साहित्यिक कलरव

हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव (Sahityik Kalrav). hastakshep.com के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग – “साहित्यिक कलरव” ( Saahityik kalrav) में आपका स्वागत है। यहां आपको मिलेंगी साहित्यिक चर्चाएं, कहानी पाठ, कविता पाठ, साहित्यिक आलोचना और बहुत कुछ।
इस अनुभाग के संयोजक हैं – डॉ. अशोक विष्णु (Dr. Ashok Vishnu) व डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora”
संरक्षक हैं सुप्रसिद्ध नवगीतकार डॉ. सुभाष वसिष्ठ (Subhash Vasishtha)

वे छद्म हिन्दू हैं

वर्तमान में हिंदुओं को एक ही compartment में रखने की प्रक्रिया चल रही है। विविधता… Read More

चंद इजारेदारों के कदमों में, नहीं देख सकते हम बंधक, अपने देश की संसद और सरकार

तीन काले कानूनों के विरुद्ध दिल्ली में आंदोलनरत किसानों को समर्पित पूर्व आईएएस अफसर व… Read More

मर जवान मर किसान/ फिर भी मेरी सरकार महान

ये जाड़े की ठिठुरते हुए दिन रात, साहेब के जुल्म की एक नई नजीर ,एक… Read More

एय बे उसूल ज़िंदगी/ फ़ाश कहाँ हुए तुझपे/अब तलक जन्नतों के राज़ …

एय बे उसूल ज़िंदगी फ़ाश कहाँ हुए तुझपे अब तलक जन्नतों के राज़ ... सय्यारों… Read More

सुनो देखो इतिहास की सीली रिसी ईंटें क्या कहती हैं ?

सुनो देखो इतिहास की सीली रिसी ईंटें क्या कहती हैं ? दीवार के पीछे आँखों… Read More

पूछता है भारत – ऐसी फजां में दम नहीं घुटता ?? मगर वो है कि कुर्सी से नहीं उठता

............बुझा दो ......... इन रेप की मोमबत्तियों से कुर्सियाँ नहीं जलतीं, मोम के आंसुओं से… Read More

सच में दिल तोड़ गये ….फूल खान

एडिटर पॉइंट के संपादक फूल खान (Editor Point Editor Phool Khan) को हस्तक्षेप की एसोसिएट… Read More

ना कोई सीमा में घुसा था ना कोई सीमा में घुसा है, ना कोई मस्जिद बनी थी ना कोई मस्जिद गिरी है

अभी-अभी ताजी-ताजी बात है जिस देश में हिरण खुद मरते हैं मस्जिदें खुद गिरती हों… Read More

हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के साप्ताहिक एपिसोड में इस रविवार जगदीश पंकज का काव्य पाठ

इस रविवार हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव का यह अंतिम एपिसोड होगा। इसके बाद यदि संभव हुआ… Read More

तेरी धूप के तक़ाज़े…

बरस बीत गया मगर तू फिर वैसे ही अड़ा है, सुबह से ही जेठ की… Read More

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