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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

जिन्ना पर अखिलेश यादव की टिप्पणी : समकालीन राजनीति पर साम्प्रदायिकता की छाया

Dr. Ram Puniyani

Akhilesh Yadav on Jinnah: Communal Signaling in Contemporary Politics हमारे देश में जैसे-जैसे साम्प्रदायिकता का बोलबाला बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे राजनैतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सांप्रदायिक प्रतीकों और नायकों के इस्तेमाल का चलन भी बढ़ रहा है. अपने-अपने राजनैतिक एजेंडे की पूर्ति के लिए विभिन्न राजनैतिक शक्तियां अलग-अलग व्यक्तित्वों का इस्तेमाल कर रहीं हैं. लोगों को बांटने …

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उप्र : योगी का हिंदुत्व नाम केवलम्, सांप्रदायिकता का ही सहारा

yogi adityanath

UP: Yogi’s Hindutva name Kevalam, only the support of communalism Sampradayikata ka hi sahara : भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का संदेश क्या है? भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पिछली बैठक का सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नीति-निर्धारक निकाय की दो साल अंतराल के बाद हुई बैठक के नाते, रस्म-अदायगी के सिवा कोई खास अर्थ भले न हो, पर इस …

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‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यों हो?’ योगी जी को सलमान खुर्शीद को थैंक्यू बोलना चाहिए!

yogi ji should say thank you to salman khurshid

Yogi ji should say thank you to Salman Khurshid! ‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यूं हो’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) इस समय दिल से किन लोगों को धन्यवाद-धन्यवाद कह रहे होंगे? निश्चित ही रूप से प्रधानमंत्री मोदी या अमित शाह को नहीं। अपनी पार्टी के किसी और नेता को नहीं, …

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अब प्रदूषण के लिए भी किसान जिम्मेदार! बधाई हो मोदी सरकार में भारत केवल गलत चीजों में टॉप पर है

deshbandhu editorial

प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार? Who is responsible for pollution? देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today देश में दीपावली के बाद से वायु प्रदूषण बेहद बढ़ गया है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। साल दर साल ऐसा ही होता जा रहा है। पिछले कुछ बरसों में इसे लेकर कुछ जागरुकता फैलना की कोशिश भी जा …

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भाजपा कार्यकारिणी में मोदी : आसमाँ पै है खुदा और जमीं पै ये

badal saroj narendra modi

Modi in BJP executive: Asma pai hai khuda and zamin pai ye भाजपा कार्यकारिणी में गूँजा मोदी का अहम् ब्रह्मास्मि आलाप हर तीन महीने में होने वाली भाजपा कार्यकारिणी की बैठक (BJP executive meeting) दो वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद मात्र एक दिन के लिए हुयी और “तेरे नाम पै शुरू तेरे नाम पै ख़तम” भी हो गयी। बिना …

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एक लेखक के रूप में नेहरू

Pt. Jawahar Lal Nehru

Nehru as a writer: Vijay Shankar Singh जवाहरलाल नेहरू अगर प्रधानमंत्री न होते तो क्या होते? | प्रधानमंत्री न होते तो भी महानतम लेखक के रूप में याद रखे जाते पं नेहरू जवाहरलाल नेहरू अगर प्रधानमंत्री न होते, तो भी यह विश्व उन्हें एक महान लेखक याद रखता। एक ऐसा लेखक, जिसकी इतिहास दृष्टि ने इस देश की संस्कृति की …

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नेपाल डायरी : नेपाल की जनगणना में बहुजन

nepal diary

नेपाल में पहली जनगणना कब हुई? नेपाल में आजकल जनगणना चल रही है. देश भर से हजारों की संख्या में सरकारी या ठेके पर अथवा संविदा में काम करने को मजबूर कर्मचारी नेपाल सरकार देश के कोने- कोने तक परिचालित किये जा रहे हैं. वैसे तो जनगणना हरेक दस बरस में होने वाली एक सामान्य सी परिघटना है. नेपाल में …

