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हस्तक्षेप

राष्ट्र को बचाने के लिए नई आर्थिक व औद्योगिक नीति को बदलना वक्त की जरूरत

narendra modi flute

The need of the hour is to change the new economic and industrial policy to save the nation उदार अर्थनीति (Liberal economy) के समर्थकों द्वारा पब्लिक सेक्टर और कल्याणकारी नीतियों को देश के विकास में बाधक व अर्थव्यवस्था पर बोझ होने का प्रोपेगैंडा कर निजीकरण, विनिवेशीकरण और बाजारोन्मुखी आर्थिक सुधारों को तर्कसंगत और देशहित में जरूरी बताया जाता है। 1990 …

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दिल्ली दंगे में संघ की भूमिका और मीडिया की चुप्पी

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Sangh’s role in Delhi riots and media silence “भाई आरएसएस के लोग आये हैं यहां सपोर्ट में. ब्रिजपुरी में. और नौ मुल्लों को मार दिया गया है ब्रिजपुरी पुलिया पर हिम्मत बनाये रखो और इनकी बजाये रखो जय श्रीराम…” यह मैसेज दिल्ली दंगे के दौरान बने एक व्हाट्सऐप ग्रुप का है. दंगों में हुई आगजनी और कत्लेआम के एक बड़े …

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महात्मा गाँधी, नस्ल और जाति

Mahatma Gandhi

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने दुनिया के सबसे बड़े जनांदोलन का नेतृत्व किया था. यह जनांदोलन ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध था. गांधीजी के जनांदोलन ने हमें अन्यायी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए दो महत्वपूर्ण औज़ार दिए – अहिंसा और सत्याग्रह. उन्होंने हमें यह सिखाया कि नीतियां बनाते समय हमें समाज की आखिरी पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का ख्याल रखना …

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अवसाद और मनोविश्लेषण की सैद्धांतिकता

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

अवसाद और मनोविश्लेषण की सैद्धांतिकता (Theoreticity of Psychoanalysis or Structure of ideology of psychoanalysis and Depression) पर एक चर्चा (30 जून को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र संगठन आइसा के फेसबुक लाइव पर पढ़ा गया आलेख) —अरुण माहेश्वरी पिछले दिनों बॉलीवुड के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्म-हत्या पर जब तमाम माध्यमों पर काफी चर्चा चल रही थी, उसी वक्त हमने …

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म.प्र. में अस्थिर सरकारों का दौर : एक सामंत का चारणगान

Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS)

Period of unstable governments in M.P. गत दिनों म.प. में एक अंतराल के बाद भाजपा सरकार के पुनरागमन के सौ दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में एक सभा आयोजित की गयी। यह सभा सौ दिन से प्रतीक्षित मंत्रिमण्डल विस्तार के दूसरे दिन ही आयोजित की गयी जिसमें ज्योतिरादित्य सिन्धिया ने प्रमुख वक्ता की तरह भाषण दिया। उल्लेखनीय है कि पूरे …

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भारत चीन विवाद : जब पं. नेहरू खुदकशी कर लेना चाहते थे ! पढ़ें पं सुंदरलाल का लेख

Jawaharlal Nehru

अभी भी जारी भारत चीन विवाद के संदर्भ में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट पुन: दोहराता है कि दोनों देश सीमा विवाद को राजनयिक-राजनीतिक वार्ता से हल करें और सीमा पर शांति और अमन चैन स्थापित करें. एसआर दारापुरी पूर्व आईजी राष्ट्रीय प्रवक्ता ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट भारत-चीन सीमा विवाद – पं. सुन्दरलाल (भारत-चीन सीमा विवाद के कारण उत्पन्न हुए युद्ध …

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कॉरपोरेट लूट की बलिवेदी पर अब भारतीय रेलवे की बलि की तैयारी : आपदा में अवसर निकालकर सब बेच देंगे मोदीजी !

narendra modi flute

भारतीय रेलवे (Indian Railway) जिसे ‘आम भरतीय जनमानस का जीवन रेखा’ कहा जाता रहा है, लेकिन अब इसके जीवन की बागडोर कॉरपोरेट के हाथों होंगी। अब भारतीय रेलवे की धड़कनें पूँजीवादी शोषकों के इशारों पर निर्देशित होगी। ऐसा नहीं कि अचानक से भरतीय रेलवे की धड़़कनें कॉरपोरेट द्वारा निर्देशित होने की योजना हमारे सामने आ गई है। दरअसल इसकी शुरुआत …

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तानाशाहों जेपी ने जो इंदिरा से कहा था उसे याद रखो – “विनाशकाले विपरीत बुद्धि” ! क्योंकि लोकतंत्र का खात्मा अराजकता को दावत है

NRC par ghiri BJP BJP in crisis over NRC

मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (The Universal Declaration of Human Rights) की धारा 11 कहती है, “दंडनीय अपराध के प्रत्येक आरोपी को तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक उसे public trial के माध्यम से कानूनन अपराधी साबित नहीं कर दिया जाता……” हमारे न्यायशास्त्र की मूल अवधारणा (Basic concept of our jurisprudence) है कि सौ अपराधी भले छूटजाएं, पर एक निर्दोष …

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कोयला खनन का निजीकरण राष्ट्र विरोधी, हर देशभक्त करे मजदूरों के आंदोलन का समर्थन

दिनकर कपूर Dinkar Kapoor अध्यक्ष, वर्कर्स फ्रंट

Privatization of coal mining is anti-national, every patriot should support the workers’ movement कोयला के निजीकरण के खिलाफ आज से शुरू मजदूरों की हड़ताल पर दिनकर कपूर का आलेख Dinkar Kapoor’s article on workers’ strike against coal privatization starting today आज से पूरे देश में कोयला क्षेत्र के निजीकरण (Privatization of coal sector) के खिलाफ लाखों कोयला मजदूर हड़ताल पर …

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बनारस बदल गया है, लोग भी बदल गए हैं

Keshav Suman

Benares has changed, people have also changed आज बनारस के वरिष्ठ कवि केशव शरण जी का फोन आया। प्रेरणा अंशु के जून अंक में लॉकडाउन पर उनकी कविताएं (Keshav Sharan’s poems on lockdown) छपी हैं। लेखकीय प्रतियां मिलते ही फोन किया। फिर लम्बी बात हुई। उनसे पता चला कि केडी यादव अब बनारस में नहीं हैं। वे कहां गए केशवजी …

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