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आपकी नज़र

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि

कोरोना का कहर : मुफ़्त सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सिर्फ़ राष्ट्रीय नहीं, अन्तर्राष्ट्रीय ढाँचा तैयार हो

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

कोरोना वायरस की वैश्विक चुनौती के विचारधारात्मक आयाम | Ideological dimensions of the global challenge of corona virus यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के काल में जब मनुष्यता के अस्तित्व पर ख़तरा (Danger on the existence of humanity) महसूस किया जाने लगा था, तब बौद्धिक जगत में प्लेग और हैज़ा जैसी महामारियों से जूझते हुए इंसान के अस्तित्वीय संकट के वक़्त …

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जिन्हें पीने का पानी मयस्सर नहीं, उनके लिए साबुन, मास्क, सेनेटाइजर की हिदायत, क्या ये सरकार का भद्दा मजाक नहीं ?

Corona virus COVID19, Corona virus COVID19 image

कोरोना वायरस – सत्ता और आवाम | Corona Virus – Government and People “आज सुबह जब मैंने रेड लाइट पर गाड़ी रोकी तो एक महिला जिसकी गोद में बच्चा था, मेरी गाड़ी के शीशे को थपथपा रही थी। ये दृश्य रोजाना होता है, ये लोग भीख मांग कर अपना गुजारा करते हैं। उसने बाहर से खाली बोतल दिखाते हुए पानी …

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चंद्रशेखर की राजनीति क्या है? कांशीराम ने तो बाबासाहेब की राजनीति ख़त्म करके सौदेबाजी की राजनीति स्थापित की

Chandrashekhar Azad

15 मार्च को चंद्रशेखर ने आज़ाद समाज पार्टी (एएसपी) के नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है जिसका स्वागत है क्योंकि लोकतंत्र में हरेक नागरिक को अपनी पार्टी बनाने का अधिकार है. परन्तु इस पार्टी का एजंडा अथवा राजनीति के बारे में अभी तक कोई भी घोषणा नहीं की गयी है. प्रथमदृष्टया अभी तक आम जन …

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कोरोना : संकट की घड़ी, पर डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था हिन्दू कभी एकजुट नहीं होते, वे एकजुट होते हैं तब जब हिन्दू मुस्लिम –मुस्लिम दंगे होते हैं

Corona virus Do's and Don't in Hindi, Corona virus Do's and Don't poster in Hindi, हिंदी में कोरोना वायरस पोस्टर, हिंदी में कोरोना वायरस,

कोरोना वायरस : संकट की इस घड़ी में प्रभुवर्ग से प्रत्याशा ! Corona Virus: Anticipation from the sovereign in this hour of crisis! चीन से उपजा कोरोना वायरस मानव जाति के समक्ष एक गंभीर संकट बनकर खड़ा हो गया है, इस बात को खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटएचओ) ने स्वीकार किया है। इस वायरस से पूरे विश्व में आर्थिक, शैक्षिक, …

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निजी क्षेत्र का महिमामंडन करना बंद करें, निजी क्षेत्र के बैंकों के राष्ट्रीयकरण का सही समय आ गया है ?

Bank

Stop glorifying the private sector. Is the right time to nationalize private sector banks? जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रसार (Spread of corona virus) के बारे में चिंतित है, भारतीय अर्थव्यवस्था एक और वायरस से पहले से ही कांप रही है। यह निजी पूंजी के लालच से उत्पन्न अस्थिरता (Instability created by greed for private capital) का वायरस है। …

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सार्क के मंच पर भी झूठ ! पर हमारे मोदी जी लाचार हैं !

Narendra Modi in anger

सार्क के मंच को नष्ट करने का नुक़सान शायद मोदी जी को अब समझ में आ रहा होगा। सार्क देशों में समन्वय के प्रयत्नों की शिक्षा | lesson of coordination efforts in SAARC countries सार्क के मंच को नष्ट करने का नुक़सान शायद मोदी जी को अब समझ में आ रहा होगा। पर, सार्क देशों के बीच समन्वय (Coordination among SAARC …

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बुरी तरह से डरी हुई सरकार राष्ट्र के अस्तित्व पर संकट के अशनि संकेत दे रही

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

आरएसएस के लोगों के द्वारा ‘देशद्रोहियों’ के सफ़ाए का उत्तेजक प्रचार देश के सर्वनाश का कारण बनता हुआ नज़र आता है। Badly scared government proving signs of crisis over the existence of the nation सारे संकेत बता रहे हैं कि सरकार के पास दैनंदिन खर्च के लिये पैसों की कमी पड़ सकती है, अन्यथा आज के काल में मोबाइल और …

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कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञ केवल खुद बकवास करते हैं और दूसरों पर संदेह, COVID-19 को लेकर अमेरिका है घेरे में !

