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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

बंगाल में आकर्षक वामपंथी प्रचार

left

Attractive leftist propaganda in Bengal बंगाल विधानसभा चुनाव (Bengal Assembly Elections) में वामपंथी प्रचार के पोस्टरों की यह एक अनोखी सिरीज़ है जिसे लाखों की संख्या में गाँव-शहर के कोने-कोने में लगा हुआ देखा जा सकता है। बवासीर के इलाज या गुप्त रोग के डॉक्टर (Treatment of hemorrhoids or Doctor of secret disease) या वशीकरण मंत्र की पीली किताबों के …

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आधी आबादी की पूरी आजादी के लिए जरूरी है फटी जींस के फटे संस्कारों को उखाड़ना

Today's Deshbandhu editorial

For the complete independence of half the population, it is necessary to uproot the torn rites of torn jeans देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की उम्र (Age of newly appointed Chief Minister of Uttarakhand Tirath Singh Rawat) 57 बरस है और साढ़े पांच दशक से अधिक की इस जीवन …

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योगीराज : 4 साल में बेरोजगारी बेशुमार

yogi adityanath

4 साल में 4 गुना बेकारी की दर में कमी के सरकारी प्रोपैगैंडा का सच (2017 में 17.5% से मार्च 2021 में 4.1% का सरकारी दावा) उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्रालय ने 2019 में सीएमआईई के उत्तर प्रदेश के बेरोजगारी के डेटा (Unemployment data of Uttar Pradesh of CMIE) को स्वीकार किया था जिसमें 2018 में 5.92% से 2019 में …

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आगे जाकर पीछे लौटने की नीति है बैंकों का निजीकरण

Bank

Privatization of banks, the policy of going back and forth: Vijay Shankar Singh 15 और 16 मार्च को बैंकिंग सेक्टर के सरकारी बैंकों के कर्मचारियों की सफल हड़ताल के बाद आज से बावन साल पहले, भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर में 1969 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उठाया गया बैंकों के राष्ट्रीयकरण (Nationalization of banks) का कदम बरबस याद …

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पिछड़ी जातियों में बौद्ध धम्म के प्रति आकर्षण बढ़ा

Attraction towards Buddhist Dhamma increased among backward castes

Among the backward castes, attraction towards Buddhist Dhamma increased. उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जातियों में भी अब बुद्ध धम्म के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है. बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा 1956 में नागपुर में ऐतिहासिक दीक्षा का सबसे ज्यादा प्रभाव महाराष्ट्र में म्हारों और उसके बाहर उत्तर प्रदेश में जाटवों में दिखाई दिया और बुध धम्म उनके जीवन का हिस्सा बन …

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सत्यपाल मलिक का उलझाने वाला बयान : गवर्नर आपकी पॉलिटिक्स क्या है ?

Today's Deshbandhu editorial

देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Meghalaya Governor Satyapal Malik) ने किसान आंदोलन पर केंद्र सरकार की राय के विरुद्ध बड़ा बयान देकर सियासत में नयी हलचल पैदा कर दी है। अपने गृह जनपद बागपत में रविवार को एक समारोह में किसानों के पक्ष में खुलकर बोलते हुए मलिक ने कहा कि …

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स्वाधीनता संग्राम में कहीं नहीं थे आरएसएस और मुस्लिम लीग

Dr. Ram Puniyani

RSS and Freedom Movement: Glossing Over the Non Participation RSS‘s participation in freedom struggle | आरएसएस की स्वाधीनता संग्राम में हिस्सेदारी  हमारे देश के सत्ताधारी दल भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस के स्वाधीनता संग्राम में कोई हिस्सेदारी न करने पर चर्चा होती रही है. पिछले कुछ वर्षों में संघ की ताकत में आशातीत वृद्धि हुई है और इसके साथ ही …

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क्या आप जानते हैं मोदी को पराजित करना बहुत मुश्किल काम क्यों है ?

