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स्तंभ

2019 में मॉब लिंचिंग : वर्चस्ववाद की अभिव्यक्ति

Things you should know

झारखंड के 24 वर्षीय तबरेज अंसारी को एक भीड़ ने घेर लिया और उस पर आरोप लगाया कि उसने एक मोटरसाईकिल चोरी की है। भीड़ की मांग पर उसने ‘जय श्रीराम‘ के नारे भी लगाए। परंतु फिर भी उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। 25 साल का मोहम्मद बरकत आलम जब नमाज़ पढ़कर अपने घर लौट रहा …

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स्वतंत्रता-संग्राम के ग़द्दारों की संतानों के नए पैंतरे : आरएसएस के ‘वीर’ सावरकर ने किस तरह नेताजी की पीठ में छुरा घोंपा

Prof. Shamsul Islam on Gandhiji's 72nd Martyrdom Day

आरएसएस-भाजपा टोली गांधीजी को अपमानित और नीचा दिखाने का कोई मौक़ा नहीं गंवाती है। इस ख़ौफ़नाक यथार्थ को झुठलाना मुश्किल है कि देश में हिंदुत्व राजनीति के उभार (The rise of Hindutva politics in the country) के साथ गांधीजी की हत्या पर ख़ुशी मनाना (Celebrating Gandhi’s assassination) और हत्यारों का महिमामंडन, उन्हें भगवन का दर्जा देने का भी एक संयोजित …

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मोदी जैसों का सच सात पर्दों के पीछे से भी बोलने लगता है — सुनिये तवलीन सिंह के मोहभंग की कहानी

Narendra Modi new look

तवलीन सिंह का यह साक्षात्कार (Interview of Tavleen Singh) सचमुच उल्लेखनीय है। पिछले छ: सालों में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के उनके स्तंभ (Tavleen Singh’s column in ‘Indian Express’) में कई बार मोदी की तारीफ़ में उनकी बातें इतनी छिछली और भक्तों के प्रकार की हुआ करती थी कि उन पर तीखी टिप्पणी करने से हम खुद को रोक नहीं पाते थे। …

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आजादी से पहले देश अनपढ़ जरूर था, लेकिन धर्मांध हरगिज़ नहीं

News and views on CAB

India is still a country of villages. Those who led the freedom struggle were understood by this very rule. बदलाव का सपना देखने वाले लोग न जाने क्यों भूल जाते हैं कि भारत अब भी गांवों का देश है। आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों ने इस बहुत कायदे से समझा था। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ ग्रामीण भारत में …

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अंबेडकर की नजर में वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ है सभी किस्म के विशेषाधिकारों का खात्मा

Dr B.R. Ambedkar

We should see Baba Saheb Bhimrao Ambedkar as a modern mythologist. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को हमें आधुनिक मिथभंजक के रूप में देखना चाहिए। भारत और लोकतंत्र के बारे में परंपरावादियों, सनातनियों, डेमोक्रेट, ब्रिटिश बुद्धिजीवियों और शासकों आदि ने अनेक मिथों का प्रचार किया है। ये मिथ आज भी आम जनता में अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। बाबासाहेब ने भारतीय …

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फिर भी…दिल्ली अभी दूर है

Arvind Kejriwal

वैसे तो हरेक चुनाव के नतीजे को ही जनता का जनादेश माना जाता है, फिर भी दिल्ली की जनता का फैसला अपने जोर में और निर्णायकता में खास है। इस फैसले के खास होने के तीन खास कारण हैं, जिनका महत्व उनके क्रम से उलटा है। पहला तो यही कि लगातार दूसरी बार, दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी …

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प्रायोजित आतंकवाद, प्रायोजित राष्ट्रवाद और फेक न्यूज मोदी का माहौल बना रहे हैं

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

अपने ही “सत्य “में कैद नरेन्द्र मोदी प्रायोजित आतंकवाद (Sponsored terrorism), प्रायोजित राष्ट्रवाद (Sponsored nationalism) और फेक न्यूज (Fake news) ये तीन तत्व मिलकर घर घर मोदी का माहौल बना रहे हैं। मोदी की नई रणनीति– सैनिकों की मौत को वोट बैंक में तब्दील करो। जो इसका विरोध करे उसे राष्ट्र शत्रु करार दो। Vulgar politics tv show वल्गर राजनीति …

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शाहीन बाग, मुसलमान और तकनीकी रैनेसां : यह एकदम नए मुसलमान के जन्म की घोषणा है

Shaheen Bagh

शाहीन बाग, मुसलमान और तकनीकी रैनेसां Muslims’ association with computer technology and cyber culture शाहीन बाग जनांदोलन (Shaheen bagh movement) के आरंभ होने के बाद बड़ी संख्या में इस आंदोलन का मीडिया कवरेज (Media coverage of Shaheen Bagh movement) सामने आया है। इस कवरेज में स्व-प्रचार की भावना से निर्मित सामग्री और विभिन्न वेबसाइट पर व्यापक सामग्री सामने आई है। यह …

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एस जयशंकर जेएनयू प्रोडक्ट हैं उनको गंदी किताबें नहीं पढ़ना चाहिएं, क्या वाकई पं. नेहरू अपने मंत्रिमंडल में सरदार पटेल को नहीं शामिल करना चाहते थे?

Sardar Vallabhbhai Patel

Prime Minister Narendra Modi’s misrepresentation of Sardar Patel and Pandit Jawaharlal Nehru’s relations नौकरशाह जब राजनीति में आता है तो वह अपने आका के प्रति ज्यादा स्वामीभक्ति प्रदर्शित करता है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल और पं जवाहर लाल नेहरू के संबंधों को लेकर गलत बयानी करें तो समझा जा सकता है कि उनकी शिक्षा कम है और संघ …

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क्या आदिवासी हिंदू हैं? आगामी जनगणना और आरएसएस का अभियान

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Are Adivasis Hindus? Forthcoming Census and RSS campaign Upcoming census and RSS campaign article in Hindi by Dr. Ram Puniyani इन दिनों पूरे देश में एनपीआर-एनआरसी-सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी के समांतर, सन 2021 की दशकीय जनगणना (Census of India 2021) की तैयारियां भी चल रहीं हैं. आरएसएस द्वारा एनपीआर, एनआरसी और सीएए का समर्थन तो किया ही …

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