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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

सत्याग्रह से सत्याग्रह तक : 2020 की तीन तस्वीरें

Happy New Year 2021

From Satyagraha to Satyagraha: Three pictures of 2020 Happy New Year 2021 गुजरे साल, 2020 की विरासत (Legacy of 2020) को बहुत हद तक सिर्फ तीन छवियों में पकड़ा जा सकता है। इनमें पहली छवि तो, जिससे यह साल शुरू हुआ था, शाहीन बाग (Shaheen bagh) में दिन-रात के धरने पर बैठी, महिलाओं की ही थी। नागरिकता संशोधन कानून- Citizenship …

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चंद इजारेदारों के कदमों में, नहीं देख सकते हम बंधक, अपने देश की संसद और सरकार

Modi government is Adani, Ambani's servant. Farmers and workers will uproot it - Randhir Singh Suman

तीन काले कानूनों के विरुद्ध दिल्ली में आंदोलनरत किसानों को समर्पित एक रचना :- ठण्ड मुझे भी लगती है, खुला आसमान, ठंडी हवाएँ, मुझे भी सताती हैं यह अलग बात है, जब मैं सृज़न करता हूँ मिट्टी से जाने क्या क्या रचता हूँ, तो मेरे लिए ठण्ड बेमानी हो जाती है, धरती मेरा कर्मक्षेत्र और आकाश मेरे कर्म का साक्षी …

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पुराना साल खत्म, नया साल शुरू हो गया, किसानों का समर अभी शेष है

Farmers Protest

The old year is over, the new year has started, the struggle of the farmers is yet to go / Vijay Shankar Singh पुराना साल खत्म, नया साल शुरू हो गया है, परन्तु किसान आंदोलन जारी है। लोग समझना चाहते हैं कि सरकार तीनों कानून वापिस लेना क्यों नहीं चाहती और नया साल किस तरह से शुरूआत से ही नए …

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अंबानी-अडानी की ताकत से मदमस्त प्रधानमंत्री मोदी के असली इरादों को सामने ला दिया किसान आंदोलन ने

Narendra Modi flute

किसान आंदोलन, किसान सभा और राजनीतिक पार्टियाँ ARUN ON FARMER’S MOVEMENT AND ITS REVOLUTIONARY POTENTIALS Arun Maheshwari on Kisan Andolan and political parties भारत के वर्तमान किसान आंदोलन ने अपनी जो खास गति पकड़ ली है उससे आज लगता है जैसे भारत का पूरा राजनीतिक संस्थान हतप्रभ है। सिद्धांतों में कृषि क्षेत्र के समग्र संकट की बात तो तमाम राजनीतिक …

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डरे हुए किसान हैं या प्रधानमंत्री?

Narendra Modi PM Kisan Samman Nidhi

Is the farmer scared or prime minister? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) किसान आंदोलन (Peasant movement) को लेकर विपक्ष पर लगातार हमला बनाए हुए हैं। उनका लगातार आरोप है कि विपक्ष अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन हासिल करने के लिए किसानों को कृषि कानूनों के खिलाफ गुमराह कर रहा है। खास कर उन्हें जमीन छिन जाने का डर …

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कांग्रेस का स्थापना दिवस : एक कम्युनिस्ट की कांग्रेस को बधाई !

Congress Logo

Congress Foundation Day: A Communist’s Congratulations to Congress! एक कम्युनिस्ट की कांग्रेस को बधाई ! बेशक उपमहाद्वीप की सभ्यता और संस्कृति का हजारों साल का ज्ञात इतिहास है जिसमें अनगिनत मिथकीय और ऐतिहासिक नायक भी हैं जो आकर्षित या प्रेरित करते हैं लेकिन आधुनिक लोकतांत्रिक भारत के सृजन की गाथा में कांग्रेस की भूमिका केंद्रीय रही है ! एक सौ …

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मेरा धर्म मुझे चुनने दो

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

स्वतंत्रता पर चोट हैं धर्म स्वातंत्र्य कानून  DR RAM PUNIYANI’S ARTICLE IN HINDI – RELIGIOUS CONVERSION LAWS Choosing My Religion: ‘Freedom of Religion Laws’ to Curb Liberty भारत का संविधान हम सब को अपने धर्म में आस्था रखने, उसका आचरण करने और उसका प्रचार करने का हक़ देता है. यदि कोई नागरिक किसी भी धर्म का पालन करना नहीं चाहता …

