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स्तंभ

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निगाहें कहीं भी हों निशाना बिहार चुनाव पर

PM Modi Speech On Coronavirus

प्रधानमंत्री मोदी के 30 जून के संबोधन (Prime Minister Modi‘s 30 June address,) को, जो कोरोना संकट के दौर में राष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री का छठा संबोधन था, अनेक टिप्पणीकारों ने खोदा पहाड़ निकली चुहिया करार दिया है। बेशक, प्रधानमंत्री के संबोधन ने ज्यादातर लोगों को निराश ही किया है। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम (Prime Minister’s ‘Mann Ki …

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महात्मा गाँधी, नस्ल और जाति

Mahatma Gandhi

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने दुनिया के सबसे बड़े जनांदोलन का नेतृत्व किया था. यह जनांदोलन ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध था. गांधीजी के जनांदोलन ने हमें अन्यायी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए दो महत्वपूर्ण औज़ार दिए – अहिंसा और सत्याग्रह. उन्होंने हमें यह सिखाया कि नीतियां बनाते समय हमें समाज की आखिरी पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का ख्याल रखना …

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अवसाद और मनोविश्लेषण की सैद्धांतिकता

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

अवसाद और मनोविश्लेषण की सैद्धांतिकता (Theoreticity of Psychoanalysis or Structure of ideology of psychoanalysis and Depression) पर एक चर्चा (30 जून को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र संगठन आइसा के फेसबुक लाइव पर पढ़ा गया आलेख) —अरुण माहेश्वरी पिछले दिनों बॉलीवुड के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्म-हत्या पर जब तमाम माध्यमों पर काफी चर्चा चल रही थी, उसी वक्त हमने …

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बनारस बदल गया है, लोग भी बदल गए हैं

Keshav Suman

Benares has changed, people have also changed आज बनारस के वरिष्ठ कवि केशव शरण जी का फोन आया। प्रेरणा अंशु के जून अंक में लॉकडाउन पर उनकी कविताएं (Keshav Sharan’s poems on lockdown) छपी हैं। लेखकीय प्रतियां मिलते ही फोन किया। फिर लम्बी बात हुई। उनसे पता चला कि केडी यादव अब बनारस में नहीं हैं। वे कहां गए केशवजी …

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कोरोना : मोदी सरकार सचमुच आज अपराधी के कठघरे में खड़ी है, इसे कभी भी क्षमा नहीं किया जा सकता

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कोरोना और मोदी की अपराधपूर्ण नीतियाँ | Criminal policies of Corona and Modi किसी भी महामारी को रोकने के लिये जिन सात बातों को प्रमुख माना गया है, जिन्हें ‘पावर आफ सेवन’ कहा जाता है, वे हैं — सभी स्तरों पर एक दृढ़ निश्चय वाले नेतृत्व को सुनिश्चित करना। एक मज़बूत स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण करना। बीमारी से बचने के …

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नफरत से नहीं मुहब्बत से कोरोना हारेगा, ध्रुवीकरण करने वालों के झांसे में न आएं

Pulin Kumar Vishwas aka Pulin Babu

जो लोग कोरोना और धारा 188 का इस्तेमाल चुनावी ध्रुवीकरण और कोरोना का इस्तेमाल आपदा को अवसर बनाकर जनसंहार के हथियार के रूप में कर रहे हैं, उनके झांसे में न आएं। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए सतर्क और सचेत रहें। संक्रमण से बचने के लिए शारीरिक दूरी भी जरूरी है। लेकिन सामाजिक सरोकार और सम्बन्ध, सम्वाद बनाये …

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ऐसा क्यों हो रहा है कि जिन मित्रों से पीएम मोदी लपक के गले लगते थे, उन्होंने चुप्पी साध रखी है?

Namaste Trump

हथियारों के सौदागर देश क्यों चाहेंगे तनाव कम हो? बियावान में खड़े हैं विश्व नेता। कूटनीति में ऐसी निरापद स्थिति नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) देखेंगे, इसकी कल्पना उनके शैदाइयों ने नहीं की थी। देश के लिए तय करना घणा मुश्किल है कि गलती 62 में हुई थी, या उसके 58 साल बाद 2020 में? नरेंद्र भाई तब 11 साल के …

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अब सीमा तनाव को चुनावी अवसर में बदलने का खेल : क्षुद्र चुनावी लाभ के लिए, भारतीय सेना को ‘बिहारी सेना’ बनाने का खेल,

Prime Minister, Shri Narendra Modi paying tributes to the Martyrs during the Virtual Conference with the Chief Ministers, in New Delhi on June 17, 2020.

