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आपकी नज़र

अमीर देश भी भुगत रहे अब जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम

Environment and climate change

Climate Risks increasing worldwide – even for High-Income-Countries जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम (Side effects of climate change) पहले गरीब तीसरी दुनिया के देश ज्यादा भुगत रहे थे, लेकिन अब इसकी मार, इसके लिए जिम्मेदार अमीर देशों पर भी पड़ रही है। यह दावा हाल ही में जारी वैश्विक जलवायु संकट सूचकांक यानी ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स (Global Climate Risk Index) …

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इंसान ईमानदार हो तो उसके गाने में तासीर पैदा होती है : यथार्थबोध से उपजी एक जुझारू आवाज़ बेग़म अख़्तर

आबिदा परवीन की दुनियावी भरम से मुक्ति की आवाज़ और किशोरी अमोनकर का कुलीन, पवित्र और स्थिर स्वर.. दोनों छोरों को अतिक्रमित करती यथार्थबोध से उपजी एक जुझारू आवाज़ बेग़म अख़्तर की! बेग़म अख़्तर पर बारहा लिखने का मन हुआ करता था लेकिन ‘और फिर तल्ख़िए एहसास ने दिल तोड़ दिया’ जैसा हाल हो गया। कमउमरी में उन्हें सिर्फ़ उनकी …

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समाजवादी आंदोलन के दो महान पुरोधा, जिन्होंने संघ का अछूतोद्धार किया, क्या समाजवादी कभी अपनी इन ऐतिहासिक भूलों को स्वीकार करेंगे?

Dr. Lohia

यह तस्वीर, वह तस्वीर है जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अछूतोद्धार किया। 1966-67 में समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया देश में कांग्रेस के एकछत्र साम्राज्य को समाप्त करने के लिये एक थीसिस लेकर आये थे। उन्होंने सबसे पहले यह बताया कि कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा कारण (The biggest reason for the victory of Congress) यह है कि कांग्रेस …

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इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी..उसने कौमों से क़ौम सुलगाई है..मत भूले देस… आज़ादी की रंगत तो अश्फ़ाक के लहू से आई है

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी.. चटपटी पाकिस्तानी चटनी पकौड़ियों के साथ हट्टी सज गयी… उसने हिंदू-हिंदू फूँक कर अंगार जलाया, इक काग़ज़ के टुकड़े से असम मेघालय सुलगाया.. अब धीमी-धीमी आँच पर सुलग रहीं है देस की भट्टी.. हौले हौले से चायवाले की चल निकली है हट्टी .. उसकी इस हट्टी पर देस की जलती भट्टी पर.. …

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मोशा ने सावरकर-जिन्ना को जिता दिया गांधी हार गए

Amit Shah Narendtra Modi

क्या यह गांधी की हार और सावरकर-जिन्ना की जीत है? Is it the defeat of Gandhi and the victory of Savarkar-Jinnah? लोकसभा के नागरिकता संशोधन विधेयक पर मोहर लगाने पर प्रधानमंत्री के ‘खुशी’ जताने (Expressing ‘happiness’ of Prime Minister on passage of Citizenship Amendment Bill in Lok Sabha) पर बरबस, पाकिस्तानी कवियित्री फहमिदा रियाज की बहु-उद्धृत नज्म ‘‘तुम बिल्कुल हम …

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भारत विभाजन हम ने नहीं कराया : झूठों के शहंशाह अमित शाह

Amit Shah at Kolkata

झूठ बोलने में माहिर आरएसएस इस समय दुनिया का कोई भी फासीवादी संगठन दोग़ली बातें करने, उत्तेजना फैलाने और षड्यंत्र रचने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ– Rashtriya Swayamsevak Sangh, (आरएसएस) को मात नहीं दे सकता। भारत के एक मशहूर अंगरेजी दैनिक ने आरएसएस के बारे में प्रख्यात लेखक जॉर्ज ऑरवेल द्वारा दिए गए शब्द ‘दो मुंहा’ को इस विघटनकारी संगठन के …

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संघ से नहीं, इतिहास से कुछ सीखिए मोटा भाई, धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते-आते टूट गया था

Amit Shah Narendtra Modi

इतिहास से सीखिए कुछ ! धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते आते टूट गया था। पूर्वी पाकिस्तान बंगलादेश बन गया था। हिन्दू धर्म के मानने वालों से अपेक्षाकृत अधिक एकरूपता ‘एक अल्लाह’ ‘एक कुरान’ और ‘एक आखिरी पैगम्बर’ तथा ‘एक भाषा में एक जैसी प्रार्थना-पद्यति’ के कारण पूर्वी-पश्चिमी पाकिस्तान के बहुसंख्यकों में थी। लेकिन धार्मिकता राष्ट्र की …

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बलात्कार के बढ़ते मामलों में क्या सरकार व सिस्टम से सवाल नहीं करें ?

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

Should we not question the government and the system in the increasing cases of rape? बलात्कार की बढ़ रही वारदातों को देख अब सरकार व सिस्टम से सवाल करने की मजबूरी हुई जरूरी बलात्कार की आए दिन हो रही नई वारदातें व बढ़ते हुए क्रूर, बर्बर, घृणित दुष्कर्म के मामले देखकर तो यह निश्चित हो गया है कि लोगों में …

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आरएसएस और उद्योग जगत के बीच प्रेम और ईर्ष्या के संबंध की क़ीमत अदा कर रही है भारतीय अर्थ-व्यवस्था

Indian economy is paying the price for love and jealousy between RSS and industry आज के टेलिग्राफ़ में उद्योगपतियों की मनोदशा (Mood of industrialists) के बारे में सुर्ख़ी की खबर है। “Why business is talking ‘wine’, not Dhanda”। (क्यों उद्योगपति ‘शराब’ की बात करते हैं, धंधे की नहीं ) पूरी रिपोर्ट उद्योगपतियों की आपसी बातचीत और उनके बयानों के बारे …

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एनआरसी भारत विभाजन से अधिक त्रासद परिणामों वाला फैसला होगा।

NRC par ghiri BJP BJP in crisis over NRC

NRC will be a decision with more tragic consequences than partition of India. एनआरसी भारत विभाजन से अधिक त्रासद परिणामों वाला फैसला होगा। एनआरसी (NRC) की कवायद मुसलमानों से द्वेष (Malice to Muslims) के नाम पर शुरू होकर सभी धर्मों के करोड़ों भारतीयों को उसी तरह घायल कर गुजरेगी जैसे कालेधन के नाम पर नोटबन्दी ने किया ! और ये …

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