एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 24 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 24 May 2022

भ्रष्टाचार के आरोप में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बर्खास्त

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को दो महीने पुरानी भगवंत मान सरकार के मंत्रिमंडल से आज बर्खास्त कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंगला को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट किया,

“आम आदमी पार्टी का जन्म ईमानदार सिस्टम कायम करने के लिए हुआ है… अरविंद केजरीवाल जी ने हमेशा कहा है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे चाहे कोई अपना हो या बेगाना.

स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत मिलते ही तुरंत बर्खास्त किया…साथ ही FIR के आदेश दिए”

वाम दलों की मांग, सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर सभी अधिभार, उपकर वापस ले

देश में बढ़ती बेरोजगारी और पेट्रोलियम पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार में 25 से 31 मई तक सघन आंदोलन अभियान चलेगा और 31 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, धरना कार्यक्रम होंगे।

केजरीवाल ने 150 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, तीन दिन की मुफ्त सवारी की घोषणा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज इंद्रप्रस्थ डिपो से 150 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और अगले तीन दिनों के लिए इन बसों में मुफ्त यात्रा की भी घोषणा की।

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले आईएसबी के छात्र जांच के घेरे में : भाकपा

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव के. नारायण ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 मई को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद के दौरे से पहले अधिकारी आईएसबी के छात्रों पर निगाह रख रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद मौसम हुआ सुहाना

रविवार से दिल्ली-एनसीआर में शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार शाम तक जारी रहा जिससे राजधानीवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

जलवायु परिवर्तन से भारत, पाकिस्तान में समय से पहले विनाशकारी गर्मी की ’30 गुना अधिक आशंका

उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान में हाल की गर्मी की लहर पर विशेष रूप से नजर रखने वाले और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को मापने वाले एक एट्रिब्यूशन अध्ययन में कहा गया है कि लंबे समय तक लू चलने की संभावना 30 गुना अधिक है।

भारत में कोविड के 1,675 नए मामले मिले, 31 की मौत

भारत में मंगलवार को 1,675 ताजा कोविड मामले दर्ज किए गए, जो पिछले दिन दर्ज किए गए 2,022 संक्रमणों के मुकाबले कम थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से इसकी जानकारी मिली है।

न्यायमूर्ति सबीना बनीं हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश

भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुये राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की वरिष्ठतम न्यायाधीश श्रीमती न्यायमूर्ति सबीना को उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। विधि एवं न्‍याय मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि उनका कार्यकाल हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक के 25 मई, 2022 को अवकाश ग्रहण करने के फलस्वरूप प्रभावी हो जायेगा।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : स्वास्थ्य रिकॉर्डों के रखरखाव के लिये संशोधित ‘आभा’ मोबाइल एप्लीकेशन लाँच

अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएएम) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) मोबाइल एप्लीकेशन के संशोधित संस्करण को लॉन्च करने की घोषणा की है।

आभा एप्प को पहले एनडीएचएम हेल्थ रिकॉर्ड्स एप्प के नाम से जाना जाता था, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसे चार लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

नवीन पटनायक ने स्कूलों में शुरू किया ओलंपिक वैल्यू शिक्षाकार्यक्रम

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज 90 स्कूलों में ओलंपिक वैल्यू शिक्षा कार्यक्रम की वर्चुअल शुरुआत की। यह कार्यक्रम राउरकेला और भुवनेश्वर के स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।

ऑस्ट्रेलिया : न्यू साउथ वेल्स सिंगल यूज प्लास्टिक बैग पर बैन लगाएगा

ऑस्ट्रेलिया का न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।

न्यूयॉर्क शहर में आपातकाल की घोषणा

अमेरिका में शिशु फामूर्ला आपूर्ति की कमी के कारण न्यूयॉर्क शहर ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है।

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री सुगा ने पीएम मोदी से की मुलाकात

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदा सुगा ने मंगलवार को टोक्यो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

फ्रेंच ओपन : चोट से वापसी कर मेदवेदेव ने बैगनिस को हराया

दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी डेनियल मेदवेदेव ने मंगलवार को पेरिस में फ्रेंच ओपन के शुरुआती दौर में अर्जेंटीना के फेसुंडो बैगनिस को 6-2, 6-2, 6-2 से शिकस्त दी।

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 23 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 23 May 2022

अब आप व्हाट्सएप की माईगव हेल्पडेस्क पर डिजिलॉकर सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं

माईगव ने सरकारी सेवाओं को सुलभ, समावेशी, पारदर्शी और सरल बनाने की एक बड़ी पहल के रूप में आज यह घोषणा की कि नागरिक अब डिजिलॉकर सेवाओं का उपयोग करने के लिए व्हाट्सएप पर माईगव हेल्पडेस्क का उपयोग करने में समर्थ होंगे। इन सेवाओं में व्‍हाट्सएप पर डिजिलॉकर खाते बनाना और उन्‍हें प्रमाणित करना, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज डाउनलोड करना शामिल हैं।

ज्ञानवापी मस्जिद मामला : वाराणसी कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा, कल सुनाया जाएगा फैसला

ज्ञानवापी मामला : अगली सुनवाई की तारीख कल तय करेगी वाराणसी कोर्ट; हिंदू पक्ष ने 1991 के अधिनियम को समाप्त करने की मांग की।

अपनी स्थापना के 50वें साल का उत्सव पर सेल ने जारी किया कंपनी का विशेष लोगो

देश की सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), इस साल यानि 2022 में अपनी स्थापना के पचासवें साल का उत्सव मना रही है। सेल की स्थापना 24 जनवरी, 1973 हुई थी।

23 मई को मानसून अपडेट : स्काईमेट का कहना है कि मानसून की शुरुआत लू के थपेड़ों के कमजोर होने के रूप में हुई है

हीटवेव की स्थिति 29-30 मई तक दबी रहेगी; जलभराव और उड़ान में देरी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मंगलवार को भी आंधी चलने की संभावना है।

भारत में 2,022 नए कोविड मामले दर्ज, 46 मौतें

 भारत ने पिछले दिन की 2,226 की गिनती के मुकाबले 24 घंटे की अवधि में 2,022 ताजा कोविड मामलों में मामूली गिरावट दर्ज की। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार सुबह दी है।

डब्ल्यूएचओ द्वारा देश की आशा बहनों को सम्मान मिलना पूरे देश के लिए गर्व का विषय : प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) को सम्मान दिए जाने को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा है कि यूपीए सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आशा बहनों की नियुक्तियां की थीं।

भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम ने रेल मंत्री को लिखा पत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए की रियायत की मांग

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) सांसद बिनॉय विश्वम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत बहाल करने का अनुरोध किया है।

पाकिस्तानी सरकार जल्दी चुनाव कराने के बजाय कार्यकाल पूरा करेगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में गठबंधन सहयोगियों ने काफी विचार-विमर्श के बाद फैसला किया है कि मौजूदा सरकार जल्द चुनाव कराने के बजाय अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

अफगानिस्तान ने शुरू किया पोलियो टीकाकरण अभियान

अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 9.9 मिलियन बच्चों को पोलियो वैक्सीन लगाई जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोविड और मंकीपॉक्स दुनिया के लिए विकट चुनौती : डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दुनिया अब तक लगभग 15 देशों में 100 से अधिक लोगों को संक्रमित करने वाले मंकीपॉक्स के प्रकोप की एक महत्वपूर्ण और विकट चुनौती का सामना कर रही है।

ऑस्ट्रेलियाई एरियन टिटमस ने बनाया 400 मीटर फ्रीस्टाइल विश्व रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलियाई तैराकी चैंपियनशिप में एरियन टिटमस ने महिलाओं के 400 मीटर फ्रीस्टाइल में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

खबरों में : आहार, ओला कैब्स, पंजाब नैशनल बैंक, इंडियन प्रीमियर लीग, करोड़, स्कूटर, राजस्थान रॉयल्स, वित्त वर्ष, कोलकाता नाईट राइडर्स, भारत.

अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास का वृक्ष

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Amaltas tree full of amazing medicinal properties!

जानिए अमलतास के औषधीय गुणों के बारे में

भारतीय उपमहाद्वीप में अप्रैल से लेकर मई-जून तक की झुलसा देने वाली गर्मी से त्रस्त यहां के लोग इस प्राकृतिक आपदा से मुक्ति और राहत के लिए प्राचीन काल से ही सड़कों पर जगह-जगह घने छायादार वृक्षों, मिट्टी के घड़ों में भरे शीतल, स्निग्ध पेयजल, अमिया द्वारा बनाए गए पन्ने, जौ और चने के सत्तू, तरह-तरह के फलों से बने शरबत, छाछ, दही, लस्सी आदि प्रकृतिप्रदत्त उपलब्ध साधनों से कुछ चैन-सुकून पाने का यथासंभव प्रयास करते रहते रहे हैं, गर्मी में प्रकृति द्वारा भीषण गर्मी से मानव और अन्य पशु-पक्षियों के अमूल्य जीवन के बचाव के लिए तमाम तरह के रसीले फलों यथा चेरी, सालसा, ककड़ी, खीरा, तरबूज और खरबूज आदि भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं।

चारों तरफ भीषण गर्मी की मृगतृष्णा से मानव सहित इस जैवमंडल के सभी जीवों की आंखों की तृप्ति और सुकून के लिए उसके चारों तरफ अमलतास सरीखे कोमल पीले पुष्प वाले पेड़ों का अविष्कार किया है ताकि गर्मी की मृगतृष्णा से त्रस्त हुए ये सभी उक्त वर्णित सभी जीव उन पीत पुष्पों की स्निग्ध कोमलता की शीतलता से अपने मनमस्तिष्क को कुछ क्षणों के लिए ही सही शीतलता का अहसास कर सकें।

आयुर्वेद में स्वर्ण वृक्ष किसे कहते हैं (What is the golden tree called in ayurveda)

इस बहुऔषधीय पेड़ अमलतासको आयुर्वेद में स्वर्ण वृक्ष, संस्कृत में व्याधिघात, नृप्रद्रुम, आरग्वध,मराठी भाषा में बहावा, कर्णिकार गुजराती में गरमाष्ठो,बँगला में सोनालू, अंग्रेजी भाषा में इसे गोल्डन शॉवर ट्री (Golden shower tree in Hindi), लैटिन भाषा में इसे कैसिया फ़िस्चुला (Cassia fistula) कहते हैं।

अमलतास शब्द संस्कृत में अम्ल मतलब खट्टा से निकला है।

अमलतास के फूल अप्रैल, मई और जून माह में खिलते हैं, जो आंखों को सरसों के फूल सदृश्य कोमल पीत पुष्प के रंग के झालरदार ढंग से, अत्यंत कलात्मक तरीके से अपने पेड़ों पर लटके हुए होते हैं। कोई-कोई अमलतास का पेड़ तो बिल्कुल पत्तीविहीन होकर पूरा पेड़ पीत पुष्पों से आच्छादित होकर अद्भुत अद्वितीय अतुलनीय और अवर्णनातीत सौंदर्य प्रस्तुत करता है।

यह पुष्पीय पौधा केवल आंखों को ही शीतलता नहीं प्रदान करता, अपितु इसका हर भाग मसलन तना, पत्ता, पुष्प और फल आदि सभी कुछ औषधीय गुणों से युक्त होता है। इसमें फूल खिलने के सिर्फ 45दिन के बाद भारतीय उपमहाद्वीप में घनघोर बारिश होती है। इस कारण इसे गोल्डन शॉवर ट्री और इंडियन रेन इंडिकेटर ट्री भी कहा जाता हैं।

अमलतास की फलियाँ

शीतकाल में इसमें लगने वाली लगभग एक-डेढ़ फुट की काली या भूरी, बेलनाकार फलियाँ लटकी रहतीं है। इन फलियों के अंदर कई कक्ष होते हैं जिनमें काला, लसदार, पदार्थ भरा रहता है। उसी के बीच इनके छोटे-छोटे बीज होते हैं, यह काला, रसदार पदार्थ भी स्त्रियों के लिए प्रसवोपरांत बहुत ही लाभदायक पोषक तत्व से भरपूर होता है। वृक्ष की शाखाओं को छीलने से उनमें से भी लाल रस निकलता है जो जमकर गोंद के समान हो जाता है। फलियों से मधुर, गंधयुक्त,पीले रंग का उड़नशील औषधीय गुणों से भरपूर तेल मिलता है।

आयुर्वेद में इस वृक्ष के सभी भाग भारतीय औषधीय पौधा सहजन के समकक्ष औषधि के काम में आते हैं। अमलतास के पत्ते (Amaltas leaves) अमरूद और पपीते की तरह रेचक का काम करते हैं।

अमलतास के फूल (flowers of amaltas) कफ और पित्त को नष्ट करते हैं। अमलतास के फूल त्वचा को कोमल और कमनीय बनाते हैं। इनके फूलों को पीसकर इसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से उस पर मौजूद दाग-धब्बे और टैनिंग दूर होती है।

फली और उसमें स्थित उसका गूदा पित्तनिवारक, कफनाशक, वातनाशक तथा आमाशय में मृदु प्रभावकारक हैं, इसलिए यह दुर्बल मनुष्यों तथा गर्भवती स्त्रियों को भी विरेचक औषधि के रूप में लाभदायक है। यह एक पेड़ है जिसकी पत्तियां, फूल, फल, तना और जड़ अपने आप में महत्वपूर्ण औषधीय गुणों से परिपूर्ण है।

बुखार के लिए अमलतास उपयोगी है तो अमलतास की छाल (bark of amaltas) की सहायता से मधुमेह जैसी आम बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसकी छाल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के भी गुणों की जानकारी मिली है।

फोड़ा, फुंसी, खाज और खुजली के लिए तो आयुर्वेद में इसे रामबाण औषधि माना गया है। अमलतास पत्तियों के नियमित सेवन से गैस,कब्ज और गठिया जैसी बीमारी भी दूर की जा सकतीं हैं।

आयुर्वेद में इसे “सर्वरोग प्रशमणि” के रूप में पहचाना गया है, जिसका अर्थ है कि यह सभी प्रकार के रोग ठीक करता है और शरीर को माइक्रोबियल संक्रमण से बचाता है। इसमें रेचक, कार्मिनेटिव एंटी-प्रुरिटिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी या Carminative Anti-pruritic and Anti-Inflammatory जैसे गुण होते हैं।

अमलतास इम्यूनिटी को बूस्ट करने में भी काफी अच्छी भूमिका निभाता है, अमलतास की छाल एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर या Rich in anti-oxidant properties होती है।

अमलतास के सेवन से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है जिससे इम्यूनिटी स्ट्रांग बनती है और सीजनल बीमारियों का खतरा कम होता है।

इसकी पत्तियों का नियमित सेवन करने से जोड़ों में दर्द में गठिया आदि की समस्या भी कम होती है । डायबिटीज को कंट्रोल करने में अमलतास की छाल काफी सहायक है, इसके लिए अमलतास के पेड़ की छाल का अर्क बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। कहा जाता है किये अर्क इंसुलिन को कंट्रोल करता है जिससे शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

आयुर्वेद के अनुसार अमलतास की मदद से त्‍वचा के रोग,द‍िल से जुड़ी बीमारियों,टीबी आद‍ि रोग दूर कर सकते हैं। बवासीर की समस्‍या से निजात पाने के लि‍ए भी अमलतास का इस्‍तेमाल किया जाता है।