चुनौती को अपने लिए राजनीतिक फायदे के अवसर में और खासतौर पर चुनावी फायदे अवसर में बदलने की कला के बहुत बड़े उस्ताद हैं- नरेंद्र मोदी। वह न तो इसका कोई भी मौका चूकते हैं और न ऐसे मौके का फायदा उठाने में किसी संकोच या झिझक को आड़े आने देते हैं। उल्टे दीदादिलेरी तो उनकी इस कला का एक …

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वंचित समूहों को कब मिलेगी घुटन से मुक्ति : हमें अमरीकी प्रजातंत्र से कुछ सीखना चाहिए.

George_Floyd_suffocated_to_death_in_US

Hindi Article- When will the marginalized be able to breathe: We should learn something from American democracy. अमरीका के मिनियापोलिस शहर में जॉर्ज फ्लॉयड नामक एक अश्वेत नागरिक की श्वेत पुलिसकर्मी डेरेक चौविन ने हत्या कर दी. चौविन ने अपना घुटना फ्लॉयड की गर्दन पर रख दिया जिससे उसका दम घुट गया. यह तकनीक इस्राइली पुलिस द्वारा खोजी गई है. …

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मोदी का विकल्प ! सच कहें तो, राजनीति के जगत का एक चूहा भी उनसे बेहतर साबित होगा।

narendra modi flute

लोकप्रियता 70% ! — एक सोच | Popularity 70%! – a thought आज ही हमने अपने फेसबुक पेज पर एक छोटी से पोस्ट लगाई — “नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में जैसे ट्रंप का हारना तय है, वैसे ही बिहार में मोदी-शाह का हारना। मोदी के होश फ़ाख्ता करने के लिए यह धक्का काफ़ी होगा।” हम जानते हैं कि हमारी इस …

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भारत में आपातकाल घोषणा की 45वीं वर्षगांठ : आपातकाल में आरएसएस द्वारा इंदिरा गाँधी की बंदगी, पढ़ें देवरस के माफीनामे

Indira Gandhi

(आपातकाल के दौरान आरएसएस के मुखिया द्वारा इंदिरा गाँधी को लिखे गए माफ़ीनामों की मूल प्रतियों के साथ – (With original copies of apologies written to Indira Gandhi by the head of the RSS during the Emergency)) विश्व में झूठ बोलने और इतिहास को तोड़ने – मोड़ने का प्रशिक्षण देने वाले सब से बड़े गुरुकुल, आरएसएस से स्नातक हुए, राम …

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सुसभ्य यूरोप और अमेरिका से बेहतर नागरिक हैं अफ्रीका के देश इथोपिया में

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

कुएं के मेंढक के लिए उसका कुआं ही समूचा ब्रह्मांड है। सृष्टि का आदि अंत है। इसीलिए देव-देवी, पुजारी, अमचे-चमचे मालामाल हैं। भक्त बेहाल हैरान परेशान है। अपनी हालत के लिए किस्मत को कोसते हुए फेंकी हुई रोटी के टुकड़े के लड़ते हुए आपस में लहूलुहान हैं। अपने ही जख्म चाटते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाने का गुमान है। अंधों …

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भारतीय बुद्धिजीवी वर्ग की कोई सामाजिक जड़ें नहीं हैं और यह आर्थिक राजनैतिक संकट की सबसे बड़ी वजह है

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

आज प्रेरणा अंशु के  जुलाई अंक की तैयारी में था कि पान सिंह बोरा और बबिता उप्रेती आ गए। उनके आने के वक्त हम लोग यानी रूपेश, वीरेश और विकास स्वर्णकार भारत विभाजन के शिकार तराई के बंगालियों पर लिखी जाने वाली किताब (A book to be written on the Bengalis of Terai, victims of partition of India) के विषय …

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मोदी के विरूद्ध भी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए जो पं. नेहरू और कृष्णा मेनन के विरूद्ध की गई थी 

