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स्तंभ

फोर्ड फाउंडेशन के बच्चों का राजनीतिक आख्यान : ‘दिल्ली में तो केजरीवाल’ का जो हल्ला मचाया गया है, उसमें कम्युनिस्टों की बड़ी भूमिका है.

Arvind Kejriwal

पिछले दिनों ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक खबर पर नज़र गई थी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दावा (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal claims) छपा था कि उन्होंने राजनीति का आख्यान (नैरेटिव) बदल दिया है. पिछली सदी के अंतिम दशकों में जब इतिहास से लेकर विचारधारा तक के अंत की घोषणा हुई थी तो उसका अर्थ था कि नवउदारवाद …

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अंजना ओम कश्यप की शाहीन बाग की रिपोर्ट : अच्छी बात, पर आगे क्या करेंगीं ?

Anjana Om Kashyap

अंजना ओम कश्यप की शाहीन बाग की रिपोर्ट पर  Anjana Om kashyap’s Shaheen Bagh report रचना में व्यक्त यथार्थ कैसे लेखक के विचारों का अतिक्रमण करके अपने स्वतंत्र  सत्य को प्रेषित करने लगता है, अंजना ओम कश्यप की शाहीन बाग की रिपोर्टिंग (Anjana Om Kashyap’s reporting of Shaheen Bagh) से फिर एक बार यह सच सामने आया। वैसे रचना और …

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शाहीन बाग कर रहा है प्रजातंत्र को मज़बूत, भारत को एक : डॉ. राम पुनियानी का लेख

Shaheen Bagh

Hindi Article-Shaheen Bagh-Uniting the country इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारी दुनिया में प्रजातंत्र के कदम आगे, और आगे बढ़ते चले जा रहे हैं. विभिन्न देशों में जहाँ ऐसे कारक और शक्तियां सक्रिय हैं जो प्रजातंत्र को मजबूती दे रहे हैं वहीं कुछ ताकतें उसे कमज़ोर करने की साजिशें भी रच रहीं हैं. परन्तु कुल मिलाकर दुनिया सैद्धांतिक प्रजातंत्र से …

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गांधीजी हिन्दू-राष्ट्रवाद विरोधी थे इस लिए हिन्दुत्ववादियों ने की उनकी हत्या !

Prof. Shamsul Islam on Gandhiji's 72nd Martyrdom Day

गांधीजी का 72वां शहादत दिवस : Gandhiji’s 72nd Martyrdom Day मोहनदास कर्मचंद गाँधी (Mohandas Karmchand Gandhi) जिन्हें राष्ट्रपिता (यह उपाधि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा दी गयी थी) भी माना जाता है की जनवरी 30, 1948 को हिन्दुत्ववादी आतंकियों द्वारा हत्या जिसे हिन्दुत्ववादी ‘वध’ की संज्ञा देते हैं के कारणों के बारे में आरएसएस-भाजपा लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश करते …

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क्या आरएसएस-भाजपा खुले आतंकवाद के गर्त में गिरेंगे !

BJP Logo

Will RSS-BJP fall into the pit of open terrorism! शायद वह दिन बहुत दूर नहीं है जब अन्तर्राष्ट्रीय मंचों से आरएसएस को एक आतंकवादी संगठन घोषित करने की पुरज़ोर माँगे उठने लगेगी। केंद्र का एक मंत्री अनुराग ठाकुर हाथ उछाल-उछाल कर सरे-आम एक चुनावी सभा में सीएए-विरोधी करोड़ों आंदोलनकारियों को गालियाँ देते उन्हें गोलियाँ मारने का आह्वान कर रहा हैं। …

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गणतंत्र को सत्ता वर्ग ने सबसे बड़ा मजाक बना दिया है। आम लोगों के लिए न कानून का राज है, न संविधान कहीं लागू है

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

The RULING CLASS has made the Republic the biggest joke. Neither the rule of law nor the constitution is applicable to common people. आज गणतंत्र दिवस है। अपने बचपन में 15 अगस्त और 26 जनवरी साठ के दशक में जिस जोश से मनाया करते थे हम, जिस तरह कागज पर रंग से तिरंगा बनाकर डंडे पर टांगकर जुलूस में शामिल …

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अहंकार नहीं आत्मालोचना दिवस है 26 जनवरी

Happy Republic Day

Republic Day is a day of introspection गणतंत्र दिवस आत्मालोचना का दिन है। आसपास देखें, देश में देखें क्या छूट गया है हमारी आँखों से, कौन सी चीज है जो हमारे हाथ से निकल गयी है ! Think what have we lost? सबसे बड़ी त्रासदी यह हुई है कि सम-सामयिक सामाजिक वास्तविकता हमारे हाथ से निकल गयी है, हमने उसे …

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मूर्तियों की राजनीति : कर्नाटक में ईसा मसीह की प्रतिमा पर विवाद

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Statue of Politics: Controversy over the statue of Jesus Christ in Karnataka  हमारे देश में हर छोटे-बड़े शहर के हर छोटे-बड़े चौराहे पर, पार्कों में व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मूर्तियाँ देखी जा सकती हैं. मूर्तियों की अपनी राजनीति (Idol politics) है. जब मायावती उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री थीं तब उन्होंने प्रदेश में जगह-जगह स्वयं की, बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी …

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राजनीतिक पराजय (जो पहले ही हो चुकी है) के बाद की पुकार !

The anti-corruption movement under the aegis of the India Against Corruption (IAC) was a unique scene of NGO mobsters' actions. एनजीओ सरगनाओं की करामात का विलक्षण नज़ारा था इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के तत्वावधान में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन

लेख के शीर्षक में राजनीतिक पराजय से आशय देश पर नवसाम्राज्यवादी गुलामी लादने वाली राजनीति के खिलाफ खड़ी होने वाली राजनीति की पराजय से नहीं है. वह पराजय पहले ही हो चुकी है. क्योंकि देश के लगभग तमाम समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के दावेदार नेता और बुद्धिजीवी नवसाम्राज्यवाद विरोधी राजनीति के विरोध में हैं. 1991, जब नई आर्थिक नीतियां लागू …

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नड्डा कैसे भरेंगे भाजपा का गड्ढा जिसे मोशा ने है खोदा

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JP Nadda replaced Amit Shah as BJP president: analysis The BJP has a new president – JP Nadda replacing Amit Shah. अमित शाह की जगह जे पी नड्डा को भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने के मायने : एक विश्लेषण भाजपा में नये अध्यक्ष आ गये हैं — अमित शाह की जगह जे पी नड्डा। नड्डा पता नहीं इस प्राणहीन जीव के …

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