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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

नंदीग्राम और महाझूठ का खेला होबे : हिटलर के योग्य चेला-चेली

mamata modi

Nandeegraam aur maha jhooth ka khela hobe : hitalar ke yogy chela-chelee हिटलर के योग्य चेला-चेली, उसके ‘बिग लाई’ या महाझूठ के हथियार का प्रयोग करने में जरूर माहिर होते हैं। प्रचार के इस हथियार का प्रयोग करने में महारथ हासिल हुए बिना कोई हिटलर का नाकाम चेला तक नहीं हो सकता है। बिग लाई या महाझूठ के इस सिद्धांत …

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छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा : इस व्यवस्था को हथियार से नहीं जन आंदोलनों से ही बदला जा सकता है…

bhupesh baghel crpf

शनिवार 3 अप्रैल को बीजापुर जिले के तर्रेम इलाके के पास सीआरपीएफ, कोरबा बटालियन और पुलिस के जवानों पर घात लगाकर नक्सलियों द्वारा किया गया हमला जिसमें 23 जवान मारे गए, 31 घायल हुए और एक नक्सलियों की पकड़ में है, पिछले 15 दिनों में सुरक्षा बलों पर किया गया तीसरा हमला है। इसके पूर्व भी 21 मार्च, 2021 को …

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छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला : फिर लहूलुहान छत्तीसगढ़

Today's Deshbandhu editorial

देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today छत्तीसगढ़ एक बार फिर बड़ी नक्सली हिंसा का शिकार हुआ है। शुक्रवार को सुकमा और बीजापुर के अलग-अलग इलाक़ों से सीआरपीएफ़, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स और कोबरा बटालियन के 2059 जवान नक्सल ऑपरेशन के लिए निकले थे। शनिवार को जवानों की वापसी के दौरान तर्रेम थाना के सिगलेर से …

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चिंताजनक है पिछले सात सालों में सुरक्षा बलों में बढ़ती हुई आत्महत्या की प्रवृत्ति

Things you should know

There is a worrying trend of increasing suicide among security forces in the last seven years: Vijay Shankar Singh (retd. Senior IPS officer) सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य | Mental health in the security forces जैसे-जैसे घृणा और जाति, धर्म, रंग, क्षेत्र से जुड़ी कट्टर घटनाएं बढ़ने लगती हैं तो उसका सीधा असर पुलिस और सुरक्षा बलों पर पड़ता है। …

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प्रताप भानु मेहता की समकालीन राजनीति पर शैक्षणिक अटकलबाजियां

Apurvanand talks with Pratap Bhanu Mehta on 'The Wire'

कथित ‘कुलीनतावाद-विरोध’ और जनतंत्र में आबादी के तर्क का सच ! संयोग से हमने आज ही ‘द वायर’ पर प्रताप भानु मेहता से अपूर्वानंद की साल भर पुरानी वार्ता (Apurvanand talks with Pratap Bhanu Mehta on ‘The Wire’) को सुना। वार्ता साल भर पुरानी होने पर भी राजनीति शास्त्र में दैनंदिन राजनीतिक घटनाक्रमों से सिद्धांत-निर्णय की अकादमिक क्रियाशीलता पर विचार …

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न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का हथियार कोविड-19 चालू आहे ! बिल गेट्स का लफड़ा क्या है ?

Bill Gates

New World Order weapon COVID-19 is on! What is Bill Gates’ fiasco? कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही वैक्सीन के विषय में बिल गेट्स (Bill Gates about the vaccine being used to prevent corona virus infection) का सीबीएस न्यूज से यह कहना काफी महत्वपूर्ण है कि―”लोगों को खुद को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के …

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भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और ईसाई अल्पसंख्यक

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Hindi Article- Nuns deboarded from Train in Jhansi Freedom Of Religion and Christian Minorities in India हाल में जारी अपनी रिपोर्ट में ‘फ्रीडम हाउस‘ ने भारत का दर्जा ‘फ्री’ (स्वतंत्र) से घटाकर ‘पार्टली फ्री’ (अशंतः स्वतंत्र) कर दिया है. इसका कारण है भारत में व्याप्त असहिष्णुता का वातावरण (atmosphere of intolerance) और राज्य का पत्रकारों, विरोध प्रदर्शनकारियों और अल्पसंख्यकों के …

