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स्तंभ

राजनीतिक कैंसर है अवसरवाद : लेनिन की पुण्यतिथि पर विशेष

special on Lenins death anniversary

Opportunism is political cancer : special on Lenin’s death anniversary लेनिन का पाठ बार-बार अनेक मामलों में बुर्जुआ नजरिए के प्रति वैकल्पिक दृष्टि देने का काम करता है। सोवियत संघ में एक जमाने में आलोचना की स्वतंत्रता को लेकर बहस (Debate over the freedom of criticism in the Soviet Union) चली है। बुर्जुआ लोकतांत्रिक नजरिए वाले लोगों के लिए आलोचना …

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जेएनयू हमला : खतरनाक इशारे, मौजूदा शासकों की बौखलाहट देश को बहुत खतरनाक स्थिति की ओर धकेल रही है

JNU Violance, जेएनयू में एबीवीपी, JNU Violance Live updates, demand for Amit Shah's resignation,

JNU attack: Dangerous gestures, the fury of the current rulers is pushing the country towards a very dangerous situation. भारतीय संविधान में सीएए-एनपीआर-एनआरसी (CAA-NPR-NRC) का त्रिशूल घोंपने के अपने मंसूबों के लगातार बढ़ते और बहुत हद तक स्वत:स्फूर्त विरोध पर, मोदी सरकार और संघ परिवार के विभिन्न बाजुओं की बौखलाहट साफ दिखाई देने लगी है। यह बौखलाहट इससे और ज्यादा …

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देश विदेश सभी जगह मोदी-शाह के लिए काले झंडे तैयार… अमित शाह ने मोदी को पूरी तरह से मज़ाक़ का विषय बना दिया है

Amit Shah Narendtra Modi

नागरिकता कानून विरोधी आंदोलन (Anti-citizenship amendment act movement) की गहराई और विस्तार ने भारत को आज सचमुच बदल डाला है। सिर्फ छः महीने पहले पूर्ण बहुमत से चुन कर आए मोदी और उनके शागिर्द शाह का आज देश के आठ राज्यों में तो जैसे प्रवेश ही निषिद्ध हो गया है और एक भी ऐसा राज्य नहीं बचा है जहां वे …

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एक नादिरशाही शासन की जकड़न में है भारत, जो अपने ही देश की गरीबों और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध युद्ध कर रहा है

News and views on CAB

संरचनात्मक हिंसा से साम्प्रदायिकता के जड़ें और गहरी हो रहीं हैं The roots of communalism are getting deeper with structural violence सन 2019 का साल भारत के लिए उथल-पुथल भरा रहा. देश में अशांति व्याप्त रही और हिंसा भी हुई. सांप्रदायिक हिंसा एक व्यापक अवधारणा है जिसमें सांप्रदायिक दंगे, किसी धर्म विशेष पर केन्द्रित नफरत फैलाने वाले भाषण और किसी समुदाय …

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मकर संक्रांति : पूर्वी बंगाल के किसानों के लिए वास्तू पूजा का अवसर

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

आज मकर संक्रांति (Makar Sankranti) है। पूर्वी बंगाल के किसानों (East Bengal Farmers) के लिए यह वास्तू पूजा (Vastu Pooja) यानी पृथ्वी पूजा (Prithvi Pooja) का अवसर है। इस दिन चावल पीसकर आंगन में रोली सजाई जाती है और गाय बैलों को उसका टिका लगाया जाता है। कर्म कांड से इसका कोई मतलब नही है। बचपन में हमारी दादी चूल्हे …

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सीएए और दक्षिण एशिया में धार्मिक अल्पसंख्यक

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Citizenship Amendment Act and Religious Minorities in South Asia नए साल की शुरुआत में, सीमा के पार पाकिस्तान से दो व्यथित करने वाली घटनाओं की खबरें आईं. पहली थी गुरु नानक के जन्मस्थान ननकाना साहिब गुरूद्वारे पर हुआ हमला (attack on Nankana Sahib). एक रपट में कहा गया था कि हमलावरों का लक्ष्य इस पवित्र स्थल को अपवित्र करना था …

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परिसर या छावनी  

JNU Violance, जेएनयू में एबीवीपी, JNU Violance Live updates, demand for Amit Shah's resignation,

सत्तर के दशक के मध्य जब मैं हरियाणा के एक छोटे गांव से दिल्ली विश्वविद्यालय– Delhi University (डीयू) में पढ़ने आया तो कॉलेज या विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस या प्राइवेट सुरक्षा गार्ड नहीं होते थे. कॉलेज, हॉस्टल और फैकल्टी के गेट पर विश्वविद्यालय के चौकीदार होते थे जिनसे सभी छात्र-छात्राएं परिचित हो जाते थे. पूरे उत्तरी परिसर में केवल एक …

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सीएए-एनपीआर-एनआरसी का विरोध और हिन्दू की नई संघी परिभाषा

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Opposition to CAA-NPR-NRC and new definition of Hindu by RSS देश भर में सीएए-एनपीआर-एनआरसी की जिस ढंग से मुखालफत (CAA-NPR-NRC opposed)हुई, वह लम्बे समय तक याद रखी जाएगी। विरोध प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त थे और उनमें अनेक पार्टियों, विचारधाराओं और सामाजिक-धार्मिक समुदायों से जुड़े लोग शामिल थे। कहने की आवश्यकता नहीं कि ये विरोध प्रदर्शन इतने व्यापक और बड़े थे कि इनसे …

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सत्ता विमर्श की एक प्रस्तावना है नंदकिशोर आचार्य का नाटक ‘बापू’

Mahatma Gandhi

Nandkishore Acharya’s play ‘Bapu’ is a prelude to the discussion of power (बापू को श्रद्धार्घ्य से शुरू हुआ यह नया साल क्या आगे के नये संघर्ष की दस्तक है !) नटरंग पत्रिका के मार्च 2006 के अंक में प्रकाशित नंदकिशोर आचार्य जी के ‘बापू’ नाटक को पढ़ कर कोई यदि उस पर आरएसएस की सांप्रदायिक और कपटपूर्ण विचारधारा (Communal and …

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सुनंदा के. दत्ता-रे की यह कैसी अनोखी विमूढ़ता ! ज़मीनी राजनीति से पूरी तरह कटा हुआ एक वरिष्ठ पत्रकार

SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA A note of assurance

Comment on SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE in The telegraph “INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA : A note of assurance” जब भी किसी विषय को उसके संदर्भ से काट कर पेश किया जाता है, वह विषय अंधों के लिये हाथी के अलग-अलग अंग की तरह हो जाता है ; अर्थात् विषय के ऐसे प्रस्तुतीकरण को द्रष्टा को अंधा …

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