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स्तंभ

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‘जीते जी इलाहाबाद’ : जहां जमुना के छलिया जल जैसे इलाहाबाद के सत्य से आँखें दो-चार होती हैं !

arun maheshwari

Arun Maheshwari on Mamta Kalia’s book on Allahabad ममता कालिया की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ की समीक्षा दो दिन पहले ही ममता कालिया जी की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ हासिल हुई और पूरी किताब लगभग एक साँस में पढ़ गया। इलाहाबाद का 370 रानी मंडी का मकान। नीचे प्रेस और ऊपर रवीन्द्र कालिया-ममता कालिया का घर ; नीचे पान की …

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खिसियानी भाजपा विकास का मुखौटा नोचे! भाजपा के हाथ से फिसल रहा है चुनाव

up chunav

उत्तर प्रदेश में मतदान के तीन चरण : भाजपा क्यों पिछड़ रही है? | Three phases of voting in Uttar Pradesh: Why is BJP lagging? उत्तर प्रदेश में मतदान के चौथे चरण (Fourth phase of voting in Uttar Pradesh) तक पहुंचने से पहले ही संघ-भाजपा का दम फूल गया लगता है। इसके लक्षण एक नहीं अनेक हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण …

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श्रीमद्भगवद्गीता से क्या सीखा ?

jagdishwar chaturvedi

What did you learn from Shrimad Bhagavad Gita? मथुरा में जिस परिवेश और परिवार में जन्म हुआ वहाँ ‘आस्था’ ख़ासकर सनातनी धार्मिक आस्थाएँ बड़ी प्रबल थीं। इन आस्थाओं को कब और कैसे जीवनशैली और संस्कारों में समायोजित कर दिया गया। यह मैं नहीं जानता। हमारा सनातनी हिन्दू परिवार था। खान-पान, जीवन शैली, संस्कार आदि के क्षेत्र में पुराने रिवाज़ों का …

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संस्कृत काव्यशास्त्र की समस्याएं

jagdishwar chaturvedi

काव्यशास्त्र की प्रमुख समस्या क्या है? काव्यशास्त्र की प्रमुख समस्या है नए अर्थ की खोज। नए अर्थ की खोज के लिए आलोचकों ने रूपतत्वों को मूलाधार बनाया, जबकि वास्तविकता यह है कि नया अर्थ रूप में नहीं समाज में होता है। रूप के जरिए नए अर्थ की खोज के कारण संस्कृत काव्यशास्त्र भाववादी दर्शन की गिरफ्त में चला गया। इसके …

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कोको भाजपा के वोट उड़ाकर ले जा रही है ! मोशा परेशान !

BJP Logo

किसने कहा कि भाजपा के वोट कोको ले गई? | Who said that BJP’s vote took coco? भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait, leader of Bharatiya Kisan Union) ने कहा, भाजपा के वोट कोको ले गई। अब सभी परेशान कि ये कोको किस बला का नाम है (What is the name of this coco)? शब्दकोष खंगाले गए, …

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झूठ का पुलिंदा : व्हाई आई किल्ड गांधी

film review

‘व्हाई आई किल्ड गांधी’ फिल्म को लेकर क्या है विवाद? | What is the controversy about the movie ‘Why I Killed Gandhi’? ‘Why I Killed Gandhi’ movie review in Hindi by Dr Ram Puniyani | डॉ राम पुनियानी द्वारा हिंदी में ‘व्हाई आई किल्ड गांधी‘ फिल्म की समीक्षा हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘वाय आई किल्ड गांधी ‘महात्मा गांधी के …

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जानिए रूस-यूक्रेन विवाद का भारत पर क्या असर पड़ेगा?

dr prakash hindustani

Know what will be the impact of Russia-Ukraine dispute on India? रूस और यूक्रेन में तनातनी का भारत पर क्या असर पड़ रहा है? वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी से सरल हिंदी में समझिए क्या है रूस-यूक्रेन विवाद (Russia-Ukraine dispute in Hindi) और क्या है इसकी जड़? नाटो क्या है और नाटो क्या करता है (What is nato and what does …

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आरएसएस की माध्यम रणनीति का मुख्य तत्व क्या है?

