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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

हर्ड इम्युनिटी के भरोसे रहे तो पूरा भारत हो जायेगा कोरोनामय

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Credit NIAID NIH

What is herd immunity? | झुंड प्रतिरक्षा क्या है? भारत में जैसे-जैसे कोरोना का प्रसार तेज हो रहा है,तो झुंड प्रतिरक्षा हर्ड इम्यूनिटी – को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। हर्ड इम्यूनिटी यानी अगर लगभग 70-90 फीसद लोगों में बीमारी के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाए तो बाकी भी बच जाएंगे। लेकिन इसके लिए वैक्सीन जरूरी है। …

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पिछले 6 वर्षों में सरकार कितनी खरी उतरी है? एक लेखा-जोखा ऐतिहासिक तथ्यों के साथ

PM Modi Speech On Coronavirus

नगीना खान का बेहद प्रासंगिक लेख | Nagina Khan’s very relevant article महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पिछली सरकारों की असफलताओं का रिपोर्ट कार्ड (Report card of failures of previous governments) दिखाकर वर्तमान सरकार जिन मुद्दों को आधार बनाकर, जिस प्रकार जनता के पूर्ण बहुमत से (2014) सत्ता में आई और 2019 में एक बार फिर भाजपा पर जनता ने …

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चरित्र हनन, समाज में वैमनस्य व कटुता उत्पन्न करना ट्रोल आर्मी का प्रारंभिक “युगधर्म” है

Lalit Surjan ललित सुरजन देशबंधु पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं. वे 1961 से एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे एक जाने माने कवि व लेखक हैं. ललित सुरजन स्वयं को एक सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं तथा साहित्य, शिक्षा, पर्यावरण, सांप्रदायिक सद्भाव व विश्व शांति से सम्बंधित विविध कार्यों में उनकी गहरी संलग्नता है. यह आलेख देशबन्धु से साभार लिया गया

देशबन्धु : चौथा खंभा बनने से इनकार अखबार अथवा प्रेस और सत्तातंत्र के जटिल संबंधों (Complex relations of press and power) को समझने की मेरी शुरुआत 1961 में हुई, जब मैं हायर सेकंडरी की परीक्षा देकर ग्वालियर से लौटा और जबलपुर में कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के साथ-साथ बाबूजी के संचालन-संपादन में प्रकाशित नई दुनिया, जबलपुर (बाद …

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लॉकडाउन में घरेलू कामगारों से सोशल डिस्टेन्सिंग बनाती सोसाइटी

international domestic workers day, International Day of Family Remittances

International Day of Family Remittances | Social distancing makes society from domestic workers in lockdown 16 जून को विश्व ‘अन्तर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस’ (international domestic workers day) मनाया जाता है। घरेलू कामगार दिवस मई दिवस या महिला दिवस की तरह प्रसिद्ध नहीं है, जबकि इसमें महिला और मजदूर दोनों हैं। घरेलू कामगार में 14 साल से कम उम्र के 20 …

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आठ साल रुद्रपुर बदहाल | सड़क के गड्ढे राजनीतिक खाई न बन जाएं ठुकराल साहब!

The ground reality of the Terai villages

कोरोना काल में रोविंग रिपोर्टिंग चर्चित शायर इरतज़ा निशात ने एक शेर कहा था- ‘‘कुर्सी है तुम्हारा यह जनाजा तो नहीं है कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते?’’ रुद्रपुर क्षेत्र की जनता विधायक राज कुमार ठुकराल से यही सवाल कर रही है। आठ साल में शहर की एक भी मुख्य सड़क न बना पाने के बावजूद आप …

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सम्वाद तो असमानता और अन्याय के पूरे तन्त्र के खिलाफ होना चाहिए

Sushant Singh Rajput

Unemployment and hunger in the Corona era, suicides at the Quarantine Center are no less tragic. सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या बेहद दुखद है। कोरोना काल में बेरोज़गारी और भूख से, क्वारंटाइन सेंटर में हो रही आत्महत्याएं भी कम दुःखद नहीं हैं। माननीय प्रधानमंत्री ने सुशांत की आत्महत्या पर ट्विटर पर शोक जताया है (Prime Minister has mourned the suicide …

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सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के प्रसंग में : अवसाद, अहम् और आदर्श के सवाल

Sushant Singh Rajput

जॉक लकान के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत पर आधारित एक विमर्श In the context of Sushant Singh Rajput’s suicide: questions of depression, ego and ideal (A discussion based on Jacques Lacan’s psychoanalytic theory) किसी भी अवसादग्रस्त आदमी के साथ एक चरण में जा कर ऐसा होता है कि उसे अपने चारों ओर की अन्य सारी आवाजें सुनाई देना बंद हो जाती है। …

