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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

भवानीपुर उपचुनाव से आपदा में अवसर का क्या है संदेश?

देशबन्धु के आज के संपादकीय में भवानीपुर उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा करते हुए बताया गया है कि इन परिणामों का मोदी सरकार के लिए क्या अर्थ है और कांग्रेस को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए क्या तैयारी करनी चाहिए? देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today. प. बंगाल में भाजपा की हार की पटकथा लिखने की शुरुआत विधानसभा …

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फ्रांस के चर्चों में बच्चों के यौन शोषण की रिपोर्ट दुनिया को आईना दिखा रही !

Reports of sexual abuse of children in French churches are showing the mirror to the world! Cases of sexual abuse with women going for Haj were also exposed in the MeToo campaign. फ्रांस के एक कमीशन की रिपोर्ट में खोला गया हजारों पादरियों और स्टाफ का सालों पुराना कच्चा-चिट्ठा ! कमीशन ने अपनी रिसर्च में पाया कि सन 1950 से लेकर …

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दलित एवं आदिवासी : भूमि सुधार एवं वनाधिकार कानून

उत्तर प्रदेश में दलित एवं आदिवासियों  के संबंध में भूमि सुधार एवं वनाधिकार कानून की क्या स्थिति है? किस तरह समाजवादी और बहुजनवादी सरकारों ने दलितों के साथ छल किया और किस तरह भाजपा सरकार दलितों आदिवासियों के हक मार रही है 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में कुल कितने गाँव हैं? भारत एक गाँव प्रधान देश है. 2011 …

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गांधीजी के विचार जो आज भी प्रासंगिक हैं

Thoughts of Gandhiji in Hindi which are relevant even today. गांधीजी के वे कौन से विचार हैं जिन पर चलकर भारत और सशक्त हो सकता है? गांधीजी के अनुसार ग्राम-स्वराज की कल्पना क्या थी? वर्ष 2019 2 अक्टूबर से वर्ष 2 अक्टूबर 2020 तक सारे देश क्या सारी दुनिया को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (150th birth anniversary of Mahatma Gandhi) …

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गोलवलकर की परोक्ष धमकी के छह सप्ताह बाद हो गई थी गांधी जी की हत्या !

गाँधी जी और हिंदुत्व टोली : गाँधी जयंती (2 अक्टूबर 2021) पर विशेष | Special on Gandhi Jayanti (2 October 2021) सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गांधी जी की हत्या (Gandhi’s assassination) पर, आरएसएस के लोगों ने जो जहर फैलाया हुआ था, उसकी वजह से हुई। देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने 11 नवंबर, 1948 को एमएस गोलवलकर …

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मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्रा रोक कर अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं मोदी

 नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए 2005 में अमेरिका ने वीजा नहीं दिया था। तो शायद वे उसकी भड़ास इस तरह अन्य मुख्यमंत्रियों को विदेश यात्रा से रोक कर निकाल रहे हैं। Modi is taking out his frustration by stopping foreign travel of Chief Ministers आपने ठीक पढ़ा। नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए अमेरिका ने …

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हिटलर के देश में मार्क्सवादियों की जीत और कन्हैया का कांग्रेसी हो जाना

Marxists victory in Hitler’s country and Kanhaiya Kumar becoming Congressman. बिल्कुल PM Modi की तरह अहंकार में थीं angela merkel. कन्हैया कुमार को भाजपा ने ‘पोलिटिकल पंचिंग बैग’ के रूप में तैयार किया, हैरान मत होइए कि हिटलर के देश में कम्युनिस्ट सरकार बना सकते हैं। गर नहीं बना पाये, तो संसद में ताक़तवर प्रतिपक्ष के रूप में प्रस्तुत हो सकते हैं। …

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गोरखपुर का मनीष हत्याकांड : पुलिस सुधार की जरूरत फिर प्रासंगिक हुई

पुलिस का सिस्टम (police system) ही ऐसा है कि जनता के प्रति, कभी दुर्व्यवहार की, तो कभी करप्शन की, तो कभी पुलिस के पेशेवराना अक्षमता (professional incompetence of the police) की शिकायत मिलती ही रहेंगी। Gorakhpur’s Manish murder case has once again made the need for police reform relevant: Vijay Shankar Singh कानून लागू करने का एक मूल सिद्धांत यह …

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आरएसएस, स्कूली पाठ्यपुस्तकें और महात्मा गाँधी की हत्या

इस किताब को आए दस साल हो गए हैं पर किताब जिन मुद्दों पर लिखी गई उन मुद्दों की प्रासंगिकता घटने के बजाए बढ़ती ही जा रही है। पुस्तक समीक्षा जेएनयू समेत विश्व के कई नामी विश्वविद्यालयों से जुड़े तीन प्रोफेसरों की लिखी किताब की शुरुआत इसके हिंदी संस्करण हेतु अभिस्वीकृति से होती है। किताब पढ़ने की शुरुआत में आपको …

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राहुल गांधी एक उम्मीद का नाम है जिसका अर्थ उम्मीद ही होना चाहिए

 यह तो नहीं हो सकता है कि राहुल गांधी दिल्ली में ‘क्रोनी कैपिटलिस्ट’ की निशानदेही करें और उनके एक मुख्यमंत्री क्रोनी कैपिटलिस्ट की सेवा में आतुर दिखें। Rahul Gandhi is a hope name which should mean hope एक प्रखर छात्र नेता रहे और अब कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व के करीबी सलाहकार संदीप सिंह ने आज एक ट्वीट में राहुल गांधी …

