पर्यावरण

जेयर बोल्सोनारो के सत्ता में आने के बाद सेअमेज़ॅान जंगल ने बेल्जियम के दोतिहाई हिस्से के बराबर वन खो दिया

Jair Bolsonaro

अमेज़ॅान जंगल  ने बेल्जियम के दो तिहाई हिस्से के बराबर वन खो दिया Brazilian Amazon forest lost two-thirds of Belgium since Jair Bolsonaro took office Deforestation more than 30% up for the second consecutive year; fires skyrocket in August नई दिल्ली, 10 अगस्त 2020.  जेयर बोल्सोनारो के पदभार संभालने के बाद से ब्राजील के अमेज़ॅान वन ने बेल्जियम का दो …

Read More »

भारतीय बिजली वितरण क्षेत्र के 66 बिलियन डॉलर की देनदारी कम करने में पुराने और अकुशल बिजली संयंत्र पहला रोड़ा : आईईईएफए

IEEFA

IEEFA India: Retiring old thermal power first hurdle in reducing discom debt of well over Rs478,000 crore ($63.8bn) नई दिल्ली, 06 अगस्त 2020. भारत के बिजली वितरण क्षेत्र में फ़िलहाल 66 बिलियन डॉलर की देनदारी है जिसे कम करने में सबसे बड़ा रोड़ा पुराने और अकुशल बिजली संयन्त्र हैं। इन पुराने हो चुके संयंत्रों से मिले नुकसान से मिली इस …

Read More »

भावी अधिवक्ताओं ने रखी ईआईए 2020 मसौदे को वापस लेने की माँग

Environment and climate change

20+ Law college groups and 150+ Law Students Pan-India rise in solidarity with the #WithdrawEIA2020 campaign नई दिल्ली, 05 अगस्त 2020. एनवायर्नमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट 2020 ड्राफ्ट (Environmental Impact Assessment 2020 Draft) को वापस लेने की माँग रखते हुए देश भर के 15 लॉ कॉलेजों के डेढ़ सौ से अधिक छात्रों ने आज पर्यावरण मंत्रालय (Ministry of Environment) को एक पत्र …

Read More »

सिकुड़ रहे हैं दुनिया के कोयला बिजली संयंत्र : ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट

Coal

The world’s coal power plants are shrinking: Global Energy Monitor reports नई दिल्ली, 03 अगस्त 2020. कोविड महामारी से जूझते और अप्रत्याशित घटनाओं से भरे इस वर्ष के पहले छह महीनों के लिए दुनिया के कोयला बिजली उत्पादन उद्योग पर ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर ने अपना विश्लेषण आज जारी किया है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के कोल पॉवर प्लांट ट्रैकर (Coal power …

Read More »

बढ़ रही है प्रकृति मित्र राखियों की मांग

Special on Rakshabandhan

Demand for nature friendly rakhis is increasing हाईटेक और स्वदेशी राखियों का है जमाना रक्षाबंधन (3 अगस्त) पर विशेष | Special on Rakshabandhan (3 August) भाई द्वारा बहन की रक्षा का वचन देने के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले त्यौहार रक्षाबंधन के मायने वर्तमान युग में बदल गए हैं। बदले जमाने के साथ भाई-बहन के अटूट प्यार के …

Read More »

भारत में दो दशक में 46 प्रतिशत बढ़ा प्रदूषण, पांच साल कम हुई आयु : शिकागो यूनिवर्सिटी के रिसर्च में हुआ खुलासा

air pollution

New Data Reveals Little Progress Globally in Reducing Air Pollution, with Worsening Air Quality in India and Across South Asia नई दिल्ली, 30 जुलाई 2020. भारत की आबादी का एक चौथाई हिस्सा प्रदूषण को झेलने के लिए मजबूर हैं. दुनिया के किसी भी देश में इतनी बड़ी आबादी इससे प्रभावित नहीं है. वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स-एक्यूएलआई) …

Read More »

क्या भारत को 2030 की माँग को पूरा करने के लिए नई कोयला खदानों की वास्तव में आवश्यकता है?

Coal

Does India really need new coal mines to meet the 2030 demand? – पहले से आवंटित कोयला ब्लॉकों की न्यूनतम क्षमता 2030 में अपेक्षित मांग की तुलना में लगभग 15 से 20% अधिक है – आवश्यकता से ज़्यादा कोयला उत्पादन बढ़ाने से अधिक आपूर्ति के कारण वित्तीय तनाव पैदा होगा और फंसी हुई संपत्ति में बदल जाएगा – भारत सरकार …

Read More »

समझें प्रकृति की मूक भाषा

World Nature Conservation Day in Hindi

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (28 जुलाई) पर विशेष : Article on World Nature Conservation Day (28 July) आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण के चलते विश्वभर में प्रकृति के साथ बड़े पैमाने पर जो खिलवाड़ (frolic with nature) हो रहा है, उसके मद्देनजर आमजन को पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) के लिए जागरूक करने की जरूरत अब कई गुना बढ़ गई है। कितना ही अच्छा …

Read More »

कोल ऐश रिपोर्ट 2020 : एक दशक में भारत में 76 प्रमुख कोयला दुर्घटनाओं के बावजूद रेगुलेटरी मानदंडों में ढील

Coal

Coal ash report 2020: Relaxation norms relaxed despite 76 major coal accidents in India in a decade दिल्ली /चेन्नई 27 जुलाई 2020: बीते दस सालों में हर साल 7-8 भीषण फ्लाई ऐश डाइक (कोयले की विषैली राख के तालाब) की दुर्घटनाएँ (Accidents of fly ash dyke (coal ash pond)) हुई हैं जिनमें जान और माल का नुकसान हुआ। इनके टूटने …

Read More »

हमारे जीवन, जीवनशैली और रोज़गार से कम-से-कम संसाधनों का दोहन हो

Medha Patkar

हमारे जीवन, जीवनशैली और रोज़गार से कम-से-कम संसाधनों का दोहन हो – सबके सतत विकास के लिए यह है ज़रूरी – मेधा पाटकर Exploit the least resources from our life, lifestyle and employment – It is necessary for the sustainable development of all – Medha Patkar नई दिल्ली, 25 जुलाई 2020. ग्रेटा थुनबर्ग से प्रेरित हो कर अनेक युवाओं ने एक नया …

Read More »