World news

Some American politicians only talk nonsense themselves and others doubt, America is under siege with COVID-19! हाल में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सदन में आयोजित कोविड-19 संबंधी एक सुनवाई बैठक में सांसद हार्ली रोऊडा ने पूछा, देखने में कुछ अमेरिकी फ्लू से मर चुके हैं, क्या वे लोग वास्तव में कोविड-19 से मरे हैं?अमेरिकी सीडीसी के प्रधान रोबर्ट रेडफील्ड ने …

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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाईश रहे… सिद्धू से सिंधिया का सफर

Jyotiraditya M. Scindia tweet loan waiver

कांग्रेस पार्टी त्याग कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia after quitting Congress party and joining Bharatiya Janata Party) ने पिछले दिनों दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा व अन्य भाजपा नेताओं तथा मीडिया के समक्ष अपना जो संक्षिप्त संबोधन किया उसमें जहाँ उन्होंने अनेक बातें कहीं वहीँ यह …

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बहुजन आंदोलन के नायक कांशीराम : दो सपने जो अधूरे रह गए।

KanshiRam कांशीराम

कांशीराम जयंती पर विशेष – Special on Kanshi Ram Jayanti कांशीराम ने मुलायम सिंह को दी थी पार्टी बनाने की सलाह | कांशीराम ने राष्ट्रपति के पद का ऑफर ठुकरा दिया था ! बीएस फोर से, बामसेफ से बीएसपी तक का सफर | क्या थे कांशीराम के दो सपने? What were Kanshi Ram’s two dreams ? कांशी राम की जीवनी – Kanshi …

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जिन उस्मान सैफी ने बचाया मंदिर, “शाह” पुलिस ने दंगाई बता किया गिरफ्तार तो पुजारी ने रिहा करने के लिए दी अदालत में अर्ज़ी

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मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद के भीतर नेहरू विहार की गली नम्बर 18 (Street number 18 of Nehru Vihar within Muslim majority Mustafabad) में अधिकांश मुस्लिम के बीच रहने वाले 10 हिंदू परिवारों और उनके मंदिर की रात-रात भर जग कर रक्षा करने वाले 45 वर्षीय उस्मान सैफी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इलाक़े के हिंदू परिवारों और मंदिर के …

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यदि कांशीराम न होते ?

KanshiRam कांशीराम

If Kanshi Ram were not there? आज एक ऐसे महापुरुष का जन्मदिन है जो अगर भारत भूमि पर भूमिष्ठ नहीं हुआ होता तो हज़ारों साल की दास जातियों में शासक बनने की महत्वाकांक्षा पैदा नहीं होती; लाखों पढ़े-लिखे नौकरीशुदा दलितों में ‘पे बैक टू दि सोसाइटी ‘की भावना (The spirit of ‘pay back to the society’ among employed Dalits) नहीं …

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ऐसा नहीं है कि असहिष्णुता सिर्फ सवर्णों की होती है, बाबासाहेब जैसे अद्भुत विद्वान राजनेता के अनुयायी भी कम असहिष्णु नहीं

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

वरिष्ठ पत्रकार पलाश विश्वास का यह आलेख हस्तक्षेप पर मूलतः April 19, 2016 को प्रकाशित हुआ था। पाठकों के लिए पुनर्प्रकाशन हम दीपा कर्मकार की उपलब्धियों (achievements of Deepa Karmakar) पर लिख नहीं रहे हैं। इस बारे में अगर आपकी दिलचस्पी है तो मीडिया के सौजन्य से आपको काफी कुछ जानकारी अब तक मिली होगी, जिसे हम दोहराना नहीं चाहते। …

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CAA : क्या घरेलू नीतियों में यूएन के मानदंडों का सम्मान किया जाना चाहिए?