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मिर्ज़ा ग़ालिब का सम्पूर्ण जीवन ही दु:खों से भरा हुआ था

Mirza Asadullah Baig Khan Ghalib

आज Mirza Ghalib (मिर्ज़ा ग़ालिब) का जन्मदिन है- Today is Mirza Ghalib’s birthday- मिर्ज़ा ग़ालिब की जीवनी हिंदी में | Biography of mirza ghalib in hindi गालिब के रंग – ग़ालिब अथवा मिर्ज़ा असदउल्ला बेग़ ख़ान (अंग्रेज़ी:Ghalib अथवा Mirza Asadullah Baig Khan, उर्दू: غالب अथवा مرزا اسدللا بےغ خان) (जन्म- 27 दिसम्बर, 1797 ई. आगरा – 15 फ़रवरी, 1869 ई. …

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क्या भारतीय लोकतंत्र ’सुधारों’ के लिए वाकई रोड़ा-बाधक है ?

Farmers Protest

Too much democracy: Is Indian democracy really a hindrance to ‘reforms’? Eliminating opposition and democracy in the name of ‘reforms’ is more obstructive and fatal for Indian democracy. भारतीय लोकतंत्र क्या वाकई में इस समय कई प्रकार के झंझावातों, कठिनाईयों, चुनौतियों के सबसे मुश्किल एवं कठिन दौर से नहीं गुजर रहा है ? 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद यह …

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अमित शाह जी टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नहीं है !

rabindranath tagore

Amit Shah ji Tagore’s nationalism is not RSS’s nationalism!! – Vijay Shankar Singh अगले साल बंगाल में चुनाव हैं। वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी बंगाल के नियमित दौरे पर हैं। अपने एक दौरे में अमित शाह ने कहा कि वे रवीन्द्रनाथ टैगोर के सपनों का बंगाल बनाना चाहते हैं। …

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दिल्ली किसानों, जनता के लिये एक वर्जित क्षेत्र बना दिया गया हो तब चौधरी चरण सिंह का स्मरण

Chaudhary Charan Singh's birthday

किसान दिवस पर चौधरी चरण सिंह जी का स्मरण   Chaudhary Charan Singh Ji remembered on Farmers Day: Vijay Shankar Singh आज चौधरी चरण सिंह जी का जन्मदिन है (Today is Chaudhary Charan Singh‘s birthday), जिसे किसान दिवस के रूप में देश भर में याद किया जाता है। किसानों पर जवाहरलाल नेहरू का लिखा एक उद्धरण पढ़िये – “गांधीजी चाहे …

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दुनिया की कोई ताक़त करोड़ों किसानों के सामने टिक नहीं सकती : जस्टिस काटजू

Farmers Protest

जस्टिस मार्कंडेय काटजू जब करोड़ों किसानों का विशाल समूह एक तूफ़ान या सुनामी जैसे उठ खड़ा होगा तो वह ऐसी भयंकर शक्ति होगी कि दुनिया की कोई ताक़त उसके सामने टिक नहीं सकती When hundreds of millions of peasants rise like a typhoon or tornado, it will be a force so powerful, and so swift, that no power on earth …

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झूठ की ताक़त के भरोसे चल रहे हैं मोदी, थोड़े दिनों बाद ही मोदी रोते हुए भी दिखाई दे सकते हैं

Narendra Modi flute

Modi is running on the strength of lies पंचतंत्र की प्रसिद्ध कहानी (Famous story of panchatantra) है कि कैसे तीन ठगों ने बकरी को कंधे पर लाद कर ले जा रहे एक ब्राह्मण को बार-बार टोक कर उसे यह साबित कर दिया कि वह बकरी नहीं, कुत्ता लाद कर जा रहा है। भ्रम में फँस कर ब्राह्मण ने बकरी को …

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किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर राजहठ

Modi government is Adani, Ambani's servant. Farmers and workers will uproot it - Randhir Singh Suman

Raj persistence on peasant movement and agricultural laws – Vijay Shankar Singh दिल्ली की सिंघू सीमा (Singhu border of delhi) पर जन आंदोलनों के इतिहास (History of mass movements) का एक सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। 26 नवम्बर 2020 को जब किसानों के कई जत्थे सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार को अपनी व्यथा से …

