Home » समाचार » मनोरंजन

मनोरंजन

हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार राजेश शर्मा

Rajesh Sharma Sahitya Kalrav

नई दिल्ली, 06 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग साहित्यिक कलरव में इस रविवार चंबल के लाल राजेश शर्मा का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि मध्य प्रदेश के भिण्ड में जन्मे सुप्रसिद्ध साहित्यकार राजेश शर्मा ने 1980 से …

Read More »

बढ़ रही है प्रकृति मित्र राखियों की मांग

Special on Rakshabandhan

Demand for nature friendly rakhis is increasing हाईटेक और स्वदेशी राखियों का है जमाना रक्षाबंधन (3 अगस्त) पर विशेष | Special on Rakshabandhan (3 August) भाई द्वारा बहन की रक्षा का वचन देने के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले त्यौहार रक्षाबंधन के मायने वर्तमान युग में बदल गए हैं। बदले जमाने के साथ भाई-बहन के अटूट प्यार के …

Read More »

हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार तपेन्द्र प्रसाद शाक्य के “पैर के छाले सच्चे हैं”, बाकी सब झूठे हैं

Tapendra Prasad Shakya Saahityik Kalrav Poem recitation

सब झूठे हैं, पैर के छाले सच्चे हैं नई दिल्ली, 24 जुलाई 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Literary section of hastakshep.com’s YouTube channel) में इस रविवार पूर्व आईएएस अधिकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री तपेन्द्र प्रसाद शाक्य का काव्य पाठ (Poetry recitation of Tapendra Prasad Shakya) होगा। साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला …

Read More »

बचपन में लोकल ट्रेन में टॉफियाँ बेचा करते थे बाल कलाकार से कॉमेडी किंग बने महमूद

Comedian Mehmood biography in Hindi

हास्य अभिनेता महमूद की पुण्यतिथि 23 जुलाई पर विशेष .. Special on Comedian Mahmood’s death anniversary 23 July Comedian Mehmood biography in Hindi | कॉमेडियन महमूद की जीवनी हिंदी में नई दिल्ली 23 जुलाई. बतौर बाल कलाकार अपने सिने करियर की शुरूआत करने वाले महमूद, जिन्होंने अपने विशिष्ट अंदाज, हाव-भाव और आवाज से लगभग पांच दशक तक दर्शकों को भरपूर …

Read More »

इन साइड एज़ – आत्मा की आवाज

Inside Edge

इन साइड एज़ – आत्मा की आवाज Article on cast based discrimination and education “देखो, ये जो सब नाटक चल रहा है ना जात-पात का, धरम का, ये हम नहीं शुरू किए हैं, हम पले-बढ़े हैं इसमें, जो सीखे हैं वही कर रहे हैं। किससे मांगे माफी, भगवान से मांगें। ब्राह्मण हैं हम, ब्राह्मण ही भगवान का रूप होता है, …

Read More »

दलित कविता के तीन तत्व हैं- अनुभव, आक्रोश और अधिकार बोध- बजरंग बिहारी तिवारी

Bajrang Bihari Tiwari

अलवर (राजस्थान). 19 जुलाई 2020. नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामगढ़, अलवर (राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर) से संबद्ध एवं भर्तृहरि टाइम्स पाक्षिक समाचार पत्र, अलवर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्वरचित काव्यपाठ/मूल्यांकन ई-संगोष्ठी-3 का आयोजन किया गया, जिसका विषय ‘दलित संदर्भ’ था। इस संगोष्ठी में देश भर से 15 युवा कवि-कवयित्रियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में 23 राज्यों एवं …

Read More »

भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाती है एमएक्स प्लेयर की सीरीज “स्वीट एन सोर”

"स्वीट एन सोर" Sweet n Sour -

MX players ‘Sweet n Sour’ explores the new highs and lows of Sibling tussle मुंबई, 19 जुलाई 2020 (न्यूज़ हेल्पलाइन). “स्वीट एन सोर” दो सिबलिंग कबीर और ईशा की कहानी है। शायद ऐसा पहली बार है जब वेब सीरीज में दो सिबलिंग के जीवन और उनके रिश्ते की कहानी दिखाई गई है। स्वीट एन सोर की कहानी बहुत ही यूनिक …

Read More »

गौर से मिष्ठी और मिष्ठी से मिथुन तक का सफर : बॉलीवुड में रंगभेद के भी शिकार हुए कभी हेलेन के असिस्टेंट रहे मिथुन चक्रवर्ती

Mithun Chakraborty biography in Hindi

जन्मदिन विशेषांक : युवाओं के आदर्श : Mithun Chakraborty (मिथुन चक्रवर्ती) Mithun Chakraborty biography in Hindi | मिथुन चक्रवर्ती की जीवनी हिंदी में 16 जून 1950 को डॉ. सरला नर्सिंग होम में श्री वसंत चक्रवर्ती– Basantokumar Chakraborty, (टेलिफोन एक्सचेंज में कार्यरत) की पत्नी शांतिमयी चक्रवर्ती को एक बेटा हुआ। नाम रखा गया गौरांग चक्रवर्ती (Gourang Chakraborty better known by his …

Read More »

अंधेरे खंडहरों में बिलबिलाती जिंदगियां ¬गुलाबो सिताबो पर क्षण भर

Man’s physical impoverishment also causes his mental impoverishment. गुलाबो सिताबो हिंदी फिल्म की समीक्षा | Gulabo sitabo hindi movie review  आदमी की भौतिक दरिद्रता उसकी मानसिक दरिद्रता का भी कारण बनती है। वह अपने अस्तित्व के लिये ही हर प्रकार की लूट-खसोट, कमीनेपन की मानसिकता का शिकार होता है, छोटी-छोटी चालाकियों में ही पूरा जीवन व्यतीत कर देता है। ‘गुलाबो सिताबो’ …

Read More »

सामाजिक वैचारिकता के प्रमुख स्वर थे गिरीश कर्नाड

Girish Karnad (गिरीश कर्नाड)

10 जून गिरीश कर्नाड की पुण्यतिथि पर विशेष | Special on the death anniversary of Girish Karnad 10 June Girish Karnad (गिरीश कर्नाड) को याद करते हुए : कुछ पल गिरीश के साथ बात 1990 के दशक की है जब मैं प्रो. इरफान हबीब के एक आमंत्रण पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास, उच्च अध्ययन केंद्र में एक माह की …

Read More »