RSS Half Pants

What is the main element of the medium strategy of RSS? नए भारत की चुनौतियां और आरएसएस कम्युनिस्ट प्रभावित राज्यों में दलितों-अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं कम क्यों होती हैं? की अगली कड़ी आरएसएस की माध्यम रणनीति का यह मुख्य तत्व है कि समाचार, उसकी संरचना एवं कथ्य की प्रस्तुति इस तरह की जाए जिससे भय, असुरक्षा और संवैधानिक अवमानना …

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लता मंगेशकर के व्यक्तित्व को फिल्मी दायरे में सीमाबद्ध करना अपराध है

lata mangeshkar

It is a crime to limit the personality of Lata Mangeshkar in the film industry. लता मंगेशकर के सुर संसार में हम सभी लोग कमोबेश शामिल रहे हैं। 92 वर्ष की आयु में भी उनके स्वर के अवसान से हम सभी दुःखी हैं। वे भारत रत्न हैं। और किसी भी राजनेता या कलाकार, साहित्यकार से ज्यादा उनकी प्रतिष्ठा और विश्वव्यापी …

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अमृतकाल की लफ्फाजी : पर इस बजटमुक्त बजट में बजट कहां है?

finance minister nirmala sitharaman

Amritkal’s rhetoric: But where is the budget in this budget-free budget? मोदी राज में विडंबना रोज-रोज मरती है और रोज नया जन्म लेती है। बजट 2022-23 भी अपवाद नहीं है। सालाना बजट का संक्षेप में अर्थ है, एक वित्त वर्ष के आय-व्यय का मीजान। इसकी जरूरत सबसे बढ़कर इसलिए होती है कि एक जनतांत्रिक व्यवस्था में, अंतत: सरकार का आर्थिक …

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नए भारत की चुनौतियां और आरएसएस

RSS Half Pants

Challenges of New India and RSS मौजूदा दौर सांप्रदायिक ताकतों के आक्रामक रवैय्ये का दौर है। इस दौर को विराट पैमाने पर माध्यमों की क्षमता ने संभव बनाया है। सांप्रदायिक ताकतों, विशेषकर हिन्दुत्ववादी संगठनों की सांप्रदायिक विचारधारा (Communal Ideology of Hindutva Organizations) को व्यापक पैमाने पर प्रचारित-प्रसारित करने में परंपरागत और इलैक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों की प्रभावी भूमिका रही है। हिंदुस्तानी …

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कम्युनिस्ट प्रभावित राज्यों में दलितों-अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं कम क्यों होती हैं?

Communist Party of India CPI

Why are there less incidents of attacks on Dalits and minorities in communist affected states? कम्युनिस्टों का जिन राज्यों में सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव रहा है वहां पर दलितों-अल्पसंख्यकों के ऊपर हमलों की घटनाएं बहुत कम हुई हैं, यह संयोग नहीं है, बल्कि कम्युनिस्ट राजनीतिक सच्चाई है कि वंचितों को ऊँचा सिर करके जीने में उनसे मदद मिली है। अछूतों का अधिकांश …

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प्रेम और विवाह भारत में स्त्री के लिए चक्रव्यूह है, जिसमें निशस्त्र वह घुस तो जाती है, लेकिन उसमें से निकलने का कोई रास्ता उसे मालूम नहीं होता।

opinion, debate

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल (21 years of marriage age of girls) करने को कृतसंकल्प हैं और लोकसभा में भी विधेयक पारित हो चुका है। आधी आबादी पर प्रेम और विवाह की उम्र कानूनी जामा पहनाकर थोपने की इस पहल पर स्त्रियों से कोई राय नहीं पूछी गयी। निर्णय की किसी प्रक्रिया में स्त्री की …

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सेनाध्यक्ष ने भी राहुल की चेतावनी की पुष्टि की!

arun maheshwari

भारत के सेनाध्यक्ष ने भी राहुल गांधी की चेतावनी की पुष्टि की Indian Army Chief also confirmed Rahul Gandhi’s warning एस जयशंकर और किरण रिजीजू के बयानों (Statements of S Jaishankar and Kiran Rijiju) से मोदी सरकार की मूर्खताओं का सच ही और भी खुल कर सामने आया है “हम अभी ही आने वाली लड़ाइयों के ट्रेलर देख पा रहे …

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फूहड़ और अश्लील विश्लेषण क्यों करते हैं राजनीतिक टिप्पणीकार?

