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हस्तक्षेप

आज संपादक इवेंट मैनेजर है तो तब वो हुआ करता था बनिये का मुनीम या मंत्र पढ़ता पंडत

Rajeev mittal राजीव मित्तल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

पिछली सदी के नवें दशक की शुरुआत में दिल्ली के बहादुरशाह जफर मार्ग पर कतार से लगी बाटा की दुकान (Bata shop lined up on Bahadur Shah Zafar Marg, Delhi) पर रैक में सजे जूतों के डिब्बों सरीखी इमारतों में एक बैनेट कोलमैन (Bennett Coleman) में जब अपन ने प्रवेश किया तो तब अखबार पाठक के लिए छपा करते थे, …

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सीएए, एनपीआ,र एनआरसी : देश को दास युग में धकेलने की साजिश

NRC

CAA, NPA, NRC: Conspiracy to push the country into slave era पहले सीएबी आएगा। सभी शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी। उसके बाद एनआरसी आएगी। इसलिए शरणार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, पर घुसपैठियों को जरूर डरना चाहिए। इनके क्रम को जरूर समझ लीजिए — सीबीए पहले आएगा, तब एनआरसी आएगी। एनआरसी सिर्फ बंगाल के लिए नहीं है, यह …

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हिंदुत्व टोली ने किस तरह नेताजी के साथ ग़द्दारी की, सावरकर ने नेताजी के खिलाफ अंग्रेजों का साथ दिया

Subhas Chandra Bose

सुभाष चंद्र बोस की 124वीं जयंती (2020) Subhash Chandra Bose’s 124th Birth Anniversary (2020) आरएसएस/भाजपा शासक आजकल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानतम नेताओं में से एक शहीद नेताजी सुभाष चंद्र बोस से बहुत नज़दीकी जता रहे हैं। इस से ज़्यादा शर्मनाक हरकत कोई और नहीं हो सकती। आईए हम हिंदुत्व टोली के शर्मनाक अपराधों के बारे में जानने के लिए …

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जनता अब क्या करे? जब राजनीतिक दल फासिस्ट ताकतों का मुकाबला करने में सक्षम नहीं रह गये हैं

opinion

What should the public do now? When political parties are no longer able to counter fascist forces जनता अब क्या करे? जब राजनीतिक दल फासिस्ट ताकतों का मुकाबला करने में सक्षम नहीं रह गये हैं। विरोधी राजनीतिक दलों ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है, जिसकी वजह से किसी भी राजनीतिक दल की इतनी सर्व स्वीकार्यता नहीं रह गई है कि …

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खुशामदखोरी की इंतहा : मोदी अब शिवाजी भी हैं

Jai Bhagwan Goyal book Todays Shivaji Narendra Modi

महाराष्ट्र में शिवाजी अत्यंत सम्मानित और लोकप्रिय जननायक हैं. अलग-अलग कारणों से समाज के विभिन्न वर्ग उन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं. उनकी वीरता और शौर्य की कहानियां जनश्रुति का हिस्सा हैं. उनकी असंख्य मूर्तियाँ प्रदेश में जगह-जगह पर देखी जा सकती हैं और उनके बारे में गीत अत्यंत लोकप्रिय हैं. ये गीत, जिन्हें पोवाडा कहा जाता है, शिवाजी …

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अमित शाह की ‘क्रमकेलि’, इस क्रोनोलोजी के चमत्कारों से हिटलर भी हैरान हो जाता

Amit Shah at Kolkata

Hitler would also be surprised by the miracles of this chronology, Amit Shah’s ‘Kram Kelli’ The crooked line : Amit Shah’s love for symmetry (‘टेलिग्राफ’ में उड्डालक मुखर्जी के लेख – Article by Uddhalak Mukherjee in The Telegrap पर आधारित) आज के ‘टेलिग्राफ’ में उड्डालक मुखर्जी का एक अद्भुत लेख है — ‘समरूपता के प्रति अमित शाह का लगाव : …

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कुछ तो शर्म करो मोदी, सुभाष पर चले मुकदमे के बाद देश में बन गया था आजादी का माहौल, नेहरू ने लड़ा था मुकदमा

Subhas Chandra Bose

Pandit Jawaharlal Nehru criticized by Narendra Modi जिन पंडित जवाहर लाल नेहरू की आलोचना (Criticism of Pandit Jawaharlal Nehru) करते-करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र नहीं थकते हैं। जिन पंडित नेहरू पर भाजपा और आरएसएस क्रांतिकारियों के बलिदान को आगे न आने का आरोप लगाते हैं। वही पंडित नेहरू  सुभाष चंद्र बोस और उनकी टीम पर चले मुकदमे के पहले दिन ही वकालत …

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शाहीन बाग अब एक संज्ञा नहीं सर्वनाम बन चुका है, धन्यवाद मोदी-शाह अपनी करतूतों से भाजपा की सियासत की कब्र खोदने के लिए !!!

Akhilendra Pratap Singh

शुक्रिया, अमित शाह ! जनता को ललकारने का आपका यही अंदाज़ तो आपकी सियासत की कब्र खोदेगा !! “एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जितना विरोध करना हो कर लो”, “जेल में डाल दूंगा”। वैसे यह अदा इतनी मौलिक भी नहीं है। इस देश ने 70 के दशक में संजय गांधी, बंसीलाल, विद्या चरण शुक्ला और ओम मेहता के …

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एक क्रांतिकारी आंदोलन है नागरिकता क़ानून विरोधी आंदोलन

Anti-CAA movement KHUREJI

The anti-citizenship act movement is a revolutionary movement नागरिकता क़ानून विरोधी महा आलोड़न के स्वत:स्फूर्त प्रवाह में राजनीतिक दलों की भूमिका इसके मार्ग की बाधाओं की सफ़ाई तक ही सीमित रहनी चाहिए। इस आंदोलन का विस्तार जिस तेज़ी से सचमुच के एक नए, जाति, धर्म और लिंग भेद से मुक्त भारत की रचना कर रहा है, वह देश की किसी …

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यह लड़ाई फासीवादी सरकार के विरुद्ध लोकतंत्र की है

Akhilendra Pratap Singh

नागरिकता संशोधन कानून और नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शरीक हुए सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली के बच्चों की शिनाख्त कि यह लड़ाई केंद्र की फासीवादी सरकार के विरुद्ध लोकतंत्र की है, पूरी तौर पर सटीक है। दरअसल यह लड़ाई फासीवाद बनाम लोकतंत्र की (Battle of Fascism vs Democracy) है, जो कि संविधान बचाओ के माध्यम से व्यक्त …

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