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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

क्या बदलाव की एक नयी इबारत लिख पायेगा किसानों का यह आंदोलन ?

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

Will this movement of farmers be able to write a new chapter of change? 2014 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रबल झंझावात के बल पर भाजपा/ एनडीए की सरकार बनी थी। उम्मीदें भी थीं, और गुजरात मॉडल का मायाजाल भी। नरेंद्र मोदी की क्षमता पर ज़रूरत से ज्यादा लोगों को भरोसा भी था। कांग्रेस का दस वर्षीय कार्यकाल खत्म हो …

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उच्च न्यायालय के अधिवक्ता की राय : धर्मांतरण कानून संविधान विरोधी ही नहीं मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी

yogi adityanath

यूपी सरकार द्वारा लाया धर्मांतरण कानून संविधान विरोधी ही नहीं मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी है। The conversion law brought by the UP government is not only anti-constitutional but also a violation of fundamental rights. आज जहां दुनिया टेक्नोलॉजी / साइंस, व्यवसाय आदि में  कामयाबी हासिल कर रही है वही हमारी सरकार सिर्फ सिर्फ लव जिहाद (कथित धर्म परिवर्तन) को …

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सुनो ‘मोशा’! जो बिहार में न हो पाया वो बंगाल के चुनाव में होगा

26th November left Bengal

बंगाल के चुनाव में बिहार का अधूरा काम पूरा होगा जो भी बिहार के चुनाव (Bihar elections) को मोदी की लोकप्रियता का प्रमाण (Proof of Modi’s popularity) मानता है, वैसे, कवि कैलाश वाजपेयी के शब्दों में, “चुका हुआ / नंगे पत्थर के आगे झुका हुआ/ औरों के वास्ते विपदाएं मांगता / नाली में पानी रुका हुआ !” ‘ईश्वरभक्त’ को यदि …

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अपरिभाषेय राष्ट्रवाद की परिभाषा !

raashtravaad, deshabhakti aur deshadroh

Definition of undefined nationalism! जेएनयू के परिसर में सन् 2016 की सर्दियों में हुए राष्ट्रवाद पर भाषणों के संकलन, ‘What the nation really needs to know’ के बाद अभी हाल में अनामिका प्रकाशन से राष्ट्रवाद के बारे में लेखों का एक महत्वपूर्ण संकलन (An important compilation of articles about nationalism), “राष्ट्रवाद, देशभक्ति और देशद्रोह” आया है — सर्वश्री अरुण कुमार …

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किसान आंदोलनों की परंपरा और किसान आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

The tradition of peasant movements and a brief history of peasant movements 26 नवम्बर को किसानों का दिल्ली कूच कार्यक्रम है। वे वहां पहुंच पाते हैं या नहीं यह तो अभी नहीं बताया जा सकेगा, लेकिन तीन नए कृषि कानूनो के असर देश की कृषि व्यवस्था पर पड़ने लगे है। धान की खरीद पर इसका असर साफ दिख रहा है। …

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मंगलसूत्र, पितृसत्तात्मकता और धार्मिक राष्ट्रवाद : डॉ राम पुनियानी का आलेख

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Mangalsutra, patriarchalism and religious nationalism: Article by Dr Ram Puniyani in Hindi गोवा के लॉ स्कूल में सहायक प्राध्यापक शिल्पा सिंह के खिलाफ हाल (नवम्बर 2020) में इस आरोप में एक एफआईआर दर्ज (FIR against Shilpa Singh, Assistant Professor in Goa’s Law School) की गई कि उन्होंने मंगलसूत्र की तुलना कुत्ते के गले में पहनाए जाने वाले पट्टे से की. …

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किसी विचारधारा की राह पर चलनेवाले सच्चे लोग, उसके नेताओं की ग़लतियों के कारण कुचले जाते हैं – ज्ञानरंजन

GyanRanjan

“किसी विचारधारा की राह पर चलनेवाले सच्चे लोग, उसके नेताओं की ग़लतियों के कारण कुचले जाते हैं।” —ज्ञानरंजन जी {आज फ़ोन पर हुए संवाद में} तीन बातें ————– आज यशस्वी कथाकार और ‘पहल’ के सम्पादक ज्ञानरंजन का जन्मदिन है। हिन्दी की एक अनमोल पत्रिका निकालते उन्हें लगभग आधी सदी होने को आयी। इस बीच जाने कितने लेखकों-कवियों की निर्मिति में …