Why do political commentators do sloppy and vulgar analysis?

सीमित ज्ञान का शिकार- भोला पंडित स्वयंसेवकों की तादाद से इतने विस्मित क्यों रहते हैं राजनीतिक टिप्पणीकार? | Why are political commentators so amazed by the number of RSS volunteers? सोशल मीडिया के ऐसे राजनीतिक टिप्पणीकार मसलन् पुण्य प्रसून वाजपेयी (Punya Prasun Bajpai), विजय त्रिवेदी (Vijay Trivedi), राहुल देव (Rahul Dev), तथा टीवी और यूट्यूब की बहसों में आने वाले …

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ज्ञान का शिकार भोला पंडित

up chunav

Victim of knowledge Bhola Pandit सोशल मीडिया के ऐसे राजनीतिक टिप्पणीकार जिन्होंने आरएसएस और उसके तंत्र का बाक़ायदा अध्ययन किया है, अक्सर देखा जाता है कि वे संघ के तंत्र और उसके कट्टर स्वयंसेवकों की तादाद से इतने विस्मित रहते हैं कि उन्हें उनमें एक प्रकार की ईश्वरीय शक्ति नज़र आने लगती हैं। वे हमेशा यह भूल जाते हैं कि …

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लोकतंत्र को रसातल में ले जा रही है हमारी राजनीतिक भाषा

up chunav

Our political language is taking democracy to the abyss 1 ‘कोई भूल नहीं सकता है। 5 साल पहले यूपी को लेकर क्या चर्चा होती थी? 5 साल पहले दबंग और दंगाई ही कानून थे। उन्हीं का कहा ही शासन का आदेश था। 5 साल पहले व्यापारी लुटता था। बेटी घर से बाहर निकलने में घबराती थी और माफिया सरकारी संरक्षण …

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यूपी में बाबा माने मोदीतंत्र की पांच शैतानी आयतें

up men baba

प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी का संवाद चारण और प्रोटेस्ट राइटर में फर्क यूपी में का बा, यूपी में बाबा मोदीतंत्र की चर्चा मोदी ने क्या काम किया है? अमित शाह कौन सी भाषा बोल रहे हैं? देश कैसे चलता है? देश नीयत से नहीं नीतियों से चलता है मोदीतंत्र की शैतानी आयतें मोदीतंत्र में कानून का भय नहीं होता। नेहा सिंह …

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बजट 2022-23 : आम आदमी के लिए निराशाजनक

deshbandhu editorial

देशबन्धु में संपादकीय आज (Editorial in Deshbandhu today) बजट 2022-23 पर संपादकीय | Editorial in Hindi on Budget 2022-23 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का कहना है कि आम बजट 2022-23 नया विश्वास लेकर आया है। तो सवाल ये उठता है कि पुराने विश्वास का अब क्या होगा? मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में सबका साथ, सबका …

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बजट 2022-23: आंकड़ेबाजी से देश को गुमराह करना, देश बेचना ही इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि

nirmala sitharaman

Selling the country is their biggest achievement. केंद्रीय बजट 2022-23 पर प्रतिक्रिया | Feedback on Union Budget 2022-23 वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman) ने जो आर्थिक सर्वेक्षण (economic survey) पेश किया, वह आंकड़ेबाजी से देश को गुमराह करने वाला है। महामारी की राजनीति से देश की अर्थव्यवस्था को जो भारी नुकसान हुआ है, उत्पादन प्रणाली जिस तरह ध्वस्त हो गयी …

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नेहा सिंह राठौर की भोजपुरी कविता ‘यू पी में का बा’ के बहाने स्त्री हस्तक्षेप

नेहा सिंह की लोकप्रिय भोजपुरी कविता यू पी में का बा

नेहा सिंह राठौर की लोकप्रिय भोजपुरी कविता “यू पी में का बा” के बहाने स्त्री हस्तक्षेप : यू पी को नरक से निकालो सीरीज में- प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी का संवाद Female intervention on the pretext of Neha Singh Rathore’s popular Bhojpuri poem “UP Mein Ka Ba” : Dialogue of Professor Jagdishwar Chaturvedi Neha Singh Rathore ke geet, Neha Singh Rathore …

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