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राष्ट्रीय शिक्षा-नीति 2020 : सार्वजनिक शिक्षा-प्रणाली को ध्वस्त करने वाला दस्तावेज़

new education policy

राष्ट्रीय शिक्षा-नीति 2020 : नव-उपनिवेशीकरण की दिशा में छलांग National education policy 2020: leap towards neo-colonization नई राष्ट्रीय शिक्षा-नीति 2020 (यहां से आगे शिक्षा-नीति) में शिक्षा के निजीकरण से आगे शिक्षा का निगमीकरण (कारपोरेटाइजेशन) करते हुए, भारतीय शिक्षा के नव-उपनिवेशीकरण (नियो-कोलोनाइजेशन) की दिशा में एक लंबी छलांग लगाई गई है. शिक्षा-नीति के इस नए आयाम को समझने की जरूरत है. …

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फ्रांस एवं ऑस्ट्रिया में जिहादी हमलों के सन्दर्भ में इस्लाम और धर्म स्वातंत्र्य

Islam

Islam and religious freedom in the context of jihadist attacks in France and Austria क्या इस्लाम एक पिछड़ा हुआ और कट्टर सोच वाला धर्म है | Is Islam a backward and fundamentalist religion         यह एक सामान्य धारणा है कि इस्लाम एक पिछड़ा हुआ धर्म है जो प्राचीन नहीं तो कम-से-कम मध्यकालीन मान्यताओं से अब भी चिपका हुआ है. इस्लाम …

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नए कृषि कानून और उसकी वैधानिकता

Farmers Protest

New Agricultural Laws and its Legalities : Vijay Shankar Singh नए कृषि कानूनों को लेकर 26 नवम्बर से किसानों का आंदोलन चल रहा है और तब से किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हज़ारों की संख्या में इस सर्दी में बैठे हैं। लोग उन कानूनों पर बहस भी कर रहे हैं और सरकार की किसानों से बातचीत भी चल रही …

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किसान आंदोलन : मोदीजी के 56 इंच के लिए देश अपना नुकसान नहीं कर सकता

Modi-Adani-Ambani effigies burnt all over the state, two leaders of Kisan Sabha arrested in Marwahi

किसानों के आंदोलन पर एल. एस. हरदेनिया की टिप्पणी News & Politics/Avid News Readers: LS Herdenia commented on the farmers’ movement आजादी के बाद दो महाआंदोलन हुए जिनके सामने तत्कालीन केंद्रीय सरकारों को झुकना पड़ा। इनमें से पहला आंदोलन 1956-57 में हुआ था और दूसरा 1965 में। पहले आंदोलन का संबंध महाराष्ट्र राज्य के निर्माण से था। आंध्र में भाषा …

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मर जवान मर किसान/ फिर भी मेरी सरकार महान

Modi-Adani-Ambani effigies burnt all over the state, two leaders of Kisan Sabha arrested in Marwahi

 ये भी तबाह, वो भी परेशान लगाओ सिर्फ नारा पूरी ताकत से, जय जवान, जय किसान। यह कड़ाके की ठंड, बॉर्डर पे जवान  बॉर्डर पे किसान किसानों की  ये बदहाली और देश मेरा कृषि प्रधान लगाओ सिर्फ नारा पूरी ताकत से, जय जवान ,जय किसान। रहनुमा हमारे बेजार हो कर सो गए कहते हैं फ़ला के कहने से किसान गुमराह …

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सभ्यता के इतिहास के पैमानों पर भारत का किसान संघर्ष

Farmers Protest

India’s peasant struggle on the scale of history of civilization भारत का किसान (Farmer of india) लगता है जैसे अपनी कुंभकर्णी नींद से जाग गया है। अपने इतने विशाल संख्या-बल के बावजूद संसदीय जनतंत्र (Parliamentary democracy) में जिसकी आवाज का कोई अलग मायने नहीं रह गया था, फिर भी वह गांव के शांत जीवन में अपनी आत्मलीन चौधराहट की ठाठ …

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मथुरा में एक थे सव्यसाची जो एक व्यक्ति नहीं संस्था थे

Literature news

In Mathura, there was one Savyasachi who was not an individual but an institution सव्यसाची की पुण्य तिथि पर स्मरण | Reminiscence on the death anniversary of Savyasachi एक व्यक्ति के दिवंगत होने के तेईस साल बाद नगर के प्रबुद्ध जन स्मरण कर उसके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करें तो निश्चय ही यह हैरत की बात है। साधारण जीवन …

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