Jawaharlal Nehru

दुनिया की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा चीन China did not meet world expectations जब चीन में क्रांति (Revolution in china) हो रही थी उस दौरान उसे विश्व की जनता का जबरदस्त समर्थन प्राप्त था। उस समय चीन के बारे में कहा जाता था कि वहां के निवासी अफीम का नशा करके सुप्त अवस्था में पड़े रहते हैं। उस समय …

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वो चितरंजन सिंह बीमार हैं जिन्हें देखकर महसूस किया कि जनसंघर्ष की आग में कैसे इस्पात ढलता है

Chitranjan singh

पलाश विश्वास मन बहुत दुःखी है। कोलकाता में इंडियन एक्सप्रेस की नौकरी के दिनों हम देश के किसी भी कोने में जब तब पहुंच जाते थे। अब कोरोना काल में पांव में बेड़ियां पड़ी हुई हैं। मेरे पिता पुलिन बाबू की बात अलग थी। वे कभी भी खाली जेब देश विदेश कहीं नकल सकते थे। सरहद को उन्होंने सरहद कभी …

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धार्मिक स्वातंत्र्य : कहां खड़ा है भारत

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

India is a pluralistic country with many religions भारत अनेक धर्मों वाला बहुवादी देश है। हिन्दू धर्म के मानने वालों का यहाँ बहुमत है परन्तु इस्लाम और ईसाई धर्म में आस्था रखने वालों की संख्या भी कम नहीं है। हमारे स्वाधीनता संग्राम के नेता (Leaders of our freedom struggle) सभी धर्मों को बराबरी का दर्जा देते थे परन्तु सांप्रदायिक ताकतें …

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पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा – मोदी ने समर्पण कर दिया है और कह रहे हैं कि कुछ हुआ ही नहीं है। भगवान बचाए !

Modi Xi Jhoola

भारत चीन सीमा संघर्ष : एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम India-China border conflict: an unfortunate development पिछली 6 से 16 जून के बीच चीन के साथ उत्तर-पश्चिम की सीमा पर गलवान नदी की घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई झड़प (Clash between Indian and Chinese forces) और उस पर भारत में सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण (Prime …

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70 साल में सर्वाधिक परनिर्भर सरकार : विफल लॉकडाउन के बाद विषयांतर की तलाश में मोदी सरकार

narendra modi flute

Modi government in search of digression after failed lockdown क्या इसे महज एक संयोग माना जा सकता है? देशव्यापी लॉकडाउन (Nationwide lockdown) के 79वें दिन (जिसमें ओपनिंग अप के 11 दिन भी शामिल हैं), केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary to the Central Government), पांच सबसे ज्यादा कोविड-19 प्रभावित राज्यों (The five most affected COVID-19 states) में मौजूदा रुझान …

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सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के प्रसंग में : अवसाद, अहम् और आदर्श के सवाल

Sushant Singh Rajput

जॉक लकान के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत पर आधारित एक विमर्श In the context of Sushant Singh Rajput’s suicide: questions of depression, ego and ideal (A discussion based on Jacques Lacan’s psychoanalytic theory) किसी भी अवसादग्रस्त आदमी के साथ एक चरण में जा कर ऐसा होता है कि उसे अपने चारों ओर की अन्य सारी आवाजें सुनाई देना बंद हो जाती है। …

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मास्क नहीं पहना ! दीजिए पांच हजार ! जनता को लूट कर ही खजाना भरोगे क्या सरकार !

Face Masks and Surgical Masks for COVID-19

Did not wear masks! Give five thousand! Will the government fill the treasure by robbing the public! उत्तराखण्ड में बहुत तेज़ी से कोरोना फैल रहा है। दिल्ली और दूसरे प्रभावित इलाकों से आ रहे लोगों की जांच की सिर्फ खानापूरी हो रही है। The government has made sure of the corona blast in the villages. संस्थागत संगरोध (Institutional quarantine) के …

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इस वक्त कोरोना से मृत्यु दर सबसे  ज्यादा ब्राज़ील में है, वहां भी अमेरिका की तरह नस्ली तानाशाही है

Jair Bolsonaro with Donald Trump

Currently, Brazil has the highest death rate from Corona, there is also racial dictatorship like America. भारत में मीडिया फ्रांस के जन विद्रोह की खबर क्यों दबा रहा है ? | Why is the media in India suppressing the news of the French uprising? अपने ताज़ा पोस्ट में न्यूयार्क से डॉक्टर पार्थ बनर्जी (Doctor Partha Banerjee from New York) ने …

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