Home » हस्तक्षेप » स्तंभ (page 6)

स्तंभ

मोशा ने सावरकर-जिन्ना को जिता दिया गांधी हार गए

Amit Shah Narendtra Modi

क्या यह गांधी की हार और सावरकर-जिन्ना की जीत है? Is it the defeat of Gandhi and the victory of Savarkar-Jinnah? लोकसभा के नागरिकता संशोधन विधेयक पर मोहर लगाने पर प्रधानमंत्री के ‘खुशी’ जताने (Expressing ‘happiness’ of Prime Minister on passage of Citizenship Amendment Bill in Lok Sabha) पर बरबस, पाकिस्तानी कवियित्री फहमिदा रियाज की बहु-उद्धृत नज्म ‘‘तुम बिल्कुल हम …

Read More »

भारत विभाजन हम ने नहीं कराया : झूठों के शहंशाह अमित शाह

Amit Shah at Kolkata

झूठ बोलने में माहिर आरएसएस इस समय दुनिया का कोई भी फासीवादी संगठन दोग़ली बातें करने, उत्तेजना फैलाने और षड्यंत्र रचने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ– Rashtriya Swayamsevak Sangh, (आरएसएस) को मात नहीं दे सकता। भारत के एक मशहूर अंगरेजी दैनिक ने आरएसएस के बारे में प्रख्यात लेखक जॉर्ज ऑरवेल द्वारा दिए गए शब्द ‘दो मुंहा’ को इस विघटनकारी संगठन के …

Read More »

आरएसएस और उद्योग जगत के बीच प्रेम और ईर्ष्या के संबंध की क़ीमत अदा कर रही है भारतीय अर्थ-व्यवस्था

Indian economy is paying the price for love and jealousy between RSS and industry आज के टेलिग्राफ़ में उद्योगपतियों की मनोदशा (Mood of industrialists) के बारे में सुर्ख़ी की खबर है। “Why business is talking ‘wine’, not Dhanda”। (क्यों उद्योगपति ‘शराब’ की बात करते हैं, धंधे की नहीं ) पूरी रिपोर्ट उद्योगपतियों की आपसी बातचीत और उनके बयानों के बारे …

Read More »

बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती हैदराबाद में बलात्कारियों के एनकाउंटर की पूरे देश में भारी प्रतिक्रिया (Reaction to the encounter of rapists in Hyderabad) हुई है। अभी हमारा समाज जिस प्रकार की राजनीति के जकड़बंदी में फंसा हुआ है, उसमें लगता है जैसे आदमी आदिमता के हर स्वरूप को पूजने लगा है। यह जन-उन्माद चंद लेखकों-बुद्धिजीवियों …

Read More »

गोडसे का महिमामंडन और गांधी का कद छोटा करने की दक्षिणपंथी कवायद

Mahatma Gandhi murder

गोडसे का महिमामंडन और गांधी का कद छोटा करने की दक्षिणपंथी कवायद Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi : Godse’s glorification and right-wing exercise to reduce Gandhi’s stature हर राष्ट्रवाद अपने ‘इतिहास’ का निर्माण करता है. जाने-माने इतिहासविद् एरिक उब्सबान के अनुसार, “राष्ट्रवाद के लिए इतिहास वही है, जो गंजेड़ी के लिए गांजा”. इसमें हम यह जोड़ सकते हैं कि …

Read More »

खूनी खेल के तमाशबीन ! भारत भी क्या प्राचीन बर्बरता को अपना कर नाजीवाद की दिशा में बढ़ चुका है !

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

खूनी खेल के तमाशबीन ! भारत भी क्या प्राचीन बर्बरता को अपना कर नाजीवाद की दिशा में बढ़ चुका है ! सऊदी अरब में आज की दुनिया की सबसे बर्बर राजशाही (World’s most barbaric monarchy) चल रही है। इसकी एक पहचान है रियाद शहर का डेरा स्क्वायर (Deera Square of Riyadh City)। इसे कटाई स्क्वायर ( chop chop square) भी …

Read More »

अमित शाह की ज़ुबान से निकले शब्द गाली क्यों बन जाते हैं

Amit Shah at Kolkata

अमित शाह की ज़ुबान से निकले शब्द गाली क्यों बन जाते हैं अमित शाह की भाषा का असली अर्थ ! अब सचमुच अमित शाह की ज़ुबान से निकला ‘नागरिक’ शब्द भारत के लोगों के लिये शत्रु को संबोधित हिक़ारत भरी गाली बन चुका है। यह बात सचमुच बहुत दिलचस्प है। फ्रायड कहते हैं कि आदमी के सपनों की एक शाब्दिक …

Read More »

रवीश कुमार के भाषणों के प्रभाव में एक सोच — यह भारतीय मीडिया की एक अलग परिघटना है

Ravish Kumar

रवीश कुमार के भाषणों के प्रभाव में एक सोच — यह भारतीय मीडिया की एक अलग परिघटना है रवीश कुमार के भाषणों (Speeches of ravish kumar) को सुनना अच्छा लगता है। इसलिये नहीं कि वे विद्वतापूर्ण होते हैं ; सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ के चमत्कृत करने वाले नये सुत्रीकरणों की झलक देते हैं। विद्वानों के शोधपूर्ण भाषण तो श्रोता को भाषा के …

Read More »

महाराष्ट्र : मोदी-शाह के अवसान के संकेत

Amit Shah Narendtra Modi

महाराष्ट्र : मोदी-शाह के अवसान के संकेत महाराष्ट्र में अन्ततः उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ही ली (Uddhav Thackeray sworn in as Chief Minister in Maharashtra)। प्रधानमंत्री की लाख कोशिशों के बाद भी देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री नहीं रह पाए। Maharashtra: signs of Modi-Shah’s end महाराष्ट्र का यह पूरा घटनाक्रम भाजपा के लिये महज किसी ऐसे जख्म की …

Read More »

बाबरी मस्जिद फैसला : न्यायालय ने ऐतिहासिक तथ्यों को नज़रंदाज़ किया, लेकिन

Babri masjid

बाबरी मस्जिद फैसला : न्यायालय ने ऐतिहासिक तथ्यों को नज़रंदाज़ किया, लेकिन पिछले 9 नवम्बर को सुनाये गए उच्चतम न्यायालय के फैसले (Supreme Court decision) से भारतीय राजनीति के एक लम्बे और दुखद अध्याय का समापन हो गया. मूलतः विश्व हिन्दू परिषद् (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा शुरू किये गए इस आन्दोलन को भाजपा ने अपने हाथों में ले लिया, लालकृष्ण …

Read More »