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मप्र में भाजपा ने हथियार डाले, अब सिंधिया को दगा देगी !

नई दिल्ली, 11 मार्च 2020. मध्य प्रदेश के लगातार बदलते घटनाक्रम में अब मप्र भाजपा के लिए दूसरा महाराष्ट्र साबित होने जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भरोसे मप्र में कमल खिलाने का स्वप्न देखने वाली भाजपा के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सिंधिया गुट के जो 19 विधायक बेंगलुरू में पर्यटन कर रहे हैं, उनमें से 16 ने कमलनाथ से संपर्क कर साफ कर दिया है कि अगर ज्योतिरादित्य कांग्रेस में रहते तो वे उनके साथ थे, लेकिन भाजपा में जाने के विषय में इन विधायकों से कोई राय मशविरा नहीं किया गया और वे सिंधिया की तरह कांग्रेस से विश्वासघात नहीं कर सकते।

सूत्रों का कहना है कि आज रात तक सभी विधायकों के भोपाल में कमलनाथ के पास जाने की खबर है।

Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS) उधर सिंधिया के भाजपा प्रवेश से भाजपा में भी रार मची हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की खामोशी “मोशा” के लिए चिंता का सबब बन गई है। दरअसल मोशा कंपनी शिवराज सिंह की जगह पर कैलाश विजयवर्गीय या नरेंद्र सिंह तोमर को अब मप्र की कमान देना चाहती है, क्योंकि शिवराज सिंह चौहान मोशा कंपना के लिए अंदरूनी खतरा है। सूत्रों का कहना है कि शिवराज सिंह भी इस दावं के भांप गए हैं और इसीलिए भाजपा के कुछ विधायक गायब बताए जा रहे हैं। ऐसे में देखना ये दिलचस्प रहेगा कि क्या भाजपा अब सिंधिया को दगा देगी ?

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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पलाश विश्वास वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की …