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स्तंभ

परिसर या छावनी  

JNU Violance, जेएनयू में एबीवीपी, JNU Violance Live updates, demand for Amit Shah's resignation,

सत्तर के दशक के मध्य जब मैं हरियाणा के एक छोटे गांव से दिल्ली विश्वविद्यालय– Delhi University (डीयू) में पढ़ने आया तो कॉलेज या विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस या प्राइवेट सुरक्षा गार्ड नहीं होते थे. कॉलेज, हॉस्टल और फैकल्टी के गेट पर विश्वविद्यालय के चौकीदार होते थे जिनसे सभी छात्र-छात्राएं परिचित हो जाते थे. पूरे उत्तरी परिसर में केवल एक …

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सीएए-एनपीआर-एनआरसी का विरोध और हिन्दू की नई संघी परिभाषा

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Opposition to CAA-NPR-NRC and new definition of Hindu by RSS देश भर में सीएए-एनपीआर-एनआरसी की जिस ढंग से मुखालफत (CAA-NPR-NRC opposed)हुई, वह लम्बे समय तक याद रखी जाएगी। विरोध प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त थे और उनमें अनेक पार्टियों, विचारधाराओं और सामाजिक-धार्मिक समुदायों से जुड़े लोग शामिल थे। कहने की आवश्यकता नहीं कि ये विरोध प्रदर्शन इतने व्यापक और बड़े थे कि इनसे …

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सत्ता विमर्श की एक प्रस्तावना है नंदकिशोर आचार्य का नाटक ‘बापू’

Mahatma Gandhi

Nandkishore Acharya’s play ‘Bapu’ is a prelude to the discussion of power (बापू को श्रद्धार्घ्य से शुरू हुआ यह नया साल क्या आगे के नये संघर्ष की दस्तक है !) नटरंग पत्रिका के मार्च 2006 के अंक में प्रकाशित नंदकिशोर आचार्य जी के ‘बापू’ नाटक को पढ़ कर कोई यदि उस पर आरएसएस की सांप्रदायिक और कपटपूर्ण विचारधारा (Communal and …

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सुनंदा के. दत्ता-रे की यह कैसी अनोखी विमूढ़ता ! ज़मीनी राजनीति से पूरी तरह कटा हुआ एक वरिष्ठ पत्रकार

SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA A note of assurance

Comment on SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE in The telegraph “INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA : A note of assurance” जब भी किसी विषय को उसके संदर्भ से काट कर पेश किया जाता है, वह विषय अंधों के लिये हाथी के अलग-अलग अंग की तरह हो जाता है ; अर्थात् विषय के ऐसे प्रस्तुतीकरण को द्रष्टा को अंधा …

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हिटलर की किताब से ही चुराया गया एक पन्ना है मोशा का संघी एनपीआर एनआरसी

Jews Badge Yellow badge

नागरिकता का संघी प्रकल्प हिटलर की किताब से ही चुराया गया एक पन्ना है NPR is the core of NRC. सब जानते हैं, एनपीआर एनआरसी का मूल आधार है। खुद सरकार ने इसकी कई बार घोषणा की है। एनपीआर में तैयार की गई नागरिकों की सूची की ही आगे घर-घर जाकर जाँच करके अधिकारी संदेहास्पद नागरिकों की शिनाख्त करेंगे और …

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अरविंद सुब्रह्मण्यन की महा सुस्ती की थीसिस और उनके सोच की सीमा

Arvind Subramanian of Counsel The challenges of Modi-Jaitley Economy

Arvind Subramanian’s thesis of great Slowdown and the limits of his thinking भारत के पूर्व प्रमुख आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यन के साथ एनडीटीवी के प्रणय राय की भारतीय अर्थ-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर यह लंबी बातचीत (long conversation with NDTV’s Prannoy Rai on the current state of the Indian economy with Arvind Subrahmanyan, former Chief Economic Advisor of India) कई …

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मोदी संविधान के प्रति अपनी वफादारी का परिचय दें, न कि भारत के लोग

Narendra Modi in anger

दिल्ली में मोदी जी की चुनावी रैली (Modi ji’s election rally in Delhi) पूरे देश में आग लगा कर एक आडंबरपूर्ण चुनावी रैली जलते हुए रोम में बंशी बजाने का ही एक बुरा उदाहरण था। इस रैली में मोदी क्या बोल रहे हैं, इस बात के पहले ही यह जान लेना जरूरी है कि वे कहां से बोल रहे हैं, …

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जब मोदी ने लोगों से कह कर ताली बजवाई और फिर भी…. !

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

प्रधानमंत्री ने लोगों से कह कर ताली बजवाई (आज के ‘आनंदबाजार पत्रिका’ की खबर पर आधारित) कल ऐसोचेम की सभा में मोदी (PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet) ने जब उद्योगपतियों से कहा — अर्थ-व्यवस्था में ऊँच-नीच चलती रहती है तो सारे लोग सन्न रह गये। सामने पसरे सन्नाटे को देख खुद मोदी ने सबको तालियाँ बजाने …

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नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस : मोशा का झूठ का भ्रमजाल

Amit Shah Narendtra Modi

Debate on Citizenship Amendment Bill कौन ज़िम्मेदार था देश के विभाजन के लिए? Who was responsible for the partition of the country? संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विविध प्रतिक्रयाएं (Miscellaneous responses to the Citizenship Amendment Act) सामने आईं हैं, जिनमें से कई नकारात्मक हैं. एक ओर जहाँ उत्तरपूर्व में इस नए कानून का भारी विरोध …

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ये हैं संशोधित नागरिकता क़ानून के पक्ष में गृह-मंत्री अमितशाह के सफ़ेद झूठ

Amit Shah at Kolkata

These are the lies of Home Minister Amit Shah in favor of revised citizenship law नागरिकता (संशोधन) क़ानून, 2019 (Citizenship (Amendment) Act, 2019) के जरिए उन हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, ईसाइयों और पारसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का रास्ता प्रशस्त किया जा रहा है, जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न (Religious persecution) से त्रस्त होकर 31 दिसंबर, …

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