कोरोना बढ़ रहा है, सीमा पर मामला संवेदनशील होता जा रहा है, मन्दिर, तीन तलाक, धारा 370 से अब लोगों को बरगलाया नहीं जा सकता।

Narendra Modi flute

पूंजीवादी व्यवस्था में किसी व्यापारी, किसी उद्योगपति की कोई सामाजिक भूमिका नहीं होती। उसका काम केवल अधिक से अधिक मुनाफा कमाना होता है। जब मुनाफा कम होने लगता है तो वह उस व्यापार से हाथ खींच लेता है और उद्योगों में तालाबन्दी (Lockout in industries) कर देता है।

वादा तो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने का, पर यहां तो एमसीपी ही खतरे में है

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आप जो लगातार बढ़ती हुयी किसान आत्महत्याएं देख रहे हैं, उनकी तह मे यह असंतोष, कुंठा, बेबसी और अंधकार में डूबा हुआ भविष्य है, जहां दूर-दूर तक, प्रत्यूष की कोई आस ही नहीं है।

कोविड -19 और नैदानिक चिकित्सा का अंत, जैसा कि हम जानते हैं : ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर का लेख

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(कार्ल हेनेगन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में साक्ष्य-आधारित दवा के प्रोफेसर हैं और सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन के निदेशक हैं। टॉम जेफरसन सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन के एक वरिष्ठ सहयोगी ट्यूटर और मानद अनुसंधान सदस्य हैं।)

कृषि संबंधी नए कानून और एमएसपी : भाजपा ने अपने घोषणापत्र, संकल्पपत्र को तो जुमला कह दिया !

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जा रहा है कि, किसान पूरे देश मे अपनी उपज को बेच सकता है। यह तो वह पहले भी कर सकता था। फिर नया क्या है ? लेकिन, हरियाणा-पंजाब का किसान अपनी धान, गेहूं, चावल, गन्ना, कपास, सरसों, बाजरा बेचने कहाँ जाएगा,

मोदी की कब्र साबित होंगे कृषि क़ानून। संसद की हत्या में भागीदार हरिवंश

This agricultural law is a law of violation of the freedom of the farmer.

This agricultural law is a law of violation of the freedom of the farmer. मोदी के कृषि क़ानून (Modi’s agricultural law) कृषि क्षेत्र में पूंजी के एकाधिकार की स्थापना के क़ानून हैं। आगे हर किसान मज़दूरी का ग़ुलाम होगा। इसके बाद भूमि हदबंदी क़ानून (Land ceiling law) का अंत भी जल्द ही अवधारित है। तब

स्कूली शिक्षा की बदहाली और सरकारी स्कूलों सामने नाकारा प्राइवेट स्कूल

opinion

शिक्षा और स्वास्थ्य दो ऐसे बुनियादी क्षेत्र हैं जिन्हें आप सौदे की वस्तु नहीं बना सकते हैं. इन्हें लाभ-हानि के गणित से दूर रखना होगा. शिक्षा में “अवसर की उपलब्धता और पहुँच की समानता” बुनियादी और अनिवार्य नियम है जिसे बाजारीकरण से हासिल नहीं किया जा सकता है.

शर्मनाक ज़ुबांबंदी का प्रतीक है उच्च सदन का म्यूट हो जाना

Parliament of India

Mutation of the Upper House is a sign to be silent The suspension of eight members from the Rajya Sabha is also illegal. मीडिया की एक खबर के अनुसार, सभापति राज्यसभा द्वारा किया गया राज्यसभा से आठ सदस्यों का निलंबन भी अवैधानिक है, क्योंकि जिन्हें निलंबित किया गया है उनका पक्ष तो सुना ही नहीं

क्या भारत एक पुलिस स्टेट बन गया है?

Police

Has India become a police state? लेखक, स्टीवन लेविट्स्की और डैनियल ज़िब्लाट ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “हाउ डेमोक्रेसीज़ डाई: व्हाट हिस्ट्री रिवीलज़ फ़ॉर फ्यूचर” (How democracies die: What history reveals about our future. by Steven Levitsky and Daniel Ziblatt) में कहा है कि “डेमोक्रेसी तख्तापलट के साथ मर सकती हैं- या वे धीरे-धीरे मर सकती

सात मिनट में जानिए क्या हैं खेती किसानी के अंतिम संस्कार के तीन कानून

Know in seven minutes, what are the three laws of funeral of farming

Know in seven minutes, what are the three laws of funeral of farming खेती किसानी की काशी करवट एक जमाने में बनारस में सीधे मोक्ष प्रदान कर सशरीर स्वर्ग भिजवा देने की भी एक डायरेक्ट कूरियर सर्विस हुआ करती थी। इतिहासकारों के अनुसार काशी के पण्डे भारी रकम लेकर बेवकूफ लोगों को पकड़कर उन्हें बुर्ज

कृषि विरोधी तीन विधेयक : किसानों और उपभोक्ताओं की तबाही का घोषणा पत्र 

narendra modi flute

Three anti-agriculture bills: Declaration letter for destruction of farmers and consumers                                                             हमारे देश की आज़ादी से पहले का इतिहास है अंग्रेजी उपनिवेशवाद के अधीन नील की खेती का और गांधीजी का इसके खिलाफ संघर्ष (Indigo cultivation under British colonialism and Gandhi’s struggle against it) का. यह इतिहास स्वाधीनता-पूर्व उन दुर्भिक्षों से भी जुड़ता है, जो