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आत्महत्या क्या है ? – एमिल दुर्खीम

Things you should know

Suicide is not a specific form of insanity आत्महत्या क्या है ? – एमिल दुर्खीम | इमाईल दुर्खीम का सिद्धांत What is suicide – Émile Durkheim (इमाईल दुर्खीम) ‘आत्महत्या’ शब्द के बारे में वार्तालाप में निरंतर चर्चा होती रहती है। अत: ऐसा सोचा जा सकता है कि इसके बारे में सब जानते हैं और इसकी परिभाषा देना फुजूल है। वास्तव …

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महान कवि लिखते तो गांव पर हैं और अपने गांव भी नहीं जा पाते

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

विष्णु नागर (vishnu nagar) जी बड़े कवि तो हैं ही, बड़े पत्रकार भी हैं। उन्हें हिंदुस्तान में काम करते हुए देखने का अनुभव अद्भुत है। ऐसे संकट काल में कवित्व से ज्यादा उनकी पत्रकारिता की जरूरत है। जन्मदिन पर विष्णु नागर को बधाई। बाकी महान कविगण बंगाल की भुखमरी (Starvation of Bengal,) के दौरान सोमनाथ होड़ और चित्तोप्रसाद जैसे महान …

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ओबीसी आरक्षण पूरी तरह से धोखा है : जस्टिस मार्कंडेय काटजू

Justice Markandey Katju

ओबीसी आरक्षण पर जस्टिस काटजू का मत | Justice Katju’s opinion on OBC reservation ओबीसी (Other Backward Castes / अन्य पिछड़ा वर्ग) युवाओं की शिकायत है कि भारत में मेडिकल कॉलेजों में एम.बी.बी.एस कोर्स में प्रवेश के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने केंद्रीय रूप से पूल की गई सीटों (राज्य समर्पित सीटों का 15%) में दशकों से ओबीसी को आरक्षण …

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सफूरा ज़रगर की चिंता भी होनी चाहिए. कहाँ है हमारी करुणा? क्या वह केवल केरल के हाथियों के लिए आरक्षित है?

Safoora Zargar

There should also be a concern about Safoora Zargar. Where is our compassion? Is it reserved only for Kerala elephants? केरल में गर्भवती हथिनी की मौत : एक त्रासदी का साम्प्रदायिकीकरण Pregnant elephant death in Kerala: communalisation of a tragedy ARTICLE BY DR RAM PUNIYANI – ELEPHANT. भारत के विविधवर्णी समाज में साम्प्रदायिकता का रंग तेज़ी से घुलता जा रहा …

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नेपाली परमाणु विधेयक के भू-राजनैतिक आयाम : क्या नेपाल में संसद नहीं है या सांसद व संसदीय समिति नहीं हैं ?

Khadga Prasad Sharma Oli, more commonly known as KP Sharma Oli, is a Nepalese politician and the current Prime Minister of Nepal. Oli previously served as prime minister from 11 October 2015 to 3 August 2016 and was the first elected prime minister under the newly adopted Constitution of Nepal.

Geopolitical Dimensions of Nepali Nuclear Bill: Is there no Parliament in Nepal or Member of Parliament and Parliamentary Committee? डॉ. मेरी डेशेन, राजेंद्र महर्जन (हिंदी अनुवाद : डॉ. पवन पटेल)   नेपाल को ‘परमाणुसंपन्न राष्ट्र’ बनाने सम्बन्धी विधेयक हाल ही में संसद उर्फ़ प्रतिनिधि सभा में बहस के लिए लाया गया है. ‘परमाणु तथा रेडियोधर्मी पदार्थों के सुरक्षित व शांतिपूर्ण …

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मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा है सुशान्त सिंह राजपूत का जाना

Sushant Singh Rajput

Sushant Singh Rajput’s suicide is a mental health issue The issue of mental health due to coronavirus has also emerged rapidly in the country. कोरोना वायरस के कारण मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा भी तेजी से देश में उभरकर आया है. लॉकडाउन ने लोगों की आदतें तो जरूर बदल दी हैं लेकिन एक बड़ा तबका तनाव के बीच जिंदगी जी रहा …

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भारत में आर्थिक अवसाद की काफी आशंका है, ये हम किस देश में रह रहे हैं? कैसा प्रजातंत्र है यह?

