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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

नेताजी की प्रतिमा को हिटलर की छवि में बदल रहा है कॉरपोरेट फासीवाद

netaji's statue

क्या एक सैन्य राष्ट्र के निर्माण के लिए नेताजी की छवि का इस्तेमाल हो रहा है? कॉरपोरेट फासीवाद (corporate fascism) नेताजी की प्रतिमा (Netaji’s statue) को हिटलर की छवि (picture of Hitler) में बदल रहा है जो नेताजी और आज़ाद हिन्द फौज का अपमान (Netaji and Azad Hind Fauj insulted) तो है ही, इतिहास के भगवाकरण के साथ-साथ अक्षम्य देशद्रोह …

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नेताजी की ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक रंग में ढालने की कोशिश

Subhas Chandra Bose

News about Amar Jawan Jyoti, War Memorial | बुझ गई अमर जवान ज्योति का इतिहास क्या है? अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti), दिल्ली का न केवल एक लैंडमार्क था, अपितु हमारी ऐतिहासिक विरासत (our historical heritage), जहां प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान शहीद हुए जाँबाजों की याद में ब्रिटिश सरकार ने स्मारक बनाया था, लेकिन 1971 में भारत …

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मजाक को समझने का मिजाज : क्या मोदीजी बिना टेलीप्रॉम्पटर देखे पढ़ सकते हैं ?

teleprompter pm

मजाक को समझने का मिजाज (sense of humor) सोमवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum in Davos, Switzerland) को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi) के साथ एक दुर्घटना हो गई। किसी तकनीकी व्यवधान के कारण उनका भाषण बीच में अटक गया। सोशल मीडिया पर यह बड़ा …

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ये लोकतंत्र और मरतंत्र की दूरी है

Literature, art, music, poetry, story, drama, satire ... and other genres

एक कपड़ा है एक रंग है पर फिर भी बड़ी दूरी है साब ये जाति, छुआ-छूत नहीं ये नए ज़माने की दूरी है साब ये थाली और पत्तल की दूरी है ये रेशम और खादी की दूरी है साब एक चमड़ा है एक रंग है पर मिट्टी और रेते के घर की दूरी है साब ये जाति, छुआ-छूत नहीं ये …

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दृष्टिकोण का नहीं बल्कि समाज में सत्ता समीकरण बदलने का सवाल है जातिगत भेदभाव

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

जाति आधारित भेदभाव और शक्ति समीकरण | Caste Based Discrimination and Power Equation “मुझे लगता है कि समस्या यह है कि अमेरिका में बहुत से लोग सोचते हैं कि नस्लवाद एक रवैया है। और यह पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए वे सोचते हैं कि लोग जो सोचते हैं वह उन्हें नस्लवादी बनाता है। वास्तव में नस्लवाद एक …

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शूल होते तो गिला भी क्या था/ चुभ रहे हैं कमल के फूल हमें

kailash manhar

कैलाश मनहर की चार गीतिकाएँ :– **************** (एक) ***** आदमी  वो कि  मौत में भी  ज़िन्दगी देखे ज़िन्दगी वो कि रंजो ग़म में भी खुशी देखे बढ़  रहा हो  ज़ुल्मतों का  ज़ोर  चौतरफ़ा नज़र  वही  जो  अँधेरों  में   रौशनी  देखे लगे  हैं  सूखने   दरिया-ए-मुहब्बत   सारे कोई तो  हो कि जो  सूखे में भी नमी देखे खुला-खुला रहे  आकाश उड़ानों के …

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पुरानी पेंशन व्यवस्था : क्या नई पेंशन लागू कराने वाली सपा वाकई ईमानदार है?

akhilesh yadav farsa

Notes on National Pension system कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के रूप में सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त वेतन का 50 प्रतिशत सरकार द्वारा मिलता था। इसके बारे में सर्वोच्च न्यायालय तक ने 17 दिसम्बर 1982 के अपने निर्णय में कहा था कि यह कोई भीख या सरकारी कृपा नहीं है बल्कि कर्मचारी का लम्बित वेतन है जो उसकी जीवन व सामाजिक …

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चंद्रशेखर को भाव देकर भाजपा के बुने जाल में फंस गये अखिलेश!

chandra shekhar aazad

अखिलेश यादव बगैर कुछ किए ही धोखेबाज कैसे हो गये? चंद्रशेखर के चरित्र और सियासत को मायावती ने बहुत पहले भांप लिया था। चंद्रशेखर अब आजाद होकर चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं। वे अखिलेश यादव को धोखेबाज कह रहे हैं। महत्वपूर्ण सवाल है कि बगैर कुछ किए ही अखिलेश यादव धोखेबाज कैसे हो गये? चंद्रशेखर आजाद यह भी …

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विकास नहीं, भागीदारी को मिले तरजीह!