Narendra Modi flute

Do you know why it is very difficult to defeat Modi? वर्ण व्यवस्था की पुनर्व्याख्या भी Identity politics based पिछड़ी राजनीति को नरेंद्र मोदी के मुकाबले कहीं खड़ी नहीं कर सकती. इसलिए इसके उन्मूलन पर विचार होना चाहिए. मैं पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूं कि कुछ इंटेलेक्चुअल वर्ण व्यवस्था की पुनर्व्याख्या (Reinterpretation of varna system) कर रहे हैं. …

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फिर गूंजना चाहिए – वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा

KanshiRam कांशीराम

मान्यवर कांशीराम की ऐतिहासिक विरासत पर ईमानदारी से ही चलकर बहुजन समाज का राजनैतिक मिशन कामयाब हो सकता है आज मान्यवर कांशीराम साहब का ८७ वां जन्मदिन/ कांशीराम जयंती है Today is the 8th birthday of Manyavar Kanshi Ram Saheb. और देश भर में कांशीराम के प्रशंसकों को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. आज देश बहुत कठिन हालत से गुजर …

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लोग अपने झूठ से हार जाते हैं, अक्सर

Sara Malik, सारा मलिक, लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

अपनी-अपनी जगह सही पता नहीं किसी बात पर दो झूठे, बहुत देर से अड़े हुए थे  सही और सच के लिए पूरी ताकत से खड़े हुए थे  मन से, दिमाग से,    चुपचाप दोनों को अलग-अलग सुन रही थी आमतौर पर लोग सच से हारते नहीं हैं, क्योंकि वो इतने बहादुर नहीं होते, इसलिए लोग अपने झूठ से हार जाते …

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अब जंगल से नहीं संसद से डर लगता है।।

गणेश कछवाहा, Ganesh Kachhwaha रायगढ़ छत्तीसगढ़

गणेश कछवाहा की कलम से —- दो जनवादी कविताएं – चेहरा बुझा बुझा सा दर्पण टूटा टूटा सा लगता है अब जंगल से नहीं संसद से डर लगता है।। इंसानियत मोहब्बत की चर्चा करने दो मंदिर मस्जिद के मसलों से डर लगता है।। टेसू क्यों न दहके अंगारों सा मजहब सियासत सब बजारू सा लगता है। चिंता किसे है भूखों …

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अब हम घेटो यानी बंद समाज, बर्बर समाज की इकाई बन गए हैं

Karl Marx

घेटो यानी बंद समाज से कैसे निकलें ! कार्ल मार्क्स की पुण्यतिथि पर विशेष | Special on the death anniversary of Karl Marx कम्युनिस्ट घोषणापत्र का पहला पैराग्राफ बहुत ही महत्वपूर्ण है और आज भी प्रासंगिक है, लिखा है, “यूरोप को एक भूत आतंकित कर रहा है-कम्युनिज्म का भूत। इस भूत को भगाने के लिए पोप और ज़ार, मेटर्निख़ और …

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बंगाल में किसान आंदोलन और बजट 2021 में कृषि की स्थिति

Review Union Budget 2021-22

Farmer Movement in Bengal and the agriculture in the Union Budget 2021: Vijay Shankar Singh किसान आंदोलन की गूंज बंगाल के चुनाव में सुनाई देने लगी है। किसान एकता मंच ने एक अपील देश के उन राज्यों जहां फिलहाल चुनाव हो रहे हैं, के मतदाताओं से की है, कि वे देश और जनहित में भाजपा को वोट न दें। एकता …

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हिंदू-राष्ट्रवादी एजेंडा और चुनावी तानाशाही

democracy

Hindu-nationalist agenda and electoral dictatorship स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय से जुड़े स्वतंत्र शोध संस्थान, वी-डैम (The V-Dem Institute (Varieties of Democracy) is an independent research institute founded by Professor Staffan I. Lindberg in 2014.) ने वह काम कर दिया है, जो एक बहुउद्यृत लोक कथा में उस बच्चे किया था, जो बड़ों की जुबान को बांधे डर और संकोच से …

