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आपकी नज़र

‘सिधपुर की भगतणें’ : प्रमादग्रस्त स्त्रियों की शील कथा

Sidhpur ki Bhagtanen

लगभग तीन साल पहले अपनी एक ट्रेन यात्रा में हमने इस उपन्यास को पढ़ने की कोशिश की थी। उसे इसलिये महज एक कोशिश ही कहेंगे, क्योंकि उपन्यास की तरह की एक रचनात्मक विधा में किये गये किसी भी गंभीर काम को तब तक सही ढंग से नहीं पढ़ा जा सकता है, जब तक आप इतने इत्मीनान में न हों जिसमें …

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गाँव और किसान बचेंगे, तो शहर बचेगा

More than 50 bighas of wheat crop burnt to ashes of 36 farmers of village Parsa Hussain of Dumariyaganj area

कोरोना डायरी | Corona diary “तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है मगर ये आँकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है” आजादी के 73 साल बाद भी गाँव और किसान की हालत क्यों नहीं बदली? इस सवाल पर सरकार के पास सिवाए जुमले के कुछ नहीं है। गाँव की हकीकत दयनीय है, लेकिन फिर भी नेता हिन्दू-मुस्लिम करके अपना …

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ज्योति पासवान का कारनामा : राष्ट्रीय गर्व या शर्म का विषय !

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Jyoti Paswan’s feat: National pride or shame! कोरोना का कहर जारी है। इसकी चपेट मे दुनिया के 58 लाख लोग आ चुके हैं, जिनमें पाँच लाख के करीब लोग मर चुके हाँ। इसके कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर अभूतपूर्व बुरा प्रभाव पड़ा है। इसकी चपेट में आने से लोगों को बचाने के लिए दुनिया के ढेरों देश में लॉकडाउन …

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बाबरी मस्जिद, रामजन्मभूमि और बौद्ध पुरावशेष

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

ARTICLE BY DR RAM PUNIYANI IN HINDI – BUDDHIST REMAINS IN AYODHYA Babri Masjid, Ram Janmabhoomi and Buddhist Antiquities इस समय देश में तालाबंदी है. कारखाने बंद हैं, निर्माण कार्य बंद हैं और व्यापार-व्यवसाय बंद हैं. परन्तु अयोध्या में राममंदिर का निर्माण (Construction of Ram temple in Ayodhya) चल रहा है. इसकी राह उच्चतम न्यायालय ने प्रशस्त की थी. अदालत …

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सर्वप्रथम सरकार की कथनी और करनी में अंतर को पहचानने वाला वर्ग मज़दूर वर्ग

Lockdown, migration and environment

The working class, which first recognized the difference between the words and actions of the government दुनिया के 100 से अधिक देश कोविड-19 नाम के वायरस से जूझ रहे हैं, भारत में अभी तक 1 लाख से अधिक कोरोना के कन्फ़र्म केस आए हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, मुख्य रूप से प्रभावित राज्य हैं। Public Health System in India भारत में …

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योगी सरकार की घोषणा में प्रोपेगैंडा के सिवाय नया क्या है ?

Yogi Adityanath

योगी सरकार की घोषणा और जमीनी हकीकत में है फर्क Yogi government’s announcement and ground reality differ आज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, राष्ट्रीय रीयल एस्टेट विकास परिषद (Indian Industries Association, National Real Estate Development Council) आदि कंपनियों से हुए करार के तहत memorandum of understanding (MOU) पर हस्ताक्षर करने को प्रदेश में ही प्रवासी मजदूरों …

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सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : कुआनो नदी के किनारे की गीली मिट्टी लेकर गीत रचने वाले कवि

Sarveshwar Dayal Saxena (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना)

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : व्यक्तित्व और कृतित्व आज का गीत ‘चुपाइ रहो दुलहिन, मारा जाई कौआ’ हो या ‘नीम की निबौली पक्की, सावन की रितु आयो री’ बस्ती में कुआनो नदी के किनारे की गीली मिट्टी लेकर गीत रचनेवाले कवि थे सर्वेश्वर दयाल सक्सेना,(1927 -1983 )जिनकी प्रतिभा का लोहा मानते हुए अज्ञेय जी ने न केवल उन्हें अपने तीसरे सप्तक …

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कोरोना महामारी के नाम पर मीडिया हाउस का शिकार बन रहे हैं पत्रकार, कांग्रेस शासित राज्यों में भी हो रहे पत्रकारों पर जुल्म

Press Freedom

Journalists are becoming victims of media houses in the name of Corona epidemic, atrocities on journalists also happening in Congress ruled states पिछले सप्ताह तंगदस्ती से तंग आकर हिंदी ख़बर न्यूज चैनल के कैमरामैन पत्रकार सत्येंद्र की आत्महत्या बड़े मीडिया हाउस के लिये सुर्खियां नहीं बन पायीं, क्योंकि इस से मीडिया की साख पर बट्टा लग रहा था और मीडियाकर्मियों …

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सविता अम्बेडकर को वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वे वास्तव में हकदार थीं

Dr. Savita Ambedkar, wife of Babasaheb Dr. Bhimrao Ambedkar

Savita Ambedkar did not get the honor she truly deserved आज बाबासाहेब की दूसरी पत्नी डॉ. सविता अम्बेडकर जी को स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। 1987 में मैं बनारस में पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध शाखा, सीआईडी) के पद पर तैनात था। एक दिन मुझे पता चला कि बाबासाहेब की पत्नी डॉ. सविता अम्बेडकर (Dr. Savita Ambedkar, wife of Babasaheb Dr. …

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पहाड़ इतना मज़बूत नहीं होता, जितना मज़बूत होता है, आदमी का इरादा

Dashrath Manjhi (दशरथ माँझी)

जो ठाना है, वो पाना है। जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे भी नहीं। ये शब्द आज भी, हमारे कानों में गूंजते हैं, उस एक अदना से, गाँव के आदमी, दशरथ माँझी के, जो देखने में साधारण था, लेकिन अंदर से था, असाधारण । उस एक आदमी ने, जिसने जब  ठान लिया, मीलों तनकर खड़े, पहाड़ को तोड़कर, सपाट …

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