Gp Capt KK Singh

There is a lot of fear of economic depression in India, in which country are we living? What kind of democracy is this? बिहार विधान सभा चुनाव : बिहार के मेहनतकश स्त्रियों और पुरुषों से एक कैप्टन की अपील इस वर्ष अक्तूबर में बिहार विधान सभा का चुनाव होगा। कई दल और “फ्रंट” अपने-अपने लुभावने वादे, घोषणा पत्र, आदि लेकर …

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मास्क नहीं पहना ! दीजिए पांच हजार ! जनता को लूट कर ही खजाना भरोगे क्या सरकार !

Face Masks and Surgical Masks for COVID-19

Did not wear masks! Give five thousand! Will the government fill the treasure by robbing the public! उत्तराखण्ड में बहुत तेज़ी से कोरोना फैल रहा है। दिल्ली और दूसरे प्रभावित इलाकों से आ रहे लोगों की जांच की सिर्फ खानापूरी हो रही है। The government has made sure of the corona blast in the villages. संस्थागत संगरोध (Institutional quarantine) के …

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अमेरिका का सैन्य अड्डा बनता नेपाल, भारत के लिए भी है चिंता का सबब

India-Nepal Relations in Hindi

एमसीसी के बहाने अमेरिका का सैन्य अड्डा बनता नेपाल | Nepal becomes a military base of America वामपंथी वैचारिक जगत (Leftist ideological world) में आमतौर पर अब यह बात मानी जाने लगी है कि पूँजीवाद के नव उदारवादी समय में दुनिया एक नए साम्राज्यवादी युग में प्रवेश कर गयी है. पूँजीवाद (Capitalism) की तरह साम्राज्यवाद (Imperialism) भी लगातार अपने कलेवर, रूप-रंग …

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इस वक्त कोरोना से मृत्यु दर सबसे  ज्यादा ब्राज़ील में है, वहां भी अमेरिका की तरह नस्ली तानाशाही है

Jair Bolsonaro with Donald Trump

Currently, Brazil has the highest death rate from Corona, there is also racial dictatorship like America. भारत में मीडिया फ्रांस के जन विद्रोह की खबर क्यों दबा रहा है ? | Why is the media in India suppressing the news of the French uprising? अपने ताज़ा पोस्ट में न्यूयार्क से डॉक्टर पार्थ बनर्जी (Doctor Partha Banerjee from New York) ने …

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संघर्ष और समाधान : गांधीवादी परिप्रेक्ष्य

Mahatma Gandhi

Conflict and Conflict Resolution : A Gandhian Perspective डॉ. प्रेम सिंह ‘‘मेरा दावा उस वैज्ञानिक से जरा भी अधिक नहीं है जो अपने प्रयोग अत्यंत शुद्ध ढंग से, पहले अच्छी तरह सोच-समझ कर और पूरी बारीकी से करता है फिर भी उससे प्राप्त निष्कर्षों को अंतिम नहीं मानता बल्कि उनके बारे में अपना दिमाग खुला रखता है। मैं गहरी आत्म-निरीक्षण …

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अंधेरे खंडहरों में बिलबिलाती जिंदगियां ¬गुलाबो सिताबो पर क्षण भर

Man’s physical impoverishment also causes his mental impoverishment. गुलाबो सिताबो हिंदी फिल्म की समीक्षा | Gulabo sitabo hindi movie review  आदमी की भौतिक दरिद्रता उसकी मानसिक दरिद्रता का भी कारण बनती है। वह अपने अस्तित्व के लिये ही हर प्रकार की लूट-खसोट, कमीनेपन की मानसिकता का शिकार होता है, छोटी-छोटी चालाकियों में ही पूरा जीवन व्यतीत कर देता है। ‘गुलाबो सिताबो’ …

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भ्रष्टाचार और विवादों की जो शुरुआत अखिलेश सरकार में हूई थी, वह योगी सरकार में और ज्यादा जटिल हो गई

Akhilesh Yadav Yogi Aditynath

The beginning of corruption and controversies that took place in the Akhilesh government became more complicated in the Yogi government. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में बेकारी के भयावह होने से निपटने के किसी नीतिगत समाधान के अभाव से युवाओं के अंधकारमय भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौर में बेकारी के सवाल से …

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अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म की जांच करने का अधिकार – भारत में अल्पसंख्यकों की हत्याएं नाजी द्वारा यहूदियों की हत्याओं की याद दिलाती हैं।

Justice Markandey Katju

विदेश मंत्री जय शंकर ने USCIRF के शिष्ट मंडल को भारत में प्रवेश करने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है। यूएससीआईआरएफ एक गैर-सरकारी एजेंसी है जो भारत में धार्मिक प्रताड़ना के आरोपों की जांच करना चाहती थी और अमेरिकी प्रशासन को भी इसकी रिपोर्ट करना चाहती थी। एक सवाल उठता है कि क्या यह इनकार अंतरराष्ट्रीय कानून …

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