बताया जाता है कि रूमेटोइड अर्थराइट‍िस यानी जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न की समस्‍या में अमलतास का सेवन बहुत ही लाभदायक रहता है। इसके लिए 1 से 2 चम्‍मच अमलतास के फल का पल्‍प लें और उसे दो कप उबलते पानी में डाल दें, जब पानी आधा रह जाए तो काढ़ा बन जाएगा। भोजन करने के पश्चात इसे एक चम्‍मच लेना होता है। कहा जाता है कि अमलतास के इस्‍तेमाल से रूमेटाइड की समस्‍या में बहुत शीघ्रता से आराम म‍िलता है।

आजकल बाजार में आयुर्वेदिक दुकानों पर अमलतास की कैप्‍सूल भी म‍िलती है लेकिन अमलतास के ज्यादा इस्‍तेमाल करने से खांसी या सर्दी हो सकती है क्‍योंक‍ि इसकी तासीर काफी ठंडी होती है इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है।

केरल का राजकीय फूल 

अमलतास के औषधीय गुणों के खुलासे के बाद केरल राज्य ने इसे अपने राज्य के राजकीय फूल के रूप में सम्मिलित किया हुआ है। यही वजह है कि भारत के अन्य सभी राज्यों से केरल में ही अमलतास के पेड़ों की संख्या सर्वाधिक है। वहां अमलतास के पेड़ों के लैंडस्केप एक बहुत बड़े हिस्से भी नजर आने लगे हैं और वहां पौधरोपण में भी इसे सबसे ज्यादा वरीयता और स्वीकार्यता मिल रही है।

लेकिन आज के आधुनिक युग में मानव कृत प्रदूषण से यथा करोड़ों की संख्या में वातानूकुलित यंत्रों तथा कार सरीखे वाहनों से निकलने वाली अत्यंत जहरीली और गर्म गैसों के प्रभाव से इस धरती पर हर साल आनेवाली ग्रीष्म ऋतु अब इस धरती के समस्त जैवमण्डल के लिए ही अब बहुत खूंख्वार और भयावहतम् हो चली है। उदाहरणार्थ जहां कुछ वर्षों पूर्व तक दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में गर्मियों में जहां अधिकतम् तापमान 44से 45डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंच पाता था, वहां इस वर्ष 2022 में इन स्थानों का तापमान 47से 49 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इस भीषण त्रासद समय में प्रकृतिप्रदत्त तमाम तरह के रसीले फलों यथा चेरी, फालसा, ककड़ी, खीरा, तरबूज और खरबूज आदि के भरपूर मात्रा में उपलब्धता के लिए उनके उत्पाद के लिए गहन कृषि किए जाने तथा अमलतास सरीखे शीतलता प्रदान करने वाले वृक्षों को वृक्षारोपण में वरीयता प्रदान करने की अत्यंत आवश्यकता हो गई है।  

-निर्मल कुमार शर्मा

रेत पर अमरूद की खेती कर कृषि को नया आयाम देते किसान

harinath sah

अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है कृषि और किसान

खेती किसानी अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है. प्रत्येक देश का विकास कृषि उत्पादन पर निर्भर है. महामारी के दौरान खेती किसानी ही भारत की बड़ी आबादी के लिए ईंधन का काम किया है. अच्छे मौसम की वजह से रबी और खरीफ फसलों का उत्पादन भी बेहतर हुआ है. यह जरूर है कि सब्जियों और फलों की बिक्री कुछ दिनों तक प्रभावित रही है लेकिन ग्रामीण इलाकों में में भुखमरी की स्थिति नहीं बनी. इस दौरान किसानों ने नकदी फसल और फलों की खेती के लिए प्रयास जारी रखा.

कृषि विभाग की उदासीनता से अधिक कीमत चुकानी पड़ी किसानों को

परंतु कृषि विभाग की उदासीनता की वजह से किसानों को बीज, रासायनिक उर्वरक, पानी, बिजली आदि के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ी. महंगाई की मार झेल रहे किसानों के लिए खेतीबाड़ी का काम आसान नहीं था. इसके बावजूद वह तेलहन, दलहन के साथ फल की खेती, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, चना, मूंग, अरहर, मसूर, सरसों, तोड़ी, मूंगफली, आदि की खेती में लगे रहे. इस दौरान  कुछ किसानों ने खेती में नया करने का सोचा. उन्होंने बालू की रेत पर तरबूज, खरबूज और सब्जी जैसी परंपरागत की खेती की जगह अमरूद की खेती शुरू की. जो इनके लिए वरदान साबित हुई.

रेत पर अमरूद की खेती कर चर्चित हो गए हरिनाथ साह

बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित पारु ब्लॉक के धरफरी गांव के निवासी किसान हरिनाथ साह बालू पर अमरूद की खेती कर अपने इलाके में काफी चर्चित हैं.

हरिनाथ साह पहले कोलकाता के एफसीआई कैंटीन में काम करते थे. इसी दौरान उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई. हरिनाथ साह के छोटे-छोटे चार बच्चे थे. उस समय हरिनाथ साह की उम्र लगभग पच्चीस साल थी. पत्नी की मृत्यु बाद बच्चों के लालन पालन की ज़िम्मेदारी के कारण उन्हें कोलकाता की नौकरी छोड़नी पड़ी.

हरिनाथ साह बताते हैं कि पत्नी की मृत्यु का दुख तो दूसरी तरफ, चार छोटे-छोटे बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाते हुए घर-गृहस्थी चलाने के लिए खेती किसानी का काम करने लगे.

इसी दौरान उन्हें खेती के परंपरागत ढांचा से अलग कुछ करने का ख्याल आया और इसी क्रम में उन्होंने बालू वाली ज़मीन पर अमरूद उगाने का काम शुरू कर दिया.

इस सिलसिले में गांव के अन्य किसान चन्देश्वर साह, बसंत महतो, रामचन्द्र राय कहते हैं कि हरिनाथ आज अपने बालू की रेत पर अमरूद की खेती कर स्वावलंबन का एक नया तरीका ढूंढ़ निकाला है. इस क्षेत्र में अमरूद की खेती इससे पहले नहीं होती थी. हरिनाथ साह से प्रेरित होकर कई किसानों ने इसे खेती के तौर पर अपनाया और आज कई किसानों को नकदी आमदनी के लिए अमरूद की खेती करना फायदेमंद लग रहा है.

हरिनाथ साह बताते हैं कि उनके एक करीबी विजयनंदन साह ने माली हालत सुधारने के लिए अमरूद की खेती की सलाह दी. जबकि  विजयनंदन के रिश्तेदार ने उन्हें अमरूद के उन्नत किस्म की जानकारी दी तथा इसकी खेती का तौर-तरीका सिखाया.

हरिनाथ ने पंद्रह वर्षों के लिए जमीन लीज पर लेकर अमरूद की खेती शुरू की. लीज पर ली गई जमीन के लिए उन्हें कई किसानों के साथ लीज एग्रीमेंट करना पड़ा. जमीन वाले को प्रत्येक साल अनाज के रूप में 10 किलो प्रति कट्ठा के हिसाब से एवं अलग से 10 किलो अमरूद फसल के समय डाली के रूप में देना तय कर अमरूद की खेती शुरू की. उन्होंने कुल 57 कट्ठा यानी लगभग ढाई हेक्टेयर भूमि पर कुल 560 अमरूद के पौधे लगाए.

कैसे होती है अमरूद की खेती? अमरूद की खेती की आधुनिक तकनीक

इस संबंध में हरिनाथ साह बताते हैं कि अमरूद की खेती में एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी कम-से-कम 12-15 फीट की होनी चाहिए. इस प्रकार के पौधे रोपने के लिए एक मजदूर एक दिन में मात्र 20 पौधे ही रोपते हैं.

पौधे की रोपनी के समय उर्वरक, जैविक खाद, रासायनिक खाद, दवाइयां प्रत्येक पौधे में देनी पड़ती है. इसके अतिरिक्त प्रत्येक पौधे में डीएपी 200 ग्राम, यूरिया 200 ग्राम, जैविक खाद 500 ग्राम, पोटेशियम खाद 50 ग्राम, थाइमेट 10 ग्राम की मात्रा देना आवश्यक है. हरिनाथ साह को 560 पौधे रोपने में कुल 45146 रुपए की पूंजी लगी.

अब पौधे लगाने के एक साल के बाद पहली बार अमरूद के एक पौधे से लगभग 4 से 5 फल निकलते हैं. इस तरह से कुल पौधे को मिला कर 280 किलो अमरूद का फल निकलता है.

उन्होंने बताया कि स्थानीय बाज़ार में अमरूद 25 से 30 रूपए प्रति किलो बिकता है. धीरे-धीरे फलों की संख्या प्रति पेड़ में बढ़ने लगती है. एक साल के बाद 25 से 50 फल प्रति पेड़ के हिसाब से बढ़ जाते हैं.

अमरूद की खेती के जरिए हरिनाथ पूरे परिवार की देखभाल के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं.

हरिनाथ बताते हैं कि पहले एवं दूसरे साल फसल में लगी पूंजी निकली जबकि चौथे एवं पांचवें साल से अच्छा मुनाफा मिलने लगा है. उन्होंने कहा कि यदि वह और भी पहले से अमरूद की खेती शुरू कर देते तो अपने तीन बड़े बेटों को अच्छी शिक्षा देने में समर्थ होते.

वर्तमान में इसी अमरूद की खेती से न केवल उनका सबसे छोटा बेटा आई टी आई कर चुका है बल्कि पोते और पोतियां भी अच्छे स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हो गए हैं.

इस संबंध में स्थानीय पूर्व जिला पार्षद देवेश चंद्र कहते हैं कि आज हरिनाथ किसानों के रोल मॉडल हो चुके हैं.

मुज़फ़्फ़रपुर के पारु ब्लॉक और उससे सटे वैशाली जिले में सबसे अधिक अमरूद की खेती और उसका व्यापार किया जाता है. यदि कृषि विभाग जिले के पश्चिमी दियारा में भी किसानों को अमरूद की उन्नत खेती की तकनीकी प्रशिक्षण, बैंक ऋण, सरकारी लाभ दे, तो यहां के किसान खेतों में सोना उगाएंगे.

फलों की खेती में सरकारी मदद कैसे मिलती है?

इस संबंध में पारू ब्लॉक स्थित कृषि विभाग के कृषि पदाधिकारी गुरु चरण चौधरी इसे एक सकारात्मक शुरुआत मानते हैं. जब उनसे पूछा गया कि किसान हरिनाथ साह ने ग्रामीण क्षेत्र दियारा में अमरूद की खेती की है उन्हें सरकारी लाभ कैसे मिलेगा? उन्होंने कहा कि जो भी किसान अपने या लीज लेकर किसी भी प्रकार के फलों की खेती करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले सरकार की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कराना होगा. जिसके बाद विभाग द्वारा जमीन की जांचोपरांत लागत का कम-से-कम उन्हें 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. वहीं, फलदार पौधे पर सरकारी अनुदान 100 प्रतिशत तक देने का प्रावधान है.

अनुदान के लिए किसानों को जमीन के मूल कागज, मालगुजारी रसीद, लगान की रसीद, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ चार पासपोर्ट साईज फोटो विभाग में जमा करना पड़ता है.

बहरहाल अनुदान मिले या न मिले, लेकिन हरिनाथ जैसे किसान खुद के बलबूते अमरूद की खेती करके न केवल अपने घर की माली हालत को सुधार रहे हैं बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहे हैं.

फूलदेव पटेल

मुजफ्फरपुर, बिहार

(चरखा फीचर)

Web title : Farmers giving new dimension to agriculture by cultivating guava on sand

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 20 मई 2022 की खास खबर

updates on the news of the country and abroad breaking news

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 20 May 2022

ज्ञानवापी मस्जिद मामला : सर्वोच्च न्यायालय ने जिला जज को मुकदमा ट्रांसफर किया, जारी रहेगी कथित शिवलिंगकी सुरक्षा

सर्वोच्च न्यायालय ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कहा कि उसका 17 मई का अंतरिम आदेश आगे भी जारी रहेगा, जिसमें मुसलमानों के नमाज अदा करने के अधिकार को बाधित किए बिना ‘कथित शिवलिंग’ की सुरक्षा का निर्देश दिया गया था।

लालू प्रसाद यादव के आवास पर सीबीआई रेड को राजद ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

सीबीआई द्वारा पूर्व रेलमंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दिल्ली और पटना ठिकानों व अन्य स्थानों पर छापेमारी किए जाने को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।

चीन मसले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कहा, देश को अंधेरे में न रखें

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास चीन के दूसरा पुल बनाने को लेकर कांग्रेस फिर से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने केन्द्र पर देश को अंधेरे में रखने का आरोप लगाते हुए विदेश मंत्रालय के बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

लोकतंत्र को बचाने के लिए वंशवादी राजनीति से लड़ना जरूरी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस का नाम लिये बगैर उस पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि वह वंशवादी राजनीति को महत्व देती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। साथ ही मोदी ने भाजपा पदाधिकारियों को भी सलाह दी है कि 130 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिये कड़ी मेहनत करें।

राज ठाकरे ने अपनी अयोध्या यात्रा को किया स्थागित

पिछले कुछ समय से खबर आ रही थी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे अयोध्या की यात्रा करेंगे। अब इस यात्रा को लेकर राज ठाकरे ने एक बड़ी घोषणा की है कि उन्होंने 5 जून को अपनी अयोध्या यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।

बेंगलुरू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बम विस्फोट की अफवाह से अफरा-तफरी

बम की धमकी के बाद बेंगलुरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तनाव की स्थिति हो गई, और लोगों के बीच दहशत पैदा हो गया। बाद में पता चला है कि यह सिर्फ एक अपवाह है।

सर्वोच्च न्यायालय से जमानत के बाद जेल से रिहा हुए आजम खान

सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खान आज सीतापुर जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई से पहले ही दोनों बेटे अब्दुल्ला, अदीब आजम और शिवपाल सिंह यादव सीतापुर जेल के बाहर पहुंच थे। फिर वह उन्हें लेकर रवाना हो गए।

कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड 19 टीकाकरण में उल्लेखनीय गिरावट पर स्वास्थ्य मंत्रालय चिंतित

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 टीकाकरण की काफी धीमी गति को लेकर चिंता व्यक्त की है, और सभी पात्र लोगों को टीका लगाकर पूर्ण टीकाकरण कवरेज की गति में तेजी लाने का आग्रह किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बारे में आज एक वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एनएचएम एमडी के साथ कोविड टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करने के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित किया है।

चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से वैश्विक अनाज बाजार को स्थिर बनाने की अपील की

संयुक्त राष्ट्र में स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि च्यांग ज्वून ने 19 मई को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से समन्वय कार्रवाई को मजबूत कर वैश्विक अनाज बाजार को स्थिर बनाने की अपील की।

इंडोनेशिया पाम तेल निर्यात प्रतिबंध हटाएगा

इंडोनेशिया 23 मई से कच्चे पाम तेल, खाना पकाने के तेल, परिष्कृत, ब्लीच्ड और (आरबीडी) ताड़ के तेल, और आरबीडी पाम ओलीन पर निर्यात प्रतिबंध हटा देगा, क्योंकि देश ने घरेलू खाना पकाने के तेल की कीमतों और आपूर्ति को नियंत्रण में ला दिया है।

इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड के 3 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव

इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले न्यूजीलैंड टीम के तीन सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

नई बीमारी मंकीपॉक्स ने बढ़ाई विशेषज्ञों की परेशानी, जानिए मंकीपॉक्स के लक्षण, निदान और उपचार

monkeypox symptoms in hindi

Monkeypox found in Europe, US: Know about transmission, symptoms; should you be worried?