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

ऑक्सफैम रिपोर्ट-2022 के आईने में विकास | Developments in the Mirror of Oxfam Report-2022 Oxfam Report: भारत में अरबपतियों की संख्या 39 फीसदी बढ़कर 142 पर पहुंची विकास, विकास और विकास! विगत डेढ़ दशक से चुनाव दर चुनाव विकास का खूब शोर रहा है. विकास का वह चिरपरिचित शोर इस बार 5 राज्यों के चुनावों, खासकर देश के राजनीति की …

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विधानसभा चुनाव : किस करवट बैठेगा सत्ता का ऊंट?

kis karvat unt

अजब रूप से बिखरा हुआ है विपक्ष पांच राज्यों में विधानसभा के लिए जनप्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया (Assembly elections in five states) शुरू हो चुकी है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा करनी शुरू कर दी है। फरवरी से मतदान शुरू हो जाएगा और मार्च में परिणाम भी आ जाएंगे। कोरोना के कारण शोर जरा कम है …

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यूपी में भाजपा की बढ़ती हुई बेचैनी का अर्थ : चारों खाने चित्त होने के लिए अभिशप्त है भाजपा

modi yogi

यूपी को लेकर भाजपा की बेचैनी बुरी तरह से बढ़ गई है। अपने सारे सूत्रों से वह यह जान चुकी है कि चीजें अभी जैसी है, वैसी ही छोड़ दी जाए तो चुनाव में उसके परखच्चे उड़ते दिखाई देंगे। हिसाब से तो जनतंत्र में चुनावी हार या जीत राजनीतिक दलों के जीवन में लगे ही रहते हैं। इसे लेकर उनमें …

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दिहाड़ी मजदूर को भी बिना दलाली के काम नहीं मिल रहा : गांव पर विमर्श करती किताब

book review

पलाश विश्वास के लिखे प्राक्कथन को पढ़ने से पता चलता है कि किताब में मास्साब की रचनाधर्मिता को समग्रता से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यहां पाठकों को यह भी मालूम पड़ेगा कि मास्साब यह किताब कैंसर होने के बावजूद लिख रहे थे और किताब का उद्देश्य उनके कृषि विमर्श को समग्रता में राष्ट्रव्यापी संवाद के लिए प्रस्तुत …

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यूपी : क्यों फेल हो रही है भाजपा की हिन्दू-मुसलमान पिच, क्यों बढ़ा अखिलेश का आत्मविश्वास?

why bjp's hindu muslim pitch is failing

UP: Why BJP’s Hindu-Muslim pitch is failing, why Akhilesh’s confidence increased? भाजपा अपने हिन्दू-मुसलमान पिच पर बड़े भरोसे से खेल रही थी। मगर वह भूल गई थी कि सितारों के आगे जहां और भी हैं। बाजी रातोंरात पलट सकती है। पिच अचानक मंडल बनाम कमंडल (Mandal vs. Kamandal) में बदल गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांप्रदायिक विभाजन करते हुए कहा …

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सांप्रदायिकता से मैला हो चुका है अधिकांश भारतीय राजनीति का आंचल

dr. prem singh

भारतीय राजनीति का मैला आंचल  भारतीय राजनीति का अधिकांश आंचल सांप्रदायिकता से मैला हो चुका है। देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देख कर लगता है कि जिस तरह से राजनीतिक और बौद्धिक ईलीट के बीच नवउदारवाद पर सर्वसम्मति है, उसी तरह सांप्रदायिक राजनीति अथवा राजनीतिक सांप्रदायिकता पर भी सर्वसम्मति बन चुकी है। धर्मनिरपेक्ष कही जाने वाली राजनीतिक पार्टियां सांप्रदायिक …

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ज्योतिष विज्ञान है या शास्त्र?

