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हस्तक्षेप

हू इज भारत माता | नेहरू के लिए राष्ट्रवाद का क्या अर्थ था

Jawaharlal Nehru

‘भारत माता की जय’ मार्का राष्ट्रवाद | Nationalism in Hindi, Nationalism in Hindi समय के साथ, हमारी दुनिया में राष्ट्रीयता का अर्थ बदलता रहा है. राजनैतिक समीकरणों में बदलाव तो इसका कारण रहा ही है विभिन्न राष्ट्रों ने समय-समय पर अपनी घरेलू नीतियों और पड़ोसी देशों के साथ अपने बदलते रिश्तों के संदर्भ में भी इस अवधारणा की पुनर्व्याख्या की हैं. …

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दिल्ली में दंगे : सोशल मीडिया ने किया एंटी सोशल काम !

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सोशल मीडिया ने दिल्ली में भड़काई दंगे की आग Social media triggered riots in Delhi सोशल मीडिया की जवाबदेही तय होना ज़रूरी, केंद्र सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट बनाये सख़्त कानून राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा (President Donald Trump’s visit to India) के दौरान CAA-NRC को लेकर दंगा भड़काने का कार्य सोशल मीडिया को हथियार बनाकर किया गया। सोशल मीडिया के …

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गोली मारो सालों को : हिंसा और घृणा का निर्माण …

गोली मारो सालों को : हिंसा और घृणा का निर्माण … गोली मारो सालों को : हिंसा और घृणा का निर्माण … डॉ. राम पुनियानी का आलेख | hastakshep | हस्तक्षेप | उनकी ख़बरें जो ख़बर नहीं बनते ‘Hatred’ is being created against religious minorities and its objective is to weaken Indian democracy and constitution. शाहीन बाग का आन्दोलन (Shaheen …

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सीएए : देश को बंटवारे वाले माहौल की ओर जा रही मोदी-शाह की जोड़ी !

Amit Shah Narendtra Modi

CAA: The Modi-Shah duo is heading towards a partitioning country! नई दिल्ली। आखिर वह हो ही गया, जिसका अंदेशा व्यक्त किया जा रहा था। सीएए मुद्दे को भाजपा, आरएसएस और उनके सहयोगी संगठनों ने हिन्दू-मुस्लिम का रूप दे ही दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिल्ली आगमन पर दिल्ली में सीएए विरोधी व समर्थकों में हुई भिड़ंत (Clash between anti-CAA …

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मुस्लिम महिलाएं और खेल

Muslim women and sports भारत एक विकासशील राष्ट्र है एवं किसी भी देश के लिए लोकशक्ति व समानता का विशेष महत्व रहता है, इसमें स्त्री एवं पुरुष दोनों सम्मिलित हैं क्योंकि ये दोनों समाज के अपरिहार्य अंग हैं। यदि किसी भी देश को विकसित करना है तो सबसे पहले महिलाओं का विकास करना होगा, क्योंकि महिला ही समाज की जननी …

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सैनिक का अपमान : ये कैसा गुजरात मॉडल ? गंगा जल और गोमूत्र की चिंता! दलितों की क्यों नहीं ?

Amit Shah Narendtra Modi

सैनिक का अपमान देश और सेना का अपमान। 21वीं सदी में भी सोच में बदलाव नहीं। अपने ही देश और समाज में सैनिक का अपमान बेहद शर्मनाक। Insulting the soldier in his own country and society is extremely shameful. देश की रक्षा और स्वभिमान के लिए देश का सैनिक अपने प्राणों की बाजी लगा देता है, लेकिन जब किसी सैनिक का …

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ट्रंप के रोड शो पर 100 करोड़ खर्च करने वाली यह ‘अभिवादन समिति’ है किसकी ? यह समिति डोनाल्ड ट्रंप पर इतना भारी-भरकम खर्च क्यों कर रही है ?

Trump Modi

People started asking for the answer of 100 crores spent on Donald Trump‘s roadshow नई दिल्ली। लोगों का बेवकूफ बनाना तो कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखे। अब जब डोनाल्ड ट्रंप के रोड शो पर खर्च होने वाले 100 करोड़ रुपये का जवाब जनता मांगने लगी तो विदेश मंत्रालय से प्रवक्ता से कहलवा दिया कि यह खर्च ‘अभिवादन समिति’ उठा …

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा एनपीआर में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएं

Justice

Documents made available by President Ramnath Kovind to NPR should be made public एनपीआर सबसे पहले देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का होगा। हम मांग करते हैं कि देश के प्रथम नागरिक द्वारा एनपीआर में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएं। उसके साथ यह विवरण भी शामिल हो कि दस्तावेज़ कब और कहां से जारी किए गए …

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दुनिया में लोग जेबों से तोले जाते हैं…

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

…जेब … पैन्ट की साइडों में शर्ट के ऊपर दिल के दाँये बाँये ज़रा सी जो नज़र आती है दरअसल औक़ात बताती है… रूप, रंग, गुन, संस्कार इस जेब के आगे सब बेकार… अदब लिहाज़ के सारे ताले इसी से खोले जाते हैं… दुनिया में लोग जेबों से तोले जाते हैं… भरी जेब वाले देवों में देव.. रिश्तों की सूखी …

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सुस्त पड़ गयी ज़िन्दगी की रफ्तार को विकास के सहारे भगाना चाहती हैं हमारी सरकारें

Forests

पटना टू सिंगरौली, इंडिया से भारत का सफर, Patna to Singrauli..India’s journey to Bharat सिंगरौली (Singrauli) लौट आया हूँ। कभी पहाड़ों के ऊपर तो कभी उनके बीच से बलखाती निकलती पटना-सिंगरौली लिंक ट्रेन (Patna-Singrauli Link Train)। बीच-बीच में डैम का रूप ले चुकी नदियों और उनके ऊपर बने पुल तो कभी पहाड़ों के पेड़ से भी ऊँची रेल पटरी से …

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