नई दिल्ली, 19 मई 2022: दुनिया में एक नई बीमारी मंकीपॉक्स ने विशेषज्ञों की परेशानी बढ़ा दी है। हस्तक्षेप विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंकीपॉक्स पर फैक्ट शीट (World Health Organization fact sheet on monkeypox in Hindi) के हवाले से बताते हैं कि क्या भारत को चिंता करने की ज़रूरत है? आखिर मंकीपॉक्स क्या है? मंकीपॉक्स के लक्षण, निदान और उपचार क्या है?

13 मई 2022 को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को यूनाइटेड किंगडम में एक ही घर से दो प्रयोगशाला-पुष्टि मामलों और मंकीपॉक्स के एक संभावित मामले के बारे में सूचित किया गया था। 15 मई को, यौन स्वास्थ्य सेवा में उपस्थित लोगों के बीच चार अतिरिक्त प्रयोगशाला-पुष्टि के मामले सामने आए, जिसमें वेसिकुलर रैश बीमारी और समलैंगिक, उभयलिंगी और पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले अन्य पुरुष (GBMSM) हैं।

मंकीपॉक्स (Monkeypox in Hindi) एक वायरल ज़ूनोसिस- viral zoonosis (जानवरों से मनुष्यों में प्रसारित होने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक के रोगियों में अतीत में देखे गए लक्षणों के समान लक्षण होते हैं, हालांकि यह चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर है। 1980 में चेचक के उन्मूलन और बाद में चेचक के टीकाकरण (smallpox vaccination) की समाप्ति के साथ, यह सबसे महत्वपूर्ण ऑर्थोपॉक्सवायरस (most important orthopoxvirus) के रूप में उभरा है। मंकीपॉक्स मध्य और पश्चिम अफ्रीका में होता है, जो अक्सर उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के निकट होता है।

मंकीपॉक्स का प्रकोप

मानव मंकीपॉक्स की पहचान पहली बार 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (तब ज़ैरे के रूप में जाना जाता था) {Democratic Republic of the Congo (then known as Zaire) } में एक 9 वर्षीय लड़के में हुई थी, जहां 1968 में चेचक को समाप्त कर दिया गया था। तब से, अधिकांश मामले कांगो बेसिन के ग्रामीण, वर्षावन क्षेत्र, विशेष रूप से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में, जहां इसे स्थानिक माना जाता है, में पाए गए हैं।

1970 के बाद से, 11 अफ्रीकी देशों – बेनिन, कैमरून, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, गैबॉन, आइवरी कोस्ट, लाइबेरिया, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य, सिएरा लियोन और दक्षिण सूडान से मंकीपॉक्स के मानव मामले सामने आए हैं।

नाइजीरिया ने अंतिम पुष्ट मामले के 40 साल बाद 2017 में सबसे बड़े प्रलेखित प्रकोप का अनुभव किया।

मंकीपॉक्स का असली स्वास्थ्य बोझ ज्ञात नहीं है। मसलन, 1996-97 में, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक प्रमुख मंकीपॉक्स के प्रकोप का संदेह था, हालांकि, मृत्यु कम मामले थे और इसके हमले की दर सामान्य से अधिक थी। कुछ रोगी के नमूनों में वैरीसेला वायरस (varicella virus ) पॉजिटिव था और कुछ में वेरिसेला और मंकीपॉक्स वायरस दोनों शामिल थे। चिकनपॉक्स और मंकीपॉक्स के समवर्ती प्रकोप इस मामले में संचरण की गतिशीलता में बदलाव (change in transmission dynamics) की व्याख्या कर सकते हैं।

यह वायरस कई बार अफ्रीका से और देशों में फैला। 2003 के वसंत में, संयुक्त राज्य अमेरिका में मंकीपॉक्स के मामलों की पुष्टि हुई थी। इनमें अधिकांश रोगियों को घाना से देश में आयात किए गए अफ्रीकी कृन्तकों से संक्रमित पालतू प्रेयरी कुत्तों (pet prairie dogs) के साथ घनिष्ठ संपर्क होने की सूचना मिली थी।

हाल ही में, मंकीपॉक्स को सितंबर 2018 में इज़राइल, सितंबर 2018 और दिसंबर 2019 में यूनाइटेड किंगडम में और मई 2019 में सिंगापुर में नाइजीरिया के यात्रियों द्वारा ले जाया गया था, जो आगमन के बाद मंकीपॉक्स के साथ बीमार पड़ गए थे। एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता संक्रमित था और बीमार हो गया।

मंकीपॉक्स वायरस के कितने समूह हैं ?

मंकीपॉक्स वायरस के दो समूह हैं -पश्चिम अफ्रीकी क्लैड और कांगो बेसिन (मध्य अफ्रीकी) क्लैड। हालांकि पश्चिम अफ्रीका के मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से कभी-कभी कुछ व्यक्तियों में गंभीर बीमारी हो जाती है, यह बीमारी आमतौर पर आत्म-सीमित होती है।

वेस्ट अफ्रीकन क्लैड के लिए केस-फेटलिटी अनुपात लगभग 1% होने का दस्तावेजीकरण किया गया है, जबकि कांगो बेसिन क्लैड के लिए, यह 10% जितना अधिक हो सकता है। बच्चे भी अधिक जोखिम में हैं, और गर्भावस्था के दौरान मंकीपॉक्स से जटिलताएं, जन्मजात मंकीपॉक्स या स्टिलबर्थ हो सकता है।

मंकीपॉक्स वायरस का संचरण कैसे होता है (Transmission of monkeypox virus)

मंकीपॉक्स वायरस का सूचकांक मामलों का संक्रमण रक्त, शारीरिक तरल पदार्थ, या संक्रमित जानवरों के त्वचीय या श्लेष्म घावों के सीधे संपर्क के परिणामस्वरूप होता है। अफ्रीका में, रस्सी गिलहरी (rope squirrels), पेड़ गिलहरी, गैम्बियन शिकार चूहों (Gambian poached rats), अफ्रीका और यूरेशिया में पाए जाने वाले चूहे जैसे कृंतक, बंदरों की विभिन्न प्रजातियों और अन्य सहित कई जानवरों में बंदरपॉक्स वायरस संक्रमण के सबूत पाए गए हैं।

मंकीपॉक्स के प्राकृतिक स्रोत की अभी तक पहचान नहीं की गई है, हालांकि कृन्तकों की स्रोत के रूप में सबसे अधिक संभावना है। अपर्याप्त रूप से पका हुआ मांस और संक्रमित जानवरों के अन्य पशु उत्पादों का सेवन एक संभावित जोखिम कारक है।

मंकीपॉक्स के लक्षण (Signs and symptoms of Monkeypox)

  • मंकीपॉक्स की ऊष्मायन अवधि ( incubation period – संक्रमण से लक्षणों की शुरुआत तक) आमतौर पर 6 से 13 दिनों तक होती है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकती है।
  • मंकीपॉक्स के संक्रमण को दो अवधियों में विभाजित किया जा सकता है (The infection of Monkeypox can be divided into two periods)
  • आक्रमण अवधि/invasion period (0-5 दिनों के बीच रहती है) बुखार, तीव्र सिरदर्द, लिम्फैडेनोपैथी (lymphadenopathy- लिम्फ नोड्स की सूजन), पीठ दर्द, मायालगिया (myalgia- मांसपेशियों में दर्द) और एक तीव्र अस्थि (ntense asthenia – ऊर्जा की कमी) द्वारा विशेषता है। अन्य बीमारियों की तुलना में लिम्फैडेनोपैथी मंकीपॉक्स की एक विशिष्ट विशेषता है जो शुरू में चिकनपॉक्स, खसरा, चेचक के समान दिखाई दे सकती है।
  • त्वचा का फटना आमतौर पर बुखार दिखने के 1-3 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। दाने धड़ के बजाय चेहरे और हाथ-पांव पर अधिक केंद्रित होते हैं। यह चेहरे (95% मामलों में), और हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों (75% मामलों में) को प्रभावित करता है। मौखिक श्लेष्मा झिल्ली/ oral mucous membranes (70% मामलों में), जननांग (30%), और कंजंक्टिवा (20%), साथ ही कॉर्निया भी प्रभावित होते हैं। दाने मैक्यूल्स (macules – एक सपाट आधार वाले घाव) से पैप्यूल्स (papules-थोड़ा उभरे हुए फर्म घाव), वेसिकल्स (स्पष्ट तरल पदार्थ से भरे घाव), पस्ट्यूल (पीले रंग के तरल पदार्थ से भरे घाव), और क्रस्ट जो सूख कर गिर जाते हैं, से क्रमिक रूप से विकसित होते हैं। घावों की संख्या कुछ से कई हजार तक भिन्न होती है। गंभीर मामलों में, घाव तब तक बढ़ सकते हैं जब तक कि त्वचा का बड़ा हिस्सा ढीला न हो जाए।

मंकीपॉक्स आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक चलने वाले लक्षणों के साथ एक स्व-सीमित बीमारी है। गंभीर मामले आमतौर पर बच्चों में अधिक होते हैं और वायरस के जोखिम की सीमा, रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति और जटिलताओं की प्रकृति से संबंधित होते हैं। मंकीपॉक्स की जटिलताओं में माध्यमिक संक्रमण, ब्रोन्कोपमोनिया, सेप्सिस, एन्सेफलाइटिस और दृष्टि की हानि के साथ कॉर्निया का संक्रमण शामिल हो सकते हैं।

वनाच्छादित क्षेत्रों में या उसके आस-पास रहने वाले लोगों में संक्रमित जानवरों के लिए अप्रत्यक्ष या निम्न-स्तर का जोखिम हो सकता है, जिससे संभवतः उप-क्लिनिकल (स्पर्शोन्मुख-asymptomatic) संक्रमण हो सकता है।

सामान्य आबादी में मंकीपॉक्स का मामला मृत्यु अनुपात 0 और 11% के बीच भिन्न है, और छोटे बच्चों में अधिक रहा है। इसके अलावा, चेचक के उन्मूलन के बाद दुनिया भर में नियमित चेचक के टीकाकरण की समाप्ति (termination of routine smallpox vaccination) के परिणामस्वरूप 40 या 50 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति (देश के आधार पर) मंकीपॉक्स के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

मंकीपॉक्स का निदान (Diagnosis of Monkeypox)

क्लिनिकल डिफरेंशियल डायग्नोसिस जिस पर विचार किया जाना चाहिए, उसमें अन्य रैश बीमारियाँ शामिल हैं, जैसे कि चिकनपॉक्स, खसरा, बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण, खुजली, सिफलिस और दवा से जुड़ी एलर्जी।

बीमारी के पूर्वरूप चरण के दौरान लिम्फैडेनोपैथी चेचक या चेचक से मंकीपॉक्स को अलग करने के लिए एक नैदानिक ​​विशेषता हो सकती है। यदि मंकीपॉक्स का संदेह है, तो स्वास्थ्य कर्मियों को एक उपयुक्त नमूना एकत्र करना चाहिए और इसे उचित क्षमता वाली प्रयोगशाला में सुरक्षित रूप से ले जाना चाहिए।

मंकीपॉक्स की पुष्टि नमूने के प्रकार और गुणवत्ता और प्रयोगशाला परीक्षण के प्रकार पर निर्भर करती है। इस प्रकार, नमूनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार पैक कर और भेज दिया जाना चाहिए।

पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (Polymerase chain reaction-पीसीआर) इसकी सटीकता और संवेदनशीलता को देखते हुए पसंदीदा प्रयोगशाला परीक्षण (laboratory test) है। इसके लिए, मंकीपॉक्स के लिए इष्टतम नैदानिक ​​नमूने त्वचा के घावों से होते हैं – वेसिकल्स (vesicles) और पस्ट्यूल (pustules) से छत या तरल पदार्थ, और सूखी पपड़ी। जहां संभव हो, बायोप्सी भी एक विकल्प है।

घाव के नमूनों को एक सूखी, बाँझ ट्यूब (sterile tube – कोई वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया नहीं) में संग्रहित किया जाना चाहिए और ठंडा रखा जाना चाहिए। पीसीआर रक्त परीक्षण आमतौर पर अनिर्णायक होते हैं क्योंकि लक्षणों के शुरू होने के बाद नमूना संग्रह के समय के सापेक्ष विरमिया की कम अवधि होती है और रोगियों से नियमित रूप से एकत्र नहीं किया जाना चाहिए।

चूंकि ऑर्थोपॉक्सविरस सीरोलॉजिकल रूप से क्रॉस-रिएक्टिव (serologically cross-reactive) हैं, एंटीजन और एंटीबॉडी का पता लगाने के तरीके मंकीपॉक्स-विशिष्ट पुष्टि प्रदान नहीं करते हैं। इसलिए जहां संसाधन सीमित हैं, निदान या मामले की जांच के लिए सीरोलॉजी (Serology) और एंटीजन डिटेक्शन विधियों (antigen detection methods) की सिफारिश नहीं की जाती है।

इसके अतिरिक्त, वैक्सीनिया वैक्सीन (vaccinia vaccine) के साथ हाल ही में या दूरस्थ टीकाकरण (जैसे कि चेचक उन्मूलन से पहले किसी को भी टीका लगाया गया है, या हाल ही में ऑर्थोपॉक्सवायरस प्रयोगशाला कर्मियों जैसे उच्च जोखिम के कारण टीका लगाया गया है) गलत सकारात्मक परिणाम (false-positive results) दे सकता है।

परीक्षण के परिणामों की व्याख्या करने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि रोगी की जानकारी नमूनों के साथ प्रदान की जाए: (ए) बुखार की शुरुआत की तारीख, (बी) दाने की शुरुआत की तारीख, (सी) नमूना संग्रह की तारीख, (डी) वर्तमान व्यक्ति की स्थिति (दाने की अवस्था), और (ई) आयु।

मंकीपॉक्स का इलाज और टीका (Treatment and vaccine for Monkeypox)

मंकीपॉक्स का वर्तमान में कोई विशिष्ट उपचार डब्ल्यूएचओ अनुशंसित नहीं है। चेचक के टीके के साथ टीकाकरण कई अवलोकन अध्ययनों के माध्यम से मंकीपॉक्स को रोकने में लगभग 85% प्रभावी होने के लिए प्रदर्शित किया गया था। इस प्रकार, शैशवास्था में चेचक के टीकाकरण के परिणामस्वरूप एक मामूली बीमारी हो सकती है।

हालाँकि, वर्तमान समय में, मूल (पहली पीढ़ी) चेचक के टीके अब आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं। 2019 में चेचक और मंकीपॉक्स की रोकथाम (prevention of smallpox and monkeypox ) के लिए एक नए वैक्सीनिया-आधारित वैक्सीन (newer vaccinia-based vaccine ) को मंजूरी दी गई थी और यह अभी भी सार्वजनिक क्षेत्र में व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है।

मंकीपॉक्स वायरस का प्राकृतिक मेजबान कौन है (The natural host of monkeypox virus)?

