फिरकापरस्त, भारतीय संविधान और मुस्लिम अल्पसंख्यक

Dr. Ram Puniyani

भारतीय मुसलमानों को दुनिया में सबसे सुखी और संतुष्ट बताना मुसीबतों से घिरे इस समुदाय के घावों पर नमक रगड़ने जैसा है. यह समुदाय संवैधानिक मूल्यों के आधार पर अपने जीवन जीने का प्रयास कर रहा है, जैसा कि शाहीन बाग आन्दोलन से जाहिर है.

दलित व स्त्रीविरोधी है हिंदुत्व के राज का असली चेहरा : अंतर दिल्ली तथा हाथरस की निर्भयाओं का

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

हिंदुत्व की राजनीति और अंतर दिल्ली तथा हाथरस की निर्भयाओं का The politics of Hindutva and the difference between Nirbhayas of Delhi and Hathras दरिंदगियों में अंतर खोजना, निरर्थक ही नहीं, नुकसानदेह भी होता है। आखिरकार, दरिंदगी के अलग-अलग प्रकरणों में किसी को ज्यादा भयानक बताना, परोक्ष रूप से वैसे ही दूसरे प्रकरणों को कम

रामविलास शर्मा जिन्होंने इस मिथ का खंडन किया कि प्राचीनकाल में ब्राह्मणों की प्रधानता थी

Ram Vilas Sharma

हिंदी के महान आलोचक रामविलास शर्मा का आज जन्मदिन है | इतिहास में आज का दिन | आज का इतिहास

सत्ताधारियों का गोडसेवादी हिंदुत्व न तो संतों की परंपरा का है और ना गांधी की

Mahatma Gandhi

आरएसएस का गोडसे प्रेम : गोडसे के भारत के सामने गांधी का भारत कमजोर पड़ रहा है. गांधी का भारत एकता, समावेशिता, स्नेह और करूणा पर आधारित है. आज के सत्ताधारियों द्वारा इन मूल्यों की अवहेलना की जा रही है

डॉ. राम पुनियानी का लेख : धर्मपरिवर्तन और भारत में ईसाई-विरोधी हिंसा

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

कंधमाल हिंसाने पूरे देश को हिला दिया था, आज ज़रूरत है शांति, समरसता और एकता की. आधारहीन आरोप लगाकर सत्यपाल सिंह ने ईसाई विरोधी प्रचार को हवा दी है और हमारे देश के भाईचारे के मूल्यों को चोट पहुंचाई है.

नवउदारवादी शिकंजे में आजादी और गांधी

Mahatma Gandhi

आजादी की तरह गांधी की कद्र भी देश में नहीं बची है। फिर क्यों लोग गांधी की हत्या के लिए आरएसएस का विरोध करेंगे? सेकुलर खेमा जिस नवउदारवाद पर बाद में रोक लगाने की बात करता है, क्या भाजपा के सत्ता में नहीं रहने पर वह ऐसा करेगा?

क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? – डॉ राम पुनियानी का लेख

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Dr. Ram Puniyani‘s article in Hindi: Was the Mughal period a period of India’s slavery? डॉ राम पुनियानी का लेख हिंदी में क्या मुग़ल काल भारत की गुलामी का दौर था? जब जेम्स स्टुअर्ट मिल– John Stuart Mill (1806–73) ने भारतीय इतिहास (Indian history) को हिन्दू काल, मुस्लिम काल और ब्रिटिश काल में विभाजित किया,

किसी की आपदा, किसी का अवसर! मेहनत-मजदूरी करने वालों की आपदा को कार्पोरेटों के लिए अवसर बनाने की धोखाधड़ी नहीं चलेगी

महामारी के बीचो-बीच और वास्तव में देशव्यापी लॉकडाउन के बीच (Amidst nationwide lockdown), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ‘आपदा को अवसर’ बनाने का आह्वान किया था, उस समय तो उनके कटु आलोचकों ने भी नहीं सोचा होगा कि वह सचमुच, कोविड-19 महामारी की आपदा को, कार्पोरेटों की सेवा के अपने असली एजेंडा को पहले से

मोदी की कब्र साबित होंगे कृषि क़ानून। संसद की हत्या में भागीदार हरिवंश

This agricultural law is a law of violation of the freedom of the farmer.

This agricultural law is a law of violation of the freedom of the farmer. मोदी के कृषि क़ानून (Modi’s agricultural law) कृषि क्षेत्र में पूंजी के एकाधिकार की स्थापना के क़ानून हैं। आगे हर किसान मज़दूरी का ग़ुलाम होगा। इसके बाद भूमि हदबंदी क़ानून (Land ceiling law) का अंत भी जल्द ही अवधारित है। तब

यह गांधी के रामराज्य की नहीं, शंबूक वध और सीता वनवास वाले रामराज्य की तैयारी है

PM Modi Speech On Coronavirus

वंचितों को बाहर कैसे करते हैं? मोदी राज के छ: साल में आंकड़ों की विश्वसनीयता का जैसा ध्वंस हुआ है, उसकी तुलना आजादी की लड़ाई में से निकले, शासन के धर्मनिरपेक्ष, जनतांत्रिक स्वरूप के ध्वंस से ही की जा सकती है। फिर भी आंकड़ों की विश्वसनीयता (Data reliability) के इन प्रश्नों को अगर उठाकर भी