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जानिए अनुच्छेद 32 क्या है और सर्वोच्च न्यायालय के कुछ फैसले और हालिया विवाद

Supreme court of India

Know what is Article 32 in Hindi and some decisions and recent controversies of the Supreme Court न्यायिक क्षेत्रों में आजकल संविधान के अनुच्छेद 32 और उस पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक ही सप्ताह में दो अलग अलग पीठों द्वारा की गयी व्याख्या के कारण एक बहस  छिड़ गयी है। लगभग सभी बड़े अखबारों ने अपने सम्पादकीय में इस बहस …

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अच्छे दिन : अबकी बार नीतीश कुमार की “नीतीशकुमार-मुक्त” भाजपा सरकार

Nitish Kumar Bihar CM

और अंत में अकाली दल, शिव सेना आदि की तरह, जदयू को भी भाजपा एक दिन बाहर का दरवाजा दिखा ही देगी। आखिरकार, मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की लगातार चौथी पारी (Nitish Kumar‘s fourth consecutive innings as Chief Minister) शुरू हो गयी है। सोमवार को दोपहर बाद, उन्होंने सातवीं बार, पद और गोपनीयता की शपथ ली। इससे एक …

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अब बिहार किधर

Bihar assembly election review and news

21 नवम्बर 2020 को आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय समिति और आंमत्रित लोगों की गूगल मीट पर आयोजित वर्चुअल बैठक के लिए नोट Note for the Virtual Meeting of the National Committee of All India People’s Front and Invited People held on Google Meet on 21 November 2020 एआईपीएफ की 21 नवम्बर को आयोजित वर्चुअल राष्ट्रीय समिति की विस्तारित …

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अपने शिखर पर है मोदी का आत्म-विनाश का कार्यक्रम – अमेरिकी इशारों पर भारतीय अर्थ-व्यवस्था की तबाही का एक और फ़ैसला

Narendra Modi flute

Modi’s program of self-destruction is at its peak मोदी का आत्मनिर्भर कैसे आत्म-विनाश का कार्यक्रम है, इसे विश्व अर्थ-व्यवस्था के एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 देशों के बीच रीजनल कंप्रिहेंसिव इकोनोमिक पार्टनरशिप– Regional Comprehensive Economic Partnership (आरसेप) वाणिज्य संधि में भारत के न शामिल होने से अच्छी तरह से समझा जा सकता है। कल, 15 नवंबर को …

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मी लॉर्ड ! क्या न्यायपालिका, ‘तुम मुझे चेहरा दिखाओ, मैं तुम्हें कानून बता दूंगा’ के आभिजात्य सिंड्रोम से ग्रस्त हो रही है ?

Supreme court of India

अर्णब प्रकरण, कुणाल कामरा के ट्वीट और सर्वोच्च न्यायालय की साख पर संकट Arnab Case, Kunal Kamra’s tweet and Supreme Court’s credibility crisis अटॉर्नी जनरल की संस्तुति के बाद अगर सर्वोच्च न्यायालय में, कुणाल कामरा पर मानहानि का मुकदमा चलता है तो, यह इस साल की दूसरी बड़ी मानहानि की कार्यवाही होगी जो देश की लीगल हिस्ट्री (Country’s legal history) …

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मी लॉर्ड! अर्णब गोस्वामी का मुकदमा क्या वाकई उनकी निजी स्वतंत्रता से जुड़ा है ?

arnab goswami,

Arnab Goswami stood in the apex court as the accused in Section 306 IPC and not as a victim. अर्णब गोस्वामी का मुकदमा (Case of Arnab Goswami) तो उनकी निजी आज़ादी से जुड़ा था भी नहीं। अर्णब तो धारा 306 आइपीसी के मुलजिम के रूप में शीर्ष न्यायालय में खड़े थे न कि एक पीड़ित के रूप में। वे एक …

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रायबरेली में एसपी रहे अफसर बोले – राहुल एक संवेदनशील और मुखर व्यक्ति, ओबामा उन्हें इग्नोर करने का साहस न जुटा पाए

Rahul Gandhi

हम सब अपने-अपने परसेप्शन खुद ही गढ़ते हैं हमारी समस्या एक यह भी है कि, हम यह चाहते हैं कि किसी व्यक्ति, विचार या घटना के बारे में जो मेरा परसेप्शन हो, वही हर व्यक्ति का भी हो। हम यह भूल जाते हैं कि, हर व्यक्ति किसी भी घटना, व्यक्ति और विचार के बारे में अलग-अलग तरह से सोचता है …

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आख़िर कुणाल कामरा ने किया क्या है ?