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कभी शेषनादेश ही होता था शासनादेश, शायद भूल गया चुनाव आयोग : विजय शंकर सिंह

Election Commission of India

नंदीग्राम में ममता बनर्जी पर हमला (Mamta Banerjee attacked in Nandigram) हुआ या वह दुर्घटना में घायल हुई या यह कोई राजनीतिक ड्रामा था, इस पर सबकी अलग-अलग राय हो सकती है, पर चुनाव की घोषणा के बाद जब तक चुनाव परिणाम घोषित न हो जाएं, तब तक, राज्य की सारी प्रशासनिक मशीनरी चुनाव आयोग के अधीन रहती है और, …

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उत्तराखंड की उठापटक का संदेश और जनता की जनमीडिया के प्रति जिम्मेदारी

trivendra singh rawat

After Trivendra Singh Rawat’s resignation, Uttarakhand political developments वर्ष 2017 में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Elections) में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 70 विधानसभा सीटों में से 56 सीटों में जीत हासिल की थी। इसी उपलब्धि के चार साल पूरे होने के जश्न में उत्तराखंड सरकार 18 मार्च को ‘बातें कम काम ज्यादा’ कार्यक्रम मनाने की तैयारी …

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चोट ममता बनर्जी को भाजपा को दर्द क्यों?

Today's Deshbandhu editorial

जानिए ममता बनर्जी को चोट के राजनीतिक अर्थ क्या हैं जंग का कोई बड़ा मैदान तैयार हो गया है देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today मौजूदा दौर की राजनीति में चुनाव (Elections in present-day politics) को अक्सर जंग का नाम दे दिया जाता है। चुनाव जीतने के लिए तैयारियां नहीं की जातीं, रणनीतियां बनाई जाती हैं। सत्ता …

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कितनी जहरीली है जातिवादी मानसिकता, कैसे बनेगा आत्मनिर्भर भारत

एल. एस. हरदेनिया। लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

How poisonous is the racist mentality, how will India become self-sufficient प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। परंतु मेरी राय में देश के आत्मनिर्भर बनने की राह में अनेक बाधाएं हैं। जब तक इन बाधाओं को दूर नहीं किया जाता देश का आत्मनिर्भर बनना कठिन है। इन बाधाओं में साम्प्रदायिकता और जातिवाद प्रमुख हैं। जातिवाद का …

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स्वामी सहजानंद सरस्वती इतिहास के सबसे बड़े किसान नेता

dipankar bhattacharya

Sahajanand Saraswati is the biggest farmer leader in history सहजानंद सरस्वती की जयंती पर बिहटा में विशाल किसान महापंचायत दीपंकर ने कहा – हम सहजानंद सरस्वती की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं विशद कुमार आजादी की लड़ाई के दौरान जमींदारी प्रथा के खिलाफ किसानों को संगठित करने वाले महान किसान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती (Swami Sahajanand Saraswati’s …

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दुनिया, आधी दुनिया की

international womens day

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : क्या महिलाओं की स्थिति में कोई गुणात्मक परिवर्तन आया? International Women’s Day: Has there been any qualitative change in the status of women? इस हफ्ते की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) से हुई। हर साल की तरह बहुत से संदेश आये, बहुत सी महिलाओं ने संदेश लिखे, प्रेरणा से ओतप्रोत, महिला शक्ति की महिमा …

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मिथुन चक्रवर्ती : मृगया से भाजपा तक

mithun chakraborty

बंगाल विधानसभा चुनाव : Mithun Chakraborty from Mrigaya to BJP मशहूर फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती (Famous film actor Mithun Chakraborty) पिछले कई दिनों से लग रहीं तमाम अटकलों को सही साबित करते हुए भाजपा के केसरिया रंग में रंग गए। कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली (Prime Minister Narendra Modi’s rally in Kolkata’s Brigade Ground) के …

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