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क्या बेवकूफ लोग गुरू खोजते हैं !

opinion, debate

 क्या आज के जमाने में गुरु मिलेंगे? गुरु के गुण क्या हैं? गुरु की परिभाषा क्या है? गुरु किसे कहते हैं? Do stupid people look for gurus! Will there be a guru in today’s era? What are the qualities of a Guru? What is the definition of Guru? Who is the Guru? सुनने और पढ़ने में अटपटा लग सकता है, …

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पंडित नेहरू, सुभाषचन्द्र बोस साधु वासवानी के सम्बन्ध में भगत सिंह के विचार

यह आलेख कीर्ति पत्रिका में ‘नए नेताओं के अलग-अलग विचार’ शीर्षक से जुलाई 1928 में छपा था। भगत सिंह का यह लेख कई भ्रांतियों को दूर करता है। Thoughts of Bhagat Singh regarding Pandit Nehru, Subhash Chandra Bose Sadhu Vaswani {शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह (1907-1931), जब केवल तेईस साल के थे, तब ब्रिटिश सरकार ने उन्हें फाँसी दे दी थी। …

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यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार के राजनीतिक अर्थ

क्या 53 मंत्रियों की योगी सरकार असहज थी? क्या अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मंत्रिमण्डल विस्तार किया गया? The political meaning of cabinet expansion in UP? उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के साढ़े चार वर्षों से अधिक समय बीत चुके हैं ऐसे में महज कुछ शेष बचे महीनों के लिए मंत्रिमण्डल विस्तार के क्या मायने हैं ? 53 …

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जन साधारण के राज की बात करते हैं रैदास जी

रैदास जी जन साधारण के राज की बात करते हैं। एक ऐसे लोकतांत्रिक गणराज्य की जिसमें जनता की भौतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक सभी जरूरतें पूरी हों। रैदास की बेगमपुरा रचना प्लेटो, थामस मूर के विचार की तरह यूटोपियन नहीं है, यह ठोस व व्यावहारिक है तथा लोगों की आवश्यकता के अनुरूप है।  संत रैदास वाणी ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन …

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हर छोटी लड़की की आंखों में एक सपना है, एक सपना जो कभी मरेगा नहीं…

हर छोटी लड़की की आंखों में एक सपना है, एक सपना जो कभी मरेगा नहीं… शालू निगम हर छोटी लड़की का एक सपना है पढ़ने का सपना, खेलने का सपना, नाचने का सपना, उड़ने का सपना, सभी विपत्तियों से मुक्त होने का सपना, एक सपना जो समानता की कल्पना करता है, एक सपना जो तानाशाही के समापन की कल्पना करता …

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औवेसी हाज़िर हैं साहब, किसान नाराज़ हैं तो क्या…?

क्या लोकतंत्र के लिए ख़तरा हैं भारत के प्रधानमंत्री? इस मुल्क के अमन चैन को संघी – मुसंघी मिलकर खत्म करना चाहते हैं इस मुल्क के अमन चैन को संघी और मुसंघी मिलकर खत्म करना चाहते हैं एस एम फ़रीद भारतीय एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन औवेसी की टीम अब ज़मीन पर भी उतरेगी क्यूंकि कुछ राज्यों मैं चुनाव है, ग़ैर चुनावी राज्यों के …

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एमके स्टालिन : बहुजनों के मोदी !

मोदी ने सवर्णों के हित में जो काम किया है, स्टालिन वही काम बहुजनों के लिए कर रहे हैं. हाल के दिनों में तमिलनाडु के स्टालिन सरकार से जुड़ी कोई भी खबर फेसबुक पर लोगों को खूब आकर्षित कर रही है. इसी क्रम में 22 सितम्बर को फेसबुक पर यह पोस्ट- तमिलनाडु में सभी सरकारी कॉलेजों, इंजीनियरिंग, मेडिकल और विश्वविद्यालयों …

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इतिहास डॉ मनमोहन सिंह का मूल्यांकन करते समय निश्चित दयालु रहेगा

History will certainly be kind while evaluating Dr Manmohan Singh डॉ मनमोहन सिंह को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं Happy Birthday Dr. Manmohan Singh : Vijay Shankar Singh 2014 का चुनाव समाप्त हो गया था। भाजपा को लोकसभा में पूर्ण बहुमत मिल चुका था। कांग्रेस अपने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में थी। मोदी का जादू सिर चढ़ कर बोल रहा था। …

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तालिबान, तेल की राजनीति और इस्लामोफोबिया का भारत पर प्रभाव

Impact of Taliban, Oil Politics and Islamophobia on India अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के नतीजे (Consequences of withdrawal of US forces from Afghanistan) में वहां तालिबान सत्ता में आ गए हैं. अफगानिस्तान का घटनाक्रम (chronology in Afghanistan) चिंता पैदा करने वाला है. वहां के अल्पसंख्यकों और मुसलमानों ने देश से किसी भी तरह भाग निकलने के जिस तरह …

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श्मशान-कब्रिस्तान से अब्बाजान तक

UP Assembly Election 2022: How did LK Advani characterize the current Prime Minister Narendra Modi? लालकृष्ण आडवाणी ने मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चरित्रांकन किस तरह किया था? बुजुर्ग भाजपा नेता, लालकृष्ण आडवाणी (Elderly BJP leader, LK Advani) ने जब मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चरित्रांकन यह कहकर किया था कि वह ‘ईवेंट मैनेजर बहुत अच्छे हैं‘, उनके कथन के …

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