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कृषक चेतना के अनूठे कवि केदारनाथ अग्रवाल

kedarnath agrawal

केदारनाथ अग्रवाल के जन्मदिवस : 1 अप्रैल पर विशेष | केदारनाथ अग्रवाल की काव्यगत विशेषताएँ केदारनाथ अग्रवाल के जन्म दिवस 1 अप्रैल पर केदारनाथ अग्रवाल की प्रमुख रचनाएँ से केदारनाथ अग्रवाल की कविताएं उद्धृत कर केदारनाथ अग्रवाल की भाषा शैली, केदारनाथ अग्रवाल का व्यक्तित्व और कृतित्व, केदारनाथ अग्रवाल के काव्य में प्रकृति, केदारनाथ अग्रवाल के काव्य में प्रकृति सुंदर पर …

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राजद के लंपट चरित्र का दस्तावेज है असिस्टेंट प्रोफेसर दिव्यानंद की पिटाई ?

dvyanand

पिछले 26 मार्च को बिहार बंद के दौरान तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दिव्यानंद देव की छात्र राजद के लालू यादव व  कार्यकताओं सहित अंग क्रांति सेना के संयोजक शिशिर रंजन सिंह ने उस वक्त पिटाई कर दी, जब वे अपना क्लास ले रहे थे। इस बावत प्रोफेसर दिव्यानंद देव ने फोन पर बताया कि …

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक उत्पीड़न पर मोदीजी ने क्या शेख हसीना से कोई बात की?

Narendra Modi Addressing the nation from the Red Fort

Did Modiji talk to Sheikh Hasina on minority oppression in Bangladesh? मोदी जी की बांग्लादेश यात्रा के निहितार्थ ढाका के अखबारों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश में दो सौ साल पहले हुए दलित नवजागरण मतुआ आंदोलन के मुख्यालय जाने को प्रमुखता से कवर किया जाता है। बंगाल और बाकी देश में इस ऐतिहासिक किसान विद्रोह और दलित …

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हरि अनंत, हरि कथा अनंता। साहेब की कथाओं का भी कोई अंत नहीं, बुरा न मानो…

Today's Deshbandhu editorial

देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today आंदोलनजीवी नहीं, साहेब आंदोलनफली हैं कैसा अद्भुत संयोग है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा (Full moon of phalgun month) के शुभ अवसर पर ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) का अमृत महोत्सव हुआ है। साहेब कहते हैं ऐसा लगता है मानो कल की बात हो। अब उन्हें क्या पता कि ये कल …

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राजनीतिक दखलंदाजी और पुलिस सुधार की कवायद

Police

Political intervention and police reform exercise By Vijay Shankar Singh, retd. IPS 2012 – 13 में जब सर्वोच्च न्यायालय ने भरी अदालत में सीबीआई को एक पिजड़े का तोता कहा तो तब खूब हो हल्ला मचा। तत्कालीन सीबीआई प्रमुख से जब पत्रकारों ने पूछा कि, ” सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी पर कि सीबीआई पिंजड़े का तोता है, आप की …

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बुरा न मानो ड्योढ़ी डैमोक्रेसी है

Holi

Holi with Democracy कैबिनेट मीटिंग में गहन चर्चा के बाद तय हुआ कि प्रगति बेशक हो रही है, पर रफ्तार काफी धीमी है। सरकार का दूसरा कार्यकाल लग गया, दूसरे कार्यकाल में से भी दो साल निकल गए, पर प्रगति के नाम पर सिर्फ दो सूबों की विधानसभाओं को नाथा जा सका है। उसमें भी एक की विधानसभा फिलहाल तो …

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कुरान, मदरसे और आतंकवाद : नेक नहीं हैं वसीम रिजवी के इरादे

Dr. Ram Puniyani

Quran, Madrasa and Terrorism: Wasim Rizvi’s intentions not noble, हिन्दी में डॉ. राम पुनियानी का लेख | Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (Former Shia Waqf Board Chairman Wasim Rizvi) ने उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर यह मांग की है कि कुरान की 26 आयतों को इस पवित्र पुस्तक …

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किसान आंदोलन में बढ़ता आक्रोश : सम्राट जनता का नहीं WTO, टाटा, अम्बानी, अडानी का चौकीदार है