jyotish vigyan hai ya ganit

ज्योतिष विज्ञान है या शास्त्र? Is astrology science or discipline? Jyotish Vigyan hai ya ganit. तीन विषयों में फेल रहे ज्योतिषी कॉमरेड से सुनिए कि ज्योतिष गणित है या शास्त्र, गुणाक्षर न्याय क्या है, जानिए लड़की का मंगली दोष कब समाप्त हो जाता है, लड़के का मंगली दोष कब समाप्त होता हैय़ Is astrology science? क्या ज्योतिष विज्ञान है? ज्योतिष …

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क्या हिंदुत्व की वजह से घटा है भाजपा में चुम्बकत्व? अब भाजपा को संभलने का वक्त नहीं

modi yogi

क्या है यूपी की राजनीति में ‘खदेड़ा’ का मतलब? भाजपा पोषित मीडिया कह रही है कि चुनावी भगदड़ शुरू हो चुकी है। ऐसा कहकर योगी सरकार से अब तक तीन कैबिनेट मंत्रियों और 12 विधायकों के इस्तीफे को चुनावी दल-बदल की सामान्य प्रक्रिया (General procedure for electoral defection) बताने की कोशिश गोदी मीडिया कर रहा है। वास्तव में यह भाजपा …

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यूपी चुनाव 2022 : हो चुकी है मोदी राज के अंत की शुरूआत!

driven in bjp for the first time in 70 years under modi's rule

UP Elections 2022: The end of Modi Raj has begun! | 70 सालों में मोदी राज में पहली बार भाजपा में खदेड़ा ओमिक्रॉन से संचालित कोरोना की तीसरी लहर (Omicron-powered third wave of corona) के ज्वार को देखते हुए, चुनाव आयोग को विधानसभाई चुनावों के अगले चक्र की तारीखों की घोषणा के साथ ही, चुनाव सभाओं, जुलूसों, आदि पर फिलहाल …

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जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन का 27 साल का सफर और नतीजा सिफर

COP26 (GLASGOW CLIMATE CHANGE CONFERENCE – OCTOBER-NOVEMBER 2021)

27 Years Journey of Climate Change Summit and Zero Result सन् 1995 में शुरू हुए पहले जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन (first climate change summit) से लेकर 2021 में  ग्लासगो में आयोजित COP26, अपने पिछले 27 सालों के सफर के बावजूद आज भी कामयाबी के मंजिल नामुमकिन नहीं तो दूर तो ज़रूर नजर आ रही है और दुनिया आज भी जलवायु …

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क्या पिछड़ावाद से भाजपा को हराया जा सकता है?

Swami Prasad Maurya with Akhilesh Yadav

Can the BJP be defeated by backward politics? पहले भी हो चुका है भाजपा के विरुद्ध पिछड़ावाद का प्रयोग अभी भी एक बड़ी चर्चा पिछड़ावाद और आरक्षण को लेकर है। जहां तक सवाल पिछड़ावाद का है, यह सभी प्रयोग भाजपा के विरुद्ध लड़ाई में हो चुके हैं और इन प्रयोगों से लोग अच्छी तरह वाकिफ हैं, मंडल के जमाने से …

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स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के मायने

Swami Prasad Maurya with Akhilesh Yadav

Meaning of resignation of Swami Prasad Maurya 2022 में पाँच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों (Assembly elections to be held in five states in 2022) में जिस उत्तर प्रदेश पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, उसके लिए 11 जनवरी का दिन बहुत खास रहा. इस दिन दिल्ली में जिस समय भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में केन्द्रीय …

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मानवतावादी और सार्वभौमिक था विवेकानंद का राष्ट्रवाद, वह संकीर्ण या आक्रामक नहीं था

swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद का राष्ट्रवाद और स्वामी विवेकानंद का भारत नेहा दाभाडे का यह लेख हस्तक्षेप पर जून 22, 2019 को “स्वामी विवेकानंद का भारत और राष्ट्रवाद, दूसरों के प्रति घृणा नहीं फैलाता, उनका राष्ट्रवाद भारतीयों को बेहतर मनुष्य बनाता है” शीर्षक से प्रकाशित हुआ था। इस लेख में लेखिका विस्तार से चर्चा कर रही हैं कि स्वामी विवेकानंद का भारत …

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