प्रयोगशाला के प्रयोगों, बंदी जानवरों के बीच प्रकोप और क्षेत्र की जांच के माध्यम से विभिन्न जानवरों की प्रजातियों को मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील (susceptible to monkeypox virus infection) के रूप में पहचाना गया है।

black and brown monkey close up photography
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मंकीपॉक्स वायरस से बचाव (Prevention of monkeypox virus)

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरस के जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को उन उपायों के बारे में शिक्षित करना जो वे वायरस के जोखिम को कम करने के लिए कर सकते हैं, मंकीपॉक्स की मुख्य रोकथाम रणनीति है। मंकीपॉक्स की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वैक्सीनिया वैक्सीन के उपयोग की व्यवहार्यता और उपयुक्तता का आकलन करने के लिए अब वैज्ञानिक अध्ययन चल रहे हैं।

कुछ देशों में मंकीपॉक्स संक्रमण की रोकथाम के लिए वैक्सीनिया वैक्सीन के उपयोग के लिए नीतियां हैं, या ये देश नीतियां तैयार कर रहे हैं।

मंकीपॉक्स के मानव-से-मानव संचरण के जोखिम को कैसे कम करें (How to Reduce the Risk of human-to-human transmission of monkeypox )?

मंकीपॉक्स के प्रकोप की रोकथाम के लिए निगरानी और नए मामलों की तेजी से पहचान महत्वपूर्ण है। मानव मंकीपॉक्स के प्रकोप के दौरान, मंकीपॉक्स के रोगियों के साथ निकट संपर्क मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। स्वास्थ्य कर्मियों और परिवार के सदस्यों को इसेक संक्रमण का अधिक खतरा है। संदिग्ध या पुष्ट मंकीपॉक्स वायरस संक्रमण वाले रोगियों की देखभाल करने वाले या उनके नमूनों को संभालने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को मानक संक्रमण नियंत्रण सावधानियों को लागू करना चाहिए। यदि संभव हो तो, रोगी की देखभाल के लिए ऐसे व्यक्तियों का चयन किया जाना चाहिए जिनको पहले चेचक के टीके लगाए गए हों।

मंकीपॉक्स वायरस संक्रमण वाले संदिग्ध लोगों और जानवरों से लिए गए नमूनों को उपयुक्त रूप से सुसज्जित प्रयोगशालाओं में काम करने वाले प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए। संक्रामक पदार्थों (श्रेणी ए) के परिवहन के लिए डब्ल्यूएचओ के मार्गदर्शन (WHO guidance for transport of infectious substances) के अनुसार रोगी के नमूनों को ट्रिपल पैकेजिंग के साथ परिवहन के लिए सुरक्षित रूप से तैयार किया जाना चाहिए।

पशु व्यापार पर प्रतिबंध के माध्यम से मंकीपॉक्स के विस्तार को रोकना

कुछ देशों ने कृन्तकों और गैर-मानव प्राइमेट के आयात को प्रतिबंधित करने वाले नियम बनाए हैं।

बंदी जानवर जो संभावित रूप से मंकीपॉक्स से संक्रमित हैं, उन्हें अन्य जानवरों से अलग किया जाना चाहिए और तत्काल क्वारंटाइन में रखा जाना चाहिए।

कोई भी जानवर, जो संक्रमित जानवर के संपर्क में आया हो, उसे क्वारंटाइन किया जाना चाहिए, मानक सावधानियों के साथ उसे संभाला जाना चाहिए और 30 दिनों के लिए मंकीपॉक्स के लक्षणों के लिए निगरानी की जाना चाहिए।

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 17 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 17  May 2022

  • ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की सुरक्षा का सर्वोच्च न्यायालय ने दिया आदेश, मुसलमानों के प्रवेश पर लगी रोक हटाई

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद के भीतर, जहां ‘शिवलिंग’ पाया गया है, उसे संरक्षित करने की जरूरत है, लेकिन नमाज अदा करने के लिए मुसलमानों के मस्जिद में प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अप्रैल के आदेश के खिलाफ प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद वाराणसी द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का निरीक्षण करने के लिए एक वकील को कोर्ट कमिश्नर के रूप में नियुक्त करने के वाराणसी अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।

ट्रैफिक जाम में फंसे अफसर ने सफाईकर्मी को मारा थप्पड़, हेमंत सोरेन ने दिया कार्रवाई का आदेश

प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड की राजधानी रांची में ट्रैफिक जाम में फंसे एक अफसर ने कचरा ढोने वाली गाड़ी के सफाईकर्मी की पिटाई कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अफसर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

दिल्ली में निजी स्कूलों को पात्र अल्पसंख्यक छात्रों की फीस रिफंड करनी होगी

दिल्ली के सभी निजी स्कूलों को पात्र अल्पसंख्यक छात्रों की ट्यूशन फीस रीफंड करनी होगी। दिल्ली सरकार ने इससे संबंधित प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए इस निर्देश में कहा गया है कि प्राइवेट स्कूल पात्र अल्पसंख्यक छात्रों की फीस लौटाने के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन करें।

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने पांच उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने उच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों को क्रमश: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुवाहाटी और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी।

असम में प्री-मानसून बाढ़ से सात की मौत, दो लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम में प्री-मानसून बाढ़ और भूस्खलन से कछार जिले में दो और लोगों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जहां अब तक 24 जिलों में दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है।

सर्वोच्च न्यायालय ने जितेंद्र त्यागी को दी सशर्त अंतरिम जमानत

सर्वोच्च न्यायालय ने जितेंद्र त्यागी (जिसे पहले वसीम रिजवी के नाम से जाना जाता था) को हेट स्पीच के मामले में तीन महीने के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। शर्त है कि वह इस तरह के घृणा फैलाने वाले भाषण नहीं देंगे और किसी मीडिया को बयान नहीं देंगे।

जनता के मुद्दे – कमाई, महंगाई और भाजपा के मुद्दे – दंगा, तानाशाही : राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश में बढ़ती मंहगाई को लेकर एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा के मुद्दों को दंगा और तानाशाही करार दिया है।

कांग्रेस युवाओं को उचित प्रतिनिधित्व देगी: अजय माकन

कांग्रेस ने कहा है कि युवाओं को पार्टी में उचित प्रतिनिधित्व देने का फैसला किया गया है। पार्टी में 50 प्रतिशत युवाओं को रखने का फैसला नव संकल्प ही नहीं बल्कि दृढ़ संकल्प है। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष के पद की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई के पूर्व निदेशक एम नागेश्वर राव पर लगाया जुर्माना

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई के पूर्व प्रमुख मन्नम नागेश्वर राव पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट से अपने ‘ब्लू टिक’ सत्यापन को हटाने के लिए ट्विटर के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

जूनियर राष्ट्रीय हॉकी : बिहार, अरुणाचल और झारखंड ने जीत दर्ज की

हॉकी बिहार, हॉकी अरुणाचल और हॉकी झारखंड ने 12वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पहले दिन अपने-अपने मैचों में जीत हासिल की।

भारत की संप्रभुता को चुनौती देने के किसी भी प्रयास से हमारे सुरक्षा बल दृढ़ता से निपटेंगे – नायडु

उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि ड्रोन और साइबर युद्ध के बढ़ते उपयोग के साथ संघर्षों की मिश्रित प्रकृति के कारण युद्ध के मैदान में प्रतीकात्‍मक बदलाव आया है। उन्‍होंने अपने सशस्त्र बलों से इन नए और उभरते क्षेत्रों में क्षमताओं को विकसित करने के लिए कहा। श्री नायडु ने कहा कि भारतीय सेना को ‘भविष्य की ताकत’ के रूप में विकसित करना हमारा दृष्टिकोण होना चाहिए।

रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए, आज उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत अत्यधिक जटिल और अप्रत्याशित भू-राजनीतिक वातावरण में कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह देखते हुए कि हम बाहर और भीतर से संतुलित और विषम दोनों तरह के खतरों का सामना कर रहे हैं, वह चाहते थे कि हमारे सशस्त्र बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हों और किसी भी सुरक्षा खतरे का मजबूती से मुकाबला करें। यह देखते हुए कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का रहा है और कभी भी विस्तारवादी नहीं रहा है, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की संप्रभुता को विरोधी ताकतों द्वारा चुनौती देने के किसी भी प्रयास से हमारे सुरक्षा बलों द्वारा दृढ़ता से निपटा जाएगा।

पीएम मोदी ने कान फिल्म महोत्सव की शानदार सफलता के लिए शुभकामनाएं दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष कान फिल्म महोत्सव में भारत की ‘कंट्री ऑफ ऑनर’ के रूप में भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की भागीदारी, देश की आज़ादी के 75 वर्ष, कान फिल्म महोत्सव की 75वीं वर्षगांठ और भारत तथा फ्रांस के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष के सुखद संयोग के महत्वपूर्ण अवसर को प्रतिबिंबित करती है।

भारत को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म निर्माता देश के रूप में इंगित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे फिल्म क्षेत्र का बहुआयामी स्वरूप उल्लेखनीय है और समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक विविधता हमारी विशिष्टता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कहने के लिए बहुत सारी कहानियां हैं और इस देश में वास्तव में दुनिया का कंटेंट हब बनने की अपार संभावनाएं हैं।

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 15 मई 2022 की खास खबर

updates on the news of the country and abroad breaking news

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 15 May 2022

असम में भूस्खलन : तीन की मौत, कुछ लापता

प्राप्त जानकारी के अनुसार असम के दीमा हसाओ जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन में कम से कम तीन लोगों की मृत्यु हो गई और कुछ अन्य लापता बताए जा रहे हैं।

बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर उपराष्ट्रपति ने देशवासियों को बधाई दी

बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा-

“मैं ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के पावन अवसर पर अपने देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

विश्व के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक भगवान बुद्ध ने गूढ़ सत्य का उपदेश दिया। उनकी शिक्षाओं का लक्ष्य हमारे दु:खों के मूल कारण की खोज करना और सचेतन लोगों को दु:खों से मुक्त करना था।“

वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी में एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए “शिलान्यास” समारोह में हिस्सा लेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल यानी 16 मई, 2022 को वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान लुंबिनी मठ क्षेत्र के भीतर एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए “शिलान्यास” समारोह में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री लुंबिनी में पवित्र मायादेवी मंदिर जाकर पूजा अर्चना करेंगे। नेपाल सरकार के तत्वावधान में लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित बुद्ध जयंती कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री भाषण देंगे।

राजीव कुमार ने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय की 12 मई, 2022 को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुपालन में राजीव कुमार ने आज भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, नई दिल्ली में भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया।

16 से 20 मई, 2022 तक अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2022 मनाया जाएगा

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2022 के अवसर पर, राष्ट्रीय संग्रहालय पांच दिनों तक युवाओं और वयस्कों दोनों के लिए डिज़ाइन की गई ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कार्यकलापों और कार्यक्रमों का एक मिश्रित आयोजन प्रस्तुत करेगा।

प्रस्तुत की जाने वाली आकर्षक गतिविधियों में द्वारका के सीसीआरटी, दिल्ली के माता सुंदरी महाविद्यालय तथा भारतीय संस्कृति पोर्टल के सहयोग से शिक्षकों की डिजिटल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन शामिल है। इसके बाद एक दिवसीय संग्रहालय शिक्षाविदों की एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दिल्ली के विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य सरकार संग्रहालयों की सहभागिता होगी। संग्रहालय इसके लिए हेरिटेज लैब, फ्लो इंडिया, एक्सेस फॉर ऑल तथा ‘हेरिटेज फॉर एजुकेटर्स मीट’ के साथ सहयोग करेगा। द एजुकेटर्स मीट राष्ट्रीय संग्रहालय (एनएम) की एक प्रायोगिक पहल है, जिसकी अवधारणा सरकारी संग्रहालय शिक्षाविदों को एक साथ एक मंच पर लाने के प्रयास के रूप में की गई है, जिससे कि अवसरों, चुनौतियों और उन्हें प्राप्त करने योग्य समाधानों को साझा किया जा सके तथा उन पर चर्चा की जा सके।

भारी सुरक्षा के बीच ज्ञानवापी मस्जिद में हुआ सर्वे

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण रविवार को भारी सुरक्षा के बीच जारी रहा।

माणिक साहा ने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

बिप्लब कुमार देब के त्रिपुरा का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा ने त्रिपुरा के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

निधि छिब्बर बनी सीबीएसई की नई चेयरपर्सन

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निधि छिब्बर को सीबीएसई चेयरपरसन बनाया है। देश के लगभग सभी राज्यों में सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से लाखों छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन छात्रों की कुल संख्या किसी भी अन्य मौजूदा बोर्ड के मुकाबले कहीं अधिक है। वहीं सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाने वाली 10वीं एवं 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर ली जाती हैं।

कांग्रेस ‘चिंतन शिविर’ में उठा ईवीएम का मुद्दा

उदयपुर में चल रहे कांग्रेस ‘चिंतन शिविर’ के दौरान बैलेट पेपर पर चुनाव की मांग का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उपसमूह ने इसे ठुकरा दिया और कहा कि यह सभी दलों की चिंता है और इस पर सर्वदलीय बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवसपर वेंकैया नायडू ने दी बधाई

भारत के उपराष्ट्रपति ‘एम. वेंकैया नायडू’ ने रविवार को ‘अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस’ पर लोगों को ढेर सारी बधाई दी।

वेंकैया नायडू ने ट्वीट करते हुए कहा, “अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस पर मेरी तरफ से सबको हार्दिक शुभकामनाएं। परिवार एक स्वस्थ और मूल्य-आधारित समाज का आवश्यक बिल्डिंग ब्लॉक है। हमारी सदियों पुरानी भारतीय परिवार प्रणाली ने हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित किया है।”

मौसम विज्ञान विभाग की केरल, लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के मुख्य सचिव और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासक को लिखे पत्र में शनिवार को अगले चार दिनों के दौरान केरल और लक्षद्वीप में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है।

भारत ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर पहला थॉमस कप जीता

भारतीय बैडमिंटन टीम ने रविवार को फाइनल में इतिहास रचते हुए इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर अपना पहला थॉमस कप खिताब जीत लिया।

खरमोर : जलवायु परिवर्तन की मार सहता खतराग्रस्त 50 पक्षियों की श्रेणी में शुमार पक्षी

Bird world

एकांतप्रिय पक्षी है खरमोर (Lesser florican, also known as the likh or kharmore)

खरमोर अभयारण्य / सैलाना वन्यजीव अभयारण्य, (Kharmor Sanctuary) | खरमोर पक्षी की जानकारी,
Lesser Florican Bird In Hindi

पिछले दिनों हमें खरमोर पक्षी की दिलचस्प उछाल देखने का अवसर झाबुआ जिले के रायपुरिया गांव से सटे घास के मैदान (Grasslands adjacent to Raipuria village of Petlawad Tehsil in Jhabua District of Madhya Pradesh) में मिला। इसे अस्सी के दशक में सालिम अली की पहल पर रतलाम जिले के सैलाना में खरमोर अभयारण (Sailana Wildlife Sanctury) घोषित किया जा चुका है। मानसून के साथ घास ऊंची होने लगती है और देसी मुर्गे के आकार के इन पक्षियों का आना प्रारंभ होता है। मानसून की विदाई के साथ ही ये यहां से विदा ले लेते है। बताया जाता है कि खरमोर की तादाद पिछले दशकों में बेहद घटी है

खरमोर की उपस्थिति का पता कैसे चलता है?