Farmers launch T-shirt in support of the movement on the border "Zinda hai to Delhi Aaja, join the struggles"

Growing anger in peasant movement: King is not Chowkidar of public but WTO, Tata, Ambani and Adani देश के किसान पिछले चार महीने से जनविरोधी तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए बड़े ही व्यवस्थित व अनुशासनिक तरीके से दिल्ली की सरहदों पर बैठे हैं। किसान ईमानदारी से तीन कानूनों को रद्द करवाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन …

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आंदोलनजीवी मोदीजी और इतिहास में दुष्प्रचार व झूठ का तड़का

Narendra Modi Addressing the nation from the Red Fort

Andolanjivi Modiji & Propagation of propaganda and lies in history इतिहास के साथ दुष्प्रचार और गलतबयानी एक आम बात रही है। सत्तारूढ़ शासक अक्सर अपने विकृत और विद्रूप अतीत को छुपाना चाहते है और अपने बेहतर चेहरे को जनता के सामने लाना चाहते है। इतिहास में वे बेहतर शासक और व्यक्ति के रूप मे याद किये जाएं, यह सबकी दिली …

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बैरिस्टर जिन्ना और बैरिस्टर सावरकर के द्विराष्ट्र के सिद्धांतों का फेल होना ही बांग्लादेश का निर्माण होना है

sheikh mujibur rahman

बांग्लादेश के पचास साल | Fifty years of Bangladesh बंगला देश की स्वतंत्रता के अर्धशताब्दी के बहाने | Half-century for Bangladesh’s independence. बैरिस्टर जिन्ना और बैरिस्टर सावरकर के द्विराष्ट्र के सिद्धांतों का फेल होना यही बांग्लादेश का निर्माण होना है। आज इस ऐतिहासिक घटना की पचासवी वर्षगांठ का दिन है। 1917 को अंडमान की जेल से ही सावरकर ने अपनी …

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बुरा न मानो होली है/ ये हुक्‍काम बहुत सयाना है/ यूं कद दरमियाना है

Holi

मौसम बहुत सुहाना है तो आ जाओ कि भेड़ॊं के बाल मूंड़ कर ऊन बनाना है धुली हुई कमीज को लेवोजिन से चमकाना है शीशे की ऊंची-ऊंची इमारतों में कम्‍प्‍यूटरों से ढंक जाना है स्‍टॉक एक्सचेंज में छलांग लगाना है राजनीति को अंबानी-अडानी के चरणों में ले जाना है सोशल मीडिया पर सबको बहलाना है लोग अपने मसले खुद ही …

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बांग्लादेश के पचास साल और बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान

sheikh mujibur rahman

Bangladesh’s fifty years and Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman 50 साल पहले बांग्लादेश का जन्म हुआ था। 26 मार्च को उसकी पचासवीं जयन्ती मनाई जायेगी। उसके पहले 7 मार्च को शेख मुजीबुर्रहमान ने पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी (Bangladesh independence) का नारा दिया था और 26 मार्च को आजादी के जंग का ऐलान कर दिया था। उसी दिन से पूर्वी पाकिस्तान …

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पुलवामा से लेकर एंटीलिया तक विस्फोटक आखिर आ कहां से जाते हैं ?

Today's Deshbandhu editorial

भाजपा को शिवसेना की नसीहत देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today किसी अफसर के कारण सरकार बनती नहीं और गिरती भी नहीं है, यह विपक्ष को भूलना नहीं चाहिए। कुछ इन शब्दों में शिवसेना के मुखपत्र सामना में भाजपा को सख्त नसीहत दी गई है। साथ ही यह भी समझाया गया कि महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi …

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लोकप्रिय सिनेमा सिर्फ़ हिंसा और सैक्स पर ही निर्भर है : सागर सरहदी

sagar sarhadi

Veteran Film Maker Writer Sagar Sarhadi Passes Away सागर सरहदी का असली नाम क्या था अलविदा मेरे भाई साहब सागर सरहदी! भाई साहब (सागर सरहदी जी को मैं आम तौर पर इसी नाम से संबोधित करता था, कई बार कॉमरेड भी) का मार्च 22-23, 2021 को मुंबई में देहांत हो गया। मई 11, 1933 के दिन सूबा सरहद के ज़िले …

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