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भारत के अतीत के असली उत्तराधिकारी हैं नेहरू

best quotes by pt.jawahal lal nehru in hindi

Nehru the real heir of India’s past भगवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए, सुषमा स्वराज ने की थी मांग कुछ वर्ष पहले तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (The then External Affairs Minister Sushma Swaraj) ने यह मांग की कि भगवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए। सुषमा जी की इस मांग के बाद एक राष्ट्रीय बहस प्रारंभ …

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पं. नेहरू ही हैं आधुनिक भारत के निर्माता

Pt. Jawahar Lal Nehru

Jawaharlal Nehru is the architect of modern India आधुनिक भारत के निर्माण में पटेल और नेहरू की भूमिका हमारे देश के कुछ संगठन, विशेषकर संघ परिवार के सदस्य, जब भी सरदार वल्लभभाई पटेल की चर्चा करते हैं तब उनके बारे में दो बातें अवश्य कहते हैं। पहली यह कि सरदार पटेल आज के भारत के निर्माता हैं और दूसरी यह …

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मुक्तिबोध : मध्यवर्गीय संघर्ष और विषमताओं की ताकत का आख्यान

Gajanan Madhav Muktibodh (गजानन माधव मुक्तिबोध)

Gajanan Madhav Muktibodh गजानन माधव मुक्तिबोध के जन्मदिवस 13 नवंबर पर विशेष गजानन माधव मुक्तिबोध उन गिने चुने कवियों में थे जिन्होंने विज्ञान और फैंटेसी के आधुनिक तथा कलात्मक बिंब और भाव कविता में लिए। उनकी एक कविता ‘मुझे मालूम नहीं‘ में मनुष्य की उस असहायता का चित्रण है जिसमें वह यथास्थिति तोड़ नहीं पाता। वह दूसरों के बने नियमों …

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कारपोरेट घरानों के मुनाफे के लिए मोदी सरकार ने मजदूर वर्ग पर अभूतपूर्व हमला किया

debate

Modi government launched an unprecedented attack on the working class for the benefit of corporate houses Notes on Working class मोदी सरकार ने देशी विदेशी कारपोरेट घरानों के मुनाफे के लिए मजदूर वर्ग पर अभूतपूर्व हमला किया है। उसने देश में मजदूरों के 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड बना दिए। इन लेबर कोड के जरिए काम …

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नफरत की दुर्गंध दूर करेगा ‘समाजवादी इत्र’ !

'Socialist perfume' will remove the smell of hatred

नफरत की गंध को दूर करेगा ‘समाजवादी इत्र’ | अखिलेश यादव | पीएम मोदी | यूपी चुनाव 2022: सीएम योगी UP election 2022: CM Yogi |’Socialist perfume’ will remove the smell of hatred | Akhilesh Yadav | PM Modi Topics – Breaking news, Hindi news, politics, Narendra Modi, pm modi, political news, political news in hindi, up election 2022, up …

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त्रिपुरा भी धार्मिक कट्टरता की चपेट में

deshbandhu editorial

Tripura also in the grip of religious bigotry देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में कुछ दिनों पहले तक सांप्रदायिक हिंसा और तनाव की खबरें (Reports of communal violence and tension in Tripura) फिक्र बढ़ा रही थीं। अब खबर आई है कि 25 नवंबर को नगरीय निकाय के लिए होने वाले चुनाव से पहले …

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अच्छे दिन : भूखा भारत, कुपोषित विकास

deshbandhu editorial

भाजपा के शासनकाल में भारत में भूख भी बढ़ी और कुपोषण भी क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं? (Is Prime Minister Narendra Modi fulfilling his responsibility?) देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अक्सर साधु-संत की तरह विभिन्न विषयों पर प्रवचन करते नजर आते हैं। ताजा उदाहरण केदारनाथ का …

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आरक्षित वर्ग के अनग्रसर जातियों की कारुणिक सोच !