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

CAA : Should United Nations Norms be respected in Domestic Policies? संयुक्त राष्ट्रसंघ मानवाधिकार उच्चायोग (यूएनएचसीआर) की उच्चायुक्त मिशेल बैशेलेट (UN High Commissioner, Michele Bachelet) ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की संवैधानिकता (constitutionality of the Citizenship Amendment Act) को चुनौती दी है. मिशेल द्वारा सीएए के विरुद्ध इस कार्यवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते …

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भारत के लिए अभिशाप बन चुका है मोदी सरकार का सांप्रदायिक एजेंडा ! वह भारत को श्रीलंका, सीरिया या म्यांमार बनाना चाहते हैं ?

Amit Shah Narendtra Modi

The communal agenda of the Modi government has become a curse for India! Does he want to make India Sri Lanka, Syria or Myanmar? देश आर्थिक तौर से खोखला सामाजिक तौर से बिखरा और दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है The country is currently stuck in a maze. देश इस समय एक चक्रव्यूह में फंस गया है। आर्थिक तौर से …

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कोरोना एक नए युग की महामारी है

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

Coronavirus Outbreak LIVE Updates Corona epidemic is the biggest challenge of today कोरोना महामारी का असर (Corona epidemic effect) बताता है कि आज की दुनिया किस कदर आपस में गुँथ चुकी है। तमाम आबादियों के बीच अविभाज्य संपर्क तैयार हो चुके हैं। राष्ट्रीय राज्यों की सीमाएँ वास्तव में टूट चुकी हैं। दुनिया का कोई कोना अब पहले के जमाने की …

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दिल्ली : सांप्रदायिक दंगा या नरसंहार

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Delhi: Communal riot or massacre! जिन्हें अब तब भी इसमें कोई संदेह रहा हो कि राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति ट्रम्प की यात्रा के दो दिन समेत, चार दिन तक जो खून-खराबा होता रहा, एक हिंदू-मुस्लिम दंगा (Hindu-Muslim riot) नहीं बल्कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ नरसंहार था, उनका संदेह इस हिंसा के कवरेज के लिए दो मलायलम समाचार चैनलों, एशिया नैट …

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आगे अहंकारी महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया की भारी दुर्गति सुनिश्चित है

Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS)

The arrogant Maharaja Jyotiraditya Scindia’s heavy misery is ahead सिंधिया ने कहा है कि कांग्रेस में रहते हुए जनता की सेवा अब संभव नहीं है। सवाल है कि जब वे कांग्रेस में थे और केंद्र में मंत्री भी, तब की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में कौन सा फ़र्क़ है ? सिवाय इसके कि तब कांग्रेस सत्ता में थी और …

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बात सिंधिया की ही नहीं है ! कांग्रेस की गलती भी समझिये, लौटना होगा नेहरू के रास्ते पर

congress

It is not only about Scindia! Also understand the mistake of Congress, will have to return to Nehru’s way बात सिंधिया की ही नहीं है ! कांग्रेस की गलती भी समझिये। कांग्रेस ने गांधी नेहरू के नेतृत्व में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को बहुआयामी बना दिया था। वह सिर्फ विदेशी दासता से मुक्ति का उद्योग नहीं रह गया था, बल्कि वह …

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सिंधिया परिवार की संतानों का भारतीय प्रजातंत्र के किसी भी राजनैतिक दल में होना शर्मनाक और राष्ट्र विरोधी है

Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS)

It is shameful and anti-national to have children of Scindia family in any political party of Indian democracy. समकालीन सरकारी दस्तावेज़ों के माध्यम से सिंधिया राजघराने की 1857 की आज़ादी की जंग के खिलाफ की गयीं ग़द्दारी की दास्तान जानें The story of Ghaddari made against the war of independence of 1857 of Scindia royalty मत भूलें कि रानी लक्ष्मी …

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माधवराव के खिलाफ चुनाव लड़े बादल सरोज ने कुछ यूं याद किया, #कहाँ_माधवराव_और_कहाँ_टटपुँजिया_चिंदीचोर

Madhav Rao Scindia

#असली_सिंधिया_को_याद_करते_हुये ग्वालियरी होने के नाते पांच दशक के राजनीतिक जीवन में सबसे ज्यादा भिड़ंत किसी से हुयी है तो मिल (बिड़ला मिल्स) के बाद वह ग्वालियर का महल था; माधवराव सिंधिया इसके प्रमुख थे। उनके महल के बगीचे और रसोई, ड्राइवरी, चौकीदारी और रखरखाव, छतरियों के कर्मचारियों की यूनियन से किले और मोतीमहल के सिंधिया स्कूलों के कर्मचारियों की यूनियन …

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