ब्राज़ील में बह रही उल्टी गंगा : वर्षावनों की कटाई ऊपर, पर्यावरण संरक्षण बजट नीचे

ग्रीनपीस ब्राज़ील (Greenpeace Brazil) सहित 23 सिविल सोसाइटी संस्थानों ने सांसदों के बिल को बदलने की मांग करने के लिए "वन विद नो कट्स" (Floresta sem Cortes) अभियान शुरू कर दिया।

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Brazil: Rainforest harvesting up, environmental protection budget down

Brazil is the world’s 5th-largest GHG (GHG) emitter.

भले ही ब्राज़ील में अमेज़न वर्षावनों की कटाई 2008 के बाद से उच्चतम स्तर पर हो, लेकिन वहां के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को शायद इसकी परवाह नहीं। उन्होंने तो ब्राज़ील कांग्रेस को एक ड्राफ्ट बजट बिल भेजा है, जिसे यदि अनुमोदन मिल जाता है, तो वह इस कटाई के ख़िलाफ़ किसी भी कानून प्रवर्तन पहल की अनुमति नहीं देगा। और ये तब है जब ब्राज़ील दुनिया का 5-वां सबसे बड़ा GHG (जीएचजी) एमिटर (उत्सर्जक) है।

ख़ास बात ये है कि अन्य शीर्ष उत्सर्जकों के विपरीत, ब्राज़ील का उत्सर्जन मुख्य रूप से वनों की कटाई, कृषि और मवेशियों से होता है।

बढ़ गई अमेज़ॅन वनों की कटाई | Amazon deforestation increased

अमेज़ॅन वनों की कटाई अगस्त 2019 और जुलाई 2020 के बीच 9.5% बढ़ गई और पिछले 12 महीनों में 10,129 किमी² की तुलना में 11,088 किमी² तक पहुंच गई। यह अवक्रमित क्षेत्र 12 वर्षों में सबसे बड़ा है और साओ पाउलो शहर के आकार के 7.2 गुना के बराबर है। यह ब्राज़ील की PRODES नामक वन कटाई निगरानी प्रणाली के आँकड़े हैं और वहां की राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (INPE) के अनुसार 95% तक सही हैं।

आंकड़ों की इस घोषणा के दौरान ब्राज़ील के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रालय मंत्री मार्कोस पोंटेस और उपराष्ट्रपति जनरल हैमिल्टन मौराओ (General Hamilton Mourão-Vice-Presidente da República e presidente do Conselho Nacional da Amazônia Legal.), जो नेशनल काउंसिल ऑफ़ लीगल अमज़ोनिया (National Council of the Legal Amazon) की अध्यक्षता करते हैं, उपस्थित थे।

मौराओ ने वनों की कटाई (Deforestation,) को रोकने के लिए किसी भी उपाय की घोषणा नहीं की और कहा कि डिग्रेडेशन (नाश) और अधिक हो सकता है।

हाल के वर्षों में यह पहली बार था कि पर्यावरण मंत्री अनावरण समारोह में उपस्थित नहीं थे, जिस पद को रिकार्डो साल्लेज़ ने निभाया।

इस बीच, नए प्रस्तुत बिल के जवाब में, ग्रीनपीस ब्राज़ील (Greenpeace Brazil) सहित 23 सिविल सोसाइटी संस्थानों ने सांसदों के बिल को बदलने की मांग करने के लिए “वन विद नो कट्स” (Floresta sem Cortes) अभियान शुरू कर दिया। आन्दोलन की अब वजह और भी साफ़ है क्योंकि क्योंकि मौजूदा सरकार द्वारा अपनी पर्यावरण-विरोधी नीति (Anti-environment policy) के अंतर्गत ब्राजील में पर्यावरण संरक्षण (Environmental protection in brazil) को कम करने के लिए पर्यावरण के लिए उपलब्ध बजट में कमी कर देना और संसाधनों को खर्च न करना दो तरीके हैं अपना मक़सद पूरा करने के।

बजट में हुई कमी पर नज़र डालें तो साल 2019 से 2020 तक, पर्यावरण प्रहरी इदामा के विवेकाधीन खर्च बजट में 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर (30.4%) की कमी आई; ICMBio (संरक्षण इकाइयों की निगरानी करने वाली एजेंसी) के लिए US $ 18 मिलियन (32.7%) की कमी, और पर्यावरण मंत्रालय के प्रत्यक्ष प्रशासन के लिए US $ 6 मिलियन (32.7%) की कमी आयी।

इस ताज़ा घटनाक्रम पर ग्रीनपीस ब्राज़ील के अमेज़ॅन अभियान की प्रवक्ता क्रिस्टियन मेज़ेट्टी कहती हैं,

“सरकार की यह नीतियां यह जलवायु, जैव विविधता और ब्राजील के समाज के लिए अकल्पनीय क्षति पैदा कर रही है। कांग्रेस को कहिये कि इस संदर्भ में वो सरकार के आर्थिक संसाधनों का हिस्सा Ibama और ICMBio जैसी संस्था को हस्तांतरित कर सकती है, क्योंकि उनके पास वनों की कटाई और आग से लड़ने के लिए कानूनी क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता है।”

आगे ब्राज़ील के जलवायु वेधशाला (क्लाइमेट ऑब्ज़रवेटोरी) के कार्यकारी सचिव मारासिओ अस्ट्रिनी कहते हैं,

“आमतौर पर, जब वनों की कटाई बढ़ती है, तो हम यह सोचकर हैरान रह जाते हैं कि पर्यावरण अपराध को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों में क्या गलत हुआ। इस बार, हम जानते हैं कि वृद्धि इसलिए हुई क्योंकि सब कुछ ठीक वैसा ही हुआ जैसा कि सरकार का इरादा था”।

और अंततः, ब्राज़ील सरकार द्वारा पर्यावरण बजट को घटाने की कवायद पर Climate Observatory में वरिष्ठ सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ सुलेय अरुजो कहते हैं,

“पर्यावरण एजेंसियों के लिए 2021 के लिए कम बजट का प्रस्ताव यह स्पष्ट करता है कि सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं देती है। एक ओर तो उपराष्ट्रपति वनों की कटाई को नियंत्रित करने के लिए मजबूत कार्रवाई का वादा करते हैं और दूसरी ओर ऐसा बिल प्रस्तुत हो रहा है।”

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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