प्रजनन काल में खरमोर की उपस्थिति का पता उनकी प्रणय निवेदन की प्रक्रिया से चलता है। इस दौरान नर खरमोर आकर्षक रूप धारण कर लेता है, उसकी गर्दन और छाती के पंख सफेद परों में ढंक जाते हैं। माथे पर एक कलंगी होती है जो हवा में लहराती है। मटमैले रंग की चितकबरी मादा साल भर एक सरीखी रहती है। प्रजनन काल में नर काफी सक्रिय हो जाता है और मादा को लुभाने के लिए आसमान में ऊंची-ऊंची उछाल मारता है।

सुन्दर सुराहीदार गर्दन और लंबी टांगों वाले खरमोर की उछाल देखते ही बनती है। घास जितनी ऊंची होती है उससे ऊंची छलांग खरमोर लगाता है।

कमजोर मानसून में घास अधिक ऊंची न होने के चलते खरमोर की छलांग भी प्रभावित होती है। इन हालात में खरमोर यहां पहुंचते भी नहीं हैं।

खरमोर का स्वभाव

खरमोर काफी शर्मिला और एकांतप्रिय पक्षी है। खरमोर को मानवीय हस्तक्षेप बिलकुल पंसद नहीं है। जब हम मोरझरिया में खरमोर का अवलोकन कर रहे थे तब जरा सी भी इंसानी आहट को वे भांप जाते और उछलना बंद कर घास में छिपने की कोशिश करते थे।

खरमोर का निवास व प्रजनन स्थान

उल्लेख मिलता है कि खरमोर भारत में हिमालय की तराई से लेकर दक्षिण तक पाए जाते थे। पहले खरमोर का प्रमुख प्रजनन स्थान नासिक, अहमदनगर, शोलापुर, पूर्वी हरियाणा और काठियावाड़ में था। लेकिन वर्तमान में खरमोर के प्रजनन स्थल गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्यप्रदेश हैं।

शंकरन द्वारा 1999 तथा भारद्वाज और उनके साथियों द्वारा अगस्त 2010 में गुजरात, राजस्थान व मध्यप्रदेश में एक सर्वे किया गया था। कुल 91 घास के मैदान का सर्वे किया गया।

वर्ष 2010 के सर्वे में 24 मैदानों में खरमोर की उपस्थिति का पता लगा। यहां 84 खरमोर देखे गए जिनमें से 83 नर और एक मादा थी।

2010 में खरमोर की तादाद 1999 के मुकाबले 65 फीसदी कम थी।

महाराष्ट्र के विदर्भ में यवतमाल जिले में 1982 में तथा 2010 में अकोला जिले में खरमोर (Kharmore in Akola district) के मिलने की पुष्टि हुई है। इसी प्रकार से 20-25 खरमोरों की पुष्टि वाशिम जिले में हुई है।

गुजरात में दाहोद, भावनगर, अमरेली, सुरेन्द्र नगर और कच्छ जिलों में खरमोर पाए जाने की पृष्टि हुई है।

राजस्थान में अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, पाली और प्रतापगढ़ जिलों में खरमोर देखे गए हैं।

आंध्रप्रदेश में खरमोर रोलपाडू वन्यजीव अभयारण्य और बंगालपन्नी में देखे गए हैं।

photo of lesser whistling duck
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उल्लेखनीय है कि सरदारपुर खरमोर अभयारण्य में इस मानसून में एक भी खरमोर ने दस्तक नहीं दी। सैलाना अभयारण्य में लगभग एक दर्जन खरमोर दिखाई दिए है जो पिछले सालों की तुलना में कम है। झाबुआ जिले के रायपुरिया से सटे मोरझरिया में इस साल तीन खरमोर देखे गए है? पिछले सालों का आकांड़ा देखे तो सैलाना में 2005 में 26, 2006 में 28, 2007 में 27, 2008 में 30, 2009 में 32, 2010 में 23 और 2011 में 18 और 2015 में 15 खरमोर दिखाई दिए थे।

आखिर खरमोर की संख्या में कमी के क्या कारण हैं?

हाल ही में बीएनएचएस के छह सदस्यीय दल ने सरदारपुर, झाबुआ जिले के पेटलावद व सैलाना के घास के मैदानों व गांवों का अध्ययन प्रारंभ किया है जो यह समझने की कोशिश करेगा कि आखिर खरमोर की संख्या घटने के कारण क्या हैं (After all, what are the reasons for the decrease in the number of Kharmore?)

जिला वन अधिकारी राजेश खरे के मुताबिक मोरझरिया घास के मैदान की तार फैसिंग की जा चुकी है। वहां पर नाकेदार और चौकीदारों की नियुक्ति भी की गई है, जो खरमोर की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

हाल ही में हम लेखकद्वय ने मोरझरिया गांव से सटे घास के मैदान का दौरा किया जहां तीन नर खरमोर दिखाई दिए।

मोरझरिया के घास के मैदान में चौकीदारी कर रहे आदिवासी बीजल बताते हैं कि यहां पर पिछले साल भी खरमोर देखे गए हैं। वे उसी वास्तविक स्थिति भांपने का हुनर रखते हैं। उन्होंने हमें हाथ के इशारे से बताया कि किस जगह पर खरमोर बैठे हैं। और कुछ ही देर में उस स्थान से खरमोर ने उछाल भरी।

खरमोर का दुश्मन कौन है?

बीजल ने बताया कि खरमोर की मौजूदगी का पता उसके दुश्मन से भी लगता है। शिकरा नामक पक्षी खरमोर का दुश्मन है। खरमोर जहां होता है उसके आसपास शिकरा तेजी से मंडराता है और उसे परेशान करने की कोशिश करता है।

उन्होंने बताया कि अभी जहां शिकरा मंडरा रहा है, खरमोर वहीं कहीं घास में दुबका हुआ होगा।

खरमोर को बचाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

खरमोर को बचाने के लिए वन विभाग की ओर से जो प्रयास किए जो रहे हैं उनमें से एक है इनाम योजना।

इनाम योजना के तहत अगर किसी को खरमोर दिखता है तो उसकी खबर देने वाले को एक हजार रूपये और अगर खरमोर किसी के खेत में अंडा देता है और उसकी खबर वन विभाग का दी जाती है तो खेत मालिक को पांच हजार रूपये देने की घोषणा की गई है। जिन किसानों के खेतों में खरमोर अंडे देते हैं उस फसल की भरपाई भी वन विभाग की ओर से की जाती रही है।

दरअसल, खरमोर घास के मैदानों से सटे हुए सोयाबीन, मूंग-उड़द, मूंगफली इत्यादि के खेतों में चले जाते हैं और सुरक्षित स्थान पाकर वहां अंडे दे देते हैं।

खरमोर को संरक्षित करने का मामला प्राकृतवास की सुरक्षा से जुड़ा है। सैलाना में खरमोर अभयारण्य से लगे हुए इलाके में पवन चक्कियां लगाई गई है। आशंका जताई जा रही है कि इन पवन चक्कियों की आवाज से खरमोर की जीवनचर्या प्रभावित होती है। ये मसले हैं जिन पर अध्ययन करने की जरूरत है।

खरमोर झाड़ियों और झुरमुटदार सूखे घास के मैदान में बहुतायत से और कभी-कभार बाजरे, कपास इत्यादि की फसल वाले खेतों में देखे गए हैं। ऊंचे और घने पेड़ों वाले इलाकों या पहाड़ी, दलदल, घने जंगल, रेगिस्तान और बंजर जमीन पर नहीं पाए जाते। खरमोर उस घास के मैदान मे रहना पसंद करते हैं जहां पशुओं की दखलंदाजी न हो और घास की ऊंचाई एक मीटर से अधिक न हो।

उत्तर पश्चिम भारत में घास के मैदानो में जो घास पाई जाती वह छोटे-छोटे चकत्तों में दूर-दूर उगती है। खरमोर इसी घास में अंडे देता है।

शंकरन का यह अवलोकन है कि जिन सालों में बरसात अधिक होती है और घास के मैदान ऊंची घास से ढंक जाते हैं तो खरमोर छोटे घास वाली वनस्पति के खेत में चले जाते हैं और जब खरमोर प्रजनन न कर रहे हों, तो ये छोटे पेड़ों और पशुओं के चरने वाले मैदान व कंटीली बेर की झाड़ियों में विचरण करते रहते हैं।

खरमोर के प्रजनन व्यवहार का सबसे दिलकश नर की उछाल ही उसके लिए खतरा साबित हुई है। शिकारी इस ताक में रहते है कि कब खरमोर उछले और उसे बंदूक से मार गिराया जाए।

विवरण मिलते हैं कि खरमोर को उस समय मार गिराया जाता था, जब प्रणय निवेदन के लिए या दूसरे नर खरमोर को अपनी मौजूदगी का पता देने के लिए वे घास में उछलते थे। उछलते वक्त नर खरमोर मेंढक के टर्राने सी अवाज निकालता है जो शांत घांस के इलाके में 300 से 400 मीटर की दूरी तक सुनी जा सकती है।

यह देखा गया है कि एक दिन भर में नर 600 बार तक उछाल भरता है।

खरमोर एक स्थानीय प्रवासी है। हालांकि इसके प्रवास का रहस्य बेहतरी से अभी तक नहीं समझा जा सका है। अप्रजनन काल में ये रहस्यमय ढंग से अपना रंग बदल लेते है।

ये मानसून के दिनों में देश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में घास के मैदानों में प्रजनन करते हैं और फिर दक्षिण-पूर्वी भागों की ओर चले जाते हैं। अपने अप्रजनन काल में ये क्या करते हैं, कैसे रहते हैं इसके बारे में बहुत कुछ जानना-समझना अभी भी शेष है।

पिछले कुछ वर्षों में खरमोर की संख्या में काफी कमी आई है। 1870 में इनकी वैश्विक संख्या लगभग 4374 थी जो 1989 में 60 फीसदी घटकर लगभग 1672 रह गई। हालांकि एक सर्वे 1994 में किया गया था जिससे पता चलता है कि अच्छी बरसात के चलते इनकी संख्या में फिर से बढ़ोत्तरी हुई जो बढ़कर 2206 हो गई।

इसी प्रकार से खरमोर की संख्या की बढ़ोत्तरी के पैटर्न को देखते हुए 1999 में खरमोर की संख्या 3530 तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी मगर ऐसा हो न सका।

वर्तमान में विश्व स्तर पर खरमोर शायद 2500 के अंदर ही सिमटकर रह गए हैं। खरमोर उन 50 पक्षियों की श्रेणी में शुमार है जो खतराग्रस्त है। जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून का पैटर्न प्रभावित हुआ है जिसका असर खरमोर के प्रजनन पर हो रहा है।

हमारे यहां घास मैदानों को जंगल जैसी प्रतिष्ठा हासिल नहीं है और इन्हें अनुपजाऊ जमीन के रूप में ही देखा जाता है। इस वजह से घास के मैदानों पर हर तरह के विकास की योजनाओं को मढ़ दिया जाता है। मसलन अगर वृक्षारोपण करना हो तो इन्हीं घास के मैदानों को क्षतिपूर्ति के रूप में चुना जाता  है। जब विकास के नाम पर जंगल कटते हैं तो इन्हीं घास के मैदानों को बंजर मानकर इन पर वृक्षारोपण करके खरमोर के कुदरती आवासों को नेस्तनाबूत किया जाता रहा है।

इनके अलावा खरमोर का शिकार, फसलों में कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल, घास के मैदानों में पशु चराई के बढ़ते दबाव, घास के मैदानों पर अतिक्रमण आदि ऐसे कारण हैं जिनके चलते घास के मैदानों का बुरा हाल हुआ है। इन कारणों से खरमोर के प्रजनन आवास बर्बाद हो रहे हैं, जो खरमोर के भविष्य का धुंधला कर रहे है।

– कालुराम शर्मा/जितेश भोल्के

Notes : खरमोर का वैज्ञानिक नाम : Sypheotides indicus

अन्य क्षेत्रीय नाम:

हिन्दी : लीख या लिख, छोटा चरत

गुजराती : खर मोर

मध्य प्रदेश : खर तीतर, भटकुकड़ी, भटतीतर

महाराष्ट्र : तन्नेर

पश्चिम बंगाल : छोटा डाहर, लिख

तमिलनाडु : वारागु कोझि

आन्ध्र प्रदेश : नेला नेमाली

केरल : चट्टा कोझि

कर्नाटक : चट्टा कोझि , कन्नौल

सिन्ध : खरमूर

(देशबन्धु में वर्ष 2017 में प्रकाशित लेख का संपादित रूप साभार)

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 12 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 12 May 2022

बदरीनाथ-केदारनाथ में चार और श्रद्धालुओं की मौत, मरने वालों की कुल संख्या 26 हुई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए तीन श्रद्धालुओं की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इनमें से एक श्रद्धालु की मौत पंचम केदार कल्पेश्वर धाम में हुई। उधर, केदारनाथ धाम में भी गुजरात के एक श्रद्धालु ने हृदयगति रुकने से दम तोड़ दिया। इसी के साथ चारों धाम में हृदयगति रुकने से मरने वालों की संख्या अब 26 पहुंच गई है।

22 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में पहचान रखने वाले सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट 22 मई को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

चक्रवाती तूफान असानी तटीय आंध्र के पास हुआ कमजोर

 तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश गुरुवार को भी जारी है, जबकि चक्रवाती तूफान असानी अब कमजोर पड़ गया है।

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर धरती को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये प्रधानमंत्री ने नर्सों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर धरती को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये नर्सों का अभिनंदन किया है।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है-

 “नर्सें हमारे ग्रह को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनका समर्पण और संवेदना अनुकरणीय है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस वह दिन है, जब हम अपने नर्सिंग स्टाफ के उत्कृष्ट कार्यों, यहां तक कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उत्तम कार्य करने के लिये उनके प्रति बार-बार आभार व्यक्त करते हैं।”

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ताजमहल में बंद 22 कमरों को खोलने की याचिका खारिज की

अदालत ने ताजमहल के “इतिहास” और इसके 22 बंद कमरों के दरवाजे खोलने की तथ्य-खोज जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। इंडिया टुडे के अनुसार, अदालत ने कहा कि ताजमहल के पीछे “वास्तविक सच्चाई” का पता लगाने के लिए एक समिति गठित करने की याचिका एक “गैर-न्यायसंगत” मुद्दा है।

राजीव कुमार बने नए मुख्य चुनाव आयुक्त

चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को 15 मई से भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, राजीव कुमार 15 मई को कार्यभार संभालेंगे, क्योंकि सुशील चंद्रा का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा है। सुशील चंद्रा के बाद तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में राजीव कुमार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त हैं।

कानून मंत्री को मनमाने तरीके से लक्ष्मण रेखा खींचने का अधिकार नहीं : पी. चिदंबरम

देशद्रोह कानून पर समीक्षा होने तक सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के बाद पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू के लक्ष्मण रेखा वाले बयान पर निशाना साधा है।

इंटरसोलर यूरोप 2022 में भाग लेने के लिए म्यूनिख पहुंचे श्री भगवंत खुबा

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा “इंटरसोलर यूरोप 2022” में भाग लेने के लिए आज जर्मनी के म्यूनिख पहुंचे। केंद्रीय मंत्री आज निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम में “भारत का सौर ऊर्जा बाजार” विषय पर मुख्य भाषण देंगे।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आईएएस पूजा सिंघल सस्पेंड, नये ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को निलंबित कर दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बुधवार को सिंघल को गिरफ्तार किये जाने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है।

भोपाल में सड़क पर उतरे युवक कांग्रेसियों पर पानी की बौछार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आदिवासी अत्याचारों को लेकर युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा, साथ ही कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।

आईएमए ने भी स्वास्थ्य मंत्री से नीट-पीजी परीक्षा स्थगित कराने की मांग की

जूनियर डॉक्टरों द्वारा नीट-पीजी 2022 परीक्षा स्थगित करने की मांग के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर 21 मई की परीक्षा को दोबारा कराने की मांग की है।

ब्राजील में विमान हादसा, दो की मौत, 14 घायल

ब्राजील के बोइटुवा शहर में एक हल्के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए।

