोल हो गए भाजपा ट्रोल आर्मी प्रमुख अमित मालवीय

BJP IT cell head Amit Malviya loses his own Twitter poll, gets brutally trolled

नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2019. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय भाजपा ट्रोल आर्मी के प्रमुख माने जाते हैं। लेकिन वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को ट्रोल करने के चक्कर में मालवीय खुद ट्रोल हो गए।

दरअसल अमित मालवीय ने बीते शुक्रवार को अनुभवी पत्रकार राजदीप सरदेसाई पर ट्विटर पर एक सर्वेक्षण किया था।

मालवीय ने लिखा था,

“राजदीप सरदेसाई को आईएसआईएस के लिए पीआर संभालना चाहिए।”

उन्होंने ट्विटर उपयोगकर्ताओं को वोट देने के लिए चार विकल्प दिए थे- सहमत, दृढ़ता से सहमत, असहमत और वह अप्रासंगिक है।

जब शनिवार सुबह मतदान समाप्त हुआ, तो 33% ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने ‘असहमत’ के लिए मतदान किया, जबकि 28% ने ‘सहमत’ के लिए और 26% लोगों ने ‘जोरदार असहमत’ के लिए मतदान किया। 13% उपयोगकर्ताओं ने ‘वह अप्रासंगिक है’ के लिए मतदान किया। मालवीय द्वारा किए गए मतदान में 144,287 ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने मतदान किया।

सरदेसाई ने मालवीय के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें इस घिनौने और निंदनीय अभियान को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने उत्तर दिया,

“मेरे दोस्त, इस बेशर्मी और भड़काऊ अभियान के साथ आगे बढ़ें। मेरा नया साल शांत रहने का है। एक शांतिपूर्ण और खुशहाल नया साल है। भारत की आत्मा उज्ज्वल हो सकती है,”

पोल हारने के बाद अमित मालवीय ट्विटर पर बेरहमी से ट्रोल हो गए। यहां तक कि भाजपा समर्थकों ने भी मालवीय के इस कृत्य की जमकर भर्त्सना की।

यहां कुछ प्रतिक्रियाएं दी गई हैं:

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations