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स्तंभ

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भारत में जाति प्रथा का उदय, जानिए सत्य क्या है

Dr. Ram Puniyani

जाति प्रथा का उदय भारत में “राजनीति की बलिवेदी पर इतिहास की बलि” शीर्षक डॉ. राम पुनियानी का यह आलेख हस्तक्षेप पर मूलतः 27 अक्तूबर 2014 को प्रकाशित हुआ था। राम पुनियानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रोफेसर थे, और उन्होंने दिसंबर 2004 में भारत में सांप्रदायिक सद्भाव के लिए पूरे समय काम करने के लिए स्वैच्छिक …

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नामवर सिंह के मायने

namvar singh

आज 19 फरवरी नामवर सिंह की पुण्यतिथि पर विशेष 19 February, Today in History | 19 फरवरी, इतिहास में आज का दिन Today special on the death anniversary of Namvar Singh बुद्धिजीवी और कलाकार के लिए मुख्य चीज है उसके आदर्श। वह उनके साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। सवाल यह है नामवर सिंह के आदर्श क्या थे ? What …

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बंगालियत और वामपंथ : क्या वामपंथ फिर ऐतिहासिक भूल करने जा रहा है ?

CPIM

बंगालियत और वामपंथ : संदर्भ बंगाल चुनाव बंगाल का आगामी विधानसभा चुनाव (Upcoming assembly elections in Bengal) अब भी एक टेढ़ी खीर ही बना हुआ है। हमारी नजर में इसकी सबसे बड़ी वजह है — बंगाल और वामपंथ के साथ उसके संबंधों का सच। बंगाल का वामपंथ बांग्ला रैनेसांस की एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया के ऐतिहासिक उत्तरण की तरह है। …

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Greta Thunberg Toolkit Case : सवाल दिशा और उजाले का है

Today's Deshbandhu editorial

दिशा रवि पर मुकदमा | Greta Thunberg Toolkit Case | देशबन्धु में संपादकीय आज  जो इंसान प्रकृति को बचाने की लड़ाई लड़ता है, जो पर्यावरण से प्यार करता है, क्या वह मानवता से नफरत कर सकता है? यह सवाल पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी (Arrest of 22-year-old Environmental activist Disha Ravi) के बाद जेहन में उठता है। Farmers toolkit …

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वैलेंटाइन डे के अवसर पर : प्रेम के जोखिम और साहसिकता के तत्त्व को पुनः अर्जित करना होगा

Happy Valentines Day

हैप्पी वैलेंटाइन डे – Happy valentines day Arun Maheshwari on Allen Badiou’s Love On valentines day ऐलेन बाद्यू — आज की दुनिया के एक प्रमुख दार्शनिक जिनके बारे में टेरी ईगलटन ने लिखा था कि आज की दुनिया में विरला ही कोई ऐसा नैतिक दार्शनिक होगा जिसकी इतनी साफ राजनीतिक दृष्टि है और जो विचारों से टकराने का साहस रखता …

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जब कभी बिकता है बाज़ार में मज़दूर का गोश्त/ शाहराहों पे ग़रीबों का लहू बहता है : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Faiz Ahmed Faiz In Hindi

गुलामी से मुक्ति का महाकवि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 13 फरवरी फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्मदिन पर विशेष Faiz Ahmed Faiz’s birthday special on 13 February फ़ैज अहमद फ़ैज़ उन तमाम लेखकों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं जो समाज को बदलना चाहते हैं, अमेरिकी साम्राज्यवाद की सांस्कृतिक-आर्थिक गुलामी और विश्व में वर्चस्व स्थापित करने की मुहिम का विरोध करना चाहते …

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रंजन गोगोई और ‘इंडिया टुडे’ कनक्लेव

Ranjan Gogoi

Ranjan Gogoi and ‘India Today’ Conclave राज्य सभा की सीट के अनैतिक सौदे से दुबके हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Former Chief Justice of Supreme Court of India Ranjan Gogoi) के लिए ‘इंडिया टुडे’ का कोलकाता कनक्लेव (Kolkata Conclave of ‘India Today’) किसी मुक्ति पर्व से कम नहीं था। इसके लिए उन्होंने प्रश्नकर्ता कौशिक …

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तानाशाह का मिजाज, तानाशाह का दिमाग

Tractor-trolley trip in Malwa-Nimar in support of farmer movement

Tyrant‘s mood, dictator‘s mind कहते हैं कि संकट के वक्त में आदमी का सबसे अच्छा भी सामने आ जाता है और सबसे बुरा भी। पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के देशव्यापी आंदोलन और छ: महीने से ज्यादा से जारी इस किसान आंदोलन के हिस्से के तौर पर राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर ढ़ाई महीने से ज्यादा से …

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देहलीला से देहगान तक की सच्ची अभिव्यक्ति : अन्या से अनन्या

Literature news

प्रभा खेतान की आत्महत्या अन्या से अनन्या : पुस्तक समीक्षा तकरीबन एक महीने पहले अन्या से अनन्या पढ़ी और आज जाकर कुछ लिखने का प्रयास कर रहा हूँ। एमए के दौरान इस आत्मकथा को पढ़ाने वाले प्रोफेसर से पहला प्रश्न मेरा यही था कि ऐसी औरत को पढ़ेंगे अब हम ? ऐसी औरत का मतलब मेरा सीधा सीधा वही था …

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बौखलाई अहंकारी सरकार की बदहवास हरकतें

Farmers Protest

Arrogant government’s misdeeds मोदी सरकार ने यह समझा था कि 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली के दौरान, एक छोटे से तथा अलग-थलग ग्रुप से जुड़ी चंद घटनाओं को, मीडिया व प्रचार के साधनों पर अपने लगभग मुकम्मल नियंत्रण के जरिए अनुपातहीन तरीके से फुलाकर, वह किसानों के दुनिया के संभवत: सबसे बड़े प्रदर्शन को लोगों की नजरों से छुपाने कामयाब …

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उन्हें ‘जन गण मन’ से परहेज है, उन्होंने पाठ्यपुस्तकों से टैगोर को हटाने की सिफारिश की, वे टैगोर को पूज रहे !

rabindranath tagore

रबीन्द्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) : मानवतावाद और राष्ट्रवाद पश्चिम बंगाल में चुनाव (Elections in West Bengal) नजदीक हैं। भाजपा ने बंगाल के नायकों को अपना बताने की कवायद शुरू कर दी है। जहां तक भाजपा की विचारधारा का प्रश्न है, बंगाल के केवल एक नेता, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, इस पार्टी के अपने हैं। वे भाजपा के पूर्व अवतार जनसंघ के संस्थापक …

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जिस दिन अजित अंजुम के सवाल का कोई उत्तर मिल जाएगा, उसी दिन इस संघर्ष का अंत भी हो जाएगा !

A report from the Kisan Andolan Tikari Border 2

किसानों का संघर्ष एक क्रांतिकारी संघर्ष है ! अजित अंजुम एक किसान से पूछ रहे थे कि इतने दिनों से चल रहे इस आंदोलन का क्या होगा, अर्थात् इसका अंत क्या है ? दरअसल वे यह सवाल आंदोलन में शामिल किसान से नहीं, खुद से ही कर रहे थे। इसके अंत का कोई अनुमान न मिलना ही इसके असंभव, अचिन्त्य …

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अब नेताजी पर कब्ज़ा ज़माने की विफल हिन्दू राष्ट्रवादी कवायद – डॉ. राम पुनियानी का लेख

Subhas Chandra Bose

Now Hindu nationalist exercise failed to capture Netaji – article by Dr. Ram Puniyani नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती- 125th birth anniversary of Netaji Subhash Chandra Bose (23 जनवरी) के अवसर पर देश भर में अनेक आयोजन हुए. राष्ट्रपति भवन में उनके तैल चित्र का अनावरण किया गया. केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नेताजी का जन्मदिन हर …

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बेनकाब हुआ किसान आंदोलन को कुचलने का गुजरात मॉडल का खतरनाक खेल

Chaudhary Rakesh Tikait

The dangerous game of crushing the peasant movement exposed यह मोदी राज का जाना-पहचाना तरीका ही बन गया है। विरोध की हरेक आवाज को या तो खरीद लो या कुचल दो। फिर भी, अगर आवाज इतनी ताकतवर हो जाए कि उसे सीधे कुचलना मुश्किल हो या महंगा पड़ सकता हो, तो पहले मीडिया से लेकर शासन के विभिन्न अंगों तक, …

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किसान आंदोलन : आगे का रास्ता ? 6 महीने से जमा हुआ आंदोलन गिरा नहीं है, गिर भी नहीं सकता

A report from the Kisan Andolan Tikari Border 2

Farmer movement: the way forward? तीन कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन की दो उपलब्धियां (Two achievements of farmer movement in protest against three agricultural laws) स्पष्ट हैं : पहली, लोकतांत्रिक प्रतिरोध के लिए जगह बनाना। दूसरी, निजीकरण-निगमीकरण के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता का विस्तार करना। मौजूदा सरकार के तानाशाही रवैये, अपने विरोधी नागरिकों/संगठनों को बदनाम करने की …

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रोम, मिस्र, यूनान सब मिट चुके, बचाना है भारत की हस्ती को तो बचाना होगा यहां की जनता और जनतंत्र को

Today's Deshbandhu editorial

देशबन्धु में संपादकीय आज : पटरी से उतरता गणतंत्र अपनी किताब मॉर्टल रिपब्लिक में एडवर्ड जे वाट्स ने रोमन गणराज्य के पतन के कारणों (Reasons for the fall of the Roman Republic) पर नए नजरिए से मंथन किया है। सरकारी संस्थाओं, संसदीय नियमों और राजनैतिक रिवाजों ने सदियों तक रोम को राजनैतिक और सैन्य रूप से सशक्त बनाया, लेकिन जब …

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पूछता है भारत : राष्ट्रवाद के स्वांग से खोखला होता गणतंत्र

arnab goswami,

Poochta Hai Bharat : Republic becomes hollow due to nationalism drama रिपब्लिक टीवी के मुख्य कर्ताधर्ता और मोदी सरकार का विशेष संरक्षणप्राप्त समाचार टीवी संपादक/ एंकर, Arnab Goswami (अर्णव गोस्वामी) और टीवी रेटिंग एजेंसी, ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (Broadcast Audience Research Council -बीएआरसी या बार्क) के मुखिया, पार्थो दासगुप्त की व्हाट्सएप के जरिए बातचीत का, भारत के बहत्तरवें गणतंत्र दिवस …

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सुभाष चंद्र बोस और आज का भारत, योजना आयोग नेताजी की परिकल्पना थी

Subhas Chandra Bose

Subhas Chandra Bose and today’s India, Planning Commission was Netaji’s vision. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिन (जन्म-23 जनवरी, 1897, कटक, उड़ीसा; मृत्यु-18 अगस्त, 1945, भारत) पर हम अपने आसपास घट रही घटनाओं पर नजर रखें तो सही समझ में आएगा कि नेताजी के विचारों की देश को किस तरह आज भी जरूरत है। योजना आयोग नेताजी सुभाष चन्द्र …

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हिन्दुत्ववादी टोली ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पीठ में छुरा घोंपा था अब उनकी बहादुरी को भुनाने का कुटिल प्रयास कर रही है!

Subhas Chandra Bose

हिन्दुत्ववादी टोली जिस ने नेताजी की पीठ में छुरा घोंपा था अब उनकी बहादुरी को भुनाने का कुटिल प्रयास कर रही है! 23 जनवरी, 2021 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं वर्षगांठ (125th Anniversary of Netaji Subhash Chandra Bose on 23 January 2021) है। देश के प्रधान मंत्री मोदी जो आरएसएस के एक वरिष्ठ सदस्य हैं, खुद को हिन्दू …

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खान अब्दुल गफ्फार खान : मुसलमान रहे हैं साँझा राष्ट्रवाद के हामी

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Khan Abdul Gaffar Khan: Muslims for Composite Indian Nationalism हाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री एम.एल. खट्टर की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद के खान अब्दुल गफ्फार खान अस्पताल का नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर (Khan Abdul Ghaffar Khan Hospital in Faridabad to Atal Bihari Vajpayee Hospital) रखने …

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नरेंद्र मोदी ताकतवर हुए हैं देश कमजोर हुआ है

मोदी सरकार के नए प्रस्ताव, मोदी इमेज और किसान आंदोलन

Narendra Modi is the first PM to have a negative image. The peasant movement broke the back of Narendra Modi’s cyber cell. नरेंद्र मोदी पहले पीएम हैं, जिनकी निगेटिव इमेज है। किसान आंदोलन ने नरेंद्र मोदी के साइबर सेल की कमर तोड़ दी। नरेंद्र मोदी किसानों से सफेद झूठ बोल रहे हैं। उद्योग धंधे चौपट हुए, बेरोजगारी चरम पर है। …

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