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 09 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 09 May 2022

केंद्र सरकार देशद्रोह कानून पर पुनर्विचार को तैयार, SC में कहा- तब तक इससे जुड़े मामलों की सुनवाई लंबित रखी जाए

केंद्र ने सरकार ने आईपीसी की धारा 124A (#sedition) की फिर से जांच करने और उस पर फिर से विचार करने का फैसला किया है. केंद्र ने सर्वोच्च न्यायलय से सरकार द्वारा किए जाने वाले पुनर्विचार की कवायद का इंतजार करने का आग्रह किया।

जेईई मेंस और एडवांस की परीक्षाओं के लिए शिक्षा मंत्रालय ने गठित किया नया बोर्ड

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जेईई मेंस और जेईई एडवांस के लिए एक 19 सदस्यीय बोर्ड गठित किया है। आईआईटी व इंजीनियरिंग के अन्य संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाले एग्जाम ‘जेईई’ के आयोजन के लिए बोर्ड गठन है। बोर्ड के चेयरमैन आइआइटी मद्रास के पूर्व निदेशक प्रोफेसर भास्कर रामामूर्ति हैं। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक जेईई मेंस व जेईई एडवांस की प्रक्रिया और बेहतर एवं पारदर्शी बनाने के लिए जेईई बोर्ड का गठन किया गया है। जेईई के इस शीर्ष बोर्ड में कुल 19 सदस्य होंगे।

पश्चिम रेलवे के ओवरहेड तार टूटे, ट्रेनें ठप

बोरीवली स्टेशन के पास सोमवार सुबह एक ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूट जाने के बाद उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं।

जस्टिस धूलिया, जस्टिस परदीवाला ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के रूप में शपथ ली

गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जमशेद बी परदीवाला ने सोमवार को शीर्ष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

गंभीर चक्रवाती तूफानमें तब्दील हुआ असानी, इन राज्यों में अगले 4 दिन बारिश के आसार, अलर्ट पर तीन राज्य

बंगाल की खाड़ी में आया तूफान असानी रविवार को तेज होकर चक्रवात में बदल गया है। इस तूफान की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक है। मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के अगले 24 घंटों में और तेज होने की आशंका है। हालांकि, चक्रवात के तटीय क्षेत्र से टकराए बिना अगले हफ्ते तक कमजोर पड़ने की भी संभावना है।

गैंगस्टर विकास दुबे की संपत्ति कुर्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे और उनके रिश्तेदारों की 67 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

हिमाचल विधानसभा के गेट पर खालिस्तानी झंडा लगाने का मामला, पन्नू के खिलाफ केस दर्ज

प्राप्त जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रविवार को विधानसभा के गेट पर खालिस्तानी झंडे लटके मिलने के मामले में पुलिस ने इस मामले में सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है।

शाहीन बाग विध्वंस ड्राइव

कथित अवैध निर्माण ढहाने के लिए पुलिस साथ लेकर पहुंचे एमसीडी अधिकारी। बुलडोजर के सामने बैठे लोग।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखीमपुर हिंसा कांड में 4 आरोपियों को बेल देने से इनकार किया

प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने अक्टूबर 2021 के लखीमपुर हिंसा कांड में चार आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।

यूजीसी का सुझाव, विश्वविद्यालय चाहें तो पीएचडी वायवा टेस्ट ऑनलाइन माध्यमों से ले सकते हैं

कोरोना का कहर कुछ कम होने पर देश भर के विश्वविद्यालय ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर चुके हैं। हालांकि कुछ क्रियाकलापों के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक सुझाव दिए हैं कि उच्च शिक्षा में एमफिल और पीएचडी का वायवा भी ऑनलाइन लिया जा सकता है।

न्यूयॉर्क की गवर्नर कोरोना पॉजिटिव

अमेरिका में न्यूयॉर्क प्रांत की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि वह कोरोना से संक्रमित पाई गई हैं।

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें | 08 मई 2022 की खास खबर

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ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस

Top headlines of India today. Today’s big news 08 May 2022

शिक्षण संस्थान वे स्थान हैं जो हम में से प्रत्येक की आंतरिक और कभी-कभी छिपी प्रतिभा को निखारते हैं: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि शिक्षण संस्थान केवल अध्ययन के स्थान नहीं हैं; बल्कि ये वे स्थान हैं जो हम में से प्रत्येक की आंतरिक और कभी-कभी छिपी प्रतिभा को निखारते हैं।

श्री कोविंद आज (8 मई, 2022) नागपुर के एमआईएचए के दहेगांव मौजा स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान के स्थायी परिसर के उद्घाटन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रपति ने कहा कि पाठ्यक्रम हमें अपने भीतर के उद्देश्य, महत्वाकांक्षा का आत्मनिरीक्षण करने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर प्रदान करता है।

एनके सिंह गुवाहाटी उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने

प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति नोंगमीकापम कोटिस्वर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के बाद ऐसा किया गया है।

असम : 13 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया, हथियार डाले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतिबंधित ऑल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी (एएनएलए) के 13 उग्रवादियों ने रविवार को असम के कार्बी आंगलोंग जिले के बोकाजन पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।

लता मंगेशकर के नाम पर अयोध्या में होगा चौराहा

अयोध्या में एक प्रमुख क्रॉसिंग विकसित की जाएगी और इसका नाम प्रसिद्ध गायिका भारत रत्न दिवंगत लता मंगेशकर के नाम पर रखा जाएगा।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उपराष्ट्रपति ने सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया

 उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बीते शनिवार को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित करने के लिए नीतियों के साथ-साथ लोगों से ‘सामूहिक कार्रवाई’ करने का आह्वान किया है।

तुर्की 10 लाख सीरियाई शरणार्थियों को वापस भेजेगा

सीरियाई शरणार्थियों के खिलाफ व्यापक जनविरोध को देखते हुए तुर्की 10 लाख शरणार्थियों को उनके देश वापस भेजने की योजना बना रहा है।

21 मई से भुवनेश्वर में होगा इंडियन ग्रां प्री का आयोजन

इंडियन ग्रां प्री 3 और 4 का आयोजन क्रमश: 21 और 24 मई को भुवनेश्वर में किया जाएगा।

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 03 मई 2022

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Top headlines of India today. Today’s big news 03 May 2022

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शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाएंगी क्षेत्रीय भाषाएं : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 द्वारा निर्देशित शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाने में क्षेत्रीय भाषाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कोपेनहेगन पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन के साथ बातचीत के लिए आज कोपेनहेगन पहुंचे। हवाई अड्डे पर डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने स्वागत किया।

ईद पर झड़प के बाद जोधपुर में तनाव, कर्फ्यू, इंटरनेट ठप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोधपुर में सांप्रदायिक तनाव को लेकर 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

श्रीलंका को चावल, दूध पाउडर, दवाएं भेजेगा तमिलनाडु

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा है कि सरकार पहले चरण में श्रीलंका को चावल, दूध पाउडर और दवाइयां भेजेगी।

भारत में एक्सई वैरिएंट का एक पुष्ट मामला सामने आया : आईएनएसएसीओजी

भारत में एक्सई कोरोना वैरिएंट का एक पुष्ट मामला सामने आया है। ये जानकारी भारतीय सार्स-सीओवी2 जीनोमिक्स सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) की नई बुलेटिन से समाने आई है।

मप्र के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा भगवान परशुराम का पाठ

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भगवान परशुराम के अवतरण दिवस के मौके पर भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूलों में परशुराम से संबंधित अध्याय पढ़ाने और पुजारियों का मानदेय पांच हजार किए जाने का ऐलान किया।

बंगाल की धार्मिक एकता की संस्कृति कई लोगों के लिए ईर्ष्या का विषय : ममता

ईद उल-फितर के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एकता का आह्वान करते हुए कहा कि ‘अलगाव की नीति’ अच्छी नहीं है।

शी चिनफिंग ने एयरोस्पेस युवाओं को भेजा पत्र

चार मई को युवा दिवस के अवसर पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति और चीनी सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने 2 मई को चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी निगम के अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण युवा टीम को जवाबी पत्र भेजा, अंतरिक्ष के मोर्चे पर सभी युवाओं को युवा दिवस की बधाई दी और उनसे बहुत उम्मीदें लगाईं।

केन्या ने असुरक्षा के बीच उत्तरी क्षेत्र में लगाया रात का कर्फ्यू

केन्या की सरकार ने बढ़ती असुरक्षा को लेकर सुरक्षा निरस्त्रीकरण अभ्यास को बढ़ाने के लिए देश के उत्तरी हिस्से में मरसाबिट काउंटी में एक महीने के रात के कर्फ्यू और सुरक्षा अभियानों की घोषणा की है।

अमेरिका : बच्चों में बढ़ने लगे हेपेटाइटिस के मामले, स्वास्थ्य अधिकारी चिंतित

अमेरिका में बच्चों में हेपेटाइटिस तेजी से फैल रहा है। बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों और माता-पिता की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

खबरों में : संजु सैमसन, अक्षय तृतीया, राहुल तेवतिया, फ्लिपकार्ट, इलॉन मस्क, भारतीय जीवन बीमा निगम, राजस्थान रॉयल्स, इंडियन प्रीमियर लीग, स्पाइस जेट, ट्विटर

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 02 मई 2022

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Top headlines of India today. Today’s big news 02 May 2022

दिन भर की खबर | दिन की खबर | भारत समाचार |शीर्ष समाचार| चुनाव | हस्तक्षेप समाचार

सीबीआई ने 8 स्थानों पर छापेमारी के बाद मेहुल चोकसी के खिलाफ ताजा मामले में दस्तावेज जब्त किए

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी और उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स के खिलाफ 2014-18 के बीच भारतीय औद्योगिक वित्त निगम लिमिटेड से 22 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए एक नया मामला दर्ज किया है।

इंडोनेशिया द्वारा प्रतिबंध के बावजूद भारत की खाद्य तेल की स्थिति आरामदायक है; भारत सरकार का दावा

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा, “भारत के पास सभी खाद्य तेलों का इष्टतम भंडार है। उद्योग के सूत्रों के अनुसार, देश में सभी खाद्य तेलों का वर्तमान स्टॉक 21 एलएमटी लगभग है और लगभग 12 एलएमटी मई, 2022 में आने वाला है।”

तेल और गैस कंपनियों में निवेश का समर्थन करने पर कॉप26 के अध्यक्ष की कड़ी आलोचना

कुछ विकसित देश रूस से निरंतर तेल आयात को लेकर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में COP26 के अध्यक्ष आलोक शर्मा के उस कदम की कड़ी आचोचना हो रही है जिसमें उन्होंने क्वासी क्वार्टेंग (यूके के सचिव, व्यापार, ऊर्जा और औद्योगिक रणनीति) के पत्र का समर्थन किया जिसमें वो जीवाश्म ईंधन को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पांच प्रतिशत बढ़ा

 छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के बाद अब राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है।

सर्वोच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय : किसी को भी टीकाकरण के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता

सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि किसी भी व्यक्ति को टीका लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने कहा कि विभिन्न संगठनों, संस्थानों और सरकारों द्वारा बिना टीकाकरण वाले लोगों पर लगाए गए प्रतिबंध आनुपातिक नहीं हैं। पीठ ने सुझाव दिया कि जब तक संख्या कम न हो, राज्य सरकारों को इस तरह के प्रतिबंधों को हटाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि शारीरिक स्वायत्तता/शारीरिक अखंडता एक संवैधानिक अधिकार है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को टीकाकरण के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि शीर्ष अदैलत ने यह भी कहा कि सरकार की मौजूदा कोविड-19 नीति मनमानी नहीं है।

मोदी बतौर पीएम 8 साल का कुशासनअर्थव्यवस्था को कैसे बर्बाद किया जाए, इस पर केस स्टडी : राहुल

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनका आठ साल का ‘कुशासन’ अर्थव्यवस्था को कैसे बर्बाद किया जाए, इस पर एक केस स्टडी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के शिक्षा के परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाएगी : नायडु

उपराष्ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडु ने उच्च शिक्षा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा इसे और अधिक समावेशी व न्यायसंगत बनाने का आह्वान किया है।

उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण युवाओं की शिक्षा तक समावेशी और न्यायसंगत पहुंच महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा मानव विकास, राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और एक समृद्ध व टिकाऊ वैश्विक भविष्य बनाती है।

श्री नायडु ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालयों को समाज की गंभीर समस्याओं का समाधान करने के लिए अभिनव और नए विचारों को सामने लाने का काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शोध का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन को अधिक आरामदायक और खुशहाल बनाना होना चाहिए।

राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को गर्मी संबंधी बीमारी पर योजना को लेकर केंद्र सरकार ने पत्र लिखा

बढ़ती गर्मी और कई स्थानों पर तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को छूने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गर्मी से संबंधित बीमारियों पर राष्ट्रीय कार्य योजना के बारे में एक पत्र लिखा है।

122 साल का गर्मी का रिकॉर्ड टूटा, मई में भी रुलाएगी गर्मी

weather conditions

नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2022. लगातार गर्म हवाओं के कारण, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान पिछले 122 वर्षों में अप्रैल महीने में सबसे अधिक रहा। 28 अप्रैल, 2022 तक दर्ज किया गया तापमान (अधिकतम और औसत) पिछले 122 वर्षों में 35.05 डिग्री सेल्सियस के साथ चौथा उच्चतम है।

इससे पहले मार्च 2022 देश के साथ-साथ उत्तर पश्चिम भारत के लिए 122 वर्षों में सबसे गर्म था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को घोषणा की कि अप्रैल 2022 के लिए उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के लिए औसत अधिकतम तापमान 35.90 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस था।

आईएमडी के मुताबिक मई में भी तापमान सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा।

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, “मई के दौरान, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के उत्तरी हिस्सों में सामान्य से अधिकतम तापमान रहने की संभावना है। देश के शेष हिस्सों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान होने का संभावना है।”

https://twitter.com/Indiametdept/status/1520341991586136064

आईएमडी महानिदेशक ने कहा कि “दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और चरम उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से न्यूनतम तापमान की संभावना है।”

इस बीच, देश भर में मई में औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है (लंबी अवधि के औसत का 109 प्रतिशत से अधिक)।

महापात्र ने कहा, “उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ चरम दक्षिणपूर्व प्रायद्वीप को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।”

Web title : 122 year heat record broken

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 29 अप्रैल 2022

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Top headlines of India today. Today’s big news 29 April 2022

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बिजली संकट के लिए अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया

राजस्थान में बिजली कटौती के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिजली की कमी को राष्ट्रीय संकट करार देते हुए केंद्र सरकार पर राज्यों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ति करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

कई जगहों पर एक दिन से भी कम का कोयला बचा: सत्येंद्र जैन

दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि देश भर में कोयले का गंभीर संकट है और कई जगहों पर सिर्फ एक दिन का ही रिजर्व कोयला बचा है।

लाउडस्पीकर विवाद : शिवपाल ने पूछा इस फसाद की जड़ कौन

उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने और आवाज कम करने के विवाद में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने प्रश्न किया है कि अचानक शुरू हुए इस फसाद की जड़ कौन है।

दिल्ली जामा मस्जिद शाही इमाम सांप्रदायिक माहौल पर नाराज, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री से मिलने का समय मांगेंगे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में देश भर में हुई सांप्रदायिक घटनाओं पर दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा है कि, मैं इन सभी घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कल पत्र लिखूंगा और उनसे मुलाकात का वक्त मांगूंगा।

