जिन उस्मान सैफी ने बचाया मंदिर, “शाह” पुलिस ने दंगाई बता किया गिरफ्तार तो पुजारी ने रिहा करने के लिए दी अदालत में अर्ज़ी

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मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद के भीतर नेहरू विहार की गली नम्बर 18 (Street number 18 of Nehru Vihar within Muslim majority Mustafabad) में अधिकांश मुस्लिम के बीच रहने वाले 10 हिंदू परिवारों और उनके मंदिर की रात-रात भर जग कर रक्षा करने वाले 45 वर्षीय उस्मान सैफी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इलाक़े के हिंदू परिवारों और मंदिर के पुजारी ने उनको रिहा करने के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में अर्ज़ी दी है।

श्रीराम मंदिर समिति के पुजारी और अन्य सदस्यों ने कड़कड़डूमा के मजिस्ट्रेट को एक पत्र लिख कर बताया है कि किस तरह उस्मान सैफी दंगे के दौरान दिन रात वहीं थे, ताकि कोई बाहरी लोग मन्दिर या हिन्दू परिवार को नुकसान न पहुंचा पाएं।

दयालपुर थाने की पुलिस ने फेस आइडेंटिफिकेशन सॉफ्टवेयर (Face Identification Software) के आधार पर उस्मान सैफी पर दंगे का मुकदमा दर्ज (Case filed on Usman Saifi for riots) कर छह दिन पहले उन्हें गिरफ्तार किया था।

पंकज चतुर्वेदी

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