Kunal Kamra

कहते हैं कि स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा (Standup comedian Kunal Kamra) पर अदालत की अवमानना (contempt of court) के लिए सुप्रीम कोर्ट में मुक़दमा चलाया जाएगा – उस कोर्ट में जिसने चार दिन पहले अर्णब गोस्वामी के स्तर के बदमिजाज एंकर की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए यह फ़ैसला दिया था कि जिसे वह बुरा लगता है, वह उसे देखता …

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मीलॉर्ड ! कामरा ही नहीं, इन परिस्थितियों में तो अब आम आदमी की भी ऐसी ही धारणा है ?

Supreme court of India

Is the Supreme Court not working under the pressure of the Central Government? निश्चित रूप से कुणाल कामरा कई बार ज्यादा बोल जाते हैं पर क्या सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के दबाव में काम नहीं कर रहा है ? क्या सुप्रीम कोर्ट के जो फैसले आ रहे हैं उनमें कई महत्वपूर्ण फैसले विवादित नहीं रहे हैं? अर्णब गोस्वामी मसले में …

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केबीसी में मनुस्मृति दहन पर प्रश्न से मचा बवाल

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Hindi Article by Dr Ram Puniyani -KBC Question on Manusmiriti Burning by Dr Ambedkar ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) सबसे लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों में से एक है. इसमें भाग लेने वालों को भारी भरकम धनराशि पुरस्कार के रूप में प्राप्त होती है. हाल में कार्यक्रम के ‘कर्मवीर’ नामक एक विशेष एपीसोड में अमिताभ बच्चन ने पहले से तैयार स्क्रिप्ट के आधार …

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उत्तर प्रदेश में मायावती राज और दलित उत्पीड़न : उत्तर प्रदेश के दलितों को अपना गुलाम समझती हैं मायावती

Mayawati and ChandraShekhar Ravan

Mayawati Raj and Dalit oppression in Uttar Pradesh: Mayawati considers Dalits of Uttar Pradesh as her slaves (नोट: यद्यपि यह लेख कुछ पुराना है परंतु आज इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती गई है जब मायावती का भाजपा प्रेम (Mayawati’s BJP love) खुल कर सामने आ गया है। वर्ष 2001 में भी मायावती ने भाजपा की मदद लेकर ही सरकार …

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इंजी. लल्लन कुमार : बिहार की दलित राजनीति की एक नई संभावना !

Eng. Lalan Kumar MLA BJP

Engineer Lalan Kumar: A new possibility for Bihar’s Dalit politics! जिस बिहार विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं, उसका परिणाम सामने आ चुका है. इस चुनाव के शुरू होने के पहले जो महागठबंधन दूर – दूर तक मुकाबले में नहीं था : चुनाव प्रचार शुरू होने के कुछ दिन बाद तेजस्वी यादव के ऐतिहासिक प्रयास से न …

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आरएसएस की जुबानी, आरएसएस की कहानी : चालू पत्रकार की चालू किताब

RSS Sangh ka safar 100 varsh पुण्य प्रसून वाजपेयी की किताब ‘आर.एस.एस. (संघ का सफर : 100 वर्ष)

पुण्य प्रसून वाजपेयी की किताब – आर.एस.एस. (संघ का सफर : 100 वर्ष) पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी की चंद रोज पहले ही किताब आई है — ‘आर.एस.एस. (संघ का सफर : 100 वर्ष)। पैंतीस छोटे-छोटे कहानियोंनुमा अध्यायों से बनी 206 पन्नों की  किताब। संघ को विचारधारा का पर्याय मान कर राजनीति और विचारधारा के बीच संबंधों के एक चिरंतन सवाल …

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मीलॉर्ड क्या व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार संविधान ने बरवर राव को भी दिया है ?

Supreme court of India

व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वरवर राव का मुकदमा Personal liberty and the trial of Varvara Rao कल जब अर्णब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत प्राप्त अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए, जमानत दी तो एक पुराना मामला याद आया। यह मामला है तेलुगू के कवि और मानवाधिकार कार्यकर्ता वरवर राव का। वरवर राव भी अपने …

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