opinion, debate

अगर यह जानने का प्रयास हो कि भारत में वह कौन सा वर्ग है, जो सबके निशाने पर रहता है तो शायद उसका सही जवाब होगा आरक्षित वर्ग की अग्रसर जातियां, जिनके खिलाफ सुविधाभोगी वर्ग के लेखक-पत्रकार, साधु – संत तथा न्यायिक सेवा से जुड़े लोग तो षडयंत्र करते ही रहते हैं : खुद आरक्षित वर्ग की अनग्रसर जातियां भी …

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एचसी वर्मा को मिला पुरस्कार इस देश में विज्ञान और तर्कबुद्धि के अंधेरे की पुष्टि है

opinion, debate

HC Verma’s award is a confirmation of the darkness of science and reason in this country जानिए कौन हैं एचसी वर्मा जिन्हें पद्म पुरस्कार मिला है आज एचसी वर्मा ट्रेंड कर रहे हैं। उनको पद्म पुरस्कार मिला है। वर्मा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है IIT की तैयारी करने वालों के लिए रामबाण मानी जाने वाली फिजिक्स की किताब का …

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तुम तो बिलकुल हम जैसे निकले … जिन बातों पर हंसी आती थी, उन पर रोना आ रहा है

debate

आज आर के लक्ष्मण जिंदा होते, तो जरूर ‘वॉलंटरी रिटायरमेंट’ लेते (Had RK Laxman been alive today, he would have taken ‘voluntary retirement’) रवीन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ सेवा में, आदरणीय मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य महोदय, एक सच्चे हिन्दू के नाते आप से एक अनुरोध कर रहा हूँ। आशा है, आप भी उसी भावना से उस का सम्मान करोगे। यह हिन्दू राष्ट्र है …

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क्रूर नोटबंदी के पांच साल

deshbandhu editorial

Five years of brutal demonetisation नोटबंदी पर देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today आज से ठीक पांच साल पहले 8 नवंबर 2016 को नरेन्द्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक लेकिन क्रूर फैसला (A historic but cruel decision related to India’s economy) लिया था। पांच सौ और हजार रुपए के नोट एक झटके में …

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चुनाव में हार का डर लगा तो पब्लिक याद आयी! बड़े-बड़ों की अकड़ ढीली कर देता है चुनाव में हार का डर

Narendra Modi flute

When there was a fear of defeat in the election, then the public remembered! उपचुनाव के ताजा चक्र के नतीजों ने मोदी-शाह की भाजपा की ‘कड़े फैसले’ लेने की तानाशाहीपूर्ण ठसक निकाल दी है। जाहिर है कि ये ‘कड़े फैसले’ आम जनता के लिए ही ‘कड़े’ साबित होने वाले फैसले रहे हैं और ऐसे फैसले लेने की अकड़ के पीछे, …

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हो गया दूर जो साहिल तो खुदा याद आया !! ध्रुवीकरण, विभाजन और उन्माद ही भाजपा के अंतिम अस्त्र

badal saroj

उर्दू के शायर सदा नेवतनवी साहब का शेर है कि; “अब है तूफ़ान मुक़ाबिल तो ख़ुदा याद आया हो गया दूर जो साहिल तो खुदा याद आया !!” इन दिनों यह शेर पूरी तरह यदि किसी पर लागू होता है तो वे हैं नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा में – गिनती जहाँ पूरी हो जाती है उस – दो नम्बर …

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दीपावली पर मोदीजी का तोहफा : मनरेगा के लिए बजट ख़त्म

opinion, debate

ग्रामीण भारत में रोजगार की जीवन रेखा ‘मनरेगा’ का बजट हुआ ख़त्म The budget of ‘MNREGA’, the lifeline of employment in rural India, ends (मनरेगा के लिए बजट ख़त्म : लोगों के जीवन से ऊपर पूंजीवादी मुनाफा है सरकार की प्राथमिकता) इस दीपावली पर जब देश का मीडिया अयोध्या में 9 लाख दिए जलाकर विश्व कीर्तिमान (World record by lighting …

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