पंजाब के पटियाला में 2 समूहों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने हवा में की फायरिंग

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि शिवसेना की रैली में पत्थर फेंके गए, तलवारें लहराई गईं क्योंकि खालिस्तान विरोधी नारे को लेकर दो समूह आपस में भिड़ गए।

भाकपा (माले) ने अयोध्या में दंगा भड़काने की भगवा साजिश की कड़ी निंदा की, साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा देने की मांग

भाकपा (माले) की उत्तर प्रदेश इकाई ने ईद से ठीक पहले अयोध्या में दंगा भड़काने की भगवा साजिश की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा देने की मांग की है।

भारत में फिर बढ़ रहा कोरोना, 3,377 नए मामले, 60 की मौत

भारत में शुक्रवार को बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 3,377 नए मामले सामने आए, जो पिछले दिन दर्ज किए गए 3,303 संक्रमणों की तुलना में कहीं अधिक हैं।

भारत में भीषण गर्मी का कहर; अगले 5 दिनों में और बढ़ सकता है तापमान

दिल्ली का तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस है, जो 12 साल में सबसे गर्म अप्रैल का दिन है।

हीटवेव : उत्तर, मध्य, पूर्वी भारत में 45 डिग्री नया सामान्य।

कोयले की कमी के चलते 70 सालों में पहली बार 650 से अधिक यात्री ट्रेनें रद्द हो सकती हैं

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय रेलवे ने कोयले की गाड़ियों की तेज आवाजाही की अनुमति देने के लिए 650 से अधिक यात्री ट्रेनों को रद्द करने की योजना बनाई है, क्योंकि देश पूरी तरह से बिजली संकट से जूझ रहा है और बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी है।

जाली पासपोर्ट विवाद : 2023 रग्बी विश्व कप से बाहर हुआ स्पेन

क्वालीफाइंग ग्रुप में दो मैचों में एक खिलाड़ी के जाली पासपोर्ट मामले में दोषी पाए जाने के बाद स्पेन को फ्रांस में होने वाले 2023 रग्बी विश्व कप से बाहर कर दिया गया है।

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 28 अप्रैल 2022

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Top headlines of India today. Today’s big news 28 April 2022

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जीवनशैली में बदलाव और स्वस्थ खान-पान की आदत अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी : नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने चिकित्सा क्षेत्र के समुदाय से लोगों के बीच निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व और एक स्वस्थ जीवन शैली के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने का आह्वान किया है।

नेल्लोर स्थित स्वर्ण भारत ट्रस्ट और ग्लोबल अस्पताल, चेन्नई की ओर से आयोजित एक चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करते हुए श्री नायडू ने कहा कि देश में गतिहीन और तनावपूर्ण जीवन शैली के साथ अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें गैर-संक्रमणकारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी कर रही हैं। उन्होंने सभी लोगों से, विशेषकर युवाओं से शारीरिक फिटनेस और मानसिक सतर्कता बनाए रखने के लिए योग जैसी नियमित शारीरिक गतिविधियां करने का अनुरोध किया।

पीएम मोदी का दावा, 2014 के बाद से पूर्वोत्तर में मुश्किलें कम हो रही हैं, लोगों का विकास हो रहा है

कार्बी आंगलोंग जिले के दीफू में ‘शांति, एकता और विकास रैली’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से नॉर्थ ईस्ट में मुश्किलें कम हो रही हैं, लोगों का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, “आज जब कोई असम के जनजातीय क्षेत्रों में आता है, नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में जाता है, तो हालात को बदलते देखकर उसे भी अच्छा लगता है।”

साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग से संबंधित निर्देश जारी

साइबर घटनाओं से निपटने और नागरिकों की संगठन के साथ बातचीत के दौरान, सीईआरटी-इन ने घटना विश्लेषण में बाधा उत्पन्न करने वाले कुछ अंतरालों की पहचान की है। पहचाने गए अंतराल और मुद्दों को सुलझाने के लिए ताकि घटना प्रतिक्रिया उपायों को सुविधाजनक बनाया जा सके, सीईआरटी-इन ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 की धारा 70बी की उप-धारा (6) के प्रावधानों के तहत सूचना सुरक्षा कार्य प्रणालियों, प्रक्रिया, रोकथाम, प्रतिक्रिया और साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग से संबंधित निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश 60 दिन के बाद प्रभावी हो जाएंगे।

सीईआरटी-इन द्वारा जारी निर्देश https://www.cert-in.org.in/Directions70B.jsp पर उपलब्ध हैं।

मायावती कहिन- सीएम और पीएम बनने की चाहत, मंजूर नहीं राष्ट्रपति पद

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो सुश्री मायावती ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह यूपी की मुख्यमंत्री या आगे चलकर देश की प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं। उन्हें राष्ट्रपति बनने की कोई चाहत नहीं है। लखनऊ में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा यदि दलित, वंचित, मुस्लिम और सवर्ण समाज के गरीब पार्टी से दोबारा जुड़ जाते हैं तो उनका सीएम और पीएम बनना संभव है। उन्होंने कहा कि, अब समाजवादी पार्टी कभी सत्ता में आने वाली नहीं है और अखिलेश यादव खुद विदेश भागने की फिराक में हैं।

कमलनाथ का मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष पद से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने इस्तीफा दे दिया है, इसे पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वीकार करते हुए उनके स्थान पर डा गोविंद सिंह की नेता प्रतिपक्ष के पद पर नियुक्ति कर दी है।

हीटवेव को लेकर उत्तर पश्चिम भारत के लिए आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी 1 मई तक दिल्ली-एनसीआर और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

भारत में बिगड़ रहा कोरोना, 3,303 नए मामले, 39 की मौत

भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं। इससे पहले बुधवार को कोरोना के 2,937 मामले दर्ज किए गए थे।

राहुल गांधी का सवाल, ईंधन पर कर का 68 फीसदी लेती है केंद्र सरकार, फिर राज्यों को दोष क्यों

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल, डीजल और ईंधन की ऊंची कीमतों और करों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया है कि सरकार का संघवाद सहकारी नहीं बल्कि जबरदस्ती है।

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 26 अप्रैल 2022

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Top headlines of India today. Today’s big news 26 April 2022

दिन भर की खबर | दिन की खबर | भारत समाचार |शीर्ष समाचार| हस्तक्षेप समाचार

देशभर में एक साथ शुरू हुई सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं

आज 26 अप्रैल 2022 से देश भर में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के लिए सीबीएसई द्वारा बोर्ड परीक्षा का यह दूसरा चरण आयोजित किया गया है। लगभग 35 लाख छात्र/छात्राएं सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे हैं।

6-12 साल के बच्चों के लिए डीसीजीआई ने कोवैक्सीन को मंजूरी दी

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन को 6-12 साल की उम्र के बच्चों के लिए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) को मंजूरी दे दी।

कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे प्रशांत किशोर

कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि चुनावी प्रबंधक प्रशांत किशोर पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे। बताया जाता है कि ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि प्रशांत किशोर ने 2024 के आम चुनाव के लिए बनाए गए अधिकार प्रदत्त कार्य समूह (एंपावर्ड एक्शन ग्रुप) का हिस्सा बनने से मना कर दिया है।

राहुल गांधी का वार : मोदी के मास्टरस्ट्रोक से 45 करोड़ लोगों ने नौकरी मिलने की आशा खोई

देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पर निशाना साधते हुए कहा कि 45 करोड़ लोगों ने नौकरी पाने की उम्मीद खो दी है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया

“न्यू इंडिया का न्यू नाराः

   हर-घर बेरोज़गारी

   घर-घर बेरोज़गारी

75 सालों में मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके ‘Masterstrokes’ से 45 करोड़ से ज़्यादा लोग नौकरी पाने की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।”

मौसम विभाग की चेतावनी : राजस्थान में अगले 4 दिनों तक चलेगी लू

मौसम विभाग ने राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में मंगलवार से शुक्रवार तक लू चलने की चेतावनी दी है।

विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में गरज के साथ बारिश/तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

26, 27, 29 और 30 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश और असम और मेघालय में भारी वर्षा की संभावना है।

27 अप्रैल को असम और मेघालय में अलग-अलग ओलावृष्टि की भी आशंका है।

यूपी के माध्यमिक शिक्षा निदेशक निलंबित

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) विनय पांडेय को निलंबित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्री पांडेय सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता और सरकारी निर्देशों का पालन न करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।

भारत में कोरोना के एक दिन में 2,483 नए मामले

बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के 2,483 नए मामले सामने आए। इससे पहले सोमवार को कोरोना के 2,541 मामले दर्ज किए गए थे।

तमिलनाडु : आईआईटी मद्रास में 111 हुए कोविड के मामले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी-एम) में कोविड-19 के कुल मामले 111 हो गए हैं। पहले 32 मामले थे।

चीन एक प्रमुख बौद्धिक संपदा निर्माता बनने की ओर अग्रसर

26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस है। 24 अप्रैल को चीन सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में, चीन में पीसीटी अंतरराष्ट्रीय पेटेंट आवेदनों की संख्या लगातार तीन वर्षों तक दुनिया में पहले स्थान पर रही। पिछले पांच वर्षों में, वैश्विक नवाचार सूचकांक में चीन की रैंकिंग तेजी से बढ़ी है।

28 अप्रैल : विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य व सुरक्षा दिवस

28 अप्रैल को श्रमिकों के लिए एक खास दिवस होता है- विश्व सुरक्षित उत्पादन और स्वास्थ्य दिवस (World Day for Safety and Health at Work)। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक स्मृति दिवस के रूप में इसे दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में मान्यता दी गई है।

सूरजमुखी सूर्य की ओर क्यों मुड़ता है? | Sunflower in Hindi

Know Your Nature

सूरजमुखी का नामकरण कैसे हुआ? रात में सूरजमुखी के फूल की दिशा कौन सी होती है?

सूरजमुखी (Sunflower in Hindi) को यह नाम शायद इसलिए दिया गया होगा क्योंकि इसका फूल सूरज की तरह दिखाई पड़ता है – वृत्ताकार आकृति और किरणों की तरह फैलती पीली पंखुड़ियां। लेकिन फिर लोगों की दृष्टि में यह तथ्य भी आया होगा कि खिलती हुई इस पौधे की कलियां दिन में सूरज की स्थिति की ओर उन्मुख रहती हैं। सुबह को वे पूर्व की ओर उन्मुख होती हैं, दिन में सूरज की स्थिति की ओर बने रहकर शाम तक पश्चिम की ओर घूम जाती हैं और रात में फिर घूम कर सुबह तक फिर पूर्वोन्मुखी हो जाती हैं।

सूरजमुखी के फूल का मुख किस दिशा में रहता है? क्यों सूरजमुखी सूर्य की ओर मुड़ता है? सूरजमुखी का फूल सूर्य की ओर ही क्यों रहता है?

सूरजमुखी के नामकरण (names of sunflowers) में शायद इस तथ्य की भी भूमिका रही होगी। किंतु यदि आप सूरजमुखी के परिपक्व फूलों को देखें तो वे सूर्य के साथ गति नहीं करते, हर समय पूर्वोन्मुखी रहते हैं। सूरजमुखी के फूलों का यह आसाधारण व्यवहार भी पौधे द्वारा फलने-फूलने के लिए अनुकूल परिस्थिति निर्माण प्रक्रम का अंग हैं। सूरजमुखी के फूल (sunflower flowers) के इस विशेष व्यवहार का अध्ययन सबसे पहले वनस्पति विज्ञानी जोहन शैफनर (Botanist Johann Wilhelm Schaffner) ने किया था। उस समय अमरीकी मूल का यह पौधा यूरोपीय देशों में अवांछित खरपतवार था और बोटैनिकल गजेट में प्रकाशित शैफनर के अध्ययन ने ही वैज्ञानिकों का ध्यान इसकी ओर खींचा था।

अभी तक वैज्ञानिक सूरजमुखी के फूलों के सूर्य की ओर उन्मुख रहने की विधि और व्यवहार का ठीक से व्याख्या नहीं कर पा रहे थे। किंतु हाल ही में प्रतिष्ठित शोध पत्रिका साइंस में छपा एक लेख इस रहस्य के उद्घाटन का दावा करता है। कैलिफोर्निया डेविस विश्वविद्यालय की पादप जैविकी की प्रोफेसर स्टैसी हर्मर (Stacey Harmer Professor-Department of Plant Biology, College of Biological Sciences) ने पौधों में सर्केडियन रिदम, Plant Circadian Rhythms– एक आंतरिक घड़ी जो बाह्य जगत के प्रभावों के अनुरूप संचालित होती है – के अध्ययन के दौरान इस रहस्य को समझा।

हर्मर ने अपने एक विद्यार्थी हैगप अटैमियन को दिन के अलग-अलग समय पर फूल के निकट की डंठल के विभिन्न भागों में वृद्धि मापने का काम दिया। पहले अटैमियन ने फूलों की डंठलों पर फंकचें लगाकर उनको घूमने से रोक कर देखा और पाया कि जिन फूलों की सूर्योन्मुखी गति अवरुद्ध की गई थी उनकी वृद्धि भी रुक गई, वे छोटे रह गए और मुरझाने लगे। स्पष्ट था सूर्योन्मुखी बने रहने से फूलों को लाभ था।

फिर अटैमियन ने गमले में लगे सूरजमुखी के पौधों को एक ऐसे प्रकोष्ठ में रखा जिसमें सिर्फ छत पर एक तीव्र प्रकाश लगा था और पाया कि कई दिन तक पौधे में पूर्व से पश्चिम की ओर सूर्योन्मुखी गति हुई। अत: पौधे की यह गति स्पष्टत: सर्केडियाई गति थी और पौधे की आंतरिक घड़ी निश्चय ही इस गति को नियंत्रित करती थी।

पौधे जंतुओं की तरह सोते तो नहीं हैं पर उनमें भी कुछ जीन ऐसे होते हैं जो प्रकाश के प्रभाव में उनके व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।

एक अन्य प्रयोग में हर्मर और उनके दल ने सूरजमुखी के फूल के निकट तने पर सभी ओर बराबर दूरियों पर कुछ बिंदु अंकित किए और सुबह-दोपहर और शाम को उन बिंदुओं के बीच की दूरी को मापा। उन्होंने पाया कि सूर्य के प्रकाश में वृद्धि हार्मोन ऑक्सिन फूल के वृत्त में इस प्रकार वृद्धि करता है कि उसका फूल सूर्य की ओर घूम जाता है। पौधे की यह प्रवृत्ति अनुकूलन का परिणाम है, क्योंकि मधुमक्खियों एवं अन्य कीटों को ऊष्ण फूल पसंद हैं और सूर्योन्मुखी रहने से उनमें ऊष्णता बनी रहती है और परागण के अवसर बढ़ जाते हैं। परिपक्व होने पर फूल पूर्वोन्मुखी बने रहते हैं क्योंकि परिपक्व होकर वे दृढ़ हो जाते हैं और सुबह-सुबह की उष्णता से प्रभावित कीटों से अधिक को आकर्षित करने की आवश्यकता नहीं रहती।

– राम शरण दास

ब्रेकिंग : दिन भर की टॉप हेडलाइंस। आज की बड़ी खबरें | 14 अप्रैल 2022

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मोदी सरकार की नीतियां अर्थव्यवस्था को तबाह कर रही हैं : माकपा

