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Chaudhary Rakesh Tikait

बजट से कॉरपोरेट मित्रों को होगा लाभ : भारतीय किसान यूनियन

The budget will not benefit the village poor farmer but corporate friends: Bharatiya Kisan Union

किसान नेता राकेश टिकैत की केंद्रीय बजट २०२२-२३ पर प्रतिक्रिया | Farmer leader Rakesh Tikait’s reaction on Union Budget 2022-23

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2022. केंद्रीय वित्त निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2022-23 पर अपनी नाखुशी जताते हुए भारतीय किसान यूनियन ने कहा है कि, बजट खेती के लिए नकारात्मक है। बजट में केवल अमृत महोत्सव, गतिशक्ति, ई विधा जैसे शव्दों का मायाजाल है। कृषि में पूंजी निवेश के माहौल के लिए कोई योजना नहीं है और देश की वित्त मंत्री को बजट के लिए शून्य नंबर देते हैं।

बता दें बजट में सरकार ने कृषि सेक्टर में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का ऐलान किया है। वहीं वित्त मंत्री ने धान और गेहूं की खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने का फैसला किया है।

बजट किसानों के लिए रूटीन प्रकिया का हिस्सा है- राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, किसानों के लिए बजट रूटीन प्रकिया का हिस्सा है। इससे किसानों का कल्याण संभव नहीं है। वहीं सरकार किसानों से बदले की भावना से कार्य कर रही है। तिलहन के उत्पादन को आप इसलिए बढ़ाना चाहते हैं कि ताड़ की खेती आप कॉरपोरेट को सौंपना चाहते हैं। यह खेती भूमिगत जल व पर्यावरणीय दृष्टि से उचित नहीं है।

बजट 2022-23 पर भाकियू का बयान | BKU’s statement on the union budget 2022-23

बजट पर भारतीय किसान यूनियन ने बयान जारी कर कहा है कि, बजट में खेती में वित्तीय आबंटन को कम किया गया है। पिछले साल के मुकाबले कुल बजट का कृषि के आबंटन भी कम कर दिया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने, किसान सम्मान निधि के आबंटन में वृद्धि न करना, फसल बीमा योजना के लिए आबंटन कम करना, फसलों की खरीद हेतु प्रधानमंत्री आशा स्कीम में आबंटन घटाना, वहीं पराली न जलाने के लिए आबंटन को खत्म करना, आदि में जीएसटी की दरों में राहत न देने आदि से स्पष्ट है कि कृषि की बजट में इतनी उपेक्षा आजाद भारत के इतिहास में कभी नहीं हुई है।

सीतारमण का दावा बजट अगले 25 साल की बुनियाद

दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि यह अगले 25 साल की बुनियाद का बजट है, आधुनिक बुनियादी ढांचे पर निवेश की योजना है। इस बजट में आम निवेश को बढ़ावा मिलेगा, वहीं अगले 3 सालों के दौरान बेहतर दक्षता वाली 400 नई पीढ़ी की वंदेभारत ट्रेनें लाई जाएंगी। वहीं तकनीक से जुड़े विकास पर सरकार का ध्यान है, हम चुनौती उठाने की मजबूत स्थिति में हैं।

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