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आपकी नज़र

कोरोना काल : पर्यावरण क्षेत्र में दिखाई दी सरकार की तानाशाही और 40 साल में पहली बार घटा CO2 उत्सर्जन

Environment and climate change

पूरी दुनिया में अभी भी कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है और भारत में भी इसका ग्राफ तेज़ी से बढ़ रहा है। महामारी की आड़ में पूरी दुनिया में सरकारों में तानाशाही प्रवृत्ति का प्रकोप देखा जा सकता है, लेकिन भारत में इसका प्रकोप भी  कोरोना की तरह ही ज्यादा है। भारत में सरकार ने कोरोना काल में विकास परियोजनाओं …

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आत्मनिर्भर भारत : क्या इस राष्ट्र में इन मजदूरों का भी स्थान है ?

Ghar Se Door Bharat Ka Majdoor

कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भरता’ का सपना Prime Minister’s dream of ‘self-reliance’ during the Corona epidemic प्रधानमंत्री ने 12 मई को देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि- ‘‘हमने ऐसा संकट न देखा है न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए ये सब कुछ अकल्पनीय है, ये क्राइसेस अभूतपूर्व है।.. लेकिन थकना, हारना, …

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स्वदेशी : तरक्की का मंत्र या राजनीति का टोटका ?

Modi in Gamchha

स्वदेशी पर प्रेरणा अंशु के सम्पादक वीरेश कुमार सिंह का अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक-लेख Prerna Anshu editor Veeresh Kumar Singh’s most relevant contemporary article on Swadeshi जबसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने टीवी पर आकर राष्ट्र और राष्ट्रवासियों को सम्बोधित करते हुए उनसे आत्मनिर्भर बनने व स्वदेशी अपनाने का आहवान किया है तबसे उनके अनुयायी जिन्हें सामान्यतः भक्त कहने का चलन हो …

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स्टे होम में लोग स्टे सेफ नहीं हैं : सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों व आम जनता पर राजकीय दमन

freelance journalist Rupesh Kumar Singh

People are not stay safe in stay home: state repression on socio-political activists, journalists and general public जनपक्षधर स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार सिंह ने 12 मई 2020 को देश भर में हो रहे पत्रकारों, राजनीतिक-समाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों-नौजवानों, व आम जनता पर किये जा रहे राजकीय दमन पर छात्र संगठन ‘इन्कलाबी छात्र मोर्चा (इलाहाबाद)’ के फेसबुक पेज पर लाइव के जरिये …

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असगर अली इंजीनियर : एक असाधारण व्यक्तित्व का असाधारण सफर

asghar ali engineer in hindi

“बड़े शौक़ से सुन रहा था ज़माना, तुम्हीं सो गए दास्तां कहते-कहते”। ’’हमारा संघर्ष यही होना चाहिए कि दुनिया में सामाजिक न्याय हो, भेदभाव खत्म हो, सबके साथ इंसाफ हो, सबकी जरूरतें पूरी हों। हमें इस लड़ाई को लड़ते रहना है, सभी के साथ मिलकर, लगातार। ऐसा नहीं कि मैं सिर्फ इस्लाम के नाम पर लडूं, आप सिर्फ हिंदू धर्म …

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90 हजार करोड़ के डिस्कॉम पैकेज से इंडस्ट्री और कारपोरेट बिजली कंपनियों को ही होगा लाभ- सचान

Nirmala Sitharaman and Anurag Thakur

आम उपभोक्ताओं व स्टेट पावर सेक्टर को नहीं होगा कोई फायदा कल वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा घोषित कोरोना पैकेज के तहत दो महत्त्वपूर्ण ऐलान किया है। उसमें से एक एमएसएमई सेक्टर को बिना किसी गारंटी के 3 लाख करोड़ का लोन (3 lakh crore loan without any guarantee to MSME sector)  है और दूसरा डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियों) को …

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मत सुनना उसकी ! आत्मनिर्भर नहीं, निर्भर बनो, निर्भर बनाओ, परस्पर निर्भरता जीने का मूल है, आत्मनिर्भरता शूल है

अभिषेक श्रीवास्तव

Do not listen to him! Not dependent, be dependent, make dependent, interdependence is the core of living, self-reliance is the prong. हवा खराब है। आकाश मायावी। मैंने दोनों को उन्चास दिन बाद देखा। घंटों। गाजियाबाद से दिल्ली। दिल्ली से गुड़गांव। और वापसी में। इतनी भारी हवा मैंने केवल ओडिशा के समुद्र तट पर महसूस की थी इससे पहले। लेकिन उसमें …

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कोविड 19 की आड़ में मोदी सरकार ने किया पर्यावरण का विनाश

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Modi government did destruction of environment under the cover of COVID-19 देशव्यापी लॉकडाउन (Nationwide lockdown) के दौर में भी केंद्र सरकार के किसी एक मंत्रालय ने अपना नियमित से भी अधिक काम किया है, तो वह है पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Ministry of Environment, Forest and Climate Change). सामान्य दिनों से अधिक काम इस मंत्रालय ने इसलिए नहीं …

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कैफ़ी आज़मी : यादों के झरोखे से

Kaifi Azmi's 101st Birthday Today Google Doodle

“बस इक झिझक है यही हाल ए दिल सुनाने में, कि तेरा जिक्र भी आएगा इस फसाने में।” जिस समय कैफ़ी साहब का इंतकाल  (10 मई 2002) हुआ उस समय वो उर्दू साहित्य के मक़बूल शायर थे। उनका नाम मखदूम, फ़ैज़, फ़िराक़ गोरखपुरी, जोश, मजरूह सुल्तानपुरी और जिगर के साथ लिया जाता रहा है। या यूं कहिये, कि वे इस …

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जानिए कांग्रेस के ऊपर हमला क्यों भारत के आधुनिक राष्ट्र राज्य की हौसियत पर हमला है

congress

बुनियादी मूल्यों की रक्षा से ही देश बचेगा Know why the attack on Congress is an attack on the hilarity of the modern nation state of India The country will survive only by protecting basic values 80 के अंतिम सालों में कांग्रेस के कमज़ोर होने के साथ ही राजनीति मुख्यतः दो ध्रुवीय होने लगी। धर्मनिरपेक्ष और साम्प्रदायिक। पहले खेमे में …

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