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि जैसे-जैसे हमारे लोगों में भूख बढ़ती है और वैश्विक सूचकांक में भारत की रैंकिंग गिरती जाती है। मोदी सरकार की नीतियां अर्थव्यवस्था को तबाह कर रही हैं और लोगों के जीवन को बर्बाद कर रही हैं।

ठेकेदार मौत मामला : मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन करने पर हिरासत में कई कांग्रेसी नेता

ठेकेदार आत्महत्या मामले में कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं को गुरुवार को उस समय रोककर हिरासत में ले लिया गया जब वे मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के आवास की ओर मार्च कर रहे थे।

अंबेडकर जयंती के मौके पर कांग्रेस ने केंद्र पर लगाया दलित विरोधी होने का आरोप

कांग्रेस ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की नीति दलित विरोधी है। केंद्र की नीति, नियम, कानून और बजट तक में ये प्रतिबिंबित होता है।

कांग्रेस ने डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, 131वीं जयंती के अवसर पर, बाबासाहेब डॉ बीआर अंबेडकर को मेरी श्रद्धांजलि। अंबेडकर जी ने भारत को संविधान के रूप में नई ताकत दी।

कर्नाटक के गृह मंत्री को ड्रग एडिक्टकहने पर कांग्रेस एमएलसी बी.के. हरिप्रसाद के खिलाफ शिकायत दर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता और एमएलसी बी.के. हरिप्रसाद के खिलाफ गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र को ‘ड्रग एडिक्ट’ कहने पर मामला दर्ज किया है।

शरद पवार के घर पर हमला : पुलिस ने आरोपी वकील को किया गिरफ्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के घर पर हुए हमले के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। सतारा पुलिस ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों के वकील गुणरतन सदावर्ते को गुरुवार को गिरफ्तार किया। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि, गुमतरन सदावर्ते पवार मुख्य आरोपियों में से एक है।

अखंड भारत को लेकर मोहन भागवत का बड़ा बयान कहा – ’15 साल में देश फिर बनेगा अखंड भारत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- 15 साल में फिर बनेगा अखंड भारत। संजय राउत का पलटवार कहा- 15 दिन का वादा कीजिए

कोरोना काल में डेढ़ करोड़ भारतीयों ने निकाले पीएफ़ से हज़ारों करोड़ रुपए

पिछले दो सालों के दौरान, देश के क़रीब 1.4 करोड़ लोगों ने अपने पीएफ़ यानी भविष्य निधि ख़ाते से कुल 31,882 करोड़ रुपये की निकासी की। पैसे की ये निकासी ‘कोविड एडवांस’ के रूप में हुई है।

बीबीसी की खबर के मुताबिक बीबीसी को इन आंकड़ों का पता बीबीसी गुजराती के संवादादाता द्वारा दायर एक आरटीआई याचिका के जवाब से चला.

IMD Monsoon Forecast 2022: मॉनसून पर मौसम विभाग ने दी बड़ी जानकारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को कहा कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है।

प्रज्ञानानंद ने रेकजाविक ओपन शतरंज टूर्नामेंट का खिताब जीता

 युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर (जीएम) रमेशबाबू प्रज्ञानानंद ने फाइनल राउंड में हमवतन डी गुकेश के खिलाफ जीत के साथ रेकजाविक ओपन शतरंज टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया है।

पाक सेना के पूर्व प्रमुख जनरल असलम बेग ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से चल रही विवादित पोस्ट को बताया फर्जी

पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल मिर्जा असलम बेग (सेवानिवृत्त) ने एक सोशल मीडिया संदेश को फर्जी बताते हुए कहा है कि उनका इससे कोई संबंध नहीं है।

कंप्यूटर विज्ञान का अध्ययन करने के लिए अमेरिकी छात्रों को अमेजन छात्रवृत्ति देगा

अमेजन ने अमेरिकी छात्रों के सेकेंडरी के बाद की विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा की है। अमेजन इसके लिए 250 छात्र-छात्राओं को 10 मिलियन डॉलर की छात्रवृत्ति देगा। ये छात्र वो हैं जो गरीब या ऐतिहासिक रूप से कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों से ताल्लुक रखते हैं।

जलवायु संकट : कोई सार्वभौमिक समाधान नहीं, मगर अभी भी बाक़ी है उम्मीद

sticker of climate crisis attached in metal

There is no universal solution to the climate crisis, but there is still hope…

The world is drifting towards a climate-induced catastrophe in its sleep...

आईपीसीसी की ताजा रिपोर्ट (IPCC latest report) इस बात का साक्ष्य देती है कि दुनिया प्रदूषण उत्‍सर्जन न्‍यूनीकरण के लक्ष्‍यों (pollution emission reduction goals) को हासिल कर पाने की राह पर नहीं है। इस मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये जरूरी है कि प्रयासों को दोगुना किया जाए और नुकसान को जहां तक हो सके, कम किया जाए।

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (United Nations Secretary-General Antonio Guterres) ने जलवायु परिवर्तन से सम्‍बन्धित संयुक्‍त राष्‍ट्र के अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) की नयी रिपोर्ट (New report of the United Nations Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) पेश करते वक्‍त एक चेतावनी भरा वक्‍तव्‍य दिया। उन्‍होंने कहा कि “दुनिया नींद में एक जलवायु प्रेरित तबाही की तरफ बढ़ती जा रही है।’’

समाधान पर आधारित इस रिपोर्ट में जलवायु संकट के विज्ञान और उसके प्रभावों (The science of the climate crisis and its effects) के बारे में पूर्व में जारी रिपोर्टों से भी तथ्‍य लिये गये हैं।

आईपीसीसी की रिपोर्ट वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की जाती है, मगर 195 सरकारें उनकी समीक्षा के साथ-साथ अनुमोदन भी करती हैं। यह एक श्रमसाध्‍य और परत-दर-परत प्रक्रिया है जो इसी हफ्ते सम्‍पन्‍न हुई है।

तो आखिर जलवायु संकट है कितना बुरा?

वर्ष 2010-2019 इतिहास का ऐसा दशक साबित हुआ जब दुनिया में प्रदूषणकारी तत्‍वों का सबसे ज्‍यादा उत्‍सर्जन हुआ। हालांकि इसकी रफ्तार कम है और वि‍भिन्‍न क्षेत्रों और सेक्‍टरों में ग्रीनहाउस गैसों के उत्‍सर्जन (greenhouse gas emissions) में गहन और फौरी गिरावट नहीं लायी गयी तो वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने का लक्ष्‍य पहुंच से बाहर हो जाएगा।

क्‍या यह कयामत के दिन का पैगाम है? नहीं, मगर यह हमारे आंखें खोलने वाला है कि आखिर कैसे हमें सामने खडी चुनौतियों के बारे में सोचने के अपने नजरिये में बारीकी से बदलाव करना चाहिये। डेढ़ या दो डिग्री सेल्सियस पर ध्‍यान देने के बजाय यह ज्‍यादा उपयोगी होगा कि हम ऐसे रास्‍ते तलाशें जिनसे वार्मिंग को जहां तक सम्‍भव हो सके जल्‍द से जल्‍द कम किया जा सके। उदाहरण के तौर पर 1.5 डिग्री सेल्सियस 1.6 डिग्री से बेहतर है। उसी तरह 1.6 डिग्री, 1.7 डिग्री सेल्सियस से बेहतर है। इसी तरह यह सिलसिला आगे चलाया जा सकता है। ऐसा करने के लिये वर्ष 2030 से पहले वैश्विक स्‍तर पर 27-43 डिग्री सेल्सियस के बीच गहरी गिरावट लानी पड़ेगी ताकि ग्‍लोबल वार्मिंग में वृद्धि (increase in global warming) को 1.5-2 सेल्सियस तक सीमित किया जा सके। इसके अलावा भविष्‍य के ऐसे नेट जीरो लक्ष्‍य भी तय किये जाने चाहिये, जो सुर्खियां बनें।

लिहाजा, रिपोर्ट के ज्‍यादातर हिस्‍से में प्रगति के संकेतों और भविष्‍य के समाधानों पर ध्‍यान केन्द्रित किया गया है। इसमें ऊर्जा, जमीन, निर्माण, परिवहन तथा मांग सम्‍बन्‍धी नीतिगत विकल्‍पों की एक व्‍यापक श्रंखला दी गयी है, ताकि उत्‍सर्जन को वर्ष 2030 तक 20 डॉलर प्रति टन कार्बन डाई ऑक्‍साइड इक्‍वेलेंट (टीसीओ2ई) तक कम किया जा सके। या फिर शुद्ध लाभ के साथ भी और 100 डॉलर प्रति टीसीओ2ई के तहत 25 प्रतिशत की अतिरिक्‍त कटौती की जा सके। साथ ही साथ प्रमुख प्रौद्योगिकियों, जैसे कि सौर ऊर्जा और बैटरियों की कीमतों में 2010 से अब तक 85 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। वहीं, वायु बिजली की लागत भी 55 प्रतिशत तक कम हुई है।

इन मौकों का फायदा उठाया जा रहा है और इसके सुबूत भी हैं। दुनिया भर में अनेक अन्‍य नीतियां भी लागू की जा रही है। इस बात के सुबूतों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है कि इन नीतियों से ऊर्जा दक्षता बढ़ रही है, वनों का कटान कम हो रहा है और अक्षय ऊर्जा क्षमता (renewable energy potential) को ऊर्जा के मुख्‍य स्रोत (main sources of energy) के रूप में इस्‍तेमाल बढ़ रहा है। वर्ष 2020 तक दुनिया के 56 देशों में उत्‍सर्जन का 53 प्रतिशत हिस्‍सा जलवायु को समर्पित कानूनों के दायरे में लाया जाता था। वहीं ऊर्जा दक्षता तथा भू-उपयोग जैसे 690 कानून प्रदूषण उत्‍सर्जन पर अप्रत्‍यक्ष रूप से अंकुश लगाते थे। कम से कम एक अध्‍ययन से यह पता चलता है कि इन सभी कानूनों और नीतियों का प्रभाव ऐसा है कि उनसे एक साल में उत्‍सर्जन में करीब 10 प्रतिशत की कमी लायी जा सकती है।

रिपोर्ट और आगे बढ़कर यह आग्रह करती है कि सभी देशों को, चाहे वे अमीर हों या गरीब, अपने विकास के रास्‍तों को सततता की तरफ मोड़ने के बारे में सोचना चाहिये। इसका यह मतलब है कि व्‍यापक आर्थिक और सामाजिक स्‍थानांतरण जलवायु न्‍यूनीकरण के परिणाम हासिल करने के लिये उतने ही महत्‍वपूर्ण हैं, जितने कि निम्‍न-कार्बन प्रौद्योगिकियां।

इस हिसाब से देखें तो नगरों की भविष्‍य की योजनाओं को जलवायु सम्‍बन्‍धी निर्णयों के चश्‍मे से भी देखा जा रहा है क्‍योंकि ऐसे फैसलों के जरिये नगरों के अंदरूनी हिस्‍सों को कारोबार और जीवन दोनों के ही लिये अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है। इससे परिवहन लागतों के साथ-साथ प्रदूषणकारी तत्‍वों के उत्‍सर्जन (emissions of pollutants) में भी कमी लायी जाती है। रोजगार सृजन की रणनीतियों में भविष्‍य के उद्योगों को भी शामिल किया जा सकता है, जिनमें से कई में निम्‍न-कार्बन विकल्‍प शामिल हैं। तेजी से विकसित हो रहे देशों के लिये भविष्‍य की जलवायु से सम्‍बन्धित सरोकारों को भी खासतौर पर नीतियों का अभिन्‍न अंग बनाना महत्‍वपूर्ण है, ताकि आगे चलकर उच्‍च कार्बन वाले उपायों पर अटकने वाली स्थितियों को टाला जा सके।

climate people street crowd
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तस्‍वीर का दूसरा पहलू भी सच है।

उत्‍सर्जन में ज्‍यादा कटौती नहीं हुई तो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव विकास की दिशा में हुई प्रगति का मूल्‍य कम कर देंगे। दूसरे शब्‍दों में मुख्‍यधारा के विकास निर्णय दरअसल जलवायु सम्‍बन्‍धी फैसले भी होते हैं। इस तरह से जलवायु संकट और विकास के बीच संबंधों (The relationship between the climate crisis and development) के बारे में सोचने से कई और निम्‍न कार्बन मार्ग खुलते हैं जो सामाजिक रूप से सकारात्मक परिणाम भी देते हैं।

यहां कहने का यह मतलब कतई नहीं है कि इस दृष्टिकोण को लागू करना आसान या सीधी सी बात है। दरअसल, इनमें से हरेक को अलग-अलग लेने की तुलना में इन परस्पर जुड़ी समस्याओं पर विचार करना यकीनन ज्‍यादा चुनौतीपूर्ण है। मगर यह भी कहना ठीक है कि जलवायु संकट की प्रकृति (the nature of the climate crisis) को देखते हुए अब यह भी जरूरी हो गया है।

रिपोर्ट में कम से कम दो अतिरिक्‍त कारकों को रेखांकित किया गया है जिन्‍हें इस रास्‍ते को अपनाने से पहले हल करने की जरूरत है। पहला, जहां विकास निर्णयों में जलवायु संकट को आंतरिक करने से भविष्य में बड़े लाभ मिल सकते हैं, इसके लिए पर्याप्त अग्रिम निवेश लागत की भी आवश्यकता हो सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय प्रवाह वर्तमान में 2030 तक अनुमानित जरूरतों की तुलना में 3-6 गुना कम है। हालांकि यह अनुपात दुनिया के कुछ हिस्सों में विशेष रूप से विकासशील क्षेत्रों में बहुत ज्‍यादा है।

दूसरा, सरकारों को ये जटिल रूपांतरण सम्‍भालने के लिये अपनी क्षमता का निर्माण करने की जरूरत है। निम्न-कार्बन अवसरों के माध्यम से रणनीतिक रूप से सोचने के लिए, कई क्षेत्रों और पैमानों पर समन्वय स्थापित करने और जोखिम से घिरी आबादी पर विघटनकारी परिवर्तनों के प्रभावों को सीमित करने के लिए जलवायु के लिहाज से तैयार एक राज्य के निर्माण की जरूरत होती है।

आखिरकार, यह रिपोर्ट इस बात को बिल्‍कुल साफ करती है कि विकास रूपांतरण के रास्‍ते हर देशों के हिसाब से अलग-अलग होने जा रहे हैं और समस्‍या का कोई सार्वभौमिक समाधान नहीं है। हालांकि, यह रिपोर्ट वे सारी चीजें प्रदान करती है जिनका उपयोग देशों में नीति निर्माता संदर्भ-विशिष्ट तरीकों को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। जैसे कि रूपरेखाएं, संस्थान, नीतियां और प्रौद्योगिकियां।

दुनिया जलवायु परिवर्तन को लेकर अंतरराष्‍ट्रीय संवाद प्रक्रिया के तहत तय किये गये उत्‍सर्जन न्‍यूनीकरण के लक्ष्‍यों को हासिल करने की दिशा में निश्चित रूप से आगे नहीं बढ़ रही है। मगर उसे न्‍यूनीकरण के प्रयासों को आईपीसीसी के आकलन के अनुरूप फिर से दोगुना करना चाहिये ताकि नुकसान को जहां तक हो सके, कम किया जा सके।

नवरोज के दुबाष

लेखक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में प्रोफेसर हैं। वह आईपीसीसी वर्किंग ग्रुप 3 के लिये कोऑर्डिनेटिंग लीड ऑथर और समरी फॉर पॉलिसी मेकर्स के सह-लेखक हैं। ये उनके निजी विचार हैं।